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November 7, 2022
सम्पूर्ण मानव जाति के कल्याण और देश में खुशहाली की मनोकामना लेकर सैकड़ो साधू संतो ने सोमवार को ब्रह्म चौदस के पवित्र अवसर पर कस्बे भर के विभिन्न मठ-आश्रमो से शोभायात्रा के माध्यम से पुष्कर सरोवर के सप्त ऋषि घाट पर शाही स्नान कर पूजा -अर्चना की । साधु -संतों ने पवित्र मौके पर ब्रह्म मुहूर्त में 17 वा शाही स्नान किया। सेन भक्तिपीठ से सेनाचार्य अंचलानंदचार्य व रामरामिया आश्रम के रामदयाल महाराज की अगुवाई में सभी आश्रमों के सन्त-साधुओं और महंत गाजे बाजे के सप्त ऋषि घाट पहुंचे । सभी साधु संतों ने वैदीक मंत्रोचार के साथ पूजा अर्चना कर पवित्र सरोवर में शाही स्नान किया । इस पश्च्यात श्राद्धलुओ ने संत महात्माओं का शॉल माला पहनाकर सम्मान किया। इस अवसर पर सभी ने सरोवर का जल हाथ में लेकर सेनाचार्य अंचलानंद महाराज के सानिध्य में पुष्कर को स्वच्छ बनाने पर्यावरण बचाओं का संकल्प लिया। इसके पश्च्यात संतो ने पवित्र सरोवर की परिक्रमा कर अपने आश्रम मठो की ओर रुख किया ।
श्रद्धालुओं ने लगाई ब्रह्म चतुर्दशी पर आस्था की डुबकी , देश भर से आए श्रद्धालु देर रात से ही पुष्कर सरोवर के किनारे जुटना शुरू हो गए । जैसे ही सूरज की पहली किरण पुष्कर के सरोवर पर पड़ी। श्रद्धालुओं ने आस्था का दामन थाम सरोवर में स्नान करना शुरू कर दिया। अल सुबह से शुरू हुआ दान पुण्य और पूजा-अर्चना का दौर देर शाम तक चलता रहा।।
पूर्णिमा स्नान रहेगा कल,, तिथि अनुसार कार्तिक पूर्णिमा की शुरुआत 7 नवंबर की शाम 4:15 से हो रही है। जो 8 नवंबर की शाम 4:31 तक रहेगी । चंद्र ग्रहण काल के सूतक के चलते 8 नवंबर को प्रातः 5:53 के पहले ही पूर्णिमा का पंचतीर्थ स्नान संपन्न होगा।
चंद्र ग्रहण का दिखेगा पुष्कर में प्रभाव, कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा मंगलवार 8 नवंबर को खग्रास चंद्रग्रहण होने जा रहा है। पुष्कर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य कैलाश नाथ दाधीच ने बताया कि मंगलवार को चंद्र ग्रहण का सूतक प्रातः 5: 53 से प्रारंभ होगा । सायंकाल काल काल 5:53 से 6:19 तक कुल 26 मिनट का चंद्रग्रहण होगा। इस दौरान सभी मांगलिक एवं पूजा अर्चना पर पाबंदी रहेगी ।
8 नवंबर को तीर्थ नगरी के सभी मंदिर के पट रहेंगे बंद, ग्रहण के सूतक काल के साथ हैं जगतपिता ब्रह्मा मंदिर सहित तीर्थ नगरी पुष्कर के सभी मंदिरों के पठ बंद रहेंगे। सरोवर पर पूजा अर्चना नहीं हो पाएगी। ग्रहण काल के दौरान सरोवर में स्नान भी वर्जित रहेगा। शाम 6:19 के बाद मंदिरों का शुद्धिकरण कर श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा।
सरोवर पर शुद्धि स्नान करने वाले श्रद्धालुओं का लगेगा ताता, देशभर से आए श्रद्धालु चतुर्दशी से ही पुष्कर में धर्मशाला और होटलों में निवास कर रहे हैं। जो ग्रहण काल शुद्ध होने के बाद सरोवर में आस्था की डुबकी लगाने आएंगे। जिसके लिए प्रशासन ने एक विशेष सुरक्षा के इंतजाम किए हैं। पुष्कर सरोवर के घाटों और जगतपिता ब्रह्मा मंदिर पर जिला पुलिस का अतिरिक्त जाब्ता तैनात किया गया है। साथी ही पुलिस मित्र, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की तैनाती की गई है।