For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 144507645
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: सनातन धर्म रक्षा संघ ने अमरनाथ यात्रा के पहले जत्थे को भगवा शॉल और माला पहनाकर किया रवाना |  Ajmer Breaking News: शहरी सेवा शिविर में त्वरित समाधान से हर चेहरे पर खुशी, बढ़ता जनविश्वास बना सफलता की पहचान,शहरी सेवा शिविर-2026 : आमजन को त्वरित राहत, प्रशासन के प्रति बढ़ा विश्वास |  Ajmer Breaking News: गनाहेड़ा में आरसीसी निर्माण कार्य के दौरान हाई टेंशन लाइन की चपेट में आने से अजमेर के रहने वाले मजदूर युवक की मौत, |  Ajmer Breaking News: आदर्श नगर से लेकर विराट नगर तक नाले की बाउंड्री ऊंची करवाने को लेकर दक्षिण विधानसभा प्रत्याशी द्रोपदी कोली ने क्षेत्रवासियों के साथ जिला कलेक्टर को सोपा ज्ञापन, |  Ajmer Breaking News: जगन गुर्जर हत्याकांड पर गरमाया माहौल, परिजनों के धरने के बाद लिखित सहमति; वीडियोग्राफी में होगा पोस्टमॉर्टम, |  Ajmer Breaking News: अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की गला घोंटकर हत्या, साथी बंदी विष्णु ने कबूला जुर्म |  Ajmer Breaking News: जगन गुर्जर की जेल में हत्या पर बेनीवाल ने उठाए सवाल, सीबीआई जांच की मांग |  Ajmer Breaking News: प्रेम विवाह के बाद जान का खतरा, नवविवाहित दंपती ने एसपी से मांगी सुरक्षा |  Ajmer Breaking News: क्लॉक टावर थाना अंतर्गत आशागंज में एक गोदाम से डीएसटी और क्लॉक टावर थाना पुलिस ने पूमा कंपनी का नकली माल किया जप्त, |  Ajmer Breaking News: शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म, SC-ST एक्ट सहित दुष्कर्म की धाराओ में मुकदमा दर्ज, सीओ साउथ कर रहे हैं जांच | 

अजमेर न्यूज़:  संतो के चातुर्मास में मिल रहा प्रवचनो का लाभ

Post Views 11

July 29, 2021

पिपलिया बाजार स्थित श्री जैन स्थानक में

 संतो के चातुर्मास में मिल रहा प्रवचनो का लाभ​​​​​​​ पिपलिया बाजार स्थित श्री जैन स्थानक में धर्म सभा को संबोधित करते हुए–उपप्रवर्तिनी श्री राजमती जी म.सा.ने फरमाया कर्मों का भुगतान करते समय विद्या,धन,परिवार कोई सहयोगी नहीं बनता। व्यक्ति स्वयं कर्त्ता और स्वयं भोक्ता होता है। राजा हो या रंक सभी को जैसे कर्म किए वैसे फल अवश्य नसीब होते है। अशुभ कर्मों के उदय से गरीबी, तन का रोगी, सुखों का वियोगी होता है। अशुभ कर्मों को समभाव पूर्वक सहन करने से ही कर्मों की निर्जरा होती है तथा व्यक्ति आत्मिक सुख को प्राप्त करता है।डॉ.साध्वी राज रश्मि जी ने कहा सदधर्म की प्राप्ति के लिए इंद्रियों की पूर्णता, अविकल सबल शरीर होना आवश्यक है।चारित्र धर्म की प्राप्ति के लिए, अष्ट प्रवचन माताओं की आराधना के लिए इंद्रियों का सदुपयोग करना चाहिए। डॉ.साध्वी राजऋद्धि जी ने सुख विपाक सूत्र का विश्लेषण करते हुए स्वप्न की महत्ता,कालसर्प योग का कारण,शकुन विचार कितना उपयोगी पर विस्तृत जानकारी दी। संघ मंत्री पदम चंद  बंब ने बताया कि–पूज्या महासती जी महाराज के सान्निध्य में नियमित प्रार्थना, प्रवचन सुचारू रूप से गतिशील है। संघ में तपस्या का क्रम भी चल रहा है, और दर्शनार्थियों का आवागमन भी जारी है।


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved