For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 173375499
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: अजमेर: सीआरपीएफ ब्रिज की भुजाओं और सड़कों के नवीनीकरण कार्य का शिलान्यास |  Ajmer Breaking News: विद्या भारती हॉकी प्रतियोगिता में शामिल हुईं उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, खेल और खिलाड़ियों के विकास को सराहा   |  Ajmer Breaking News: ​अजमेर जिले में पंचायत चुनाव का पहला चरण: मतदान शांतिपूर्ण जारी |  Ajmer Breaking News: अजमेर की 122 ग्राम पंचायतों में मतदान जारी, दिव्यांगों और बुजुर्गों में दिखा लोकतंत्र के प्रति उत्साह। |  Ajmer Breaking News: रावण दहन की ड्यूटी से लौट रहे कांस्टेबल शंकरलाल टेपन की सड़क हादसे में मौत, ट्रक ने बाइक को मारी टक्कर; किशनगढ़ के मुंडोती गांव में अंतिम विदाई |  Ajmer Breaking News: उदयपुर के होटल में वीजा खत्म होने के बाद रह रहीं तीन थाई महिलाएं डिटेन, एक पहले भी हो चुकी डिपोर्ट; होटल संचालक पर इमिग्रेशन एक्ट में कार्रवाई |  Ajmer Breaking News: अजमेर के वैशाली नगर में डीपी में लगी भीषण आग, करीब 15 मिनट तक होते रहे डीपी में धमाके, मची अफरा-तफरी |  Ajmer Breaking News: अजमेर रेलवे स्टेशन पर 'रेल जन संवाद' अभियान शुरू; यात्रियों की समस्याओं और सुरक्षा पर दिया जा रहा है विशेष जोर |  Ajmer Breaking News: अजमेर: म्यूल हंटर अभियान में पुलिस की कार्रवाई, 14 लाख की साइबर ठगी में मुख्य आरोपी साबिर आलम गिरफ्तार |  Ajmer Breaking News: अजमेर के चिकित्सा क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि: डॉ. बुनकर ने रोबोटिक तकनीक द्वारा किया जटिल हायटस हर्निया का सफल ऑपरेशन | 

अजमेर न्यूज़: मन के जज़्बे ओर हौंसले से शारीरिक परेशानी को दी मात

Post Views 41

March 3, 2021

कमर का निचला हिस्सा बेकार होने पर भी ड्यूटी  आने के लिए मुकेश ने  इलेक्ट्रिक सोलर व्हीकल को बनाया सहारा

मन के जज़्बे ओर हौंसले से शारीरिक परेशानी को दी मात



कमर का निचला हिस्सा बेकार होने पर भी ड्यूटी  आने के लिए मुकेश ने  इलेक्ट्रिक सोलर व्हीकल को बनाया सहारा



मन में जज्बा ओर कुछ करने का हौंसला हो तो असम्भव को भी सम्भव किया जा सकता। इसी की एक मिसाल है अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड में काम करने वाले मुकेश भाकर।
 मुकेश का 2008 में अपने साथी को करंट से बचाते हुए एक्सीडेंट के दौरान कमर से नीचे का हिस्सा पेरेलिसिस से बेजान हो गया।
 काफी लंबा इलाज चला, डॉक्टरों ने काम करने से भी मना कर दिया पर फिर भी मुकेश भाकर को घर बैठना गंवारा नहीं था।





मुकेश ने घर बैठने की जगह ऑफिस आने जाने के लिए एक इलेक्ट्रिक सोलर व्हीकल स्कूटर बनवाया। करीब 90 हज़ार के खर्च से बनी सोलर व्हीकल से उनको जहां ऑफिस आने जाने की सहूलियत मिली  साथ में विभाग के ही एक कर्मचारी को साथ लेकर आज मुकेश स्वाभिमान से अपनी नौकरी कर रहे हैं। हालांकि कभी कभी उनका पैर से नीचे के हिस्सा पेरेलिसिस होने से दिक्कत होती है पर फिर भी उनका कहना है कि जब निगम उन्हें तनखाह दे रही है तो उन्हें भी काम तो करना ही है।




मुकेश एक मिसाल है उन लोगों के लिए जिनके शरीर हष्ट पुष्ट है परंतु फिर भी उनका काम करने का मन नहीं करता है। उन्हें मुकेश भाकर जैसे इंसान से कुछ सीखना चाहिए जो कि दिव्यांग होते हुए भी अपने हौसले को बरकरार रखे हुए हैं। मुकेश भाकर ने मीडिया से खास बातचीत करते हुए बताया कि उनको यदि थोड़ी बहुत सहूलियत मिल जाए तो वह अपना जीवन पूर्ण रूप से काम के प्रति समर्पित करना चाहते हैं। हालांकि उनको काफी कुछ शरीर में स्थाई चोट के कारण परेशानी होती है लेकिन फिर भी उनके हौसले के आगे उनकी परेशानियां बौनी साबित हो रही है।


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved