राजस्थान न्यूज़: जयपुर।राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित ‘ऑक्टेव 2026’ कार्यक्रम में पूर्वोत्तर भारत की समृद्ध कला,संगीत, परंपराओं और खान-पान की अनूठी झलक देखने को मिली। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कार्यक्रम में शामिल होकर पूर्वोत्तर के कलाकारों और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।वेस्ट ज़ोन कल्चरल सेंटर,उदयपुर द्वारा पिछले एक दशक में तीसरी बार आयोजित ‘ऑक्टेव’ ने पूर्वोत्तर भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत को एक मंच पर प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में विभिन्न पारंपरिक कलाओं, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को आकर्षित किया।इस अवसर पर वेस्ट ज़ोन कल्चरल सेंटर के निदेशक डॉ. अश्विन दलवी, राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर के निदेशक श्री निहाल चंद गोयल सहित पूर्वोत्तर भारत से आए कलाकार और प्रतिभागी मौजूद रहे।उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि ऐसे आयोजन देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को करीब लाने के साथ ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम ने भारत की सांस्कृतिक एकता और विविधता की खूबसूरत तस्वीर पेश की।
Read more 5th Oct 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान पुलिस अकादमी में सोमवार को नवप्रशिक्षित महिला कांस्टेबलों के बैच संख्या-102 का दीक्षांत परेड समारोह शुरू हुआ। इस पासिंग आउट समारोह में 438 महिला कांस्टेबल शामिल हैं। राजस्थान के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा समारोह के मुख्य अतिथि हैं। राजस्थान पुलिस अकादमी में 438 महिला कांस्टेबलों का दीक्षांत समारोह समारोह की शुरुआत राष्ट्रगीत के साथ हुई। इसके बाद मुख्य अतिथि डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने परेड कमांडर प्रियंका बेनीवाल के साथ परेड का निरीक्षण किया। प्रशिक्षण पूरा करने वाली महिला कांस्टेबलों के लिए आयोजित इस समारोह में पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं। कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था संजय कुमार अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बिपिन पाण्डेय तथा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एवं राजस्थान पुलिस अकादमी के निदेशक संजीब कुमार नार्ज़ारी सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित हैं। अकादमी की आधिकारिक वेबसाइट पर भी संजीब कुमार नार्ज़ारी को एडीजीपी एवं निदेशक के पद पर दर्शाया गया है।
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। निकाय चुनाव में पुलिस तंत्र के कथित दुरुपयोग को लेकर कांग्रेस सोमवार को पुलिस मुख्यालय पहुंची। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। डोटासरा ने आरोप लगाया कि निकाय चुनाव में भाजपा सरकार ने पुलिस तंत्र का दुरुपयोग किया, ‘पार्षद चोरी’ हुई और जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया गया। दोनों नेताओं ने आगामी पंचायतीराज चुनावों में पुलिस-प्रशासन से बिना किसी राजनीतिक दबाव के काम करने की मांग रखी। आज नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली जी के साथ पुलिस मुख्यालय पहुंचकर DGP राजीव शर्मा जी से मुलाकात की और निकाय चुनाव में भाजपा सरकार के द्वारा पुलिस तंत्र के दुरुपयोग, पार्षद चोरी और जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ हुए खिलवाड़ को लेकर ज्ञापन सौंपा। — Govind Singh Dotasra (@GovindDotasra) 5 अक्टूबर 2026 जूली बोले- ‘जनादेश हथियाने की कोशिश लोकतंत्र पर हमला’ नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने निकाय चुनावों के दौरान पुलिस पर ‘तानाशाही और गुंडागर्दी’ का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पुलिस-प्रशासनिक तंत्र को सत्ता के दबाव में सरकारी मशीनरी की तरह इस्तेमाल किया गया। “चुनाव को प्रभावित करने और जनादेश को हथियाने का जो प्रयास किया गया, वह लोकतंत्र पर हमला है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।” — टीकाराम जूली, नेता प्रतिपक्ष, राजस्थान विधानसभापंचायत चुनाव को लेकर रखी मांग दोनों नेताओं ने पुलिस महानिदेशक के सामने यह बात रखी कि आगामी पंचायतीराज चुनावों में पुलिस प्रशासन किसी राजनीतिक दबाव के बिना चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराए। जूली के मुताबिक उन्होंने अपनी बात ‘पूरी मजबूती से’ रखी। राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव चार चरणों में हो रहे हैं। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान 23 अक्टूबर, 29 अक्टूबर, 4 नवंबर और 14 नवंबर को होगा, जबकि जिला परिषद के नामांकन 13 अक्टूबर तक लिए जाएंगे। निकाय चुनाव के बाद से लगातार हमलावर है कांग्रेस निकाय चुनाव के नतीजों के बाद से कांग्रेस पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर लगातार सवाल उठा रही है। पार्टी ने शिकायतों की जांच के लिए समिति भी बनाई है और क्रॉस वोटिंग की जांच शुरू की है। एक दिन पहले ही सचिन पायलट ने भी निकाय चुनाव में पुलिस-प्रशासन के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाया था। ज्ञापन पर पुलिस मुख्यालय या सरकार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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उदयपुर न्यूज़: उत्तर पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन, अजमेर मंडल के तत्वावधान में आयोजित 'ऑन द स्पॉट' ड्राइंग एवं निबंध प्रतियोगिता का परिणाम घोषित कर पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया।कार्यक्रम संगठन की अध्यक्षा श्रीमती रिंकल भूतड़ा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर संगठन की सचिव श्रीमती ज्योति ऊषाहरा, कोषाध्यक्ष श्रीमती सुषमा कुमारी सहित कार्यकारिणी के अन्य सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। निर्णायकों के मूल्यांकन के पश्चात निबंध प्रतियोगिता में 9 तथा ड्राइंग प्रतियोगिता में 9, यानी कुल 18 प्रतिभाशाली बच्चों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।समारोह को संबोधित करते हुए अध्यक्षा श्रीमती रिंकल भूतड़ा ने सभी विजेता बच्चों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक प्रतियोगिताएं बच्चों में आत्मविश्वास और कलात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देती हैं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी सदस्यों और बच्चों का आभार व्यक्त किया गया।
Read more 28th Sep 2026
अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
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अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
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अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
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अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़: मॉस्को/इरकुत्स्क। रूस के साइबेरिया में एक एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट की 28 वर्षीय कर्मचारी की मौत के बाद हड़कंप है। दारिया शिपिलोवा नाम की यह लैब सहायक खतरनाक रोगाणुओं पर काम करती थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक 25 सितंबर को काम के दौरान जीवित जैविक नमूने वाली एक टेस्ट ट्यूब टूट गई थी, जिसमें प्लेग फैलाने वाला बैक्टीरिया Yersinia pestis था। उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ी और वेंटिलेटर पर रखने के बाद 2 अक्टूबर की सुबह शेलेखोव जिला अस्पताल की आईसीयू में उनकी मौत हो गई — हादसे के ठीक एक हफ्ते बाद। संपर्क में आए करीब 197 लोगों की पहचान की गई है और इनमें से करीब 189 को मेडिकल निगरानी या आइसोलेशन में रखा गया है। अब तक क्या-क्या हुआ 25 सितंबर: शेलेखोव की एंटी-प्लेग लैब में काम के दौरान जीवित जैविक नमूने वाली टेस्ट ट्यूब टूटी — रिपोर्ट्स के मुताबिक उसमें प्लेग बैक्टीरिया Yersinia pestis था 2 अक्टूबर: ठीक एक हफ्ते बाद शेलेखोव जिला अस्पताल की आईसीयू में 28 वर्षीय लैब सहायक की मौत संपर्क: करीब 197 लोग चिह्नित, इनमें से करीब 189 निगरानी या आइसोलेशन में एहतियात: कई अस्पताल तीन हफ्ते के लिए क्वारंटीन, शेलेखोव के एल्युमिनियम प्लांट में मास्क अनिवार्य स्थिति: प्लेग की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं रूसी एजेंसी बोली- ‘अज्ञात कारण वाली निमोनिया’ रूस की स्वास्थ्य एजेंसी Rospotrebnadzor ने मौत का कारण ‘अज्ञात कारण वाली निमोनिया’ (pneumonia of unknown aetiology) बताया है। एजेंसी का कहना है कि इरकुत्स्क और शेलेखोव में स्वच्छता एवं महामारी विज्ञान की स्थिति स्थिर है। “आगे की जांच में उनके पेशे से जुड़ा कोई सूक्ष्मजीव सामने नहीं आया।” — Rospotrebnadzor, रूसी स्वास्थ्य एजेंसी केंद्र और क्षेत्रीय अधिकारियों के बयानों में फर्क इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि केंद्रीय एजेंसी और क्षेत्रीय अधिकारियों की बात एक जैसी नहीं है। इरकुत्स्क के गवर्नर इगोर कोबजेव ने शुरुआत में ‘प्लेग’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया और इसे ‘विशेष रूप से खतरनाक संक्रमण’ बताया। कुछ अन्य क्षेत्रीय अधिकारियों ने प्लेग से संक्रमण की बात कही, लेकिन बाद में उन बयानों को नरम कर दिया गया।दूसरी ओर Rospotrebnadzor की जांच में महिला की बीमारी और उनके काम से जुड़े खतरनाक सूक्ष्मजीवों के बीच सीधा संबंध स्थापित नहीं हुआ है। यही वजह है कि इसे अब तक प्लेग का पुष्ट प्रकोप नहीं माना गया है। अब तक चिह्नित करीबी संपर्कों में लक्षण सामने नहीं आने और परीक्षण निगेटिव रहने की जानकारी दी गई है। अस्पताल तीन हफ्ते क्वारंटीन, प्लांट में मास्क अनिवार्य घटना के बाद शेलेखोव जिला अस्पताल और आसपास की कुछ स्वास्थ्य सुविधाओं में एहतियाती प्रतिबंध लगाए गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक कई अस्पतालों को तीन हफ्ते के लिए क्वारंटीन किया गया है और शेलेखोव स्थित इरकुत्स्क एल्युमिनियम प्लांट में मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया। न्यूमोनिक प्लेग क्या है चर्चा सबसे ज्यादा न्यूमोनिक प्लेग की आशंका को लेकर है। यह प्लेग का वह रूप है जो फेफड़ों को प्रभावित करता है और संक्रमित व्यक्ति से सांस की बूंदों के जरिए दूसरों तक पहुंच सकता है। समय पर एंटीबायोटिक इलाज मिलने पर यह ठीक हो सकता है, और यही वजह है कि संपर्क में आए लोगों की जल्द पहचान पर जोर दिया जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी प्रशासन भी इस मामले पर नजर रखे हुए है और व्हाइट हाउस को घटनाक्रम की जानकारी है।
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अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़: चित्तौड़गढ़/न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र से जुड़े कार्यक्रमों में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी ने न्यूयॉर्क में प्रवासी भारतीयों से मुलाकात की। Alliance Indus Foundation की ओर से आयोजित एक विशेष लंच कार्यक्रम में जोशी ने प्रतिनिधिमंडल के साथी सांसदों के साथ प्रवासी भारतीयों से संवाद किया। जोशी ने इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज वैश्विक शक्ति के रूप में अपनी नई पहचान बना रहा है, और ‘विकसित भारत’ के संकल्प में प्रवासी भारतीयों की प्रतिभा, अनुभव और योगदान भी महत्वपूर्ण है। “अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए भारत की प्रगति में योगदान देने का उनका उत्साह प्रेरणादायी है।” — सीपी जोशी, सांसद, चित्तौड़गढ़ जोशी ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए Alliance Indus Foundation के चेयरमैन अशोक भट्ट, नितिन व्यास और पूरी टीम का आभार जताया। प्रतिनिधिमंडल का कार्यक्रम जोशी इस दौरे के लिए अमेरिका रवाना हो चुके हैं। भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल 3 से 11 अक्टूबर तक न्यूयॉर्क में है और 5 से 9 अक्टूबर तक महासभा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहा है। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय सहयोग, वैश्विक शांति, सतत विकास और समकालीन वैश्विक चुनौतियों से जुड़े सत्रों में भारतीय संसदीय दृष्टिकोण रखा जा रहा है।
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गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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