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क़लमकार: वेक़सीन लेने से डरने वाले लोगों! ज़रा पढ़ो मेरा ये ब्लॉग

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March 14, 2021

वेक़सीन से आप अजर अमर नहीं होंगे मगर ज़िन्दा रहने के लिए ये मददगार ही होगा

वेक़सीन लेने से डरने वाले लोगों! ज़रा पढ़ो मेरा ये ब्लॉग



वेक़सीन से आप अजर अमर नहीं होंगे मगर ज़िन्दा रहने के लिए ये मददगार ही होगा



किनको वेक़सीन से दूर रहना है ये भी जानिए



सुरेन्द्र चतुर्वेदी



कोरोना वैक्सीन को लेकर राजनीतिक पार्टियों के नेता कितनी भी हाय तौबा क्यों ना मचाएं! चाहे केंद्र की भाजपा और राज्य की कांग्रेस सरकार के बीच हुआ वाक प्रहार कितना भी मारक होता रहे मगर यह भी सच है कि राजस्थान वैक्सीन में प्रथम स्थान पर है। पूरे देश में सर्वप्रथम। सर्वश्रेष्ठ।



राजस्थान में भी अजमेर के लोगों का वेक़सीन के प्रति रुझान देखते ही बनता है। ज़िला प्रशासन की जागरुकता और चिकित्सा विभाग की कुशल टीम जिस तरह कोरोना वेक़सीन को लेकर जिम्मेदारी वहन कर रही है, वह सराहनीय है।



वैक्सीन लगवाने वालों की भीड़ ज़िले भर के टीका केंद्रों में उमड़ती देख कर लग रहा है कि लोग अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता कायम रखने को लेकर बहुत गंभीर है।



जिला कलेक्टर श्री प्रकाश राजपुरोहित और सी एम एच ओ डॉ के के सोनी की टीम का कुशल प्रबंधन इस दिशा में सराहनीय है।कोरोना काल के अकुशल प्रबंधन की बात करते-करते मैं इसीलिए वैक्सीन प्रबंधन की सराहना करने लगा हूँ।



यहां कुछ व्यावहारिक बातें भी मैं लगे हाथ करना चाहूंगा। बातचीत की भाषा में लिखा जा रहा मेरा यह ब्लॉग आप की मानसिकता में बदलाव लाएगा। यह मुझे यकीन है।




सबसे पहले तो आपको यह बता दूँ कि वैक्सीन कोरोना का इलाज़ नहीं है। कोई कोरोना की दवाई नहीं, जिसे लेने के बाद आप यह सोचे कि अब आपको कभी कोरोना होगा ही नहीं।



वैक्सीन आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएगा ।इसके लगाने के बाद आप महसूस करेंगे कि छोटे मोटे रोग जो आपको अक्सर परेशान करते थे, अब नहीं होंगे।



मेरे एक मित्र अजीत भटनागर जो पेशे से लोकप्रिय वकील हैं ने मुझे बताया कि वैक्सीन लगवाने के बाद उन्हें हमेशा रहने वाला जुखाम ख़त्म हो गया है ।उनकी तरह कई लोगों ने वैक्सीन लेने के बाद यह कहा कि रोज़मर्रा की कई बीमारियों का आक्रमण अब बहुत कम हो गया है।



यहां यह बात भी साफ़ है कि वैक्सीन कोइ छोटी मोटी बीमारी ख़त्म करने वाला टीका भी नहीं ।यह टीका सिर्फ़ आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत कर रहा है ।यह क्षमता भी तभी विकसित होगी जब आप दोनों टीके लगवा लेंगे। क्षमता बढ़ाने की प्रक्रिया पहले टीके से ही शुरू हो जाएगी जो दोनों टीके लगाने के बाद सतत जारी रहेगी।



लोगों में एक भ्रांति मीडिया फैला रहा है ।आए दिन यह समाचार सामने आते हैं कि अमुक आदमी को टीका लगवाने के बाद भी कोरोना हो गया। जैसे कोरोना का टीका लेने के बाद कोरोना आदमी से डरने लगेगा ।दूर भागेगा ।




मित्रों !! टीका लगाने के बाद भी यदि कोरोना हो रहा है तो इसका मतलब टीका लगवाने के बाद लापरवाही ने आपका पीछा नहीं छोड़ा है। आपने मास्क नहीं लगाया। सामाजिक दूरी कायम नहीं रखी। सैनिटाइजेशन का ध्यान नहीं रखा। भीड़ भरे इलाकों में गए। लोगों से गले मिले ।हाथ मिलाए ।कारण कोई भी रहे हो मगर सावधानी ना रखने की वजह से ही टीके के बाद आपको कोरोना हुआ।




यहां एक बात और बता दूं कि ऐसे लोग जो नियमित हेल्थ गाइडलाइन का पालन कर रहे हैं ,जो काढ़े का सेवन कर रहे हैं।जो अपने शरीर में होने वाले परिवर्तनों पर नज़र रखे हैं, उन्हें कोरोना क्या उसका बाप भी नहीं हो सकता।



वैक्सीन लगाने से आपको कोरोना से मुठभेड़ आसान हो जाती है। कोरोना को हराना आपके लिए अपेक्षाकृत आसान हो जाता है । इसलिए मैं आपको सलाह देता हूं कि अपना नंबर आने पर वैक्सिंन से बचे नहीं उसे लगवाएँ। इससे आपको नुकसान नहीं, फायदा ही होगा।



कुछ लोग वैक्सिंन से डर रहे हैं। अखबारों में आए दिन छपने वाली ऊल जलूल बातों से लोग घबरा जाते हैं ।उन्हें लगता है कि वैक्सिंन जानलेवा है ।उसके लगवाने के बाद कई तरह के जिस्मानी बदलाव आ जाते हैं। मैं लोगों की इस धारणा को सिरे से ख़ारिज़ करता हूं ।यकीन मानिए वैक्सिंन लगवाने से किसी भी तरह की कोई बीमारी या बदलाव नहीं होगा। मामूली सा सिर दर्द होना या बुखार आना ज़रूर हो सकता है वो भी कुछ लोगों को। इससे ज्यादा वैक्सीन की वजह से और कुछ नहीं होता ।यदि कुछ होता है तो उसकी और कोई वजह हो सकती है ।वैक्सीन नहीं ।



दोस्तों !! वैक्सीन लगवाने का मतलब यह कतई नहीं समझें कि आप अजर अमर होने का हक़ प्राप्त कर चुके हैं ।यदि ऐसा हुआ होता तो अब तक डॉक्टर ,नर्सिंग स्टाफ, स्वास्थ्य कर्मी, सफाई कर्मी ,अन्य कोरोना वारियर्स अब तक अमरता को प्राप्त कर चुके होते। पहले फेज़ में यह सब हो चुका होता ।



आप ज़रा देखिएगा कि 60 वर्ष की उम्र से ज्यादा वाले लोगों का वेक़सीन के प्रति कितना रुझान है। कभी मां बाप बच्चों को टीका लगवाने अस्पताल ले जाया करते थे आज तो बच्चे मां बाप को टीका लगवाने ले जा रहे हैं ।भीड़ भी इतनी कि कभी-कभी तो वैक्सिंन ही खत्म हो रही हैं।



यहां एक बात जो सबसे ज़रूरी है आपसे साझा करना चाहूंगा। वैक्सीन किसे नहीं लगवानी है यह सवाल ग़ैर जरूरी नहीं ।इसलिए इसका जवाब भी मैं दे रहा हूं।




जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में कोरोना वैक्सीन प्रबंधन से जुड़ी डॉ दीप्ति बताती हैं कि यदि किसी बीमारी की वजह से आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर है या आप कुछ ऐसी दवाई ले रहे हैं जिससे आपकी प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है तो आपको वैक्सिंन नहीं लगवा कर श्री राधे फाउंडेशन का काढ़ा ही इस्तेमाल करना चाहिए।



उन्होंने बताया कि जिन्हें बुखार है जो लोग ब्लीडिंग डिसऑर्डर से ग्रस्त हैं, जिनके हार्ट का ऑपरेशन हो चुका है, जिनके स्टंट लगा हुआ है और जो खून पतला करने की दवाई ले रहे हैं ,जो महिलाएं गर्भवती हैं, जो बच्चों को स्तनपान करा रही हैं, उन्हें वैक्सिंन नहीं लगवाना चाहिए ।



इसके अलावा गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मामलों में पूरी जानकारी वैक्सीनेशन अधिकारी को देनी चाहिए ताकि वे बता सकें कि वेक़सीन लगवानी है या नहीं।




आमतौर पर आपको वेक़सीन से डरने की ज़रूरत नहीं। इसे नम्बर आने पर ज़रूर लगवाएं। आने वाला समय खतरनाक होने वाला है ।यह मानकर चलें कि जून-जुलाई तक पहुंचते-पहुंचते आपको दूसरा डोज़ तो ले ही लेना चाहिए ।वही लोग कोरोना से लड़ने में कामयाब होंगे जो वैक्सीन लगवा लेंगे ।वेक़सीन अमृत नहीं लेकिन निश्चित रूप से आपको यह संजीवनी देना वाला साबित होगा ये मानकर चलें।


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