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November 2, 2026
दीपावली पर घर जाने वाले यात्रियों को इस बार बस पकड़ने के लिए ही 20 किलोमीटर तक अतिरिक्त सफर करना पड़ सकता है। जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने जाम रोकने के लिए 3 से 9 नवंबर तक शहर में स्लीपर बसों की एंट्री बंद कर दी है। अब ये बसें शहर के बाहर बने चार स्टैंड से ही चलेंगी। पाबंदी 3 नवंबर (मंगलवार) से 9 नवंबर (सोमवार) तक, यानी सात दिन लागू रहेगी। दीपावली इस बार 8 नवंबर (रविवार) को है, और इसी हफ्ते शहर से बाहर जाने वाली भीड़ सबसे ज्यादा रहती है।
चार रूट, चार स्टैंड
| रूट | बस स्टैंड कहां |
|---|---|
| दिल्ली-आगरा | बजरी मंडी बस स्टैंड सर्किल के पास, ट्रांसपोर्ट नगर |
| अजमेर रोड | हीरापुरा बस स्टैंड, भांकरोटा |
| टोंक रोड | पुराने बाईपास पर बी-2 बाईपास क्लोवरलीफ के नीचे |
| सीकर रोड | विद्याधर नगर स्टेडियम |
दिक्कत इन स्टैंड तक पहुंचने की है। चारों जगह शहर के बाहरी छोर पर हैं और वहां तक पहुंचाने के लिए लोकल परिवहन का कोई इंतजाम नहीं किया गया है। मानसरोवर, सांगानेर, प्रताप नगर, जवाहर नगर और परकोटे के यात्रियों को ऑटो या कैब करनी पड़ेगी, जिस पर 400 से 500 रुपए तक खर्च होंगे। मानसरोवर से ट्रांसपोर्ट नगर तक कैब का अनुमानित किराया इतना ही है, और दूरी तथा उपलब्धता के हिसाब से यह और बढ़ सकता है।
स्टैंड तक पहुंचना ही टिकट से महंगा
यही खर्च सबसे बड़ी मार है। सीकर का रोडवेज किराया 141 रुपए से शुरू होता है— स्टैंड तक पहुंचने का खर्च इसका करीब तीन गुना बैठेगा। बूंदी का किराया 249 और कोटा का करीब 260 रुपए है, यानी दोनों ही सूरत में कैब का किराया बस के टिकट से ज्यादा होगा। दिल्ली का बस टिकट 380 रुपए से शुरू है, वह भी 400 रुपए से कम है। इस सूची में सिर्फ एसी स्लीपर ही अपवाद है, जिसका किराया 800 रुपए से ऊपर जाता है। मतलब यह कि जो यात्री सबसे सस्ता टिकट लेकर नजदीक के शहर जा रहा है, उसे ही सबसे ज्यादा अनुपात में अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा।
टोंक रोड वाला स्टैंड उसी बी-2 बाईपास पर
टोंक रोड की बसों के लिए तय किया गया बी-2 बाईपास क्लोवरलीफ वही जगह है, जहां अक्टूबर में हाईकोर्ट के आदेश पर जेडीए ने 22 गोदाम से बाईपास तक 310 अतिक्रमण हटाने की तैयारी की थी। सीकर रोड पर भीड़ का अपना दबाव है— इसी रास्ते खाटूश्यामजी की आवाजाही रहती है, जहां दीपावली से पहले सफाई के लिए खाटूश्यामजी में दर्शन बंद रखे गए थे। शहर के भीतर नगर निगम की 100 दिवसीय कार्ययोजना भी इन्हीं दिनों चल रही है।
रेलवे का इंतजाम 16 नवंबर तक चलेगा
त्योहार की भीड़ को लेकर रेलवे की तैयारी बसों से अलग चल रही है। जयपुर जंक्शन पर होल्डिंग एरिया बनाया गया है और 4 से 16 नवंबर तक हसनपुरा साइड के दूसरे गेट का इस्तेमाल सिर्फ बाहर निकलने के लिए होगा। यानी बसों पर पाबंदी 9 नवंबर को हट जाएगी, जबकि स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन उसके बाद भी सात दिन और चलेगा— क्योंकि छठ का लौटता हुआ ट्रैफिक नवंबर के दूसरे पखवाड़े तक रहता है।