For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 162070746
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: पास्को कोर्ट संख्या एक के न्यायाधीश हेमंत बघेला ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 10 साल का कठोर कारावास, ₹10 हजार के जुर्माने की सुनाई सजा  |  Ajmer Breaking News: पास्को न्यायालय संख्या एक के न्यायाधीश हेमंत बघेला ने 8 साल की नाबालिग से दुष्कर्म के मामले आरोपी को 10 साल का कठोर कारावास, 23 हजार रुपए के अर्थ दंड से किया दंडित |  Ajmer Breaking News: कृष्ण गंज थाना अंतर्गत वैशाली नगर में प्रेस की केबिन में चोरी करते महिला पकड़ी , हंगामे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस |  Ajmer Breaking News: पूर्व मेयर धर्मेंद्र गहलोत ने नगर निगम कमिश्नर और निर्वाचन अधिकारी को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष कार्रवाई की मांग |  Ajmer Breaking News: हाई सिक्योरिटी जेल में बंद धनसिंह पीपरोली की सुरक्षा को लेकर उनकी पत्नी भुवनेश्वरी कंवर उर्फ रिंकू कंवर ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। |  Ajmer Breaking News: पुलिस प्रशासन द्वारा कांग्रेस एवं कांग्रेस समर्थित पार्षदों व उनके परिजनों पर अनुचित दबाव एवं प्रताड़ना बंद करने तथा निष्पक्षता बनाए रखने के सम्बन्ध में ज्ञापन।  |  Ajmer Breaking News: प्रशासन पर बरसे विधायक विकास चौधरी, कलेक्टर ओर एसपी को दिया ज्ञापन, पुलिस-प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल,  |  Ajmer Breaking News: विकसित भारत जन सेवा कैंप के अंतर्गत जिले के विभिन्न राजकीय चिकित्सालयों में रक्तदान शिविर आयोजित |  Ajmer Breaking News: आत्महत्या रोकथाम में सकारात्मक संवाद महत्वपूर्ण, खुलकर करें मन की बातें, निकलेगा समाधान |  Ajmer Breaking News: अजमेर मेयर चुनाव: किरण गढ़वाल का नामांकन वैध, भाजपा प्रत्याशी अनामिका शर्मा की 19.18 लाख बकाया वाली आपत्ति खारिज | 

क़लमकार: ज़िन्दा हूँ मैं हिलता डुलता रहता हूँ, दीवारों से बातें करता रहता हूँ।

Post Views 201

October 11, 2021

हिंदी की मैं रूह से ज़िन्दा हूँ लेकिन, उर्दू से भी मिलता जुलता रहता हूँ।

ज़िन्दा हूँ मैं हिलता डुलता रहता हूँ,

दीवारों से बातें करता रहता हूँ।

हिंदी की मैं रूह से ज़िन्दा हूँ लेकिन,

उर्दू से भी मिलता जुलता रहता हूँ।

लहू के हर कतरे से मेरा रिश्ता है,

जिस्म के अंदर चलता फिरता रहता हूँ।

ख़ुद पर इतरा ले सूरज चाहे जितना,

अपनी आग में मैं भी जलता रहता हूँ।

बाहर से पुख़्ता दिखने की ख़ातिर ही,

अंदर से मैं हर पल ढहता रहता हूँ।

मिल जाएं बादल तो लगता हूँ उड़ने,

यूँ दरिया के साथ में बहता रहता हूँ।

इश्क़ की ख़ुश्बू से वाकिफ़ हूँ तभी तो मैं,

रूहानी ग़ज़लें ही कहता रहता हूँ।

सुरेन्द्र चतुर्वेदी


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved