Post Views 31
April 13, 2026
अंबेडकर की दूरदर्शिता से ही आज भारत की विश्व में पहचान - डॉ मनोज बैहरवाल
दयानंद महाविद्यालय में डॉ भीमराव अंबेडकर के 135 वी जयंती के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ मनोज बैहरवाल ने अपने उद्बोधन में बताया कि डॉ भीमराव अंबेडकर राष्ट्र ऋषि के रूप में अपने दायित्वों का निर्वाह करते हुए देश को दूरदर्शिता के साथ समर्थ भारत पर काम करने वाले ऋषि के रूप में जाने जाते हैं उन्होंने बताया कि दलित उत्थान के साथ ही उन्होंने समान कार्य समान वेतन, धारा 370, धारा 35 ए, संवैधानिक स्वतंत्रता, पंथनिरपेक्षता, हम भारत के लोग, सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, व्यक्ति की एकता, राष्ट्र की अखंडता, बंधुता के विषय पर अपने विचार रखें कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया डॉ महावीर प्रसाद ने मुख्य वक्ता डॉ मनोज बेरवाल को महाविद्यालय की ओर से पुष्पगुछ प्रदान किया महाविद्यालय प्राचार्य डॉक्टर लक्ष्मीकांत ने ने स्मृति चिन्ह और शाल भेंट कर स्वागत किया महाविद्यालय इकाई की ओर से डॉ संत कुमार ने ने संगोष्ठी के समापन पर अतिथियों सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक और बच्चों को धन्यवाद ज्ञापित किया इस अवसर पर डॉ रफीक मोहम्मद डॉ प्रीति सिंह डा मेघना टंडन डॉ कविता शर्मा डॉ उन्नति शर्मा डॉ दीप सिंह डॉ भूपेंद्र डॉ गार्गी शर्मा डॉ आशा मसीह डॉ प्रदीप कसोटिया डॉ रितु शर्मा सहित अनेक विद्यार्थी उपस्थित थे
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved