For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 126851369
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: पुष्कर घाटी,अजमेर में अनियंत्रित होकर बस खाई में गिरने की दुखद सूचना |  Ajmer Breaking News: विधानसभा अध्यक्ष देवनानी के आदेश बेअसर—अजमेर में खुलेआम मटन-चिकन बिक्री, सूचना केंद्र चौराहे पर जाम से लोग परेशान |  Ajmer Breaking News: अजमेर से पीसांगन मायरा भरने जा रही सवारियों से भरी बस पुष्कर घाटी से खाई में गिरी, एक महिला की मौत  |  Ajmer Breaking News: राजस्थान सर्व ब्राह्मण महासभा अजमेर के द्वारा भगवान परशुराम जन्मोत्सव के दो दिवसीय कार्यक्रम के तहत आज रविवार को विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। |  Ajmer Breaking News: अजमेर में ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोह का भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार |  Ajmer Breaking News: अक्षय तृतीया पर आस्था का सैलाब: 500 साल पुरानी परंपराओं से गूंजा पुष्कर,बद्रीनाथ से जुड़ा पुष्कर: अक्षय तृतीया पर दिखी अद्भुत श्रद्धा |  Ajmer Breaking News: पुष्कर में अक्षय तृतीया के अबूझ सावे पर राजपूत समाज के जयमल कोट में रविवार को सामाजिक समरसता और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला। |  Ajmer Breaking News: आदर्श नगर थाना पुलिस की तत्परता से 7-8 साल का  बच्चे को सुरक्षित  परिजनों को किया सुपुर्द , |  Ajmer Breaking News: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कोलकाता के श्याम मंदिर और दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पूजा, सोनार बांग्ला का जताया विश्वास |  Ajmer Breaking News: अक्षय तृतीया पर बाल विवाहों की रोकथाम के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित | 

अजमेर न्यूज़:  संतो के चातुर्मास में मिल रहा प्रवचनो का लाभ

Post Views 11

July 29, 2021

पिपलिया बाजार स्थित श्री जैन स्थानक में

 संतो के चातुर्मास में मिल रहा प्रवचनो का लाभ​​​​​​​ पिपलिया बाजार स्थित श्री जैन स्थानक में धर्म सभा को संबोधित करते हुए–उपप्रवर्तिनी श्री राजमती जी म.सा.ने फरमाया कर्मों का भुगतान करते समय विद्या,धन,परिवार कोई सहयोगी नहीं बनता। व्यक्ति स्वयं कर्त्ता और स्वयं भोक्ता होता है। राजा हो या रंक सभी को जैसे कर्म किए वैसे फल अवश्य नसीब होते है। अशुभ कर्मों के उदय से गरीबी, तन का रोगी, सुखों का वियोगी होता है। अशुभ कर्मों को समभाव पूर्वक सहन करने से ही कर्मों की निर्जरा होती है तथा व्यक्ति आत्मिक सुख को प्राप्त करता है।डॉ.साध्वी राज रश्मि जी ने कहा सदधर्म की प्राप्ति के लिए इंद्रियों की पूर्णता, अविकल सबल शरीर होना आवश्यक है।चारित्र धर्म की प्राप्ति के लिए, अष्ट प्रवचन माताओं की आराधना के लिए इंद्रियों का सदुपयोग करना चाहिए। डॉ.साध्वी राजऋद्धि जी ने सुख विपाक सूत्र का विश्लेषण करते हुए स्वप्न की महत्ता,कालसर्प योग का कारण,शकुन विचार कितना उपयोगी पर विस्तृत जानकारी दी। संघ मंत्री पदम चंद  बंब ने बताया कि–पूज्या महासती जी महाराज के सान्निध्य में नियमित प्रार्थना, प्रवचन सुचारू रूप से गतिशील है। संघ में तपस्या का क्रम भी चल रहा है, और दर्शनार्थियों का आवागमन भी जारी है।


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved