For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 141669582
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: अजमेर में मादक पदार्थ सप्लाई नेटवर्क का बड़ा खुलासा, मुख्य सप्लायर कोलकाता से गिरफ्तार |  Ajmer Breaking News: नीट परीक्षा में बरतें पूरी सावधानी, लापरवाही पर होगी कार्यवाही- श्री लोक बन्धु |  Ajmer Breaking News: विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने जेएलएन अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी का किया शुभारंभ |  Ajmer Breaking News: कोटड़ा सैटेलाइट अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन का लोकार्पण |  Ajmer Breaking News: शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण, समाज निर्माण के लिए आवश्यक - देवनानी |  Ajmer Breaking News: शहरी सेवा शिविर अभियान-2026, शहरी सेवा शिविर में तीव्र गति से हो रहे समाधान, प्राधिकरण कैम्प में 120 प्रकरणों का हुआ निस्तारण |  Ajmer Breaking News: शहरी सेवा शिविर 2026, जिला कलक्टर ने किया औचक निरीक्षण |  Ajmer Breaking News: सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों और अधिकारियों की समस्याओं के समाधान के लिए पेंशन अदालत - 2026 का सुबह 11 बजे से आयोजन किया गया। |  Ajmer Breaking News: अजमेर के आदर्श नगर थाना अंतर्गत माखुपुरा रीको इंडस्ट्रियल एरिया में रविवार रात 8 बजे अचानक तीन प्लास्टिक फैक्ट्रियों में आग लग गई। |  Ajmer Breaking News: अधिक मास की सोमवती अमावस्या पर पुष्कर में उमड़ा आस्था का सैलाब,2 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, | 

अजमेर न्यूज़: राज्य सरकार द्वारा पट्टे देकर बनाये गए मकानों को फॉरेस्ट विभाग ने बताया अवैध

Post Views 11

March 2, 2021

गरीब परिवारों के मकानों को जेसीबी मशीन से तोड़ा, परिवारों ने लगाई कलेक्टर से मदद की गुहार

राज्य सरकार द्वारा पट्टे देकर बनाये गए मकानों को फॉरेस्ट विभाग ने बताया अवैध



गरीब परिवारों के मकानों को जेसीबी मशीन से तोड़ा, परिवारों ने लगाई कलेक्टर से मदद की गुहार





इन्द्रा आवास योजना के तहत वर्ष 1984 में राज्य सरकार द्वारा ग्राम पंचायत बंडना तहसील किशनगढ़ जिला अजमेर को भूमि आवंटित हुई थी, जिसमें राज्य सरकार द्वारा निःशुल्क पट्टे व मकान बनाकर दिये गये थे। जिसमें वर्तमान में 200 परिवार निवास कर रहे है।





लेकिन कल अचानक फॉरेस्ट विभाग ने उनको किसी भी प्रकार की सूचना दिये बगैर तथा ग्राम पंचायत हल्का पटवारी को बिना सूचना दिये व बिना ग्रामवासियों की उपस्थिति के उक्त भूमि पर बने मकानों को जे.सी.बी. की सहायता से हटाना शुरू कर दिया। जिला कलेक्टर से मदद की गुहार लगाने कलेक्ट्रेट पहुंचे





ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग द्वारा पचास वर्ष पूर्व में सीमेन्ट के पीलर बनाकर अपनी सीमा कायम की गई थी । तथा वन विभाग की सीमा पर पक्की बाउण्ड्रीवॉल सन-2008 में की गई है उसके बावजूद उस सीमा को पार करके वर्तमान में बिना ग्रामवासी को सूचना दिये बगैर व ग्रामवासी की अनुपस्थिति में सीमाज्ञान कर वन विभाग द्वारा उसकी सीमा को आगे बढ़ाकर जे.सी.बी. की सहायत से वर्तमान आबादी क्षेत्र में घुसकर बने हुये आवासीय मकानों को हटाने से ग्रामवासियों में आक्रोश है।





इस सम्बन्ध में ग्रामवासियों द्वारा पूर्व में एम.एल.ए. किशनगढ़ सुरेश टांक को भी प्रार्थना पत्र के माध्यम से अवगत करा दया गया है। लेकिन उक्त प्रार्थना पत्र पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई। जबकि एम.एल.ए. साहब ने वन विभाग को दूरभाष पर भौखिक रूप से कहा गया कि उपरोक्त सम्बन्ध में किसी भी कार्यवाही करने से पहले मेरे सामने सीमाज्ञान किया जाये तब तक विभाग द्वारा कोई भी कार्यवाही नहीं की जाये।


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved