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November 2, 2026
अजमेर दरगाह का 16वीं सदी में बना गुंबद की जल्दी होगी मरम्मत,गुंबद पर सोने के ताज का भी होगा रिपेयरिंग का काम,दरगाह कमेटी और दोनों अंजुमन में हुई रज़ामंदी.
अजमेर शरीफ दरगाह का 16वीं सदी में बना गुंबद अब जल्द मरम्मत कराया जायेगा। इसके साथ ही गुंबद पर लगा सोने का ताज भी रिपेयरिंग कराया जाएगा । इस सिलसिले में दरगाह कमेटी और दोनों अंजुमन समेत हफ्त बारिदरान की दरमियान रज़ामंदी हो गई है । सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैहि की दरगाह में आस्ताने के गुंबद और सोने के ताज को जल्द ही मरम्मत कराया जायेगा। गुंबद के प्लास्टर में दरारे आने और नुकसान पहुंचने की वजह से ये फैसला लिया गया है। दो साल पहले भी दरगाह कमेटी ने गुंबद की दरारों को ठीक कराने की कोशिश की थी, लेकिन कुछ माह में दरारें फिर उभर आईं। इसके बाद से इसकी मरम्मत की जरुरत महसूस हो रही थी। गुज़िश्ता दिनों दरगाह कमेटी, अंजुमन सैयद ज़ादगान, अंजुमन शेख ज़ादगान और हफत 'बारिदारान की मुश्तर्का मीटिंग हुई जिसमें गुबद के मरम्मत और सोने के ताज की पॉलिश कराने पर रज़ामंदी बनी थी। दरगाह कमेटी ने खादिम सैयद् यासिर हाशमी को इस काम के लिए इजाज़त दी गई है। कमेटी ने गुंबद मरम्मत और उसे नया लुक देने के लिए डिजाइन मांगा है। आस्ताने के गुंबद पर संदले का काम साल 2000 से पहले हुआ था। अब गुबद से सोने के ताज को उतारा जाएगा और उसे रिपेयर के साथ सुनहरी पॉलिश से चमकाया जायेगा। गुंबद का काम तक़रीबन 26 साल बाद दोबारा होने जा रहा है। इस सिलसिले में दरगाह' कमेटी' और खुद्दामे ख्वाजा की एक अहम मीटिंग भी रखी गई है। जिसमें तरीक़ाएकार और साजो समान पर चर्चा की जाएगी।खुद्दामे ख्वाजा के मुताबिक़ हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैहि की दरगाह शरीफ 800 साल पुरानी है,जिसका गुंबद 16वीं सदी में बनवाया गया था जबकि आस्ताने शरीफ में चांदी का कटहरा 1616 में लगवाया गया।दरगाह कमेटी नाजिम मोहम्मद बिलाल खान के मुताबिक दरगाह के गुंबद की मरम्मत की इजाज़त दी गई है। मरम्मत के काम में लिए जाने वाले सामान और दीगर चीजों के ताल्लुक से मीटिंग की जाएगी। जिसमे गुंबद का काम आगामी उर्स से कब्ल या उसके बाद कराने पर राय मशवरा किया जायेगा।
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