राजस्थान न्यूज़: जयपुर। पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने एपीओ किए गए आईएएस शिखर अग्रवाल पर निशाना साधते हुए कहा है, "यदि सरकार 3 हजार करोड़ की जमीन वापस ले ले, तो सारे अस्पताल और स्कूल ठीक हो जाएं और बेरोजगारों को भत्ता भी मिल जाए।" खाचरियावास ने पूरे मामले की हाईकोर्ट के जज से न्यायिक जांच करवाने की मांग की है। खाचरियावास ने फन किंगडम की 3 हजार करोड़ रुपए की जमीन से लेकर ज्वेल्स ऑफ इंडिया और अनंत राज ग्रुप तक में करोड़ों रुपए के घोटाले के आरोप लगाए। उन्होंने इस मामले में सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठाए। एसीबी कर रही है विला खरीद मामले की जांच शिखर अग्रवाल पर आरोप है कि उन्होंने, उनकी आईपीएस पत्नी प्रशाखा माथुर और परिवार के सदस्यों ने ढाई साल में गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड से अलवर के अजबगढ़ और उदयपुर के बुझड़ा में 40 विला और कॉटेज करीब 6.15 करोड़ रुपए में खरीदे और उसी कंपनी को 1.80 करोड़ रुपए सालाना की लीज पर दे दिए। कंपनी "अनंता" नाम से होटल और रिसॉर्ट चलाती है। अग्रवाल ने अपने पक्ष में कहा था कि उन्होंने इस खरीद की जानकारी अपने अचल संपत्ति रिटर्न में दी है। मामला सामने आने के बाद 28 अक्टूबर की देर रात सरकार ने अग्रवाल को उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव समेत सभी पदों से हटाकर एपीओ कर दिया था। बाद में प्रशाखा माथुर को भी एपीओ किया गया। एसीबी ने 31 अक्टूबर को अग्रवाल के खिलाफ प्राथमिक जांच दर्ज की और सरकार ने जांच की मंजूरी दी। कार्मिक विभाग ने उन्हें कारण बताओ नोटिस देकर एक सप्ताह में जवाब मांगा है, और जांच पूरी होने तक गोयल फैशंस को मिलने वाले निवेश प्रोत्साहन पर भी रोक लगा दी गई है।
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर भाजपा की 5 नवंबर को जयपुर में होने वाली 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा में अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी केंद्रीय रेल और सूचना-प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ सड़क पर उतरेंगे। कार्यक्रम की संयोजक और जयपुर सांसद मंजू शर्मा ने बताया कि रामलीला मैदान में होने वाली जनसभा में भी मुख्यमंत्री शामिल होंगे। मंजू शर्मा के मुताबिक जनसभा के बाद भाजपा की सांकेतिक पदयात्रा रामलीला मैदान से चौड़ा रास्ता होते हुए त्रिपोलिया गेट तक जाएगी। वैष्णव और मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि भी जनसभा और पदयात्रा में रहेंगे। पार्टी ने इसमें 10 हजार से ज्यादा लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा है। मंजू शर्मा बोलीं- एसआईआर पर भ्रम पैदा कर रही कांग्रेस मंजू शर्मा ने कहा कि पार्टी एसआईआर पर जनता के बीच अपना पक्ष मजबूती से रखेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर भ्रम पैदा कर रही है और चुनावी प्रक्रिया के प्रति अविश्वास का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता लोगों के बीच जाकर इन आरोपों का जवाब देंगे। भाजपा का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करने और सूची को ज्यादा भरोसेमंद बनाने की प्रक्रिया है।पार्टी ने संकेत दिए हैं कि सांसद हों या विधायक, विधानसभा हो या सड़क, हर मोर्चे पर कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिया जाएगा दीपावली के बाजारों के चलते छोटा रखा मार्च भाजपा ने पदयात्रा का रास्ता तय करते समय दीपावली की खरीदारी और परकोटे के बाजारों का ध्यान रखा है। त्योहार के दिनों में बाजारों में भारी भीड़ रहती है और लंबे मार्च से यातायात और कारोबार पर असर पड़ने की आशंका थी। इसलिए रामलीला मैदान से त्रिपोलिया गेट तक ही सांकेतिक पदयात्रा रखी गई है, ताकि व्यापारियों और आम लोगों को कम से कम परेशानी हो।कार्यक्रम के लिए विधानसभा क्षेत्र, मंडल और वार्ड स्तर पर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां दी गई हैं। मंडल अध्यक्षों, पार्षदों, पार्षद प्रत्याशियों और वार्ड प्रभारियों को ज्यादा से ज्यादा कार्यकर्ता जुटाने के निर्देश दिए गए हैं।
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राजस्थान न्यूज़: नई दिल्ली। SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से जिनका नाम कट गया है, वे फॉर्म-6 भरकर दोबारा नाम जुड़वा सकते हैं, चाहे वे 10 साल से वोटर क्यों न रहे हों। चुनाव आयोग ने मंगलवार को साफ किया कि ऐसे पुराने वोटरों के फॉर्म-6 भरने को झूठा शपथ पत्र नहीं माना जाएगा और इस पर कोई केस नहीं होगा। दिक्कत यह थी कि फॉर्म-6 में लिखना पड़ता है कि "मेरा नाम पहली बार वोटर लिस्ट में जोड़ा जा रहा है"। उसी फॉर्म पर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 का हवाला भी होता है, जिसके तहत गलत जानकारी देने पर एक साल तक की सजा हो सकती है। पुराने वोटरों को डर था कि ‘पहली बार’ वाला कॉलम भरते ही उन पर झूठा बयान देने का केस बन जाएगा। आयोग ने माना कि इसी डर से लाखों लोग फॉर्म नहीं भर रहे थे। आयोग ने कहा कि यह डर निकाल दीजिए, इसे फॉल्स डिक्लेरेशन नहीं माना जाएगा। 30 राज्यों में 13 करोड़ से ज्यादा नाम कटे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान 2025-26 में बिहार और दिल्ली समेत 30 राज्यों की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 13 करोड़ से ज्यादा नाम हटाए गए। अकेले दिल्ली में 1.45 करोड़ वोटरों में से 47 लाख नाम हटे, यानी करीब 32 फीसदी, लगभग हर तीसरा नाम। आयोग का यह फैसला ऐसे ही लोगों के काम आएगा, जिनका नाम SIR में कट गया। अब नाम जुड़वाने के लिए क्या करें सबसे पहले voters.eci.gov.in पर अपने EPIC नंबर से नाम चेक करें। नाम नहीं है तो फॉर्म-6 भरें और उसके साथ डिक्लेरेशन और दस्तावेज लगाएं। BLO घर-घर जाकर भी फॉर्म-6 भरवा रहे हैं। किसे कौन-से दस्तावेज देने होंगे, यह जन्म के साल पर निर्भर है: जन्म फॉर्म-6 के साथ क्या देना होगा 1987 से पहले अपना एक दस्तावेज 1987 से 2004 के बीच अपना एक दस्तावेज और माता या पिता में से किसी एक का एक दस्तावेज 2004 के बाद अपना दस्तावेज और माता-पिता दोनों के दस्तावेज फॉर्म-6 से 2003 वाला सवाल पहले ही हट चुका जिन राज्यों में SIR पूरा हो चुका है, उनके लिए आयोग अक्टूबर में फॉर्म-6 में एक और बड़ा बदलाव कर चुका है। SIR में नाम कटने के बाद दोबारा नाम जुड़वाने के लिए अब 2003 की वोटर लिस्ट की जानकारी नहीं देनी होगी। आवेदक को यह नहीं बताना होगा कि उसका, उसके माता-पिता या दादा-दादी का नाम उस लिस्ट में था या नहीं। इससे जुड़ा अतिरिक्त घोषणा पत्र फॉर्म-6 से हटा दिया गया है।राजस्थान भी उन राज्यों में है, जहां SIR पूरा हो चुका है। यहां छूटे हुए पात्र वोटरों और पहली बार वोट देने लायक हुए युवाओं के नाम जोड़ने के लिए 1 अक्टूबर से विशेष अभियान चलाने का एलान हुआ था, जिसमें फॉर्म-6 ऑनलाइन और BLO दोनों के जरिए भरा जा सकता है।फॉर्म-6 की घोषणा पर विवाद भी रहा है। 5 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि उसने किसी संशोधित फॉर्म-6 को मंजूरी नहीं दी है, और रिकॉर्ड आने पर वह देखेगी कि फॉर्म में बदलाव किसने किया।
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अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
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अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
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राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिर से बहस की चुनौती दी है। मंगलवार को सोशल मीडिया पर जारी करीब पौने दो मिनट के वीडियो में उन्होंने कहा, "24 घंटे हो गए मोदी जी। मैंने आपको चैलेंज दिया है। आप कहते हो कि विपक्ष देशद्रोही है। किसी भी स्टेज पे आप जगह चुनिए, डिबेट कीजिए मेरे साथ।" राहुल ने पूछा, "देशद्रोही कौन है? विदेशी फोर्सेस का कनेक्शन किसका है? और किस प्रकार का कनेक्शन है? जल्दी से जल्दी कीजिए, डरिए मत।" बोले- अमेरिकी डील, अडाणी केस और एपस्टीन पर होगी खुली चर्चा राहुल ने कहा, "सवाल उठेंगे फाइनेंशियल सिस्टम पर, फाइनेंशियल स्ट्रक्चर पर, US डील कैसे हुई, क्यों हुई, इतनी जल्दी क्यों हुई, सिर्फ आपने क्यों की, कैबिनेट को क्यों नहीं बताया, अडाणी का केस बंद क्यों हुआ, एपस्टीन, ऐसी बहुत सारी चीजें हैं जिस पर खुलकर डिस्कशन होगा। आ जाइए, डरिए मत।" "मुझ पर मानहानि के 45 केस" राहुल ने कहा, "बाकी चीजों पे आपने डिफेमेशन केस लगा रखा है, शायद 45 डिफेमेशन केस मेरे ऊपर हैं। मगर इस डिबेट मामले पर, फॉरेन कनेक्शन पर आप डिफेमेशन नहीं लगा रहे हो। लगाइए ना, वहां भी डिस्कस करेंगे, खुल के। ये सब डिस्कस करते हैं, आइए। हैप्पी दिवाली, मोदी जी।" शाह बोले- हिम्मत है तो संसद में चर्चा करके दिखाइए इधर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में कहा कि राहुल गांधी ने नकली संसद बनाकर असली संसद का मखौल उड़ाया और चर्चा का नाटक किया। उन्होंने कहा, "हिम्मत है तो संसद में देश की जनता के सामने चर्चा करके दिखाइए। हाथ में संविधान लेकर घूमने से संविधान का समर्थन नहीं होगा। आचरण संवैधानिक होना चाहिए।" शाह ने कहा, "मैं कहना चाहता हूं कि नरेंद्र मोदी सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, संसद चलने दो। हम विशेष सत्र बुलाकर एसआईआर पर चर्चा के लिए तैयार हैं।" विपक्षी दलों ने 31 अक्टूबर को मॉक संसद लगाकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन-महाभियोग चलाया था। मानहानि के मामलों में पिछले हफ्ते सुल्तानपुर कोर्ट ने राहुल को अमित शाह पर 2018 की टिप्पणी से जुड़े केस में बरी किया था।
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राष्ट्रीय न्यूज़: श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस के 25 विधायकों ने मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर सोगामी और 27 अक्टूबर के कैबिनेट विस्तार में मंत्री बने चारों विधायकों को हटाने की मांग की है। विधायकों ने रविवार को पार्टी नेतृत्व को 14 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि मांगें नहीं मानी गईं तो वे उमर अब्दुल्ला सरकार से समर्थन वापस ले लेंगे। वे मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल की मांग भी कर रहे हैं। विधायकों ने सोगामी पर पार्टी नेतृत्व को गुमराह करने और संगठन के कामकाज में दखल देने का आरोप लगाया है। रविवार, 1 नवंबर से गिनें तो अल्टीमेटम की मियाद 15 नवंबर को पूरी होगी। गुरेजी और मुजफ्फर इकबाल खान की अगुआई में मिलेगा प्रतिनिधिमंडल बैठक में विधायकों ने चार सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल बनाने का फैसला किया। इसकी अगुआई पार्टी के वरिष्ठ नेता और गुरेज विधायक नजीर अहमद गुरेजी तथा थानामंडी विधायक मुजफ्फर इकबाल खान करेंगे। प्रतिनिधिमंडल पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मिलकर मांगों का ज्ञापन सौंपेगा। विधायक नेतृत्व के जवाब का इंतजार करेंगे और उसके बाद आगे की रणनीति तय करेंगे। श्रीनगर सांसद रूहुल्लाह मेहदी बोले- 3 नवंबर को पार्टी और लोकसभा दोनों से इस्तीफा दूंगा इसी बीच श्रीनगर से नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने भी इस्तीफे का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि वे 3 नवंबर को पार्टी और लोकसभा की सदस्यता, दोनों से औपचारिक रूप से इस्तीफा दे देंगे। रूहुल्लाह ने पार्टी नेतृत्व पर अपनी वैचारिक प्रतिबद्धताओं को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी अनुच्छेद 370 पर केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती देने के अपने वादे से पीछे हट रही है। विस्तार में मंत्री बने चार विधायक, कई वरिष्ठ रह गए थे बाहर 27 अक्टूबर को हुए कैबिनेट विस्तार में नेशनल कॉन्फ्रेंस के चार विधायकों, अली मोहम्मद सागर, मीर सैफुल्लाह, शमीमा फिरदौस और अल्ताफ अहमद कल्लू को मंत्री बनाया गया था। निर्दलीय विधायक सतीश शर्मा को मंत्रिमंडल से हटा दिया गया था। इस विस्तार में कई ऐसे वरिष्ठ विधायक मंत्री नहीं बन पाए, जिनके नाम की चर्चा थी। इनमें नजीर अहमद गुरेजी और मुबारक गुल भी शामिल हैं। गुरेजी अब नाराज विधायकों के प्रतिनिधिमंडल की अगुआई कर रहे हैं। मुबारक गुल को बाद में फारूक अब्दुल्ला ने अली मोहम्मद सागर की जगह पार्टी का महासचिव नियुक्त किया।
Read more 2nd Nov 2026
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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