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April 10, 2020
कोरोना महामारी के समाधान में जुटे गुमनाम योद्धा
ब्यावर, (हेमन्त साहू)। कोरोना महामारी के संकट के समय सामाजिक संस्थाओं, भामाशाहों, पुलिस, प्रशासन और कुछ लोगों द्वारा निजी स्तर पर भी इस महामारी से लडते हुए देख रहे है। ऐसे समय में मानवीय संवेदनाओं से अभिभूत हो मानव जाति के कल्याण हेतु अपना सर्वस्व न्योछावर करने पर काफी गुमनाम योद्धा भी जुटे हुए है। एक कोरोना का कर्मवीर नेकी कर दरिया में डाल की कहावत को चरितार्थ करता बिना किसी दिखावे के अपना कर्म करने में मशगूल है। ऐसा ही एक नाम राकेश राठौड का है जो पेशे से पेस्टकंट्रोल से जुडे है। वर्तमान में वैश्विक महामारी के कोरोना वायरस के खात्मे हेतु ग्रीन ब्यावर प्रोजेक्ट के सहयोग से अपनी पीठ पर 25 लीटर सेनिजाइजर मशीन बांधे शहर के पब्लिक पैलेस पर जाकर खुद सेनेटाइज स्प्रे कर रहे है। पैट्रोल पम्पों, सरकारी डिस्पेंसरियों, मंदिरों, किराना प्रतिष्ठानों, बैंकों के एटीएम और मेडिकल स्टोर्स को संक्रमण मुक्त करने में निस्वार्थ भाव से दिन भर स्प्रे करते दिखाई दे जाते है। निसन्देह जिस शहर में राकेश राठौड जैसे योद्धा हो जिनका एकमात्र लक्ष्य मानव जाति की सेवा हो उस शहर में कोरोना माहमारी का अंत निश्चित है। राकेश राठौड मिशाल है उन लोगो के लिये जो अपने फोटो और नाम हेतु केवल दिखावे तक सीमित है। समस्त ब्यावर आपका कृतज्ञ रहेगा। गौरतलब है कि खबर हेतु उन्होंने फोटो हेतु इंकार कर दिया लेकिन काफी समझाने के बाद चेहरा न दिखाते हुए फोटो के लिए राजी हुए। ग्रीन ब्यावर टीम के संजय पाराशर ने बताया कि टीम उनका हृदय से आभार व्यक्त करती है कि ऐसे नि:स्वार्थ भावना रखते हुए व्यक्तित्व के धनी टीम के साथ सेवाएं दे रहे हैं।