For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 145890094
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: अजमेर शरीफ में ज़िक्रे शोहदाये कर्बला का आयोजन   |  Ajmer Breaking News: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की राजस्थान यात्रा, जिला स्तरीय रोजगार मेले का हुआ आयोजन, 982 युवाओं को नियुक्ति पत्र |  Ajmer Breaking News: दरगाह क्षेत्र मानव तस्करी प्रकरण पीड़ित परिवार को मिल रही धमकियां, सुरक्षा की मांग; जमानत पर फैसला सुरक्षित |  Ajmer Breaking News: 2 करोड़ 45 लाख रूपए की लागत से निर्मित होगी सेशन कोर्ट चौराहे से सीआरपीएफ ब्रिज तक सड़क-नाली, लाइट व डिवाइडर निर्माण-भदेल |  Ajmer Breaking News: अजमेर मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर 53 एटीवीएम फैसिलिटेटर नियुक्त होंगे |  Ajmer Breaking News: जगन गुर्जर हत्याकांड में आरोपी विष्णु सिंह जाट प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार |  Ajmer Breaking News: आईटीआई अजमेर के पूर्व छात्र रिछपाल आंचरा होंगे 2026-27 के ब्रांड अम्बेसेडर |  Ajmer Breaking News: शहरी सेवा शिविर-2026 बना जनविश्वास का केंद्र, त्वरित समाधान से नागरिकों को मिली राहत |  Ajmer Breaking News: कच्ची बस्ती के 300 गरीब परिवारों को बेदखली की धमकी, मानवाधिकार परिषद ने जिला कलक्टर को सौंपा ज्ञापन |  Ajmer Breaking News: जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु के द्वारा गुरूवार को ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों सहित विभिन्न विषयों पर समीक्षा बैठक ली गई। | 

अजमेर न्यूज़: राज्य सरकार द्वारा पट्टे देकर बनाये गए मकानों को फॉरेस्ट विभाग ने बताया अवैध

Post Views 11

March 2, 2021

गरीब परिवारों के मकानों को जेसीबी मशीन से तोड़ा, परिवारों ने लगाई कलेक्टर से मदद की गुहार

राज्य सरकार द्वारा पट्टे देकर बनाये गए मकानों को फॉरेस्ट विभाग ने बताया अवैध



गरीब परिवारों के मकानों को जेसीबी मशीन से तोड़ा, परिवारों ने लगाई कलेक्टर से मदद की गुहार





इन्द्रा आवास योजना के तहत वर्ष 1984 में राज्य सरकार द्वारा ग्राम पंचायत बंडना तहसील किशनगढ़ जिला अजमेर को भूमि आवंटित हुई थी, जिसमें राज्य सरकार द्वारा निःशुल्क पट्टे व मकान बनाकर दिये गये थे। जिसमें वर्तमान में 200 परिवार निवास कर रहे है।





लेकिन कल अचानक फॉरेस्ट विभाग ने उनको किसी भी प्रकार की सूचना दिये बगैर तथा ग्राम पंचायत हल्का पटवारी को बिना सूचना दिये व बिना ग्रामवासियों की उपस्थिति के उक्त भूमि पर बने मकानों को जे.सी.बी. की सहायता से हटाना शुरू कर दिया। जिला कलेक्टर से मदद की गुहार लगाने कलेक्ट्रेट पहुंचे





ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग द्वारा पचास वर्ष पूर्व में सीमेन्ट के पीलर बनाकर अपनी सीमा कायम की गई थी । तथा वन विभाग की सीमा पर पक्की बाउण्ड्रीवॉल सन-2008 में की गई है उसके बावजूद उस सीमा को पार करके वर्तमान में बिना ग्रामवासी को सूचना दिये बगैर व ग्रामवासी की अनुपस्थिति में सीमाज्ञान कर वन विभाग द्वारा उसकी सीमा को आगे बढ़ाकर जे.सी.बी. की सहायत से वर्तमान आबादी क्षेत्र में घुसकर बने हुये आवासीय मकानों को हटाने से ग्रामवासियों में आक्रोश है।





इस सम्बन्ध में ग्रामवासियों द्वारा पूर्व में एम.एल.ए. किशनगढ़ सुरेश टांक को भी प्रार्थना पत्र के माध्यम से अवगत करा दया गया है। लेकिन उक्त प्रार्थना पत्र पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई। जबकि एम.एल.ए. साहब ने वन विभाग को दूरभाष पर भौखिक रूप से कहा गया कि उपरोक्त सम्बन्ध में किसी भी कार्यवाही करने से पहले मेरे सामने सीमाज्ञान किया जाये तब तक विभाग द्वारा कोई भी कार्यवाही नहीं की जाये।


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved