राजस्थान न्यूज़: जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को कानून व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक के बाद पुलिस विभाग ने नौ अधिकारियों पर कार्रवाई की — एक को निलंबित किया गया, छह को एपीओ किया गया और दो को उनके पद से हटा दिया गया।मुख्यमंत्री ने बीते दिनों हुई आपराधिक घटनाओं और कुछ पुलिसकर्मियों की लापरवाही तथा अमर्यादित व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों और कार्मिकों को तुरंत हटाने और उनके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए एक समान है और अपराधी कोई भी हो, उसे किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान हमेशा से शांतिप्रिय प्रदेश रहा है और पिछली सरकार के समय इस छवि पर प्रतिकूल असर पड़ा था। मौजूदा सरकार में यह गरिमा लौटी है, इसलिए अपराधों पर जीरो टॉलरेंस जरूरी है। किस पर क्या कार्रवाई अधिकारी पद कार्रवाई धीरेन्द्र सिंह थानाधिकारी, वैर (भरतपुर) निलंबित डॉ. प्रेरणा शेखावत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एपीओ नीरज भारद्वाज वृत्ताधिकारी, भुसावर (भरतपुर) एपीओ अंजू यादव उप पुलिस अधीक्षक (यातायात), अजमेर एपीओ मुकेश जोशी वृत्ताधिकारी, सांभर एपीओ विष्णु कुमार खत्री वृत्ताधिकारी, श्रीगंगानगर एपीओ मुकेश खराड़िया पुलिस निरीक्षक, आयुक्तालय जयपुर एपीओ बृजमोहन मीणा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसआईयूसीएडब्ल्यू, जयपुर ग्रामीण हटाया जया सिंह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, खैरथल हटाया एपीओ का मतलब है पदस्थापन की प्रतीक्षा में रखा जाना। ऐसे अधिकारी के पास कोई पद या प्रभार नहीं रहता, लेकिन वह सेवा में बना रहता है और उसे वेतन मिलता रहता है। निलंबन इससे अलग है — उसमें अधिकारी सेवा से अलग कर दिया जाता है और जांच के दौरान निर्वाह भत्ता मिलता है। सूची में जो नाम हैं, वे जिले कौन-से सूची में तीन अधिकारी भरतपुर जिले के हैं। वैर थाना क्षेत्र के भौंडा गांव की खनन साइट पर रविवार रात बयाना के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना पर हमला हुआ था, जिसमें उनकी मौत हो गई। इस मामले में करीब 80 लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज है और 22 नामजद हैं। 25 सितंबर की एक घटना की शिकायत 27 सितंबर को इसी थाने में दी गई थी। जुलाई में हुए तबादलों में डॉ. प्रेरणा शेखावत को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, वैर लगाया गया था। भुसावर भी भरतपुर जिले में है। अजमेर की उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) अंजू यादव पर किशनगढ़ में 9 अक्टूबर की शाम अधिवक्ता बाबूलाल बागरिया को थप्पड़ मारने का आरोप लगा था। अजमेर जिला बार एसोसिएशन ने सोमवार को न्यायिक कार्यों का बहिष्कार कर सड़क जाम किया और उन पर कार्रवाई की मांग की थी। सांभर क्षेत्र के नरेना थाने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक कृष्ण अवतार से मारपीट के मामले में जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक ने 11 अक्टूबर को थानाधिकारी समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया था और एफआईआर दर्ज कराई थी। नरेना थाना सांभर वृत्त में आता है। जयपुर आयुक्तालय के पुलिस निरीक्षक मुकेश खराड़िया मुहाना थाने के थानाधिकारी हैं। इसी थाने से जुड़े 19 वर्षीय ऋतुराज लोहार की मौत के मामले में राज्य मानवाधिकार आयोग ने थाने की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सीलबंद हालत में तलब की है और आईपीएस स्तर के अधिकारी से जांच के निर्देश दिए हैं। इस मामले की सुनवाई 23 अक्टूबर को होनी है। खनन और भूमि विवादों की जिलेवार सूची बनाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने कहा कि खनन और भूमि से जुड़े विवादों की जिलेवार विस्तृत सूची तैयार की जाए और उनके निस्तारण के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है और माफिया पर पूरी तरह शिकंजा कसा जाए। आपराधिक घटनाओं और पुलिस के आचरण से जुड़े प्रकरणों की गहन समीक्षा करने को भी कहा गया।त्योहारी सीजन को देखते हुए उन्होंने कानून और यातायात व्यवस्था चाकचौबंद रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर छोटी घटना पर संबंधित पुलिस अधिकारी संज्ञान ले, ताकि बड़ी घटनाएं रोकी जा सकें, और सभी अधिकारी अपने प्रभार वाले रेंज और जिलों में कानून व्यवस्था की नियमित समीक्षा करें।महिला सुरक्षा पर उन्होंने कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स का सुचारू संचालन और स्कूल-कॉलेजों में इन यूनिट्स का विद्यार्थियों से संवाद सुनिश्चित करने को कहा। नवरात्रि में गरबा-डांडिया स्थलों पर भी इन्हीं यूनिट्स को तैनात किया गया था।मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ घटनाओं और कुछ कार्मिकों के अनुचित आचरण से पूरे पुलिस विभाग की छवि और विश्वसनीयता प्रभावित होती है, जबकि पुलिस का मूल दायित्व अपराधियों में कानून का भय पैदा करना और आमजन में सुरक्षा का भाव मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि पुलिस का व्यवहार ऐसा हो कि हर नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करे।बैठक में पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा और अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) भास्कर ए. सावंत समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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राजस्थान न्यूज़: चूरू/मानसा। पंजाब के मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मुख्य आरोपी को पंजाब पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार को राजस्थान के चूरू जिले के सालासर से पकड़ा गया। वारदात के बाद वह मौके से फरार हो गया था।झोटा को मंगलवार को मानसा के एक मेडिकल स्टोर पर गोली मारी गई थी। बताया गया है कि वे उस समय फेसबुक पर लाइव थे और दुकान से ‘चिट्टा’ बेचे जाने का आरोप लगा रहे थे। झोटा ने दुकान संचालक से उस व्यक्ति के बारे में पूछताछ की थी जिसने सुबह वहां से नशीला पदार्थ खरीदा था। इसी दौरान विवाद बढ़ा और गोलीबारी हो गई। मानसा के सिविल अस्पताल में झोटा ने दम तोड़ दिया, जबकि चार अन्य लोग घायल हुए। मामला एक नजर में कौन — परविंदर सिंह झोटा, पंजाब के मानसा के एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट कब — मंगलवार, 13 अक्टूबर; मेडिकल स्टोर पर गोलीबारी मुख्य आरोपी — मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार गिरफ्तारी कहां — राजस्थान के चूरू जिले का सालासर, बुधवार को और — गोलीबारी में चार अन्य लोग घायल राजस्थान के सालासर तक पहुंची जांच वारदात के बाद आरोपी पंजाब से निकलकर राजस्थान पहुंच गया था। पुलिस ने उसे चूरू जिले के सालासर से हिरासत में लिया। सालासर बालाजी धाम के चलते यहां रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते-जाते हैं। इससे पहले पुलिस ने उस व्यक्ति को भी पकड़ा था, जिस पर दुकान संचालक को भागने में मदद करने का आरोप है। मानसा में तनाव, 15 अक्टूबर को पंजाब बंद का आह्वान घटना के बाद मानसा में तनाव है। झोटा के समर्थकों ने मेडिकल स्टोर में तोड़फोड़ की और परिवार ने विरोध में शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। परिवार तथा समर्थक मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। पंजाब कांग्रेस की ओर से 15 अक्टूबर को पूरे पंजाब में बंद का आह्वान किया गया है। राजा वड़िंग परिवार से मिले, सरकार पर हमला कांग्रेस सांसद और पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग बुधवार को मानसा पहुंचे और झोटा के परिवार से मिले। उन्होंने कहा कि नशे को रोकना सरकारों की जिम्मेदारी थी, लेकिन झोटा ने नशे के खिलाफ आवाज उठाई और लड़ते-लड़ते जान गंवा दी। वड़िंग ने कहा कि पंजाब कांग्रेस पीड़ित परिवार के साथ खड़ी रहेगी और 15 अक्टूबर के बंद का पूरा समर्थन किया जाएगा। मानसा मुख्यमंत्री भगवंत मान का गृह जिला है, लेकिन यहां हालात सरकार के नियंत्रण से बाहर हो चुके हैं। — अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, कांग्रेस सांसद वड़िंग ने यह भी कहा कि पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा इस घटना को आपसी दुश्मनी बता रहे हैं, जबकि झोटा नशे के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। उनका आरोप है कि नशा तस्करों ने ही हत्या की है।
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बुधवार को दो लोगों की कुशलक्षेम ली — भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ की, और नरेना थाना मामले में घायल संघ के जिला प्रचारक कृष्ण अवतार की। वे पहले राजेंद्र राठौड़ के निवास पर पहुंचे और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। इसके बाद एसएमएस अस्पताल जाकर कृष्ण अवतार से मुलाकात की और इलाज कर रहे चिकित्सकों से उनकी स्थिति तथा उपचार की प्रगति के बारे में पूछा। राजेंद्र राठौड़ की हाल ही में एंजियोप्लास्टी हुई है राजेंद्र राठौड़ को सीने में दर्द की शिकायत के बाद जयपुर के जवाहर सर्किल स्थित इटरनल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां जांच के बाद उनकी एंजियोप्लास्टी की गई और हृदय की रक्त वाहिका में स्टेंट लगाया गया। इसके बाद से भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के उनसे मिलने का सिलसिला चल रहा है। एक दिन पहले, मंगलवार को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ भी उनके निवास पहुंचे थे। उनके साथ पूर्व राज्यसभा सांसद नारायण पंचारिया और प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी भी मौजूद रहे थे। नरेना थाना मामला: तीन दिन बाद भी अस्पताल में कृष्ण अवतार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक हैं। जयपुर ग्रामीण के सांभर क्षेत्र के नरेना थाने में 11 अक्टूबर को उनके साथ मारपीट का मामला सामने आया था। आरोप है कि रात में गश्त के दौरान और फिर थाने के भीतर उनके साथ मारपीट हुई, जिसके बाद हालत बिगड़ने पर उन्हें नरेना अस्पताल से जयपुर रेफर किया गया था। वे अब भी एसएमएस अस्पताल में भर्ती हैं।मामले में जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक ने थानाधिकारी समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया था और एफआईआर दर्ज कराई थी। मंगलवार को मुख्यमंत्री की कानून-व्यवस्था समीक्षा के बाद सांभर के वृत्ताधिकारी को भी एपीओ किया गया।
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उदयपुर न्यूज़: उत्तर पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन, अजमेर मंडल के तत्वावधान में आयोजित 'ऑन द स्पॉट' ड्राइंग एवं निबंध प्रतियोगिता का परिणाम घोषित कर पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया।कार्यक्रम संगठन की अध्यक्षा श्रीमती रिंकल भूतड़ा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर संगठन की सचिव श्रीमती ज्योति ऊषाहरा, कोषाध्यक्ष श्रीमती सुषमा कुमारी सहित कार्यकारिणी के अन्य सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। निर्णायकों के मूल्यांकन के पश्चात निबंध प्रतियोगिता में 9 तथा ड्राइंग प्रतियोगिता में 9, यानी कुल 18 प्रतिभाशाली बच्चों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।समारोह को संबोधित करते हुए अध्यक्षा श्रीमती रिंकल भूतड़ा ने सभी विजेता बच्चों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक प्रतियोगिताएं बच्चों में आत्मविश्वास और कलात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देती हैं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी सदस्यों और बच्चों का आभार व्यक्त किया गया।
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अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
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अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
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अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
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राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। दिवाली से पहले केंद्र सरकार ने रेलवे के 11,40,770 कर्मचारियों को 78 दिन का प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस देने की मंजूरी दी है। इस पर ₹2,009.61 करोड़ खर्च होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बोनस का मकसद कर्मचारियों को उनकी मेहनत के लिए प्रोत्साहित करना और रेलवे का कामकाज बेहतर बनाना है। यह बोनस हर साल दुर्गा पूजा और दशहरा से पहले दिया जाता है। बोनस का गणित मद ब्योरा गणना के लिए अधिकतम मासिक वेतन ₹7,000 फॉर्मूला ₹7,000 × 12 × 78 ÷ 365 अधिकतम बोनस ₹17,951 कर्मचारी 11,40,770 कुल खर्च ₹2,009.61 करोड़ कुल रकम को कर्मचारियों की संख्या से बांटें तो औसत करीब ₹17,616 प्रति कर्मचारी बैठता है, यानी अधिकतम सीमा के आसपास। वास्तविक बोनस हर कर्मचारी की पात्रता और लागू नियमों के हिसाब से अलग हो सकता है।बोनस अराजपत्रित यानी ग्रुप-सी कर्मचारियों को मिलता है। इनमें ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर (गार्ड), स्टेशन मास्टर, पर्यवेक्षक, तकनीशियन, तकनीशियन हेल्पर, पॉइंट्समैन और मिनिस्टीरियल स्टाफ शामिल हैं।रेलवे के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में 1,670 मिलियन टन माल की ढुलाई हुई, जो उस साल का रिकॉर्ड रहा। इसी दौरान करीब 7.41 अरब यात्रियों ने रेल से सफर किया। दिव्यांग पेंशन: पात्रता 80% से घटाकर 40%, अब जन्म से दिव्यांग पेंशन के लिए बेंचमार्क दिव्यांगता की सीमा 80 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है। उम्र की न्यूनतम शर्त भी हटा दी गई है, यानी अब 18 साल की जगह जन्म से पेंशन की पात्रता होगी। इससे ज्यादा लोग योजना के दायरे में आएंगे। उम्र पेंशन 0 से 79 साल ₹375 प्रति माह 80 साल या उससे ज्यादा ₹625 प्रति माह यह बदलाव दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के मुताबिक किया गया है, जिसमें 40 प्रतिशत या उससे ज्यादा दिव्यांगता को बेंचमार्क दिव्यांगता माना जाता है। इसी कानून में यह प्रावधान भी है कि दिव्यांगों को मिलने वाली सहायता समान श्रेणी की दूसरी योजनाओं से कम से कम 25 प्रतिशत ज्यादा हो। नई दरें और पात्रता दिशानिर्देश जारी होने के तीन महीने के भीतर लागू होंगी। योजनाओं के नाम बदले राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना कर दिया गया है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगता पेंशन योजना अब प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना कहलाएगी और राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना का नाम प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना होगा।बुजुर्गों और विधवाओं की पेंशन योजनाएं तथा राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना पहले की तरह चलती रहेंगी। परिवार लाभ योजना के तहत घर के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मौत पर पात्र परिवार को आर्थिक मदद दी जाती है। अन्नपूर्णा योजना के तहत उन पात्र बुजुर्गों को अनाज मिलता है, जिन्हें वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिलती। सामाजिक सहायता कार्यक्रम पांच साल और कैबिनेट ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इन पांच साल में इस पर ₹53,428 करोड़ खर्च होंगे, यानी औसतन करीब ₹10,686 करोड़ सालाना। इससे सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 3.20 करोड़ लोगों को मदद मिलेगी।यह कार्यक्रम 15 अगस्त 1995 को शुरू हुआ था। इसका मकसद गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक मदद देना है और यह संविधान के अनुच्छेद 41 से जुड़ा है। इसका पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाती है।
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राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी चुनावी हार के कारणों पर आत्ममंथन करना चाहिए और कहा कि 2029 के लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) फिर भारी बहुमत हासिल करेगा, जबकि कांग्रेस को लगातार चौथी हार का सामना करना पड़ेगा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष एसआईआर की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहा है। सोमवार को इंडिया गठबंधन के नेता सुप्रीम कोर्ट तक मार्च कर याचिका दायर करने पहुंचे थे, और मंगलवार को राहुल गांधी के आवास पर विपक्ष की बैठक हुई। ‘आठ हजार कार्यकर्ताओं की भीड़ देश की आवाज नहीं’ शाह ने कहा कि मनगढ़ंत मीडिया इवेंट और ‘झूठ की गूंज’ से देश की जनता का भरोसा नहीं जीता जा सकता। उनके मुताबिक चौदह दलों के कार्यकर्ताओं को जुटाकर डेढ़ किलोमीटर के दायरे में आठ हजार लोगों की भीड़ खड़ी कर लेने से कोई देश की आवाज नहीं बन जाता। उन्होंने कहा कि देश की आवाज खेतों-खलिहानों, गांवों, दूर-दराज के पहाड़ों, जंगलों और नदी किनारे बसे इलाकों में भी रहती है, जहां तक कांग्रेस की पहुंच नहीं है। बिहार, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु जैसे कई राज्य हैं, जहां जनता दशकों से कांग्रेस को नकारती और हराती आई है। — अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री उपचुनावों और गुजरात के नतीजों का हवाला शाह ने कहा कि हाल में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में हुए उपचुनावों में कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत सकी। उन्होंने कहा कि नंदीग्राम में भाजपा प्रत्याशी ने 76 प्रतिशत वोट के साथ 1 लाख 22 हजार की बढ़त से जीत दर्ज की, रेजीनगर में भाजपा ने 75 हजार से ज्यादा वोट के अंतर से तृणमूल से सीट छीनी, और पुडुचेरी में सहयोगी दल एआईएनआरसी के प्रत्याशी ने 8,482 वोट से जीत हासिल की, जहां कांग्रेस को सिर्फ 22 प्रतिशत वोट मिले। एक सीट पर 1 लाख 42 हजार वोट के अंतर से जीत का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यह सीट कांग्रेस से छीनी गई है। शाह ने यह भी कहा कि एक बड़े राज्य में, जहां कभी कांग्रेस की सरकार थी, वह 41 साल से एक भी चुनाव नहीं जीत सकी है।गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों का उल्लेख करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि भाजपा ने कुल 104 में से 90 सीटों पर जीत दर्ज की है। उन्होंने गांधीनगर नगर निगम की 44 में से 38 सीटों पर भाजपा की जीत का हवाला दिया और कहा कि आम आदमी पार्टी ने जिन 32 सीटों पर चुनाव लड़ा, उन सभी पर उसकी जमानत जब्त हुई। त्रिपुरा के ग्राम समिति चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एनडीए ने चार हजार से अधिक सीटों पर जीत हासिल की और ये चुनाव बैलट पेपर से हुए थे। शाह ने राहुल गांधी से पूछा कि क्या गुजरात में कांग्रेस की हार भी एसआईआर का नतीजा है। राजस्थान का भी नाम लिया शाह ने भाजपा की ओर से त्रिपुरा, राजस्थान, गुजरात, बंगाल और असम की जनता का आभार जताया और कहा कि दुष्प्रचार के बीच इन राज्यों की जनता ने नरेंद्र मोदी, भाजपा के कमल और एनडीए पर अपनी मुहर लगाई है। राजस्थान में सितंबर में हुए निकाय चुनावों में भाजपा ने 10 में से नौ नगर निगमों में महापौर बनाए थे और निकाय प्रमुखों के ज्यादातर पदों पर कब्जा किया था। ‘घुसपैठियों को बचाने की रणनीति’ शाह ने कहा कि देश की जनता एसआईआर की आड़ में घुसपैठियों को बचाने की रणनीति को समझ चुकी है और अब इस तरह के दांव नहीं चलेंगे। उन्होंने कहा कि 2029 के आम चुनाव में एनडीए को भारी बहुमत मिलेगा और कांग्रेस को लगातार चौथी हार मिलेगी। शाह ने क्या-क्या कहा चौदह दलों के आठ हजार कार्यकर्ताओं की भीड़ देश की आवाज नहीं पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के उपचुनावों में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं गुजरात निकाय चुनावों में 104 में से 90 सीटें भाजपा के पास, गांधीनगर में 44 में से 38 त्रिपुरा के ग्राम समिति चुनाव बैलट पेपर से, एनडीए को चार हजार से ज्यादा सीटें 2029 में एनडीए को भारी बहुमत, कांग्रेस की लगातार चौथी हार कांग्रेस का जवाब दूसरी ओर राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि कथित चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ विपक्ष का राजनीतिक प्रतिरोध जारी रहेगा। कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि पार्टी की पुरानी चुनावी हार से मौजूदा एसआईआर संबंधी चिंताओं का जवाब नहीं मिलता। उन्होंने चुनाव से ठीक पहले प्रक्रिया के समय और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के असर पर सवाल उठाए। इससे पहले सोमवार को सीजेआई सूर्यकांत ने विपक्षी नेताओं से मुलाकात से इनकार करते हुए कहा था कि अदालत के दरवाजे हर नागरिक के लिए खुले हैं।
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गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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