राजस्थान न्यूज़: जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में मंत्रिमंडल और मंत्रिपरिषद की बैठक हुई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्ष की जनसेवा के लिए अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया गया। मोदी ने 7 अक्टूबर को सरकार के मुखिया के रूप में 25 साल पूरे किए — पहले गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री के रूप में। प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने खुद को प्रधानसेवक मानकर रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म की संस्कृति स्थापित की है, और राजस्थान की डबल इंजन सरकार को उनके अनुभव तथा विजन का लाभ मिल रहा है। बुनियादी ढांचा और निवेश मद मुख्यमंत्री ने क्या बताया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे 9 एक्सप्रेसवे, कुल लंबाई 2,750 किलोमीटर से अधिक जयपुर रिंग रोड (उत्तर) ₹11,764 करोड़, केंद्र के सहयोग से राइजिंग राजस्थान समिट (दिसंबर 2024) ₹35 लाख करोड़ के एमओयू, ₹9 लाख करोड़ से अधिक धरातल पर बड़ी परियोजनाएं पचपदरा में देश की पहली एकीकृत ग्रीनफील्ड रिफाइनरी, जयपुर मेट्रो फेज-2, माही बांसवाड़ा परमाणु विद्युत परियोजना समिट में हुए ₹35 लाख करोड़ के एमओयू में से ₹9 लाख करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट धरातल पर उतरे हैं, यानी करीब 25.7 प्रतिशत। ऊर्जा: सौर में पहला, अक्षय ऊर्जा में दूसरा स्थान मद आंकड़ा स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता 39.36 गीगावाट — देश में पहला स्थान अक्षय ऊर्जा स्थापना में स्थान देश में दूसरा पौने तीन साल में अक्षय ऊर्जा क्षमता की वृद्धि करीब 28 गीगावाट बैटरी भंडारण परियोजनाएं 6,000 मेगावाट-आवर पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना 5 लाख से अधिक पंजीकरण, 3.37 लाख रूफटॉप संयंत्र पीएम-कुसुम 5.2 गीगावाट से अधिक क्षमता के संयंत्र जल समझौते और राम जल सेतु मुख्यमंत्री ने कहा कि दशकों से लंबित जल परियोजनाओं में प्रगति हुई है। राम जल सेतु लिंक परियोजना से 17 जिलों के 3 करोड़ से अधिक लोगों को पेयजल और करीब 4 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि यमुना, किशाऊ और नर्मदा जल समझौतों से राजस्थान की जल सुरक्षा का रास्ता खुला है। भर्तियां और योजनाएं मद आंकड़ा सरकारी नियुक्तियां दी गईं 1,93,000 पद भर्ती प्रक्रिया जारी 1,18,000 पद आगे की तैयारी 70,000 से अधिक पद बिना पेपर लीक हुई परीक्षाएं 410 से अधिक किसान सम्मान निधि (राज्य में) बढ़ाकर ₹9,000 पीएम आवास योजना (ग्रामीण) 3,82,000 आवास बने, 4,53,000 निर्माणाधीन कम कीमत पर गैस सिलेंडर 75 लाख गरीब परिवार ‘एक पेड़ मां के नाम’ करीब 30 करोड़ पौधे तीनों आंकड़ों को जोड़ें तो नियुक्तियों और भर्तियों का कुल दायरा 3,81,000 पदों का बनता है। आवास योजना में बने और निर्माणाधीन मकानों को मिलाकर संख्या 8,35,000 हो जाती है।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश में वन स्टेट वन इलेक्शन की अवधारणा पूरी की जा रही है और पंचायतीराज चुनाव एक साथ कराए जा रहे हैं। उनके मुताबिक पहले अलग-अलग समय पर चुनाव होने से विकास के काम प्रभावित होते थे। राष्ट्रीय स्तर पर क्या गिनाया मुख्यमंत्री ने अनुच्छेद 370 की समाप्ति, सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया। उन्होंने जी-20 और ब्रिक्स सम्मेलनों के आयोजन, आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और जीएसटी के साथ जनधन, आधार और मोबाइल की त्रिशक्ति का उल्लेख किया। उनके मुताबिक अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारत की विकास दर 7 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है।उन्होंने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 10 करोड़ से अधिक किसानों को ₹4 लाख करोड़ से अधिक सीधे खातों में भेजे गए और आयुष्मान भारत से 60 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को सुविधा मिल रही है। उनके मुताबिक करीब 36 देशों ने प्रधानमंत्री को सर्वोच्च नागरिक या राष्ट्रीय सम्मान दिया है और वे 21 बार दूसरे देशों की संसद को संबोधित कर चुके हैं।उन्होंने 2014 में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को मान्यता मिलने, काशी विश्वनाथ धाम के पुनर्विकास और अयोध्या में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा मौजूद रहे।
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को कानून व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक के बाद पुलिस विभाग ने नौ अधिकारियों पर कार्रवाई की — एक को निलंबित किया गया, छह को एपीओ किया गया और दो को उनके पद से हटा दिया गया।मुख्यमंत्री ने बीते दिनों हुई आपराधिक घटनाओं और कुछ पुलिसकर्मियों की लापरवाही तथा अमर्यादित व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों और कार्मिकों को तुरंत हटाने और उनके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए एक समान है और अपराधी कोई भी हो, उसे किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान हमेशा से शांतिप्रिय प्रदेश रहा है और पिछली सरकार के समय इस छवि पर प्रतिकूल असर पड़ा था। मौजूदा सरकार में यह गरिमा लौटी है, इसलिए अपराधों पर जीरो टॉलरेंस जरूरी है। किस पर क्या कार्रवाई अधिकारी पद कार्रवाई धीरेन्द्र सिंह थानाधिकारी, वैर (भरतपुर) निलंबित डॉ. प्रेरणा शेखावत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एपीओ नीरज भारद्वाज वृत्ताधिकारी, भुसावर (भरतपुर) एपीओ अंजू यादव उप पुलिस अधीक्षक (यातायात), अजमेर एपीओ मुकेश जोशी वृत्ताधिकारी, सांभर एपीओ विष्णु कुमार खत्री वृत्ताधिकारी, श्रीगंगानगर एपीओ मुकेश खराड़िया पुलिस निरीक्षक, आयुक्तालय जयपुर एपीओ बृजमोहन मीणा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसआईयूसीएडब्ल्यू, जयपुर ग्रामीण हटाया जया सिंह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, खैरथल हटाया एपीओ का मतलब है पदस्थापन की प्रतीक्षा में रखा जाना। ऐसे अधिकारी के पास कोई पद या प्रभार नहीं रहता, लेकिन वह सेवा में बना रहता है और उसे वेतन मिलता रहता है। निलंबन इससे अलग है — उसमें अधिकारी सेवा से अलग कर दिया जाता है और जांच के दौरान निर्वाह भत्ता मिलता है। सूची में जो नाम हैं, वे जिले कौन-से सूची में तीन अधिकारी भरतपुर जिले के हैं। वैर थाना क्षेत्र के भौंडा गांव की खनन साइट पर रविवार रात बयाना के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना पर हमला हुआ था, जिसमें उनकी मौत हो गई। इस मामले में करीब 80 लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज है और 22 नामजद हैं। 25 सितंबर की एक घटना की शिकायत 27 सितंबर को इसी थाने में दी गई थी। जुलाई में हुए तबादलों में डॉ. प्रेरणा शेखावत को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, वैर लगाया गया था। भुसावर भी भरतपुर जिले में है। अजमेर की उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) अंजू यादव पर किशनगढ़ में 9 अक्टूबर की शाम अधिवक्ता बाबूलाल बागरिया को थप्पड़ मारने का आरोप लगा था। अजमेर जिला बार एसोसिएशन ने सोमवार को न्यायिक कार्यों का बहिष्कार कर सड़क जाम किया और उन पर कार्रवाई की मांग की थी। सांभर क्षेत्र के नरेना थाने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक कृष्ण अवतार से मारपीट के मामले में जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक ने 11 अक्टूबर को थानाधिकारी समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया था और एफआईआर दर्ज कराई थी। नरेना थाना सांभर वृत्त में आता है। जयपुर आयुक्तालय के पुलिस निरीक्षक मुकेश खराड़िया मुहाना थाने के थानाधिकारी हैं। इसी थाने से जुड़े 19 वर्षीय ऋतुराज लोहार की मौत के मामले में राज्य मानवाधिकार आयोग ने थाने की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सीलबंद हालत में तलब की है और आईपीएस स्तर के अधिकारी से जांच के निर्देश दिए हैं। इस मामले की सुनवाई 23 अक्टूबर को होनी है। खनन और भूमि विवादों की जिलेवार सूची बनाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने कहा कि खनन और भूमि से जुड़े विवादों की जिलेवार विस्तृत सूची तैयार की जाए और उनके निस्तारण के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है और माफिया पर पूरी तरह शिकंजा कसा जाए। आपराधिक घटनाओं और पुलिस के आचरण से जुड़े प्रकरणों की गहन समीक्षा करने को भी कहा गया।त्योहारी सीजन को देखते हुए उन्होंने कानून और यातायात व्यवस्था चाकचौबंद रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर छोटी घटना पर संबंधित पुलिस अधिकारी संज्ञान ले, ताकि बड़ी घटनाएं रोकी जा सकें, और सभी अधिकारी अपने प्रभार वाले रेंज और जिलों में कानून व्यवस्था की नियमित समीक्षा करें।महिला सुरक्षा पर उन्होंने कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स का सुचारू संचालन और स्कूल-कॉलेजों में इन यूनिट्स का विद्यार्थियों से संवाद सुनिश्चित करने को कहा। नवरात्रि में गरबा-डांडिया स्थलों पर भी इन्हीं यूनिट्स को तैनात किया गया था।मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ घटनाओं और कुछ कार्मिकों के अनुचित आचरण से पूरे पुलिस विभाग की छवि और विश्वसनीयता प्रभावित होती है, जबकि पुलिस का मूल दायित्व अपराधियों में कानून का भय पैदा करना और आमजन में सुरक्षा का भाव मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि पुलिस का व्यवहार ऐसा हो कि हर नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करे।बैठक में पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा और अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) भास्कर ए. सावंत समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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राजस्थान न्यूज़: चूरू/मानसा। पंजाब के मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मुख्य आरोपी को पंजाब पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार को राजस्थान के चूरू जिले के सालासर से पकड़ा गया। वारदात के बाद वह मौके से फरार हो गया था।झोटा को मंगलवार को मानसा के एक मेडिकल स्टोर पर गोली मारी गई थी। बताया गया है कि वे उस समय फेसबुक पर लाइव थे और दुकान से ‘चिट्टा’ बेचे जाने का आरोप लगा रहे थे। झोटा ने दुकान संचालक से उस व्यक्ति के बारे में पूछताछ की थी जिसने सुबह वहां से नशीला पदार्थ खरीदा था। इसी दौरान विवाद बढ़ा और गोलीबारी हो गई। मानसा के सिविल अस्पताल में झोटा ने दम तोड़ दिया, जबकि चार अन्य लोग घायल हुए। मामला एक नजर में कौन — परविंदर सिंह झोटा, पंजाब के मानसा के एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट कब — मंगलवार, 13 अक्टूबर; मेडिकल स्टोर पर गोलीबारी मुख्य आरोपी — मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार गिरफ्तारी कहां — राजस्थान के चूरू जिले का सालासर, बुधवार को और — गोलीबारी में चार अन्य लोग घायल राजस्थान के सालासर तक पहुंची जांच वारदात के बाद आरोपी पंजाब से निकलकर राजस्थान पहुंच गया था। पुलिस ने उसे चूरू जिले के सालासर से हिरासत में लिया। सालासर बालाजी धाम के चलते यहां रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते-जाते हैं। इससे पहले पुलिस ने उस व्यक्ति को भी पकड़ा था, जिस पर दुकान संचालक को भागने में मदद करने का आरोप है। मानसा में तनाव, 15 अक्टूबर को पंजाब बंद का आह्वान घटना के बाद मानसा में तनाव है। झोटा के समर्थकों ने मेडिकल स्टोर में तोड़फोड़ की और परिवार ने विरोध में शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। परिवार तथा समर्थक मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। पंजाब कांग्रेस की ओर से 15 अक्टूबर को पूरे पंजाब में बंद का आह्वान किया गया है। राजा वड़िंग परिवार से मिले, सरकार पर हमला कांग्रेस सांसद और पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग बुधवार को मानसा पहुंचे और झोटा के परिवार से मिले। उन्होंने कहा कि नशे को रोकना सरकारों की जिम्मेदारी थी, लेकिन झोटा ने नशे के खिलाफ आवाज उठाई और लड़ते-लड़ते जान गंवा दी। वड़िंग ने कहा कि पंजाब कांग्रेस पीड़ित परिवार के साथ खड़ी रहेगी और 15 अक्टूबर के बंद का पूरा समर्थन किया जाएगा। मानसा मुख्यमंत्री भगवंत मान का गृह जिला है, लेकिन यहां हालात सरकार के नियंत्रण से बाहर हो चुके हैं। — अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, कांग्रेस सांसद वड़िंग ने यह भी कहा कि पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा इस घटना को आपसी दुश्मनी बता रहे हैं, जबकि झोटा नशे के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। उनका आरोप है कि नशा तस्करों ने ही हत्या की है।
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उदयपुर न्यूज़: उत्तर पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन, अजमेर मंडल के तत्वावधान में आयोजित 'ऑन द स्पॉट' ड्राइंग एवं निबंध प्रतियोगिता का परिणाम घोषित कर पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया।कार्यक्रम संगठन की अध्यक्षा श्रीमती रिंकल भूतड़ा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर संगठन की सचिव श्रीमती ज्योति ऊषाहरा, कोषाध्यक्ष श्रीमती सुषमा कुमारी सहित कार्यकारिणी के अन्य सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। निर्णायकों के मूल्यांकन के पश्चात निबंध प्रतियोगिता में 9 तथा ड्राइंग प्रतियोगिता में 9, यानी कुल 18 प्रतिभाशाली बच्चों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।समारोह को संबोधित करते हुए अध्यक्षा श्रीमती रिंकल भूतड़ा ने सभी विजेता बच्चों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक प्रतियोगिताएं बच्चों में आत्मविश्वास और कलात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देती हैं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी सदस्यों और बच्चों का आभार व्यक्त किया गया।
Read more 28th Sep 2026
अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
राष्ट्रीय न्यूज़: चेन्नई। मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के रूट मार्च की अनुमति बार-बार रोके जाने पर तमिलनाडु पुलिस से सवाल किए। जस्टिस वी. लक्ष्मीनारायणन ने पूछा कि अगर जम्मू-कश्मीर जैसी जगह में संघ मार्च कर सकता है, तो तमिलनाडु पुलिस हर साल अनुमति क्यों रोकती है। उन्होंने कहा कि सरकार नागरिकों को दुश्मन की तरह देख रही है और प्रदर्शनों की अनुमति देने से इनकार कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार कोई भी हो, संघ को मार्च की अनुमति नहीं मिलती — ‘आपका डर क्या है?’ जज ने यह भी दर्ज किया कि राज्य ने अलग-अलग विचारधारा वाले संगठनों को अनुमति देने से इनकार किया है, जिनमें द्रविड़र कषगम भी है और संघ भी। हर साल वे अनुमति मांगने आते हैं और हर साल अदालत अनुमति देती है। 2026 में ऐसा क्या अलग है? क्या अब तक उनके मार्च में कोई हिंसा हुई है? — जस्टिस वी. लक्ष्मीनारायणन, सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने क्या कहा राज्य की ओर से महाधिवक्ता विजय नारायण ने कहा कि अनुमति सिर्फ इसलिए नहीं दी गई, क्योंकि रूट मार्च और सभा के लिए जो जगह मांगी गई थी, वह सार्वजनिक सभाओं के लिए अधिसूचित नहीं है। राज्य की रिपोर्ट गुरुवार को अदालत के सामने रखी जानी है। मामला क्या है यह सुनवाई संघ के सदस्य वी.जी. जगदीशन की याचिका पर हुई। उन्होंने 18 अक्टूबर, 25 अक्टूबर और 1 नवंबर को तमिलनाडु में रूट मार्च और उसके बाद सभा की अनुमति मांगी है। यह मार्च विजयादशमी पर पड़ने वाले संघ के स्थापना दिवस से जुड़ा होता है, और पुलिस हर बार कानून-व्यवस्था का हवाला देती रही है।याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एन.एल. राजा ने कहा कि संगठन को हर साल अनुमति से मना किया जाता है और हर बार अदालत आना पड़ता है। जगदीशन ने 3 अक्टूबर को पुलिस महानिदेशक को भी ज्ञापन देकर सभी पुलिस आयुक्तों और अधीक्षकों को अनुमति देने के निर्देश जारी करने को कहा था, लेकिन निर्देश जारी नहीं हुए।अदालत ने अब तक इस पर कोई आदेश नहीं दिया है — ये सुनवाई के दौरान की गई मौखिक टिप्पणियां हैं। मामले में अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होनी है।
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राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके बुधवार दोपहर दिल्ली पहुंचे तो इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उन्हें लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ा। बाहर निकलते समय एक यात्री ने उन्हें टोकते हुए कहा — क्यों देश को खराब कर रहा भाई।दीपके ने इसका कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने सिर्फ थम्स अप का इशारा किया और आगे बढ़ गए। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मी और पुलिस बीच में आ गए। यात्री ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसआईआर को लेकर सीजेपी के अभियान पर सवाल उठाया था। वही बॉन्ड, जो अब आरोप बना है सीजेपी नेताओं को इससे पहले जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रदर्शन की कोशिश के मामले में हिरासत में लिया गया था। उस समय उन्हें 50 हजार रुपये के मुचलके पर छोड़ा गया था। अब जिन आरोपों में कार्रवाई हुई है, उनमें एक इसी बॉन्ड की शर्तें तोड़ने का है।सीजेपी की कानूनी टीम की प्रमुख रत्ना सिंह के मुताबिक नेताओं पर बिना इजाजत जंतर-मंतर में घुसने, बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन करने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप हैं। दो प्रवक्ता पांच दिन की न्यायिक हिरासत में पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को बुधवार को विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अदालत ने पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसी मामले में गिरफ्तार तीसरे नेता अजिंक्य शिंदे को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया। तीनों को मंगलवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था।जंतर-मंतर को 11 अक्टूबर के स्टैंडिंग ऑर्डर में प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया था। उसकी जगह रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी ग्राउंड को प्रदर्शन के लिए तय किया गया है। सीजेपी कब बनी कॉकरोच जनता पार्टी 16 मई 2026 को बनी थी। इसकी शुरुआत मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद हुई, जिसमें कुछ कार्यकर्ताओं और बेरोजगार युवाओं के लिए ‘कॉकरोच’ शब्द का इस्तेमाल किया गया था। बाद में उन्होंने कहा था कि उनका आशय फर्जी डिग्री लेने वालों से था। दीपके इससे पहले राजनीतिक संचार के क्षेत्र में काम करते रहे हैं।
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गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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