राजस्थान न्यूज़: जयपुर। जगतपुरा से इंदिरा गांधी नगर होते हुए रिंग रोड तक सीधी कनेक्टिविटी का रास्ता खुल गया है। 8.5 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर इंदिरा गांधी नगर में 400 मीटर के हिस्से में सड़क के बीचों-बीच खड़े मकान और दुकानों पर शुक्रवार को बुलडोजर चला। हाउसिंग बोर्ड ने इस बॉटलनेक हिस्से में 25 मकान-दुकान ध्वस्त किए। बॉटलनेक के चलते 200 फीट चौड़ी सड़क इस 400 मीटर लंबे हिस्से में केवल 30 फीट रह जाती थी। हाउसिंग बोर्ड की टीम सुबह पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंची और करीब चार घंटे तक चली कार्रवाई में सभी अतिक्रमण ढहा दिए। आंकड़ों में पूरा मामला क्या कितना पूरी सड़क की लंबाई 8.5 किलोमीटर, जगतपुरा से इंदिरा गांधी नगर होते हुए रिंग रोड तक अटका हुआ हिस्सा 400 मीटर, यानी कुल लंबाई का पांच फीसदी से भी कम तय चौड़ाई 200 फीट इस हिस्से में चौड़ाई सिर्फ 30 फीट, यानी तय चौड़ाई का 15 फीसदी हटाए गए स्ट्रक्चर 25 मकान-दुकान कार्रवाई करीब चार घंटे, पुलिस जाब्ते के साथ रोजाना यातायात करीब 4,000 वाहन हादसे महीने में 10 से 12 इंदिरा गांधी नगर में 400 मीटर के बॉटलनेक हिस्से में चली कार्रवाई। 25 साल पहले प्रस्तावित, 20 साल से अटकी इंदिरा गांधी नगर की बसावट के समय, करीब 25 साल पहले यह 200 फीट की सड़क प्रस्तावित की गई थी। सड़क का निर्माण 20 साल पहले हो चुका था, लेकिन एक हिस्से के मकान-दुकान मालिकों ने अदालत से स्टे ले लिया था। जनवरी 2026 में यह स्टे खारिज हुआ और उसके करीब नौ महीने बाद कार्रवाई हुई। खातीपुरा स्टेशन विकसित होने के बाद इस रूट पर यातायात का दबाव बढ़ा है। एक ही लेन में दोनों तरफ का ट्रैफिक चलने से यहां रोजाना हादसे हो रहे थे। सहमति से हटे स्ट्रक्चर, मुआवजा तय जिन लोगों के मकान-दुकान ध्वस्त किए गए, उन्हें हाउसिंग बोर्ड ने सात दिन पहले नोटिस दिया था। स्ट्रक्चर हटाने की सहमति के साथ लोगों ने मकान-दुकान खाली कर दिए थे। बोर्ड प्रभावितों का मुआवजा पहले ही तय कर चुका है।मंडल उपायुक्त राजेश व्यास ने कहा कि सभी प्रभावितों के स्ट्रक्चर सहमति से हटाए गए हैं और अब जेडीए यहां सड़क निर्माण कर सकेगा। बोर्ड पहले कह चुका है कि प्रभावितों को सेक्टर 5 में जमीन दी जाएगी। कार्रवाई के दौरान पोकलैंड खराब गंगा मार्ग पर हाउसिंग बोर्ड ने शुरुआत में दुकानें हटाईं। सड़क के एक हिस्से में दो मंजिला मकान-दुकान ध्वस्त करने के लिए साढ़े ग्यारह बजे कार्रवाई शुरू की गई, इसी दौरान पोकलैंड मशीन खराब हो गई। कार्रवाई में कई पेड़ भी चपेट में आ गए। अचानक हुई कार्रवाई से मौके पर भीड़ जमा हो गई थी। क्या फायदा होगा 400 मीटर का यह हिस्सा पूरी 8.5 किलोमीटर सड़क का पांच फीसदी से भी कम है, लेकिन इसी हिस्से के कारण पूरा कॉरिडोर अटका हुआ था। यहां सड़क सिंगल लेन थी और तय 200 फीट के मुकाबले 170 फीट चौड़ाई कम पड़ रही थी। यहां से रोजाना करीब 4,000 वाहन गुजरते हैं और महीने में 10 से 12 हादसे हो रहे थे, यानी साल भर में सवा सौ से ज्यादा। अड़चन हटने के बाद जगतपुरा से रिंग रोड तक का सफर सीधा हो सकेगा।
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका बिना वेतन अवकाश लेकर पंच-सरपंच तथा जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य का चुनाव लड़ सकेंगी। वहीं संविदा कर्मचारी और आशा सहयोगिनी अपने पदों पर रहते हुए चुनाव नहीं लड़ सकेंगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतीराज चुनाव लड़ने से जुड़े मामलों में सभी कलेक्टरों को आदेश जारी किए हैं। आदेश में राशन डीलर के पद को लाभ का पद नहीं माना गया है और उन्हें चुनाव लड़ने की छूट दी गई है। प्रदेश में नामांकन की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है, इसलिए यह स्पष्टीकरण उम्मीदवारों के लिए सीधे काम का है। किस पद पर क्या स्थिति पद चुनाव लड़ सकते हैं? शर्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका हां बिना वेतन अवकाश लेकर चुनाव लड़ सकती हैं राशन डीलर हां इसे लाभ का पद नहीं माना गया संविदा कर्मचारी नहीं इस्तीफा देना होगा, मंजूर होने के बाद ही चुनाव लड़ सकेंगे आशा सहयोगिनी नहीं इस्तीफा देना होगा, मंजूर होने के बाद ही चुनाव लड़ सकेंगी विद्या संबल योजना कर्मी जांच के बाद आरओ नियुक्ति पत्र और वेतन देखेगा, संदेह पर इस्तीफा लेना सही रहेगा प्रशासक लगे सरपंच कसौटी पर तय सुप्रीम कोर्ट के मानकों के आधार पर तय होगा संविदा कर्मचारी और आशा सहयोगिनी को देना होगा इस्तीफा आयोग ने संविदा कर्मचारी और आशा सहयोगिनी के पद को लाभ का पद माना है। इन्हें पंचायतीराज चुनाव लड़ने के लिए अपने पद से इस्तीफा देना होगा और इस्तीफा मंजूर होने के बाद ही वे चुनाव लड़ सकेंगे। आयोग ने कहा कि लाभ के पद पर रहते हुए कोई व्यक्ति पंचायती राज संस्था का चुनाव नहीं लड़ सकता। ऐसे में प्रदेश में काम कर रहे संविदा कर्मचारी और आशा सहयोगिनी बिना इस्तीफा दिए पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकते। विद्या संबल योजना कर्मियों के लिए जांच का रास्ता आयोग ने कहा कि विद्या संबल योजना में काम करने वालों को लेकर कोई अदालती आदेश उपलब्ध नहीं है, लेकिन इन्हें सरकार से वेतन मिलता है। ऐसे में रिटर्निंग अधिकारी इनके नियुक्ति पत्र और वेतन आदि की जांच करेगा। किसी भी तरह का संदेह होने पर चुनाव लड़ने से पहले इनका इस्तीफा लिया जाना सही रहेगा। राशन डीलर को 2014 के हाईकोर्ट फैसले से राहत आयोग के अनुसार राशन डीलर को चुनाव लड़ने की अनुमति राजस्थान हाईकोर्ट के साल 2014 के फैसले के आधार पर दी गई है। मांगी देवी बनाम राजस्थान सरकार के मामले में सरपंच चुनाव के नामांकन को इस आधार पर चुनौती दी गई थी कि उम्मीदवार राशन की दुकान चला रहा था और उसके खिलाफ जांच चल रही थी। हाईकोर्ट ने तब कहा था कि केवल इस आधार पर उसे अयोग्य नहीं माना जा सकता। प्रशासक लगे सरपंचों पर सुप्रीम कोर्ट की कसौटी प्रशासक लगे सरपंचों के चुनाव लड़ने पर आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर निर्णय करने को कहा है। आयोग ने जिस तरह के सवालों पर विचार करने को कहा है, उनके आधार पर प्रशासक लगे सरपंचों को चुनाव लड़ने से पहले इस्तीफा देने को कहा जा सकता है। प्रशासकों के मामले में ये पांच बातें देखी जाएंगी क्या उनकी नियुक्ति सरकार ने की है? क्या सरकार के पास उन्हें हटाने का अधिकार है? क्या उस पद से वेतन, मानदेय या कोई आर्थिक लाभ जुड़ा है? उनके कामों की प्रकृति क्या है? उस पद पर सरकार का कितना नियंत्रण रहता है? जया बच्चन बनाम भारत सरकार के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने माना था कि यह निर्णायक नहीं है कि वास्तव में कोई आर्थिक लाभ मिला या नहीं। महत्वपूर्ण यह है कि संबंधित पद आर्थिक लाभ या मानदेय देने में सक्षम है या नहीं। आयोग ने कहा कि किसी भी प्रकार का संदेह होने पर सरकार से जारी नियुक्ति पत्र और सेवा शर्तों को देखा जाए।
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राजस्थान न्यूज़: खेलो राजस्थान में हॉकी शामिल करने की मांग, हॉकी राजस्थान ने सीएम भजनलाल को लिखा पत्र
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। हॉकी राजस्थान के अध्यक्ष महीपाल सिंह निम्बाड़ा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर ‘खेलो राजस्थान’ कार्यक्रम में हॉकी को शामिल करने की मांग की है। पत्र 9 अक्टूबर को लिखा गया है।पत्र में कहा गया है कि प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और युवाओं में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए खेलो राजस्थान कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसके तहत विभिन्न जिलों में खेल प्रतियोगिताएं प्रस्तावित हैं — लेकिन इसमें हॉकी को शामिल नहीं किया गया है। पत्र एक नजर में किसने लिखा: महीपाल सिंह निम्बाड़ा, अध्यक्ष, हॉकी राजस्थान किसे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तारीख: 9 अक्टूबर 2026 विषय: खेलो राजस्थान कार्यक्रम में हॉकी को सम्मिलित किया जाना मुख्य तर्क: मेजर ध्यानचंद की विरासत और राष्ट्रीय खेल दिवस मांग: संबंधित विभाग को हॉकी शामिल करने के निर्देश दिए जाएं ‘गौरवशाली खेल को शामिल नहीं किया गया’ पत्र में लिखा गया है कि प्रदेश के इस महत्वपूर्ण खेल आयोजन में हॉकी जैसे गौरवशाली खेल को शामिल नहीं किया जाना चिंताजनक है। निम्बाड़ा के अनुसार हॉकी भारत की खेल विरासत, राष्ट्रीय गौरव और अंतरराष्ट्रीय पहचान का अभिन्न हिस्सा रही है।“यह चिंताजनक है कि प्रदेश के इस महत्वपूर्ण खेल आयोजन में हॉकी जैसे गौरवशाली खेल को सम्मिलित नहीं किया गया है।” — महीपाल सिंह निम्बाड़ा, अध्यक्ष, हॉकी राजस्थान (पत्र से) ध्यानचंद और 29 अगस्त के राष्ट्रीय खेल दिवस का हवाला पत्र में मेजर ध्यानचंद का जिक्र करते हुए कहा गया है कि भारतीय हॉकी के स्वर्णिम इतिहास में उनका योगदान अतुलनीय है। उनकी जयंती 29 अगस्त को हर साल राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाई जाती है। निम्बाड़ा ने लिखा है कि राष्ट्रीय खेल दिवस के महत्व और ध्यानचंद की विरासत को देखते हुए खेलो राजस्थान जैसे प्रमुख आयोजन में हॉकी को स्थान दिया जाना और भी प्रासंगिक हो जाता है। उनके मुताबिक इससे प्रदेश के खिलाड़ियों को प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा और युवा पीढ़ी को इस खेल से जुड़ने की प्रेरणा भी। ग्रामीण और शहरी प्रतिभाओं के लिए मंच की मांग पत्र में कहा गया है कि राजस्थान के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में हॉकी की प्रतिभाओं को उचित मंच, संसाधन और प्रोत्साहन देना आवश्यक है। खेलो राजस्थान के जरिये हॉकी प्रतियोगिताओं का आयोजन प्रदेश में इस खेल की लोकप्रियता बढ़ाने, नई प्रतिभाओं को तलाशने और हॉकी के विकास को नई दिशा देने में भूमिका निभा सकता है।निम्बाड़ा ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि खिलाड़ियों के हितों, हॉकी की परंपरा और ध्यानचंद की खेल भावना को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश दिए जाएं। पत्र में कहा गया है कि यह फैसला प्रदेश के हॉकी खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने के साथ राज्य में खेल संस्कृति को सशक्त करने की दिशा में सराहनीय पहल होगी।हॉकी राजस्थान हॉकी इंडिया से संबद्ध इकाई है। संस्था के सचिव देवेंद्र सिंह शेखावत हैं। पत्र पर अध्यक्ष महीपाल सिंह निम्बाड़ा के हस्ताक्षर हैं।
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उदयपुर न्यूज़: उत्तर पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन, अजमेर मंडल के तत्वावधान में आयोजित 'ऑन द स्पॉट' ड्राइंग एवं निबंध प्रतियोगिता का परिणाम घोषित कर पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया।कार्यक्रम संगठन की अध्यक्षा श्रीमती रिंकल भूतड़ा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर संगठन की सचिव श्रीमती ज्योति ऊषाहरा, कोषाध्यक्ष श्रीमती सुषमा कुमारी सहित कार्यकारिणी के अन्य सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। निर्णायकों के मूल्यांकन के पश्चात निबंध प्रतियोगिता में 9 तथा ड्राइंग प्रतियोगिता में 9, यानी कुल 18 प्रतिभाशाली बच्चों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।समारोह को संबोधित करते हुए अध्यक्षा श्रीमती रिंकल भूतड़ा ने सभी विजेता बच्चों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक प्रतियोगिताएं बच्चों में आत्मविश्वास और कलात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देती हैं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी सदस्यों और बच्चों का आभार व्यक्त किया गया।
Read more 28th Sep 2026
अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
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अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
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राष्ट्रीय न्यूज़: सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने शनिवार शाम एक्स पर वीडियो संदेश जारी कर कहा कि देश ‘अघोषित आपातकाल’ से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को उन्होंने शनिवार के प्रदर्शन के लिए एकता और शांति की अपील की थी, लेकिन तब उन्होंने यह कल्पना नहीं की थी कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र ‘अघोषित आपातकाल’ में होगा।वांगचुक ने कहा कि उन्हें खुशी थी कि आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए इतने नेता मौजूद हैं, लेकिन अब उन्हें पता चला है कि उन सबको गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि हिरासत में लिए गए लोगों को जल्द रिहा किया जाएगा “अगर कल तक उन्हें रिहा नहीं किया गया, तो मैं अनशन या पदयात्रा पर विचार करने के लिए मजबूर हो जाऊंगा।”सोनम वांगचुक, सामाजिक कार्यकर्ता यह संदेश उन्होंने अंग्रेज़ी में लिखा और इसके साथ लद्दाख से रिकॉर्ड किया गया वीडियो साझा किया। पोस्ट के साथ उन्होंने #JantarMantar, #CJP और #CEC हैशटैग लगाए। दिल्ली में शनिवार को क्या हुआ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने मतदाता सूची में गड़बड़ियों और एसआईआर के विरोध में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर सुबह 10 बजे प्रदर्शन बुलाया था। दिल्ली पुलिस की सख्ती के चलते शाम 5 बजे तक प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर तक नहीं पहुंच पाए। पुलिस ने सीजेपी के नेतृत्व — अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका — को सुबह ही एयरपोर्ट पर हिरासत में ले लिया। समर्थकों ने जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश की, लेकिन कई जगह तीन से पांच परत की बैरिकेडिंग के चलते आगे नहीं बढ़ने दिया गया। शाम तक करीब 3,500 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका था। इनमें तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी शामिल रहे। दिन में पुलिस से झड़प की एक-दो घटनाएं सामने आईं। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ी और आकाशवाणी भवन के पास पथराव हुआ, जिसमें 2 पुलिसकर्मी घायल हो गए। दिनभर का घटनाक्रम सुबह 5:00 — जंतर-मंतर और आसपास भारी पुलिस बल, प्रदर्शन स्थल की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेड सुबह 7:00 — सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके दिल्ली के लिए मुंबई से रवाना सुबह 7:45 — पुलिस ने हिरासत में लेना शुरू किया सुबह 8:30 — आंसू गैस के गोले छोड़ने वाली गाड़ियां तैनात सुबह 9:30 — आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर सुरक्षा बढ़ाई गई; यूट्यूबर ध्रुव राठी को गुरुग्राम स्थित उनके घर से हिरासत में लिया गया सुबह 10:50 — दिल्ली पहुंचने के बाद विमान के भीतर ही तीनों सीजेपी नेता हिरासत में सुबह 11:30 — बांग्ला साहिब गुरुद्वारे के पास से 60 से ज्यादा प्रदर्शनकारी हिरासत में दोपहर 1:05 — दीपके का पहले से रिकॉर्ड किया वीडियो जारी, अजिंक्य शिंदे को आंदोलन का नेतृत्व सौंपा दोपहर 2:00 — जंतर-मंतर जा रहीं ममता बनर्जी हिरासत में; दो अन्य पूर्व मुख्यमंत्री भी हिरासत में दोपहर 3:00 — अरविंद केजरीवाल घर के बाहर से हिरासत में; नेहा बोरा समेत कई वाम नेता भी पकड़े गए पुलिस ने प्रदर्शन रोकने के लिए क्या इंतजाम किए सात इंतजाम 38,000 जवान तैनात — 8 से 12 अक्टूबर तक सीएपीएफ की 221 कंपनियां (करीब 23,000 जवान) बुलाई गईं, इनके अलावा दिल्ली पुलिस के कम से कम 15,000 कर्मी 250 ट्रेनें रद्द — शनिवार सुबह 4 से दोपहर 2 बजे तक दिल्ली आने वाली ट्रेनें; बसों की बुकिंग की जांच शुरू छात्रों को रोकने की अपील — यूनिवर्सिटी-कॉलेज प्रमुखों और पीजी मालिकों से संपर्क 45 मेट्रो स्टेशन बंद — एंट्री और एग्जिट बंद; जंतर-मंतर से पहले 10 फीट ऊंचे बैरिकेड और आंसू गैस की गाड़ियां बॉर्डर पर सख्ती — यूपी से लगी पूर्वी दिल्ली और शाहदरा सीमा तथा राजस्थान से आने वाले रूट पर कीलें और बैरिकेड 150 बॉडीकैम — फ्रंटलाइन पर तैनात पुलिसकर्मियों को दिए गए; स्टेडियमों में अस्थायी हिरासत केंद्र बनाए गए हवाई अड्डे से ही हिरासत — दीपके, रांका और दास को फ्लाइट से ही हिरासत में लिया गया मेट्रो को लेकर शुक्रवार को 57 स्टेशन बंद करने का आदेश जारी हुआ था, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सेवाएं पूरी तरह न रोकी जाएं। शनिवार को 45 स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद रखी गई।
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राष्ट्रीय न्यूज़: मुंबई। अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर शाहरुख खान ने एक लंबी और भावुक पोस्ट लिखी है। उन्होंने पहली मुलाकात का किस्सा सुनाते हुए लिखा कि घबराहट में वे अपने बाल ठीक करने लगे थे, तभी नाना ने उनका हाथ झटक दिया था। “हीरो की तरह बाल मत बना... तू एक्टर है!” — शाहरुख खान शाहरुख ने लिखा कि नाना चापलूसी नहीं करते थे। वे वह नहीं कहते थे जो आप सुनना चाहते हैं, बल्कि वह कहते थे जो आपको सुनना चाहिए। उनके मुताबिक यही नाना थे — सीधे, खुरदुरे, ईमानदार और सबसे सुंदर मुस्कान वाले। ‘तीसरी-चौथी डांट तक पता चलता था कि वे गले लगा रहे हैं’ शाहरुख ने लिखा कि नाना का स्नेह जताने का तरीका अलग था। वे पहले डांटते थे, और कहीं तीसरी या चौथी डांट के बीच आपको एहसास होता था कि दरअसल वे आपको गले लगा रहे हैं। शाहरुख ने लिखा कि नाना उन्हें प्यार करते थे और वे भी नाना से उतना ही प्यार करते थे। उन्होंने नाना को गुरु, शिक्षक, आलोचक और दोस्त बताया — और एक ऐसा साथी, जो कैरम के खेल में उन्हें और आसपास के सबको बार-बार हराता था और अपनी जीत का जमकर मजा लेता था। ‘एक और बहस, एक और चाय और कैरम का एक और खेल’ शाहरुख ने लिखा कि नाना की तीव्रता, हंसी, दीवानगी और प्यार हमेशा साथ रहेगा। उन्होंने कहा कि काश कुछ और बातें, एक और बहस, एक और कप चाय और कैरम का एक और खेल हो पाता। उनके मुताबिक नाना के जाने से खालीपन सिर्फ सिनेमा की दुनिया में नहीं, बल्कि देश और दुनिया भर के लोगों के दिलों में आया है। शाहरुख ने लिखा कि वे नाना की यह बात हमेशा दिल में रखेंगे: “हीरो बनने के चक्कर में एक्टर मत खोना।” — शाहरुख खान पोस्ट के आखिर में शाहरुख ने नाना को ‘माहिर अभिनेता और अजेय कैरम चैंपियन’ बताते हुए लिखा कि स्वर्ग उन्हें पाकर धन्य होगा। उन्होंने लिखा — “बहुत जल्दी चले गए, मेरे हीरो एक्टर।” बुधवार को हुआ था निधन नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। उन्हें गोवा स्थित घर में बेहोश पाया गया था। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा समेत कई हस्तियों ने शोक जताया है।
Read more 9th Oct 2026
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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