For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 139676763
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल के ऐतिहासिक 12 वर्ष पूर्ण प्रदेश की खुशहाली के लिए जिला स्तर पर की गई विशेष पूजा अर्चना |  Ajmer Breaking News: मातृ शक्ति की एकता से देश का विकास संभव - श्रीमती सरिता गेैना जिला स्तर पर नारी चौपाल कार्यक्रम आयोजित |  Ajmer Breaking News: विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने दी सौगात जनाना अस्पताल में बनेंगे 10 नए कॉटेज वार्ड 1.30 करोड़ रूपए स्वीकृत |  Ajmer Breaking News: झपट्टा मारकर मोबाइल चोरी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, पुलिस कर रही मोबाइल की बरामदगी के प्रयास |  Ajmer Breaking News: अजमेर के आदर्श नगर थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक हाई-प्रोफाइल चोरी की वारदात सामने आई है। |  Ajmer Breaking News: अजमेर एसपी ने ट्रैफिक कार्यालय का किया निरीक्षण, नियम तोड़ने वालों पर सख्ती के निर्देश |  Ajmer Breaking News: अजमेर के अलवर गेट थाना अंतर्गत गुवारडी क्षेत्र में एक मकान को अज्ञात चोर निशाना बनाकर करीब 8 से 10 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवरात और 25 हजार रुपए नगद चुरा ले गए। |  Ajmer Breaking News: पुष्कर सरोवर के फीडरों का निरीक्षण करने पहुंचे जल संसाधन विभाग के अधिकारी, 10 दिन में सफाई पूरी करने का दावा |  Ajmer Breaking News: अजमेर शहर में व्याप्त गंभीर पेयजल संकट एवं आमजन को हो रही भारी परेशानियों के विरोध में अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा हल्ला बोल प्रदर्शन |  Ajmer Breaking News: गंज थाना अंतर्गत वर्ष 2025 में नाबालिक के साथ हुए दुष्कर्म मामले में पॉक्सो कोर्ट संख्या दो के न्यायाधीश ने किया सजा का ऐलान, | 

क़लमकार: ज़िन्दा हूँ मैं हिलता डुलता रहता हूँ, दीवारों से बातें करता रहता हूँ।

Post Views 71

October 11, 2021

हिंदी की मैं रूह से ज़िन्दा हूँ लेकिन, उर्दू से भी मिलता जुलता रहता हूँ।

ज़िन्दा हूँ मैं हिलता डुलता रहता हूँ,

दीवारों से बातें करता रहता हूँ।

हिंदी की मैं रूह से ज़िन्दा हूँ लेकिन,

उर्दू से भी मिलता जुलता रहता हूँ।

लहू के हर कतरे से मेरा रिश्ता है,

जिस्म के अंदर चलता फिरता रहता हूँ।

ख़ुद पर इतरा ले सूरज चाहे जितना,

अपनी आग में मैं भी जलता रहता हूँ।

बाहर से पुख़्ता दिखने की ख़ातिर ही,

अंदर से मैं हर पल ढहता रहता हूँ।

मिल जाएं बादल तो लगता हूँ उड़ने,

यूँ दरिया के साथ में बहता रहता हूँ।

इश्क़ की ख़ुश्बू से वाकिफ़ हूँ तभी तो मैं,

रूहानी ग़ज़लें ही कहता रहता हूँ।

सुरेन्द्र चतुर्वेदी


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved