राजस्थान न्यूज़: अजमेर, 14 जुलाई। कौशल विकास एवं महिला सशक्तिकरण के लक्ष्य की ओर अग्रेषित अजमेर शहर का एक संस्थान जहाँ महिलाओं को निरूशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। कौशल विकास के नए आयाम स्थापित करने के लिए इस संस्थान में संस्थान की प्रबंधन समिति संचालित है जोकि संस्थान के विकास के प्रति अग्रेषित रहती है। इस समिति के अध्यक्ष जयपुर के प्रतिष्ठित उद्योगपति श्री नरेंद्र कुमार जैन है एवं सदस्य स्थानीय प्रबुद्ध उद्योगपति एवं अधिकारीगण है। संस्थान के सहायक निदेशक एवं संस्थान प्रधान श्री शैलेन्द्र माथुर ने बताया कि अजमेर स्थित महिला संस्थान में रोजगार एवं स्वरोजगार परक एनसीवीटी व्यवसाय जैसे बेसिक कॉस्मेटोलॉजी, फैशन डिजाइन एवं टेक्नोलॉजी, स्विंग टेक्नोलॉजी, इंटिरियर डिजाइन एवं डेकोरेशन, कंप्यूटर ऑपरेटर एवं प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, इन्फोर्मेशन एवं कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी सिस्टम मेंटनेंस तथा इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक एवं एससीवीटी व्यवसाय इलेक्ट्रीशियन संचालित है। श्री एन के जैन ने सराहना करते हुए बताया कि वर्तमान में स्टार्टअप स्थापित करने के लिए महिलाओं में इन पाठयक्रमों के प्रति रुझान विकसित है एवं वे नवाचार के माध्यम से कौशल दक्षता हांसिल करें ये प्रयास इस संस्थान द्वारा किये जाते है। प्रवेश प्रभारी एवं समूह अनुदेशक श्री महेश पंचोली ने बताया कि इच्छुक महिला की न्यूनतम आयु 14 वर्ष होनी चाहिए, ऊपरी आयु सीमा में उन्हें छूट प्रदान की गयी है।उनके मुताबिक गत तीन वर्षाे में 370 महिला योग्य अभ्यार्थियों में से 199 महिला अभ्यर्थियों ने जीविकोपार्जन के लिए स्वरोजगार एवं रोजगार के क्षेत्र में सफलता हांसिल करी है। गत वर्षों में कैंपस ड्राइव के तहत जेसीबी, मारुती सुजुकी, अरविन्द मिल्स, मिण्डा इलेक्ट्रिकल, लीला श्याम,स्टैंडर्ड एलायस जैसी कंपनी में रोजगार अर्जित किया है। वर्तमान में संस्थान में प्रवेश प्रक्रिया दिनांक 15 जुलाई से प्रारम्भ है जिसकी अंतिम तिथि 23 जुलाई है।
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राजस्थान न्यूज़: मुख्यमंत्री ने नशा तस्करी, संगठित अपराध, साइबर ठगी और अवैध हथियारों के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने पर जोर जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास पर प्रदेश की कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पुलिस और गृह विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि अब क्षेत्र में होने वाले अपराधों की जिम्मेदारी सीधे संबंधित आईजी और एसपी की होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अपराधियों के खिलाफ ऐसी प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे बदमाशों में कानून का भय पैदा हो। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने संगठित अपराध, साइबर क्राइम, नशा तस्करी और अवैध हथियारों से जुड़े मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि केवल गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपराधियों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में संगठित अपराधों का कोई नामोनिशान नहीं रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अलवर, श्रीगंगानगर और भरतपुर में हाल में हुई आपराधिक घटनाओं को लेकर संबंधित पुलिस अधिकारियों को जवाब-तलब किया। वहीं, गोगुन्दा में चरागाह भूमि पर अतिक्रमण के मामले में एक वरिष्ठ अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों और उनके आकाओं के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए कि भविष्य में कोई भी अपराध करने से पहले सौ बार सोचे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में ठोस परिणाम सामने आए हैं और वर्ष 2023 की तुलना में संगठित अपराध तथा फायरिंग की घटनाओं में कमी आई है, लेकिन इस गिरावट की गति और बढ़नी चाहिए। अवैध हथियारों की सप्लाई चेन तोड़ने के निर्देश मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि अवैध हथियार संगठित अपराध की रीढ़ हैं। ऐसे में जिन जिलों में आर्म्स एक्ट के मामलों में बढ़ोतरी हुई है, वहां अवैध हथियारों की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि हथियार बरामद होने पर कार्रवाई केवल आरोपी तक सीमित न रहे, बल्कि हथियार उपलब्ध कराने वाले पूरे नेटवर्क और सरगना तक पहुंचकर उसे ध्वस्त किया जाए। अपराधियों के सोशल और फाइनेंशियल नेटवर्क पर प्रहार मुख्यमंत्री ने अपराधियों के सोशल नेटवर्क के साथ-साथ फाइनेंशियल नेटवर्क को भी समाप्त करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अपराधियों को फॉलो करने वाले युवाओं पर विशेष नजर रखी जाए। साथ ही भू-माफिया गतिविधियों, हवाला लेन-देन और अपराधियों की आय के स्रोतों पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि ड्रग तस्करों की अवैध संपत्तियों को जब्त, कुर्क और ध्वस्त करने की कार्रवाई में तेजी लाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा तस्करी के मामलों में केवल गिरफ्तारी से काम नहीं चलेगा, बल्कि पूरे सप्लाई नेटवर्क को खत्म करना होगा। साइबर ठगी रोकने के लिए बढ़ेगी साइबर पेट्रोलिंग मुख्यमंत्री ने साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए साइबर पेट्रोलिंग बढ़ाने और साइबर सेल में विशेष कार्मिक तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी जैसे मामलों में त्वरित कार्रवाई कर आमजन का विश्वास बहाल करना पुलिस की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि साइबर ठगी का एक भी नेटवर्क राजस्थान की धरती पर बचना नहीं चाहिए। महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों पर कठोर कार्रवाई मुख्यमंत्री ने महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध जघन्य अपराधों को अत्यंत गंभीर बताते हुए ऐसे मामलों में त्वरित और कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने और दोषियों को कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री ने सभी रेंज आईजी और पुलिस अधीक्षकों को एनडीपीएस, गैंगस्टर, हिस्ट्रीशीटर, अवैध हथियारों और संगठित अपराध से जुड़े लंबित मामलों का व्यक्तिगत विश्लेषण कर समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में अपेक्षित परिणाम नहीं मिलेंगे, वहां संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान में तबादला सूची जारी होने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं की नाराजगी खुलकर सामने आई है। संगठन की अनुशंसाओं के अनुरूप तबादले नहीं होने और अंतिम सूची से कई नाम हटाए जाने की शिकायतों के बीच सोमवार को बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे। कार्यकर्ताओं की बढ़ती नाराजगी को देखते हुए संगठन भी सक्रिय हो गया। सूत्रों के अनुसार भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने राजस्व मंत्री हेमंत मीणा और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर को प्रदेश कार्यालय बुलाकर करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में चर्चा की। इस दौरान तबादला सूची, संगठन की अनुशंसाओं और कार्यकर्ताओं की शिकायतों पर मंथन किया गया। बताया जा रहा है कि संगठन की ओर से भेजी गई अनुशंसाओं की अनदेखी और जरूरतमंद कार्यकर्ताओं के मामलों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिए जाने को लेकर नाराजगी जताई गई। वहीं मंत्रियों ने अपनी ओर से सफाई देते हुए कहा कि अंतिम स्तर पर कई बदलाव अधिकारियों के स्तर पर हुए हैं। सूत्रों के अनुसार शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी से भी फोन पर चर्चा कर फीडबैक लिया गया। हालांकि, मंत्रियों ने इस मुलाकात को नियमित संगठनात्मक चर्चा बताया है। शिकायतों का फीडबैक लेने में जुटा संगठन तबादलों को लेकर सामने आई नाराजगी के बाद भाजपा संगठन अब जिलों और विभिन्न विभागों से मिले फीडबैक को देख रहा है। कई कार्यकर्ताओं ने शिकायत की है कि जिन कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादले के लिए अनुशंसा की गई थी, उनके नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं किए गए। पार्टी नेतृत्व की कोशिश है कि कार्यकर्ताओं के असंतोष को जल्द दूर किया जाए, ताकि इसका असर संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों पर नहीं पड़े। प्रदेश कार्यालय में बढ़ी भीड़, गेट बंद करना पड़ा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के कक्ष के बाहर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और अन्य लोग एकत्र हो गए। भीड़ बढ़ने पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए अंदर का गेट बंद कर दिया गया और बाहर से ही मिलने की व्यवस्था की गई। इस दौरान कुछ नाराज कार्यकर्ताओं ने गार्ड से गेट खुलवाने की कोशिश की, जिससे कुछ देर के लिए खींचतान की स्थिति बन गई। बाद में सभी कार्यकर्ताओं को हॉल में बैठाया गया, जहां प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने उनकी शिकायतें और नाराजगी सुनी। सीएमओ ने मंत्रियों से मांगा ब्योरा तबादलों को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी मंत्रियों से जनप्रतिनिधियों की अनुशंसाओं का ब्योरा मांगा है। सूत्रों के अनुसार कई विधायकों और सांसदों की नाराजगी सामने आने के बाद मंत्रियों से पूछा गया है कि किस जनप्रतिनिधि ने किस अधिकारी या कर्मचारी के तबादले की सिफारिश की और उस पर क्या निर्णय लिया गया। इसका उद्देश्य तबादला प्रक्रिया को लेकर मिले राजनीतिक फीडबैक का आकलन करना और विभागवार फैसलों की समीक्षा करना बताया जा रहा है। फिलहाल संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर तबादला सूची से उपजे असंतोष को शांत करने की कोशिशें तेज हो गई हैं।
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उदयपुर न्यूज़: शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला के हाथ से सोने की दो चूड़ियां पार होने का मामला सामने आया है। घटना कांता मारवाह मार्ग, पुलिस लाइन क्षेत्र की बताई जा रही है। पीड़िता के भतीजे ने सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट देकर बाइक सवार बदमाशों पर वारदात को अंजाम देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार कांता मारवाह मार्ग पुलिस लाइन अजमेर निवासी जितेन्द्र नारवानी पुत्र चिमनदास नारवानी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में बताया गया कि उनकी चाची मीना नारवानी उम्र 75 वर्ष घर से पीछे वाली गली में गाय को रोटी खिलाने के लिए निकली थीं। गली में गाय नहीं मिलने पर वे मुख्य सड़क की ओर पुलिस लाइन चौराहे की तरफ जाने लगीं। इसी दौरान बाइक सवार 2 से 3 युवक उनके पीछे चलने लगे। आरोप है कि इनमें से एक युवक बाइक से उतरकर बुजुर्ग महिला के साथ-साथ चलने लगा और उनसे बातचीत करने की कोशिश करने लगा। कुछ देर बाद महिला को ऐसा महसूस हुआ कि उनकी आंखें बंद हो रही हैं और उन्हें ठीक से कुछ याद नहीं रहा। करीब पांच मिनट बाद जब महिला को होश आया तो उनके हाथों में पहनी सोने की दोनों चूड़ियां गायब थीं। इसी बीच बाइक सवार युवक मौके से फरार हो चुके थे। घटना से घबराई बुजुर्ग महिला घर लौटीं और परिजनों को पूरी बात बताई। इसके बाद परिजनों ने सिविल लाइन थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में बाइक सवार युवकों पर सोने की चूड़ियां चोरी करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच एएसआई कैलाश चंद को सौंपी है। फिलहाल पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने और संदिग्ध युवकों की पहचान करने में जुटी है। बुजुर्ग महिला के साथ हुई इस घटना के बाद क्षेत्र में लोगों में चिंता का माहौल है। परिजनों ने पुलिस से जल्द आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी और चोरी हुई ज्वेलरी बरामद करने की मांग की है।
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उदयपुर न्यूज़: अजमेर के बोर्ड ऑफिस की गली स्थित ओला शोरूम पर गुरुवार को ग्राहकों ने जमकर हंगामा किया और विरोध प्रदर्शन करते हुए जल्द समाधान की मांग की। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्राहकों, विशेषकर महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनकी इलेक्ट्रिक स्कूटी खराब होने के बाद सात महीने पहले सर्विस के लिए जमा कराई गई थी, लेकिन आज तक वाहन वापस नहीं मिला। उनका कहना है कि वे लगातार शोरूम के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन दिया जाता है। फोन करने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। प्रदर्शन के दौरान एक युवक ने आरोप लगाया कि उसके स्कूटर का स्टार्ट बटन बार-बार खराब हो जाता है। शिकायत करने पर केवल बटन बदल दिया जाता है, लेकिन मूल समस्या बनी रहती है। ग्राहकों का कहना है कि उन्होंने कंपनी के उच्च अधिकारियों से भी संपर्क किया, लेकिन वहां से भी कोई ठोस समाधान नहीं मिला। इससे नाराज ग्राहकों ने शोरूम के बाहर प्रदर्शन कर प्रबंधन के रवैये पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
Read more 2nd Jul 2026
अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
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अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
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अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
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अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़: ढाका/नई दिल्ली। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि वह दिसंबर में भारत से बांग्लादेश लौटेंगी और अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करेंगी। Reuters को दिए इंटरव्यू में हसीना ने कहा कि उनके साथ अवामी लीग के कई वरिष्ठ नेता भी वापस लौटकर आत्मसमर्पण करेंगे। हसीना ने कहा कि अवामी लीग के लगभग सभी बड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं और कई लोग छिपकर रहने को मजबूर हैं। हालांकि, उन्होंने बांग्लादेश लौटने की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई है। रिपोर्ट के अनुसार हसीना ने कहा कि वह स्वेच्छा से लौटेंगी और इसके लिए किसी पर्दे के पीछे की बातचीत की जरूरत नहीं है। शेख हसीना वर्ष 2024 में बांग्लादेश में सरकार विरोधी आंदोलन के बाद देश छोड़कर भारत आ गई थीं। इसके बाद उन्हें छात्र आंदोलन पर हुई कार्रवाई से जुड़े मामले में अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई गई। हसीना इन आरोपों से लगातार इनकार करती रही हैं। हसीना ने कहा कि उन्होंने बांग्लादेश लौटने को लेकर मौजूदा सरकार से कोई बातचीत नहीं की है। उनका कहना है कि लोकतंत्र, चुनाव, अवामी लीग के राजनीतिक अधिकार और न्याय जैसे मुद्दों पर पर्दे के पीछे कोई समझौता नहीं हो सकता। उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेश सरकार उन्हें वापस भेजने के लिए भारत को लगातार पत्र लिख रही है। हसीना ने कहा कि उन्हें वापस लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि वह स्वयं लौटेंगी। हालांकि, हसीना के इस दावे पर बांग्लादेश सरकार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। भारत की ओर से भी फिलहाल इस नए बयान पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है। इससे पहले भारत ने कहा था कि वह बांग्लादेश के प्रत्यर्पण अनुरोध पर विचार कर रहा है और नई सरकार के साथ संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। शेख हसीना की संभावित वापसी बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा मोड़ साबित हो सकती है। अवामी लीग पर लगे प्रतिबंध, नेताओं पर दर्ज मामलों और आगामी चुनावी माहौल के बीच उनकी वापसी से देश में राजनीतिक हलचल और बढ़ने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हसीना और अवामी लीग के वरिष्ठ नेता एक साथ लौटकर आत्मसमर्पण करते हैं, तो इसका असर बांग्लादेश की अदालतों, चुनावी राजनीति, विपक्षी एकजुटता और भारत-बांग्लादेश संबंधों पर भी पड़ सकता है।
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राष्ट्रीय न्यूज़: चमोली/देहरादून। बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी के मामले में चमोली पुलिस की SIT ने बद्री-केदार मंदिर समिति, BKTC, के निलंबित पर्सनल असिस्टेंट प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार कर लिया है। SIT ने उन्हें 12 जुलाई की रात करीब 10 बजे देहरादून के नेहरू कॉलोनी स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद प्रमोद नौटियाल को चमोली लाया गया, जहां बद्रीनाथ थाने में उनसे पूछताछ की जा रही है। इस मामले में मंदिर समिति के चार कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार SIT की टीम सादी वर्दी में देहरादून पहुंची थी और कार्रवाई को गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया। चमोली पुलिस के अनुसार 8 जुलाई को प्रभारी मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवाण की शिकायत पर बद्रीनाथ कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद SP सुरजीत सिंह पंवार के निर्देश पर SIT का गठन किया गया। SIT ने मामले में CCTV फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच की। जांच में आरोप है कि प्रमोद नौटियाल कई बार मंदिर की धनराशि और भेंट सामग्री को मोबाइल के नीचे छिपाकर तथा जेब में रखकर ले जाते हुए दिखाई दिए। पुलिस के अनुसार जांच के दौरान ₹500 के नोट, सोना-चांदी के सिक्कों के पैकेट, शालिग्राम शिला और केसर का पैकेट अवैध रूप से अपने कब्जे में लेने के तथ्य सामने आए हैं। पूछताछ के दौरान जब प्रमोद नौटियाल से पूछा गया कि क्या चढ़ावा चोरी के मामले में मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी भी शामिल हैं, तो उन्होंने सिर हिलाकर इससे इनकार किया। फिलहाल पुलिस इस पूरे प्रकरण में अन्य कर्मचारियों की भूमिका, बरामद सामग्री, CCTV रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की जांच कर रही है। बद्रीनाथ धाम जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल से जुड़े इस मामले को अत्यंत संवेदनशील माना जा रहा है। श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर की पारदर्शी व्यवस्था को देखते हुए पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। आगे की जांच में यह स्पष्ट होगा कि कथित चोरी में आरोपी अकेले शामिल था या किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका रही है।
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गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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