Post Views 251
March 3, 2021
प्रदेश के राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज हो रावणा राजपूत के नाम से संबोधन:- भागीरथ चौधरी ।
सांसद चौधरी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर राजस्व रिकॉर्ड तथा अन्य पिछडा वर्ग सूची-11 में दर्ज पदनाम जैसे दरोगा, हजूरी, वजीर आदि को विलोपित कर एक ही नाम रावणा राजपूत करने की रखी मांग।
अजमेर सांसद भागीरथ चौधरी ने राजस्थान प्रदेश के रावणा राजपूत समाज के संघठन एवं उनके प्रतिनिधियों की मांग पर प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर प्रदेश के राजस्व रिकॉर्ड तथा अन्य पिछडा वर्ग सूची-11 में दर्ज पदनाम जैसे दरोगा, हजूरी, वजीर आदि को विलोपित कर एक ही नाम रावणा राजपूत करने की मांग रखते हुये इस संबंध में शीघ्र ही आवश्यक गजट नोटिफिकेशन जारी कराने हेतु निवेदन किया।
सांसद चौधरी ने पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि प्रदेश में रियासत कालीन समय से रावणा राजपूत समाज को दरोगा, हजूरी, वजीर जैसे शब्दों से संबोधित किया जाता रहा है। और राजस्थान की अन्य पिछडा वर्ग सूची-11 में भी इस समाज के लिए दरोगा, हजूरी एवं वजीर जैसे शब्द राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है। जबकि रावणा राजपूत जाति सदियों से एक मेहनतकश, खेतीहर एवं कुशल दस्ताकार जाति रही है।
चूकिः उक्त सभी शब्द सामन्तवादी विचारों वाले वर्ग से ओतप्रोत एवं वर्तमान आधुनिक समय में इस सभ्य समाज को आह्त करने वाले शब्द है। ज्ञात रहे कि इस संबंध में गत कुछ वर्षों से समय-समय पर रावणा राजपूत समाज के लोगो द्वारा इस संबंध में राजस्व रिकॉर्ड शुद्विकरण की मांग भी की जाती रही है।
अतः प्रदेश के राजस्व रिकॉर्ड में रावणा राजपूत जाति के लिए उपयोग के लिये जाने वाले दरोगा, हजूरी एवं वजीर जैसे शब्दो को हटाकर केवल रावणा राजपूत शब्द ही प्रयुक्त किये जाने के संबंध में आवश्यक संशोधन गजट नोटिफिकेशन जारी कराने की कृपा करें। ताकि उक्त सभ्य समाज के सर्वागिण एवं सम्रग विकास को समुचित गति मिल सकें।