For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 125393869
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: जय अम्बे सेवा समिति वृद्धाश्रम (सेवाधाम) में असहाय महिलाओं को राशन सामग्री वितरित,हर माह के द्वित्तीय रविवार को गरीब असहाय महिलाओं को राशन सामग्री वितरित की जाती है l |  Ajmer Breaking News: होटल सम्राट की बार में बिल को लेकर मारपीट,पुलिस ने 9 लोगों को किया डिटेन  |  Ajmer Breaking News: 12 अप्रैल 2026 रविवार को गंज स्थित जनकपुरी में लगा निशुल्क चिकित्सा एवं जांच शिविर, एक ही छत के नीचे  स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स ने दी निशुल्क चिकित्सा सेवाएं |  Ajmer Breaking News: अजमेर जिला पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला रविवार को दरगाह थाना पहुंचे, जहां दरगाह थाना पुलिस द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। |  Ajmer Breaking News: 16 अप्रैल से, संसद में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' से जुड़ी एक ऐतिहासिक चर्चा होने वाली है। |  Ajmer Breaking News: अजमेर के जनाना अस्पताल के एक रेजिडेंट डॉक्टर पर 16 साल की नाबालिग लड़की से दुष्कर्म ,जानकार ईमित्र संचालक को बताया तो उसने भी उसका फ़ायदा उठाया रेप व मारपीट की |  Ajmer Breaking News: सूचना केंद्र के खुले रंगमंच पर व्यंग्य और हास्य से भरपूर प्रस्तुति, गज, फुट, इंच के मंचन ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध,युवाओं ने दिखाई दमदार अभिनय प्रतिभा |  Ajmer Breaking News: जिला कलक्टर ने ग्राम पंचायत थल में लगाई रात्रि चौपाल,ग्रामीणों की सुनी समस्याएं, त्वरित समाधान के दिए निर्देश |  Ajmer Breaking News: स्वरांजलि 2026 संगीत जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है- देवनानी |  Ajmer Breaking News: महात्मा ज्योतिबा फुले सामाजिक समरसता और शिक्षा के ध्वजवाहक-  देवनानी विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने दी ज्योतिबा फुले जयंती की शुभकामनाएं | 

क़लमकार: चंडू खाने की चांडाल चौकड़ी

Post Views 41

July 3, 2021

अजमेर की राजनीती चंडू खाने में पैदा होती है और चांडाल चौकड़ी करती है उसे संचालित_ आइए


चंडू खाने की चांडाल चौकड़ी
अजमेर की राजनीती  चंडू खाने  में पैदा होती है और  चांडाल चौकड़ी करती है उसे संचालित_
आइए !! बात करें दोनों पार्टियों की_
                              सुरेन्द्र चतुर्वेदी
                    हिंदी में एक शब्द है चंडू खाना  जिसका अर्थ होता है नशेड़ी ,भंगेड़ी, बेसुध और बे-दिमाग लोगों का जमघट। जहां बेसिर पैर की बातें होती हैं ।सुनने में अटपटा लगने वाला यह शब्द अजमेर की राजनीति पर एकदम सही बैठता है। यहां की राजनीति अधिकांशतया चंडू खाने से ही पैदा होती है ।क़यासों की मारामारी! बेसिर पैर की अफ़वाहें! और बड़बोले नेताओं की बयानबाजी ! इसी चंडू खाने  की देन मानी जा सकती है।
                        भाजपा हो या कांग्रेस दोनों ही पार्टियां कहीं ना कहीं  अंदर खाने  चंडू खाने से ही रिश्ता रखती हैं।
                        हर पार्टी में एक  चांडाल चौकड़ी  होती है, जो इन  चंडू खानों  का संचालन करती है ।
                 आज ही अख़बार में ख़बर पढ़ी कि शहर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष विजय जैन अपनी फौज़ लेकर ,हाशिए पर खड़े सचिन पायलट से मिलने जयपुर जा पहुंचे। बेचारे  जैन के दिल में क्या था इसे किसी ने नहीं समझा      
                      चंडू खाने की  चांडाल चौकड़ी ने अफ़वाह फैला दी कि विजय जैन पुनः अध्यक्ष बनने की तमन्ना में पायलट जी से मिलने गए ।जो बंदा खुद पूर्व अध्यक्ष हो गया हो वह किसी को अध्यक्ष क्या बनाएगा चौकड़ी के किसी सदस्य ने कहा कि जैन साहब ए डी ए का चेयरमैन बनने के लिए पायलट से मिले ।
                        दरअसल  चंडू खाने  से जुड़े लोगों को पता है कि गहलोत लॉबी के अजमेरिये नेता , विजय जैन के हाथ में किसी पद की फूटी कौड़ी नहीं आने देंगे ! इधर सचिन पायलट को हाईकमान  समझौते में कुछ चहेतों को सुरक्षित रखने के अधिकार मिल सकते हैं ।बस ! इसी अधिकार के तहत रेवडी लेने विजय जैन जयपुर पहुंच गए।
             अजमेर का  चंडू खाना  राज्य के अन्य ज़िलों से बेहतरीन है ।यहां के  चंडू खाने  में हर एक किस्म के नेताओं की वैरायटी मिल जाती है।और तो और विधायक , सांसदों और मंत्रियों की भी इसमें पार्टनरशिप होती है
                         इन दिनों  चंडू खानों  में राजनीतिक नियुक्तियों और नेतागिरी चमकाने का भूत सवार है। पदों की रेवड़ी सिर्फ़ कांग्रेस में ही नहीं भाजपा में भी बंटने वाली है। दोनों ही पार्टियों के ज़िले अध्यक्षों के लिए वैकेंसी खाली पड़ी है ।
                         आइए !! अब तरतीब से सिलसिलेवार बात करें हमारे लोकप्रिय चंडू खाने के बारे में.
                   कांग्रेस और भाजपा दोनो ही पार्टियों में   चंडू खाने  की खबरों से राजनीतिक हलचल गरमाई हुई है।
              अभी हाल ही में कांग्रेस और भाजपा दोनो में ही नियुक्तियों को लेकर कई खबरें चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
                      जहां कांग्रेस में फिलहाल ए डी ए के अध्यक्ष को लेकर सरगर्मियां तेज़ हैं और कई चौंकाने वाले नाम सामने आ रहे हैं। उन्हें मैं तो  चंडू खाने  की खबरों से ज्यादा कुछ नही मानता।
                     इन नामो में डॉ बाहेती, दीपक हासानी, नसीम अख्तर, शक्ति प्रताप सिंह, विजय जैन जैसे कई नाम सामने आ रहे हैं। जिनमे नसीम अख्तर जैसे कद्दावर नेता जो पिछली सरकार में मंत्री पद का महत्वपूर्ण दायित्व निभा चुकी हैं उनका नाम इस पद के लिए चलाना तो मज़ाक ही लगता है।शिक्षा मंत्री जैसे बड़े दायित्व को निभाने के बाद मेरी नज़र में वो खुद ही इसे कत्तई मंजूर नहीं करेंगी।यहाँ आपको बता दूँ कि भाजपा राज में जब श्रीचंद कृपलानी को चितौड़ न्यास अध्यक्ष का पद सौंपा गया था तब उन्होंने नियुक्ति हो जाने के बाद भी इस पद को अपनी गरिमा के अनुरूप नही मानते हुए ठुकरा दिया था।मुझे नहीं लगता कि वे किन्ही भू माफ़ियाओं के चक्कर मे आकर पद मंज़ूर करेंगी और अपना नाम ख़राब करेंगी
                     मेरी नज़र में इस पद के लिए सबसे उपयुक्त और मजबूत नाम डॉ बाहेती का है जो पूर्व में भी इस पद का दायित्व बखूबी निभा चुके हैं। दूसरा नाम अगर जातिगत समीकरण को देखते हुए देखा जाए तो दीपक हासानी का हो सकता है परंतु कद्दावर स्थानीय कांग्रेसियों में उनकी भी कांग्रेस पार्टी के प्रति निष्ठा संदेह में मानी जाती है। साथ ही उन्हें निबटाने और इस दौड़ से बाहर करने के उद्देश्य से अन्य दावेदारों द्वारा कई विवादास्पद ज़मीनो से जुड़े कई लफड़ों में गाहे बगाहे उनका नाम घसीट लिया जाता रहा है। बाकी अन्य नाम तो मेरी नज़रों में गंभीर नही माने जा सकते।
                         अब बात करें भाजपा की तो अभी पार्टी अध्यक्ष को लेकर घमासान जारी है और नित नए नाम सामने आ रहे हैं। इनमें भी कई नाम चंडू खाने  की खबरों से ज्यादा कुछ नही ।
                          इनमे दो दिन से जो नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है वो है वह है भाजपा के लाडले लाल, लखावत और अरुण चतुर्वेदी के मानस शिष्य संपत सांखला का।
                  चंडू खाना इसे सर्वोपरि मान कर तूल दे रहा है ,जो मुझे बड़ा ही हास्यास्पद लग रहा है। जिस व्यक्ति पर आपराधिक मामले विचाराधीन हों उसे मेरी नज़र में तो भाजपा जैसी संस्कारवान पार्टी  कतई मान मर्दित नहीं करेगी।
                   संपत सांखला पर दसवीं पास का फर्जी एफेडेविट दायर करने का मुकदमा विचाराधीन चल रहा है। जांच के दौरान स्कूल से सब तथ्य जुटाने पर स्कूल द्वारा ये लिखित में सूचना दी गई थी कि जिस समय संपत सांखला द्वारा ये एफेडेविट प्रस्तुत किया गया था तब सम्मानीय संपत सांखला दसवीं पास नही अपितु दो बार नवी फैल थे।
                       उसके बाद उपमहापौर के पद पर रहते हुए और अपने पद का कथित तौर पर दुरुपयोग करते हुए हाल ही में करोड़ो रूपये की सरकारी ज़मीन की खरीद फरोख्त में चल रही जांच में सम्पत सांखला को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा प्रथम दृष्टया दोषी माना जा चुका है।
                  सरकारी ज़मीन पर क़ब्ज़ा कर उसका बेचान करने के आरोपी का नाम संस्कारवान पार्टी भाजपा अध्यक्ष पद के लिए सामने आना ही बड़ा हास्यास्पद है। और किसी पार्टी की बात हो तो जरूर कुछ भी सम्भव है।
                     चंडू खाने  की चांडाल चौकड़ी  कितने भी दावे कर ले, मुझे तो एक परसेन्ट भी नही लगता कि किसी भी भ्रष्टाचार में लिप्त विचाराधीन आरोपी के नाम पर संघ अपनी सहमति दे देगा। और ये भी सभी जानते हैं कि बिना संघ की सहमति के भाजपा में पत्ता भी नही हिल सकता। संघ तो किसी भी निर्विवाद व्यक्ति को ही तरजीह देता है, ये पार्टी भी जानती है।
               भाजपा अध्यक्ष पद के लिए अन्य नाम जो चर्चा में चल रहे हैं उनमें धर्मेन्द्र गहलोत, आनंद सिंह राजावत, जे के शर्मा, सुरेंद्र सिंह शेखावत के नाम मुख्य हैं।
                               मेरे हिसाब से तो अगर इस संस्कारवान और वैचारिक पार्टी के लिए कोई उपयुक्त नाम हो सकता है तो वो आनंद सिंह राजावत का ही हो सकता है। यदि गठजोड़ की राजनीति से नियुक्ति होती है तो वो  नाम जे के शर्मा का हो सकता है। जो अपने आका भाजपा के कद्दावर नेता भूपेंद्र यादव के नजदीकी माने जाने का दावा करते रहे हैं। उनके आशीर्वाद से ही मुझे भी लगता है कि जे के शर्मा का नाम अध्यक्ष पद की दौड़ में सबसे आगे है।
                          जहां तक  चंडू खाने की चर्चा का सवाल है धर्मेंद्र गहलोत पुनः प्रभावशाली रूप में पुनः प्राण प्रतिष्टित किए तो जा सकते हैं मगर इसके लिए उन्हें उन कार सेवकों को ख़ामोश करवाना होगा जो उनके मेयर काल की प्रकाशित ख़बरों की फाइल लेकर भटक रहे हैं।साथ ही उन्हें झूंठ से बचते हुए अपने राजनीतिक संरक्षक माननीय वासुदेव देवनानी जी के साथ बिगड़े रिश्तों की मरम्मत भी करनी ही पड़ेगी।
                  फ़िलहाल ज़िले का  चंडू खाना पूरी तरह आबाद है।यहाँ आपको बता दूँ कि आज का मेरा ब्लॉग पूरी तरह चंडू खाने के बाहर खड़े होकर लिखा गया है।इसमें सारे तथ्य वहीं के हैं।मेरा अपना कुछ भी नहीं ।
            ...बाकी राजनीति में हो तो कुछ भी सकता है।

#1708


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved