For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 165068696
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: विश्व हृदय दिवस पर डॉ. अनिल समरिया का संदेश – संतुलित आहार, व्यायाम और तनावमुक्त जीवन से रखें अपने दिल का ख्याल   |  Ajmer Breaking News: चुनाव आयोग और ईवीएम पर कांग्रेस का हल्ला बोल प्रदर्शन,चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का फूंका पुतला  |  Ajmer Breaking News: अजमेर में पेंशनर्स महासंघ का 24 घंटे का पड़ाव, 12 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपेंगे ज्ञापन |  Ajmer Breaking News: सीआरपीएफ जवान को मदद के बहाने बुलाकर बंधक बनाया, 89 हजार की लूट |  Ajmer Breaking News: नवंबर माह में आयोजित होने वाले पुष्कर पशु मेले की तैयारियों को लेकर पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को मेला स्थल का निरीक्षण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। |  Ajmer Breaking News: कीर्ति नगर नाला एवं पुलिया निर्माण कार्य अंतिम चरण में, नागरिकों के लिए यातायात एडवाइजरी।   |  Ajmer Breaking News: अलवर गेट थाना अंतर्गत मदारपुरा चोरीकांड का पुलिस ने किया खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार |  Ajmer Breaking News: किशनगढ़ डंपिंग यार्ड के पीछे सुनसान जंगल में महिला से गैंगरेप का मामला, 18 घंटे में पुलिस ने किया खुलासा |  Ajmer Breaking News: मार्बल सिटी किशनगढ़ के डंपिंग यार्ड में विदेशी महिला से अभद्रता का वीडियो वायरल, पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार |  Ajmer Breaking News: संवैधानिक संस्थाओं पर हमलों को लेकर बीजेपी का कांग्रेस पर करारा प्रहार,चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने पर कांग्रेस को घेरा।   | 

अजमेर न्यूज़:  संतो के चातुर्मास में मिल रहा प्रवचनो का लाभ

Post Views 51

July 29, 2021

पिपलिया बाजार स्थित श्री जैन स्थानक में

 संतो के चातुर्मास में मिल रहा प्रवचनो का लाभ​​​​​​​ पिपलिया बाजार स्थित श्री जैन स्थानक में धर्म सभा को संबोधित करते हुए–उपप्रवर्तिनी श्री राजमती जी म.सा.ने फरमाया कर्मों का भुगतान करते समय विद्या,धन,परिवार कोई सहयोगी नहीं बनता। व्यक्ति स्वयं कर्त्ता और स्वयं भोक्ता होता है। राजा हो या रंक सभी को जैसे कर्म किए वैसे फल अवश्य नसीब होते है। अशुभ कर्मों के उदय से गरीबी, तन का रोगी, सुखों का वियोगी होता है। अशुभ कर्मों को समभाव पूर्वक सहन करने से ही कर्मों की निर्जरा होती है तथा व्यक्ति आत्मिक सुख को प्राप्त करता है।डॉ.साध्वी राज रश्मि जी ने कहा सदधर्म की प्राप्ति के लिए इंद्रियों की पूर्णता, अविकल सबल शरीर होना आवश्यक है।चारित्र धर्म की प्राप्ति के लिए, अष्ट प्रवचन माताओं की आराधना के लिए इंद्रियों का सदुपयोग करना चाहिए। डॉ.साध्वी राजऋद्धि जी ने सुख विपाक सूत्र का विश्लेषण करते हुए स्वप्न की महत्ता,कालसर्प योग का कारण,शकुन विचार कितना उपयोगी पर विस्तृत जानकारी दी। संघ मंत्री पदम चंद  बंब ने बताया कि–पूज्या महासती जी महाराज के सान्निध्य में नियमित प्रार्थना, प्रवचन सुचारू रूप से गतिशील है। संघ में तपस्या का क्रम भी चल रहा है, और दर्शनार्थियों का आवागमन भी जारी है।


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved