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January 26, 2026
उदयपुर की पहचान मानी जाने वाली पिछोला झील में रात के अंधेरे में नावें दौड़ाए जाने का मामला सामने आते ही नगर निगम हरकत में आ गया। औचक निरीक्षण के दौरान सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का खुलासा होने पर नगर निगम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक नाव संचालन फर्म की 5 नावों को सीज कर दिया।
नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना के निर्देश पर अधिशाषी अभियंता लखन लाल बैरवा और पुलिस निरीक्षक मांगीलाल डांगी के नेतृत्व में टीम ने झील का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि सूर्यास्त के बाद भी यात्रियों को झील में घुमाया जा रहा था, जो सीधे तौर पर सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि नाव संचालक न केवल तय समय सीमा की अनदेखी कर रहे थे, बल्कि सुरक्षा मानकों को भी हल्के में ले रहे थे। निगम अधिकारियों ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए मौके पर ही नावों को सीज कर दिया।
आयुक्त अभिषेक खन्ना ने कहा कि पिछोला झील उदयपुर की अंतरराष्ट्रीय पहचान है और यहां किसी भी तरह की दुर्घटना पूरे शहर की छवि को नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियम तोड़ने वालों पर अब सीधी और कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने अधिकारियों को नावों की फिटनेस, लाइसेंस, बीमा और चालकों की योग्यता की नियमित जांच के निर्देश दिए हैं। भविष्य में उल्लंघन पाए जाने पर नावों को सीज करने के साथ-साथ संचालकों के लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं।
अधिशाषी अभियंता लखन लाल बैरवा ने बताया कि पिछोला झील में रोजाना बड़ी संख्या में देसी और विदेशी पर्यटक आते हैं। ऐसे में हर नाव में लाइफ जैकेट, प्राथमिक उपचार सामग्री और जरूरी सुरक्षा उपकरण होना अनिवार्य है। सूर्यास्त के बाद नाव संचालन को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा गया है।
नगर निगम आयुक्त ने आमजन और पर्यटकों से अपील की है कि वे खुद भी सुरक्षा नियमों का पालन करें। बिना लाइफ जैकेट नाव में न बैठें और यदि कोई संचालक नियमों का उल्लंघन करता नजर आए तो तुरंत नगर निगम को सूचना दें।
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