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July 14, 2022
प्रशासन शहरों के संग शिविर के नए चरण का आगाज 15 जुलाई से आरंभ होने जा रहा है जो कि 10 दिसंबर तक जारी रहेगा। नगर निगम उप महापौर नीरज जैन ने बताया कि नगर निगम प्रशासन द्वारा इसके लिए पूरी तैयारियां कर ली गई है। बारिश के मौसम को देखते हुए शिविर स्थल पर वाटर प्रूफ टेंट लगाने सहित अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई है। नवीन चरण में शिविर वार्ड या कॉलोनी के अनुसार लगाए जाएंगे। इसमें अधिकारियों को डोर टू डोर सर्वे करने के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि प्रत्येक नागरिक को शिविर में मिलने वाले लाभों की जानकारी मिल सके। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि 69- ए सहित अन्य प्रावधानों के तहत घर-घर आवेदन पहुंचाए जाएं और लोगों को इन आवेदनों को भरने की जानकारी भी दी जाए। उन्होंने बताया कि विभिन्न विज्ञापनों व सूचना प्रसारण माध्यमों से जिस वार्ड में शिविर लगना है उसकी जानकारी दो दिन पहले आमजन तक पहुंचाई जाएगी ताकि उस क्षेत्र के लोग शिविर में लाभान्वित हो सके। बुधवार को अजमेर आए नगरीय विकास विभाग के सलाहकार पूर्व आईएएस जीएस संधू द्वारा बताया गया कि पूर्व में कच्ची बस्तियों के लिए 110 वर्गगज के मामले रखे जाते थे लेकिन इसे अब 200 वर्गगज तक कर दिया गया है। कोई क्षेत्र नियमित या डिनोटिफाइड हो जाता है तो उसके लिए 300 वर्ग गज तक की भूमि नियमित की जा सकेगी और सरकारी दरों के अनुसार पट्टा दिया जा सकेगा। स्थानीय पार्षद व जनप्रतिनिधियों की इन शिविरों में महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। लोगों को शिविर में होने वाले फायदों की जानकारी देने सहित शिविरों के सफल आयोजन की जिम्मेदारी इन्हीं लोगों पर रहेगी। जैन ने बताया कि जीएस संधू के समक्ष उन्होंने पूर्व के शिविरों में आ रही परेशानियों को रखकर उनके समाधान की मांग की थी। जिसमें लीज दस्तावेज बैंक में ऋण लेने के कारण बंधक होने से पट्टे मिलने में आ रही परेशानी, हाउसिंग बोर्ड की ट्रांसफर पत्रावलियां निगम को नहीं मिलने, लीज दस्तावेज खो जाने या रजिस्टर्ड नहीं होने के कारण मालिकाना हक साबित करने में आ रही समस्या, शमशान कब्रिस्तान में बसी आबादी के नियमन में आ रही परेशानी सहित अन्य परेशानियों के समाधान की मांग की गई थी।
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