For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 169631216
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: अजमेर JLN अस्पताल के शिशु ICU के टॉयलेटों की बदहाल स्थिति, गंदगी से संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका |  Ajmer Breaking News: सुल्तानुल हिंद के शहर अजमेर में जश्ने ईद मिलादुन्नबी का जलसा.. |  Ajmer Breaking News: राजगढ़ धाम पर दिखेगा श्रद्धा-भक्ति का अद्भुत संगम, शारदीय नवरात्रा का छठ मेला शुक्रवार, 16 अक्टूबर को |  Ajmer Breaking News: पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया अजमेर पहुंचे कुछ देर सर्किट हाउस में रुकने के बाद, श्री सम्मेद शिखरजी के दर्शन के लिए हुए रवाना |  Ajmer Breaking News: दशहरा उत्सव - रावण पुतला निर्माण की तैयारियां जोर-शोर पर |  Ajmer Breaking News: नवरात्रि और आगामी त्योहारों को लेकर अजमेर पुलिस अलर्ट, एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला के नेतृत्व में निकाला रूट मार्च,  |  Ajmer Breaking News: शक्ति सुरक्षा अभियान के तहत नवरात्र पर्व के दौरान गरबा एवं डांडिया महोत्सव में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अजमेर पुलिस द्वारा विशेष सतर्कता बरती जा रही है |  Ajmer Breaking News: स्नैपचैट पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर नाबालिग से दोस्ती, दुष्कर्म के आरोपी को मिली 20 साल की सजा। |  Ajmer Breaking News: अजमेर में सूने मकान को चोरों ने बनाया निशाना, 5 लाख का माल पार, ₹50 हजार नकदी और सोने-चांदी के जेवरात चोरी |  Ajmer Breaking News: अजमेर के कोटड़ा स्थित प्रगति नगर में एडीए की अनदेखी से बदहाल पड़ा बी ब्लॉक का सबसे बड़ा पार्क, स्थानीय निवासियों में रोष   | 

अजमेर न्यूज़:  संतो के चातुर्मास में मिल रहा प्रवचनो का लाभ

Post Views 51

July 29, 2021

पिपलिया बाजार स्थित श्री जैन स्थानक में

 संतो के चातुर्मास में मिल रहा प्रवचनो का लाभ​​​​​​​ पिपलिया बाजार स्थित श्री जैन स्थानक में धर्म सभा को संबोधित करते हुए–उपप्रवर्तिनी श्री राजमती जी म.सा.ने फरमाया कर्मों का भुगतान करते समय विद्या,धन,परिवार कोई सहयोगी नहीं बनता। व्यक्ति स्वयं कर्त्ता और स्वयं भोक्ता होता है। राजा हो या रंक सभी को जैसे कर्म किए वैसे फल अवश्य नसीब होते है। अशुभ कर्मों के उदय से गरीबी, तन का रोगी, सुखों का वियोगी होता है। अशुभ कर्मों को समभाव पूर्वक सहन करने से ही कर्मों की निर्जरा होती है तथा व्यक्ति आत्मिक सुख को प्राप्त करता है।डॉ.साध्वी राज रश्मि जी ने कहा सदधर्म की प्राप्ति के लिए इंद्रियों की पूर्णता, अविकल सबल शरीर होना आवश्यक है।चारित्र धर्म की प्राप्ति के लिए, अष्ट प्रवचन माताओं की आराधना के लिए इंद्रियों का सदुपयोग करना चाहिए। डॉ.साध्वी राजऋद्धि जी ने सुख विपाक सूत्र का विश्लेषण करते हुए स्वप्न की महत्ता,कालसर्प योग का कारण,शकुन विचार कितना उपयोगी पर विस्तृत जानकारी दी। संघ मंत्री पदम चंद  बंब ने बताया कि–पूज्या महासती जी महाराज के सान्निध्य में नियमित प्रार्थना, प्रवचन सुचारू रूप से गतिशील है। संघ में तपस्या का क्रम भी चल रहा है, और दर्शनार्थियों का आवागमन भी जारी है।


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved