For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News

अजमेर न्यूज़: मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ऑफ इंडिया की जानिब से सूफी संत हजरत ख्वाज़ा गरीब नवाज की बारगाह में अक़ीदत की चादर पेश की गई।

Post Views 51

December 15, 2022

दरग़ाह के ख़ादिम सैय्यद सुल्तान हसन मिस्बाही ने बोर्ड के आंध्रा प्रदेश चेयरमेन ख्वाज़ा अल्ताफ रज़ा कादरी और उनके साथियों  को ज़ियारत करवाई।

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ऑफ इंडिया की जानिब से सूफी संत हजरत ख्वाज़ा गरीब नवाज की बारगाह में अक़ीदत की चादर पेश की गई। इस मौके पर दरग़ाह के ख़ादिम सैय्यद सुल्तान हसन मिस्बाही ने बोर्ड के आंध्रा प्रदेश चेयरमेन ख्वाज़ा अल्ताफ रज़ा कादरी और उनके साथियों  को ज़ियारत करवाई। विशेष तौर पर ख्वाजा साहब की बारगाह में देश मे अमन अमान और तरक्की की दुआ मांगी गई। मीडिया से बात करते हुए आंध्र प्रदेश बोर्ड के चेयरमेन अल्ताफ रज़ा ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबका साथ सबका विकास की बात करते है जो कुछ हद तक तो सही है। ऐसे में भारत सरकार और मोदी जी को चाहिए कि रेलवे के बाद देश मे सबसे अधिक संपत्ति मुस्लिम वक्फ बोर्ड की है जिसे सही इस्तेमाल की ज़रूरत है। उन्होंने बताया कि 6 अप्रेल 2015 में पीएम नरेंद्र मोदी जी से अजमेर दरगाह के खादिम सैय्यद सुल्तान मिस्बाही  ने एक डेलिगेशन के साथ मुलाकात की थी। जिसमे मुस्लिम समाज के विकास और शिक्षा को लेकर बातचीत भी हुई थी। पीएम देश के सभी समाज को साथ लेकर चलना चाहते है, यही वजह है कि ख्वाजा गरीब नवाज के दरबार मे उनका सपना "सबका साथ सबका विकास" की सफलता के लिए दुआ की है। उन्होंने बताया कि जल्द ही मुस्लिम संगठनों के प्रतिनिधियों का एक डेलिगेशन जल्द पीएम मोदी जी से मुलाकात भी करेगा, जिसमे भारत सरकार से देश की बेशकीमती वक़्फ़ बोर्ड की खुर्द बुर्द भूमि को भूमाफियाओं के कबसे से  मुक्त कराने समेत वक़्फ़ संपत्ति की सुरक्षा की मांग की जाएगी। इसके अलावा वक़्फ़ की आमदानी की राशि से सूफी दरगाहों और ख़ानक़ाहों पर अकीदतमंदों के लिए  हॉस्पिटल,शिक्षा केंद्र,हॉस्टल सहित अन्य ज़रुरियाती सुविधाओं को उपलब्ध कराने की भी अहम मांगी रखी जायेगी। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ऑफ इंडिया के अल्ताफ रज़ा कादरी के साथ मुफ़्ती मोहम्मद सुल्तान रज़ा नूरी बहराइच यूपी भी शामिल थे