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July 15, 2022
अजमेर में ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह के निजाम गेट पर गत 17 जून को दरगाह के खादिमों व मुस्लमानने अजमेर के द्वारा निकाले गए मोन जुलूस के दौरान विवादित बयान ओर भड़काऊ नारे लगाने के मामलें में दरगाह थाने में दर्ज मुकदमा नंबर 162/ 2022 में फरार चल रहे मुख्य आरोपी खादिम गौहर चिश्ती को अजमेर पुलिस हैदराबाद पुलिस के सहयोग से 14 जुलाई की रात हैदराबाद के सांई नाथ गंज स्थित गौस महल से गिरफ्तार कर अजमेर ले आई है। गिरफ्तारी के बाद 15 जुलाई शुक्रवार को अजमेर पुलिस अधीक्षक चूनाराम जाट ने पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि पुलिस को मुखबिर तंत्र और टेक्निकल टीम के सपोर्ट से पता चला कि गौहर चिश्ती 1 जुलाई को जयपुर से हवाई जहाज के जरिए हैदराबाद चला गया है। इस गुप्त सूचना के आधार पर ही अजमेर पुलिस ने भेष बदल कर हैदराबाद में रेकी की ओर रेकी में हैदराबाद पुलिस का भी सहयोग लिया गया। पुख्ता सूचना के आधार पर ही 14 जुलाई की रात को छापामार कार्यवाही कर गौहर चिश्ती हैदराबाद के साई नाथ गंज स्थित गोस महल से गिरफ्तार कर लिया गया। चिश्ती को अपने घर में शरण देने वाले एहसान उल्ला उर्फ मुनव्वर को भी गिरफ्तार कर अजमेर लाया गया है। जाट ने बताया कि अब गौहर चिश्ती और मुनव्वर को रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ की जाएगी। अजमेर के दरगाह थाने में चिश्ती के विरुद्ध भड़काऊ भाषण और नारे लगाने को लेकर मुकदमा नंबर 162/ 22 दर्ज किया गया था। फरारी के दौरान चिश्ती किन किन लोगों के संपर्क में रहा, उसकी भी जांच की जाएगी। जाट ने बताया कि चिश्ती के प्रकरण में एनआईए ने अभी तक भी अजमेर पुलिस से कोई संपर्क नहीं किया है और न ही दरगाह क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज मांगे हैं। लेकिन अजमेर पुलिस उदयपुर में कन्हैयालाल हत्याकांड के प्रकरण के बारे में भी गौहर चिश्ती से पूछताछ करेगी। गौरतलब है कि उदयपुर में कन्हैयालाल साहू के हत्यारे रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद हत्या के बाद उदयपुर से अजमेर की ओर आ रहे थे कि तभी भीम टॉडगढ़ क्षेत्र में दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया था। आरोप है कि यह दोनों अजमेर में गौहर चिश्ती से मिलने के लिए ही आ रहे थे। कन्हैयालाल की हत्या के प्रकरण की जांच एनआईए कर रही है। एक सवाल के जवाब में एसपी जाट ने बताया कि 17 जून को अजमेर में दरगाह के मुख्य द्वार पर जो भड़काऊ नारे लगे वैसे ही नारे अजमेर जिले के ब्यावर उपखंड में 10 जून को मौन जुलूस के दौरान लगे। नारों का वीडियो अब अजमेर पुलिस के संज्ञान में आया है। वीडियो की जांच पड़ताल कर उचित कार्यवाही की जाएगी। जाट ने कहा कि किसी भी असामाजिक तत्व को माहौल बिगाडऩे का मौका नहीं दिया जाएगा। गौरतलब है कि पीएफआई की पहल पर 10 जून को ब्यावर में भी मौन जुलूस निकाला गया था। लेकिन इस मौन जुलूस में खुले आम भड़काऊ भाषण दिए गए और नारे लगाए गए थे। हालांकि तब ब्यावर पुलिस की ओर से कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया, लेकिन सोशल मीडिया पर भड़काऊ नारों का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस सक्रिय हुई ओर वीडियो के माध्यम से भड़काऊ नारे लगाने वालों की पहचान की जा रही है। एसपी जाट ने पत्रकारों को बताया कि दरगाह के खादिम सरवर चिश्ती के विवादित भाषण के प्रकरण में एडीएम कोर्ट से नोटिस जारी हुए हैं। चिश्ती के वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने एडीएम कोर्ट में इस्तगासा पेश किया है जिसमें सरवर चिश्ती को पाबंद करने की मांग की गई है। गौरतलब है कि सकल हिन्दू समाज ने जब अजमेर में शांति रैली निकाली थी, तब सरवर चिश्ती ने दरगाह के मुख्य द्वार पर खड़े होकर विवादित भाषण दिया,जिसमें हिंदुओं के लिए अनर्गल टिप्पणी की थी। इस भाषण के आधार पर ही पुलिस ने कार्यवाही की है। सरवर चिश्ती इस समय खादिमों की संस्था अंजुमन सैयद जादगान के सचिव हैं। सूत्रों के मुताबिक अजमेर पुलिस ने गौहर चिश्ती को शरण देने वाले जिस एहसान उल्ला उर्फ मुनव्वर को गिरफ्तार किया है उसकी तलाश एनआईए को भी है। जानकार सूत्रों के अनुसार एनआईए ने विगत दिनों मुनव्वर के हैदराबाद स्थित आवास पर एक नोटिस भी चस्पा किया था। सूत्रों की माने तो उदयपुर में कन्हैयालाल टेलर की हत्या के प्रकरण में एनआईए को मुनव्वर की तलाश है। कहा जा रहा है कि जिस मुनव्वर को एनआईए नहीं पकड़ पाई उसे अजमेर पुलिस ने पकड़ लिया है।
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