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December 22, 2022
अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास विभाग कर्मचारी संघ संबंध एकीकृत कर्मचारी महासंघ के बैनर तले आंगनवाड़ी महिला पर्यवेक्षको ने अपनी 4 सूत्रीय वित्तीय व गैर वित्तीय मांगों को पूरा करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। महिला पर्यवेक्षकों ने बताया कि किसी भी विभाग की गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए कर्मचारियों और अधिकारियों की संख्या का अनुपात व समय पर होने वाली उनकी पदोन्नति समान वेतन एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। लेकिन महिला एवं बाल विकास विभाग में इन दिनों दोनों के ही अभाव के कारण महिला व पुरुष पर्यवेक्षक अधिकारी अपने आप को हतोत्साहित महसूस कर रहे हैं। जिसका प्रभाव प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की कार्य क्षमता और विभाग की योजनाओं पर पड़ रहा है। इस मौके पर सौंपे गए 4 सूत्रीय मांग पत्र की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि विभाग में जिस अनुपात में आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या निरंतर बढ़ रही है उसी अनुपात में महिला पर्यवेक्षक, सहायक बाल विकास परियोजना अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी के पदों को बढ़ाया जाना चाहिए। महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्यरत महिला पर्यवेक्षकों को महिला अधिकारिता विभाग में कार्यरत महिला पर्यवेक्षकों के समान ग्रेड पे 3600 दी जाए यही ग्रेड पे 1996 के बाद कार्य ग्रहण करने वाली सभी महिला पर्यवेक्षकों को दी जाय एवं 9 वर्ष पर प्रथम चयनित वेतनमान पर सीधे एसीडी पी ओ ग्रेड पे 4200 दी जाए ।
समय पर पदोन्नति दी जाए जिससे महिला पर्यवेक्षकों का अपने सेवाकाल में कम से कम दो या तीन बार पदोन्नति मिल सके।महिला पर्यवेक्षकों के स्थानांतरण मुख्यालय परिवर्तन, राजकीय अवकाश आदि के लिए भी अलग से नीति बनाई जाए।