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February 3, 2026
उदयपुर | मनरेगा बचाओ, नरेगा कानून वापस लाओ और VB-GRAM-G बिल को रद्द करने की मांग को लेकर कांग्रेस ने उदयपुर में जोरदार प्रदर्शन किया। मनरेगा बचाओ संग्राम जनआंदोलन के तहत कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता संभागीय आयुक्त कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
धरने को संबोधित करते हुए उदयपुर देहात कांग्रेस अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा ने कहा कि भाजपा सरकार की नीयत ठीक नहीं है और इसी वजह से मनरेगा को खत्म किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी दुनिया महात्मा गांधी को आदर्श मानती है, लेकिन देश में प्रधानमंत्री गांधी के नाम की योजना को खत्म कर नए नाम से शुरू कर रहे हैं और राम के नाम पर योजनाएं चलाकर राजनीतिक रोटियां सेक रहे हैं।
रघुवीर मीणा ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ सत्ता के अहंकार के खिलाफ नहीं, बल्कि गरीब, मजदूर और किसान के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का संकल्प है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार द्वारा मनरेगा को कमजोर करना गरीबों से उनके काम के अधिकार को छीनने की सुनियोजित साजिश है। उदयपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ ने कहा कि मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना को केंद्र सरकार लगातार कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत की रीढ़ है और करोड़ों गरीब परिवारों के सम्मान से जीने का आधार है, जिसे खत्म नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने इसे पंचायतों के अधिकारों पर चोट और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सीधा हमला बताया।
धरना-प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन संभागीय आयुक्त को सौंपते हुए मांग की कि मनरेगा को उसके मूल अधिकार-आधारित स्वरूप में बहाल किया जाए और गरीबों के काम के अधिकार की रक्षा की जाए।
धरने में मावली विधायक पुष्करलाल डांगी, पीसीसी उपाध्यक्ष सुरेश श्रीमाली, पीसीसी महासचिव लालसिंह झाला, राजस्थान इंटक अध्यक्ष जगदीश राज श्रीमाली, पूर्व मंत्री डॉ. मांगीलाल गरासिया सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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