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September 5, 2026
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को मिली वैश्विक पहचान, संयुक्त राष्ट्र महासभा में 27 नवम्बर को अन्तर्राष्ट्रीय बाल विवाह उन्मूलन दिवस घोषित
4 सितम्बर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महा सभा ने अहम फैसला लेते हुए बाल विवाह, कम उम्र एवं जबरन विवाह के उन्मूलन हेतु की 27 नवम्बर को अन्तर्राष्ट्रीय दिवस घोषित कर बाल विवाह मुक्त विश्व की तरफ एतिहासिक कदम बढ़ाया है। राजस्थान महिला कल्याण मण्डल चाचियावास अजमेर के निदेशक राकेश कुमार कौशिक ने बताया कि भारत सरकार के द्वारा 27 नवम्बर 2024 को शुरू किए गए देशव्यापी बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की वर्षगांठ के दिन को संयुक्त राष्ट्र के द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय बाल विवाह उन्मूलन दिवस घोषित करना हमारे लिए गर्व की बात है। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के संस्थापक भुवन रिभु ने सबसे पहले मार्च 2026 में संयुक्त राष्ट्र में इस समर्पित दिवस के लिए पहल की थी। भुवन रिभु के नेतृत्व में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन का 2030 तक बाल विवाह मुक्त भारत एवं बाल विवाह मुक्त विश्व के सपने को साकार होने में ये कदम मील का पत्थर साबित होगा।
कार्यक्रम उपनिदेशक नानूलाल प्रजापति ने बताया कि जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन एक देशव्यापी संगठन है तथा राजस्थान महिला कल्याण मण्डल भी इसकी सदस्य संस्था होने के नाते राजस्थान के अजमेर, बीकानेर, नागौर, डीडवाना कुचामन, चुरू एवं झुन्झुनु जिलों में बाल विवाह रोकथाम एवं जागरूकता के लिए कार्यरत है। जे.आर.सी. नेटवर्क के द्वारा देशभर में 5 लाख पचास हजार बाल विवाह रोकने में मदद की गई है। राजस्थान महिला कल्याण मण्डल के द्वारा भी पिछले 4 वर्षों में अपने कार्यक्षैत्र के 6 जिलों में लगभग 8 हजार संभावित बाल विवाह रोकने का कार्य किया तथा 10 लाख से अधिक लोगों को बाल विवाह के विरूद्ध शपथ दिलाई। निदेशक कौशिक ने भुवन रिभु को विशेष धन्यवाद एवं बधाई दी है जिन्होने अपने प्रभावी नेतृत्व से भारत से हमारी आवाज को संयुक्त राष्ट्र तक पहुॅचाया है। जे.आर.सी. की टीम एवं जिला प्रशासन तथा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान में सहयोगी विभागों एवं उनके पदाधिकारीयों, संगठनों, जनप्रतिनिधियों, धर्म गुरूओं, विभिन्न हितभागियों एवं समुदाय के लोगों को भी बधाई देते हुए श्री कौशिक ने बचपन को बचाने की मुहिम में निरन्तर सहयोग एवं समन्वयन की अपील की है।
इस अवसर पर संस्था की एक्सेस टू जस्टिस परियोजना के जिला समन्वयक दीपक जोरम ने कहा कि बाल विवाह उन्मूलन के लिए 27 नवम्बर को अन्तर्राष्ट्रीय दिवस घोषित करने के जिले में बाल विवाह रोकथाम एवं जागरूकता के लिए पिछले 4 वर्षों से किए जाने वाले प्रयासों को मजबूती एवं टीम को बेेहतर कार्य के लिए प्रेरणा मिलेगी।