राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे और अंतिम दिन शुक्रवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के चलते विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। बाद में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने उनकी बात नहीं सुने जाने का आरोप लगाते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। विपक्ष की गैर-मौजूदगी में विधानसभा अध्यक्ष ने मुखबंद (गिलोटिन) प्रक्रिया के जरिए अनुपूरक अनुदान मांगों को पारित कराया। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। दिनभर चले राजनीतिक टकराव के बीच सरकार ने समान नागरिक संहिता (UCC) से संबंधित विधेयक भी सदन में पेश किया। गेट पर रोके जाने का मुद्दा उठाते ही हंगामा सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने एक दिन पहले कांग्रेस विधायकों को विधानसभा के गेट पर रोके जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस पर सदन में चर्चा कराने की मांग की। जूली ने सीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ कथित मारपीट का मामला भी उठाते हुए सरकार को घेरा। विधानसभा अध्यक्ष ने प्रश्नकाल के दौरान इन मुद्दों पर चर्चा की अनुमति नहीं दी। इसके बाद कांग्रेस विधायक वेल में आ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। कांग्रेस विधायकों ने 'सरकार भगोड़ी है' लिखे पोस्टर भी लहराए। जवाब में भाजपा विधायकों की ओर से राहुल गांधी को लेकर नारेबाजी की गई। बढ़ते शोर-शराबे के कारण विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। दोबारा कार्यवाही शुरू हुई, फिर भी नहीं थमा हंगामा दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध बना रहा। हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव, पर्चियों और नियम 295 के तहत प्राप्त प्रस्तावों का विवरण सदन के सामने रखा। निर्दलीय विधायक चंद्रभान सिंह ने अपने विधानसभा क्षेत्र में डोडा-चूरा से जुड़े मामले में किसानों की समस्या उठाई। निर्दलीय विधायक अशोक कोठारी ने भीलवाड़ा में अमृत योजना-2 के बावजूद करीब 120 कॉलोनियों में पेयजल नहीं पहुंचने का मुद्दा उठाया। भाजपा विधायक गोविंद प्रसाद ने मनोहरथाना क्षेत्र के जर्जर स्कूल भवनों का मामला उठाते हुए उनकी मरम्मत की मांग की। वहीं बसपा विधायक मनोज कुमार ने चूरू जिले से जुड़ी यमुना जल परियोजना और भूमि अधिग्रहण का मुद्दा सदन में रखा। कांग्रेस विधायक इस दौरान सदन में मौजूद रहे, लेकिन शून्यकाल की कार्यवाही में भाग लेने के बजाय विरोध और नारेबाजी करते रहे। लगातार हंगामे के कारण कार्यवाही दोपहर एक बजे तक दूसरी बार स्थगित करनी पड़ी। हंगामे के बीच सदन में पेश हुआ UCC बिल दोपहर एक बजे सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई। इसी दौरान संसदीय कार्य एवं कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने समान नागरिक संहिता यानी UCC से संबंधित विधेयक सदन में प्रस्तुत किया। इससे पहले सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कार्य सलाहकार समिति का 23 वां प्रतिवेदन पेश किया, जिसे सदन ने मंजूरी दी। विशेषाधिकार समिति से संबंधित एक मामले में राष्ट्रीय लोकदल विधायक डॉ. सुभाष गर्ग से जुड़े प्रकरण की समय-सीमा आगे बढ़ाने का प्रस्ताव भी सदन में रखा गया और उसे स्वीकृति दी गई। कई विभागों की अधिसूचनाएं और रिपोर्ट सदन में रखीं सदन में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर, मंत्री मदन दिलावर, राजस्व मंत्री हेमंत मीणा और नगरीय विकास राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा की ओर से अपने-अपने विभागों से संबंधित विभिन्न अधिसूचनाएं प्रस्तुत की गईं। दिया कुमारी ने महालेखाकार से संबंधित प्रतिवेदन भी सदन में रखा। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड तथा वित्त निगम से जुड़े प्रतिवेदन प्रस्तुत किए। इसके अलावा विधानसभा की विभिन्न समितियों की रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखी गईं। जूली के नेतृत्व में कांग्रेस का वॉकआउट हंगामे के बीच उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने अनुपूरक अनुदान मांगें प्रस्तुत कीं। करीब दोपहर 1:21 बजे कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि सदन में विपक्ष की बात नहीं सुनी जा रही है। इसके विरोध में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी से पार्षद का टिकट चाहने वाले नेताओं के लिए इस बार आवेदन प्रक्रिया पहले से ज्यादा विस्तृत और पारदर्शी रखी गई है। टिकट के दावेदारों को 19 बिंदुओं में अपनी व्यक्तिगत, राजनीतिक और संगठनात्मक जानकारी पार्टी को देनी होगी। खास बात यह है कि आवेदन करने वाले नेता को अपने वार्ड से टिकट की दौड़ में शामिल खुद के तीन प्रतिद्वंदियों के नाम भी बताने होंगे, जिन्हें पार्टी टिकट के लिए योग्य मानकर विचार कर सकती है। पार्टी का मानना है कि संगठन में सक्रिय कार्यकर्ता केवल खुद को ही टिकट का योग्य दावेदार न माने, बल्कि अपने वार्ड में दूसरे ऐसे कार्यकर्ताओं की पहचान भी करे जो संगठन के साथ जनता के बीच भी सक्रिय हैं। इसी सोच के तहत आवेदन पत्र में तीन अन्य संभावित उम्मीदवारों के नाम और उनकी वरीयता बताने का कॉलम जोड़ा गया है। बीजेपी की प्रदेश मंत्री एकता अग्रवाल ने कहा कि पार्टी की खूबसूरती उसका कार्यकर्ता और संगठन है। आवेदन पत्र में एक कॉलम इसलिए रखा गया है कि टिकट मांगने वाला कार्यकर्ता अपने अलावा उन लोगों के नाम भी बताए, जिन्हें वह संगठन की सेवा और जनता के बीच काम करने के लिहाज से योग्य समझता है। पार्टी ने इसी सद्भाव के साथ संबंधित वार्ड के तीन प्रतिद्वंदियों के नाम मांगे हैं। आपराधिक मामलों की पूरी जानकारी देनी होगी इस बार पार्टी ने आपराधिक मामलों को लेकर भी आवेदन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। यदि किसी आवेदक के खिलाफ वर्तमान में कोई मुकदमा दर्ज है या पूर्व में कोई मामला दर्ज रहा है तो उसकी जानकारी आवेदन पत्र में देना अनिवार्य होगा। अब तक पार्टी स्तर पर आपराधिक मामलों को लेकर मौखिक रूप से जानकारी ली जाती थी, लेकिन इस बार दावेदारों से पूरी जानकारी लिखित में मांगी गई है। आवेदक को एफआईआर नंबर, संबंधित पुलिस थाना, अपराध की धाराएं, कोर्ट का नाम और आरोप की तारीख जैसी जानकारी देनी होगी। इससे पार्टी के पास टिकट के दावेदारों की पृष्ठभूमि की जानकारी आवेदन के स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही किसी आपराधिक मामले की जानकारी छिपाने की स्थिति में पार्टी के स्तर पर उस पर अलग से विचार किया जा सकेगा। जिस वार्ड से टिकट मांगा, वहां का वोटर होना जरूरी पार्षद का टिकट चाहने वाले नेताओं को इस बार अपने वार्ड के स्थायी निवासी होने का प्रमाण भी देना होगा। आवेदन पत्र में यह जानकारी देनी होगी कि जिस वार्ड से टिकट मांगा जा रहा है, आवेदक उसी वार्ड का निवासी है या नहीं। इसके सत्यापन के लिए पार्टी ने मतदाता पहचान पत्र अथवा मतदाता सूची का क्रमांक देना अनिवार्य किया है। इससे पार्टी यह जांच सकेगी कि टिकट मांगने वाला नेता वास्तव में संबंधित वार्ड का मतदाता है या नहीं।
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। इंटरनेशनल ब्यूटी पेजेंट मिस ओशियन वर्ल्ड 2026 के लिए दुनियाभर की मॉडल्स और पेजेंट क्वींस जयपुर पहुंचनी शुरू हो गई हैं। करीब 20 देशों से आई प्रतिभागी सात दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में हिस्सा लेंगी। इस दौरान जयपुर के पर्यटन, हेरिटेज, संस्कृति और राजस्थान की पारंपरिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट किया जाएगा। आयोजक योगेश मिश्रा, निमिषा मिश्रा और डायरेक्टर एकता जैन ने बताया कि जयपुर को इस अंतरराष्ट्रीय पेजेंट के आयोजन के लिए विशेष रूप से चुना गया है। आयोजन का उद्देश्य केवल सौंदर्य प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न देशों की संस्कृति और परंपराओं के बीच संवाद, भारतीय संस्कृति का परिचय और जयपुर की वैश्विक पर्यटन पहचान को मजबूत करना भी है। सिटी पैलेस पहुंचीं 20 देशों की मॉडल्स बुधवार को आयोजित सिटी टूर के दौरान 20 देशों से आई ब्यूटी क्वींस ने जयपुर के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया। इस दौरान प्रतिभागियों को जयपुर के राजसी इतिहास, वास्तुकला, कला और सांस्कृतिक परंपराओं के बारे में जानकारी दी गई।सिटी पैलेस पहुंची प्रतिभागियों ने शाही वैभव और हेरिटेज को करीब से देखा तथा इसे अपने कैमरों में कैद किया। रंग-बिरंगे राजस्थानी परिधानों और ऐतिहासिक इमारतों के बीच मॉडल्स ने फोटोशूट भी कराया। भारतीय संस्कृति और राजस्थान की परंपराओं से कराया जा रहा परिचय सिटी टूर का उद्देश्य विदेशी प्रतिभागियों को भारत की सांस्कृतिक विविधता और राजस्थान की समृद्ध विरासत से परिचित कराना है। आयोजन के दौरान प्रतिभागियों को पारंपरिक कला, लोक संस्कृति और स्थानीय परिधानों की जानकारी भी दी जा रही है। सिटी टूर के दौरान होटल मैरियट में प्रतिभागियों के लिए विशेष लंच का आयोजन भी किया गया। अनंत महल में होंगे प्रमुख कार्यक्रम आयोजकों के अनुसार पेजेंट के कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम मानसरोवर स्थित अनंत महल में आयोजित किए जा रहे हैं। यहां हेरिटेज और ट्रेडिशनल कल्चर की थीम पर विभिन्न गतिविधियां होंगी। विदेशी प्रतिभागियों को राजस्थान की पारंपरिक संस्कृति से जोड़ने के लिए विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और थीम आधारित कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। ‘क्लीन एंड पॉल्यूशन फ्री ओशियन’ है मुख्य संदेश मिस ओशियन वर्ल्ड 2026 का मुख्य संदेश ‘क्लीन एंड पॉल्यूशन फ्री ओशियन’ रखा गया है। पेजेंट के माध्यम से समुद्रों को स्वच्छ रखने, प्रदूषण कम करने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि सौंदर्य के साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को भी इस मंच पर प्रमुखता दी जा रही है। गाउन और स्विमसूट राउंड में दिया क्लीन ओशियन का संदेश आयोजन की शुरुआत के तहत मंगलवार को गाउन राउंड और स्विमसूट राउंड के अंतर्गत फोटोशूट आयोजित किया गया। अनंत महल में हुए इस फोटोशूट के दौरान प्रतिभागियों ने ‘क्लीन ओशियन’ थीम को प्रमुखता से प्रस्तुत किया और अपने ग्लोबल प्लेटफॉर्म के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। 21 अगस्त को टैलेंट और नेशनल कॉस्ट्यूम राउंड पेजेंट के प्री-फिनाले के तहत 21 अगस्त को टैलेंट राउंड और नेशनल कॉस्ट्यूम राउंड आयोजित होगा। नेशनल कॉस्ट्यूम राउंड में अलग-अलग देशों की प्रतिभागी अपने-अपने राष्ट्र की पारंपरिक वेशभूषा, संस्कृति और पहचान को मंच पर प्रस्तुत करेंगी। यह राउंड विभिन्न देशों की सांस्कृतिक विविधता का खास आकर्षण रहेगा। 22 अगस्त को मिस फ्यूजन इंडिया का फिनाले पेजेंट से जुड़े आयोजनों की कड़ी में 22 अगस्त को मिस फ्यूजन इंडिया का फिनाले भी आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा द मिस ग्लोब इंडिया, मिस प्लेनेट इंडिया और मिस ओशियन इंडिया जैसे खिताब भी प्रदान किए जाएंगे। 23 अगस्त को मिस ओशियन वर्ल्ड 2026 का ग्रैंड फिनाले सात दिवसीय आयोजन का समापन 23 अगस्त को ग्रैंड फिनाले के साथ होगा। इसी दिन मिस ओशियन वर्ल्ड 2026 की विजेता को ताज पहनाया जाएगा। फिनाले में विभिन्न देशों की प्रतिभागियों के बीच व्यक्तित्व, प्रस्तुति, प्रतिभा और सांस्कृतिक समझ के आधार पर कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी।
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अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को लेकर तीखा राजनीतिक हमला बोला। सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी का सियासी दौर अब अंतिम चरण में है और उनके उत्तराधिकारी की तलाश शुरू हो चुकी है। नई दिल्ली के इंदिरा भवन में आयोजित बैठक में राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं से कहा कि केंद्र सरकार इस समय बैकफुट पर है और विपक्ष को उसके खिलाफ अधिक आक्रामक राजनीतिक रुख अपनाना चाहिए। ‘सरकार बैकफुट पर है, विपक्ष और आक्रामक हो’ सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी ने बैठक में कहा कि विपक्ष को अब सरकार के खिलाफ मुद्दों को और मजबूती से उठाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से कहा कि राजनीतिक माहौल का फायदा उठाते हुए जनता से जुड़े मुद्दों पर लगातार दबाव बनाया जाए और सरकार से जवाब मांगा जाए। 88 नेता बैठक में हुए शामिल कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व सहित करीब 88 नेता शामिल हुए।बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी और CWC सदस्य मौजूद रहे।संसद सत्र समाप्त होने के बाद यह CWC की पहली महत्वपूर्ण बैठक थी। देश की राजनीतिक स्थिति पर लंबा मंथन बैठक में वर्तमान राष्ट्रीय राजनीतिक परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गई। कांग्रेस नेतृत्व ने आगे की राजनीतिक रणनीति, विपक्ष की भूमिका और विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर पार्टी के रुख को लेकर विचार-विमर्श किया।पार्टी नेतृत्व ने संगठनात्मक स्तर पर भी सरकार के खिलाफ राजनीतिक अभियान को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। युवाओं के भविष्य का मुद्दा उठा CWC में युवाओं के भविष्य, रोजगार और उनसे जुड़े सामाजिक-आर्थिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई।कांग्रेस नेताओं ने युवाओं के बीच बढ़ती चिंताओं को राजनीतिक और नीतिगत स्तर पर प्रमुखता से उठाने की आवश्यकता बताई। राम मंदिर ट्रस्ट के चंदे की जवाबदेही पर चर्चा बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट को मिले चंदे की जवाबदेही का मुद्दा भी उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने इस विषय में पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़े सवालों पर चर्चा की और भविष्य में पार्टी की रणनीति को लेकर विचार किया। चीन से जुड़ा मुद्दा भी CWC में उठा भारतीय सीमा पर चीन की कथित घुसपैठ का मुद्दा भी बैठक में चर्चा का विषय रहा। कांग्रेस लंबे समय से इस विषय पर केंद्र सरकार से जवाब मांगती रही है। CWC बैठक में भी सीमा सुरक्षा और चीन से जुड़े घटनाक्रम पर पार्टी की आगे की रणनीति पर मंथन हुआ। मोदी पर राहुल का सीधा राजनीतिक हमला राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस केंद्र सरकार पर कई मुद्दों को लेकर लगातार हमलावर है।उनके कथित बयान को कांग्रेस की आने वाले समय की अधिक आक्रामक राजनीतिक रणनीति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
Read more 20th Aug 2026
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात के लिए नए राज्य प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किए। पार्टी ने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए तीनों महत्वपूर्ण राज्यों में अनुभवी नेताओं को संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपी है। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है, जबकि गुजरात के नेता जगदीश ईश्वरभाई पटेल को उत्तर प्रदेश का सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। राजस्थान भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद डॉ. सतीश पूनिया को पंजाब का प्रभारी बनाया गया है। वहीं राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग को गुजरात की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह नियुक्तियां भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा के एक दिन बाद की गई हैं। सोमवार को पार्टी ने 65 राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नई टीम घोषित की थी। विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश की कमान भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े को राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। तावड़े इससे पहले हरियाणा और बिहार में संगठनात्मक जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। नवंबर 2020 में उन्हें हरियाणा का प्रभारी बनाया गया था। इसके बाद सितंबर 2022 में उन्हें बिहार की जिम्मेदारी मिली। वर्ष 2024 में भी वे बिहार भाजपा के प्रभारी रहे। महाराष्ट्र की राजनीति और भाजपा संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहे तावड़े महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें प्रभारी बनाए जाने को भाजपा की चुनावी रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। जगदीश पटेल बने यूपी के सह-प्रभारी गुजरात भाजपा के नेता जगदीश ईश्वरभाई पटेल को उत्तर प्रदेश का सह-प्रभारी बनाया गया है। पटेल वर्ष 2019 में अमराईवाड़ी विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे और अहमदाबाद शहर भाजपा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। अगस्त 2026 में उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया था। अब पार्टी ने उन्हें उत्तर प्रदेश में सह-प्रभारी के रूप में बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी दी है। सतीश पूनिया को पंजाब की जिम्मेदारी राजस्थान भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद डॉ. सतीश पूनिया को पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया गया है। पूनिया इससे पहले हरियाणा में पार्टी संगठन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। 2024 में उन्हें हरियाणा का प्रभारी बनाया गया था। लोकसभा चुनाव के दौरान भी वे हरियाणा में चुनावी जिम्मेदारी संभाल चुके थे। हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा की लगातार तीसरी जीत के दौरान भी पूनिया राज्य के प्रभारी थे। जून 2026 में वे राज्यसभा सांसद चुने गए और इसके बाद उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया। अब पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। तरुण चुग को गुजरात का प्रभारी बनाया भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और राज्यसभा सांसद तरुण चुग को गुजरात का प्रभारी नियुक्त किया गया है। अमृतसर से आने वाले चुग लंबे समय से भाजपा संगठन में सक्रिय हैं। वे तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के प्रभारी रह चुके हैं। नवंबर 2020 में उन्हें तेलंगाना के साथ जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की जिम्मेदारी दी गई थी। 2024 में भी वे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के प्रभारी रहे। अब पार्टी ने उन्हें गुजरात जैसे महत्वपूर्ण राज्य की संगठनात्मक जिम्मेदारी दी है।
Read more 18th Aug 2026
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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