For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 149180932
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: पुष्कर सरोवर के कृष्ण घाट पर मंदिर से अष्टधातु का छत्र चोरी, पुजारी ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की |  Ajmer Breaking News: संगठन में निष्ठा और मेहनत सर्वोपरि; धरातल पर पसीना बहाने वाले कार्यकर्ताओं को मिलेगा पूरा मान-सम्मान — डॉ. विकास चौधरी ​ |  Ajmer Breaking News: अलवर गेट थाना अंतर्गत 76 वर्षीय बुजुर्ग के साथ हुई ठगी की वारदात, हाथ में से सोने की अंगूठी उतरवा कर 500 के नोटों की नकली गड्डी थमाकर हुए फरार |  Ajmer Breaking News: अजमेर की ऐतिहासिक आना सागर झील में मछलियों के मरने के सिलसिले के बाद जागा प्रशासन, |  Ajmer Breaking News: अजमेर रेंज के नव नियुक्त पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) डॉ. रवि ने शनिवार को आईजी कार्यालय पहुंचकर विधिवत पदभार ग्रहण किया। |  Ajmer Breaking News: कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता और कर्नाटक सरकार में कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त सलीम अहमद शनिवार को अजमेर पहुंचे। |  Ajmer Breaking News: ₹228.90 लाख के लगभग विकास कार्यों की सौगात: जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने काठोदा एवं पालड़ी में उप स्वास्थ्य केंद्रों तथा संपर्क सड़क का किया लोकार्पण |  Ajmer Breaking News: अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के बैनर तले आंगनबाड़ी कर्मियों का जिला कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन, |  Ajmer Breaking News: पुष्कर में पर्यटक सुरक्षा, नशे की रोकथाम और होटल पोर्टल व्यवस्था पर मंथन, एएसपी ग्रामीण डॉ. लालचंद कयाल ने ली विशेष बैठक |  Ajmer Breaking News: शोरूम से निकली कार में 1 घंटे के दरमियान में लगी आग, गनीमत रही नहीं हुई कोई जनहानी, | 

अजमेर न्यूज़:  संतो के चातुर्मास में मिल रहा प्रवचनो का लाभ

Post Views 11

July 29, 2021

पिपलिया बाजार स्थित श्री जैन स्थानक में

 संतो के चातुर्मास में मिल रहा प्रवचनो का लाभ​​​​​​​ पिपलिया बाजार स्थित श्री जैन स्थानक में धर्म सभा को संबोधित करते हुए–उपप्रवर्तिनी श्री राजमती जी म.सा.ने फरमाया कर्मों का भुगतान करते समय विद्या,धन,परिवार कोई सहयोगी नहीं बनता। व्यक्ति स्वयं कर्त्ता और स्वयं भोक्ता होता है। राजा हो या रंक सभी को जैसे कर्म किए वैसे फल अवश्य नसीब होते है। अशुभ कर्मों के उदय से गरीबी, तन का रोगी, सुखों का वियोगी होता है। अशुभ कर्मों को समभाव पूर्वक सहन करने से ही कर्मों की निर्जरा होती है तथा व्यक्ति आत्मिक सुख को प्राप्त करता है।डॉ.साध्वी राज रश्मि जी ने कहा सदधर्म की प्राप्ति के लिए इंद्रियों की पूर्णता, अविकल सबल शरीर होना आवश्यक है।चारित्र धर्म की प्राप्ति के लिए, अष्ट प्रवचन माताओं की आराधना के लिए इंद्रियों का सदुपयोग करना चाहिए। डॉ.साध्वी राजऋद्धि जी ने सुख विपाक सूत्र का विश्लेषण करते हुए स्वप्न की महत्ता,कालसर्प योग का कारण,शकुन विचार कितना उपयोगी पर विस्तृत जानकारी दी। संघ मंत्री पदम चंद  बंब ने बताया कि–पूज्या महासती जी महाराज के सान्निध्य में नियमित प्रार्थना, प्रवचन सुचारू रूप से गतिशील है। संघ में तपस्या का क्रम भी चल रहा है, और दर्शनार्थियों का आवागमन भी जारी है।


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved