Post Views 01
November 4, 2026
अलवर। आईएएस शिखर अग्रवाल और उनके परिवार के एक ही कंपनी से 40 विला-कॉटेज खरीदने के मामले में अब अलवर एसीबी ने भी जांच शुरू कर दी है। एसीबी ने अलवर जिला प्रशासन को पत्र भेजकर गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड के सभी भूमि कन्वर्जन का पूरा ब्योरा मांगा है। साथ ही पूछा है कि जिले में इस कंपनी की और कहां-कहां जमीनें और संपत्तियां हैं।
पत्र मिलते ही जिला प्रशासन ने जिले के सभी पंजीयक (रजिस्ट्रार) दफ्तरों को निर्देश जारी कर दिए हैं। माना जा रहा है कि अगले दो दिन में पूरी रिपोर्ट तैयार कर एसीबी को सौंप दी जाएगी। एसीबी को आशंका है कि इस कंपनी में शिखर अग्रवाल के अलावा कई और ब्यूरोक्रेट्स और रसूखदारों ने बेनामी निवेश कर रखा है। इसका खुलासा कन्वर्जन रिपोर्ट और रजिस्ट्रियों की जांच के बाद होगा।
6.16 करोड़ में खरीदे, उसी कंपनी को 1.80 करोड़ सालाना की लीज
आईएएस शिखर अग्रवाल, उनकी पत्नी आईपीएस प्रशाखा माथुर, दो बेटों और सास-ससुर ने गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड से अलवर के अजबगढ़ में 20 विला और उदयपुर के बुझड़ा में 20 कॉटेज खरीदे थे। इन सब पर 6 करोड़ 16.5 लाख रुपए खर्च हुए, यानी एक यूनिट औसतन करीब 15.4 लाख रुपए की पड़ी। खरीद के साथ ही सभी विला-कॉटेज उसी कंपनी को लीज पर दे दिए गए, जिससे खरीदे थे। बुझड़ा के 20 कॉटेज 4 लाख रुपए प्रति कॉटेज और अजबगढ़ के 20 विला 5 लाख रुपए प्रति विला सालाना की दर से लीज पर दिए गए। यानी कॉटेज से 80 लाख और विला से 1 करोड़, कुल 1.80 करोड़ रुपए हर साल। यह खरीद की रकम का करीब 29 फीसदी है, यानी साढ़े तीन साल से कम में पूरी रकम लीज से वसूल हो जाती।
गोयल फैशंस के रिसॉर्ट में बने कॉटेज।
अजबगढ़ के 20 में से 16 विला शिखर और प्रशाखा के नाम
अजबगढ़ में गोयल फैशंस का अनंता स्पा एंड रिसॉर्ट है। इसी रिसॉर्ट में 4 विला शिखर अग्रवाल के नाम और 12 विला प्रशाखा माथुर के नाम हैं। इनमें से ज्यादातर विला 89 वर्ग मीटर के हैं, जिनमें एक कमरा, टॉयलेट, डाइनिंग एरिया और बालकनी है। शिखर ने यहां पहला विला 2024 में खरीदा था और इसके बाद लगातार खरीदारी होती रही। कंपनी ने यहां सिंगल और चार कमरों वाले जॉइंट, दोनों तरह के विला बनाए हैं।
थानागाजी से शुरू हुई थी रजिस्ट्री, अब दूसरे अफसर भी घेरे में
कंपनी ने अजबगढ़ में 2020-21 में विला बनाने का काम शुरू किया था। शुरुआत में रजिस्ट्रियां थानागाजी तहसील में हुईं और प्रतापगढ़ तहसील बनने के बाद वहां होने लगीं। रिसॉर्ट का एक दिन का न्यूनतम किराया 8 हजार रुपए है। ज्यादातर खरीदारों ने अपने विला कमर्शियल इस्तेमाल और किराए के लिए कंपनी को ही सौंप रखे हैं।
गोयल फैशंस के रिसॉर्ट में बने विला।
अब तक क्या-क्या हुआ
मामला 27 अक्टूबर को सामने आने के बाद सरकार ने शिखर अग्रवाल और प्रशाखा माथुर, दोनों को एपीओ कर दिया। एसीबी ने 31 अक्टूबर को शिखर अग्रवाल के खिलाफ प्राथमिक जांच दर्ज की और 2 नवंबर को गोयल फैशंस के निवेश प्रोत्साहन पर जांच पूरी होने तक रोक लगा दी गई। कार्मिक विभाग के कारण बताओ नोटिस का जवाब 6 नवंबर तक देना है। दोनों अफसर छुट्टी पर अमेरिका में हैं और उनका अवकाश 12 नवंबर को खत्म होगा। मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सवाल उठाया कि इस मामले की जांच एसीबी के बजाय सीबीआई को क्यों नहीं सौंपी जा रही।
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved