For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 149694755
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: प्रधानमंत्री के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के खिलाफ पुतला दहन |  Ajmer Breaking News: बारिश से पहले एक्शन, तैनात रहेंगे 150 हॉर्स पावर के तीन पम्प, विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने दी सौगात |  Ajmer Breaking News: विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी की गरिमामयी उपस्थिति में निकली भगवान जगन्नाथ जी की भव्य रथयात्रा |  Ajmer Breaking News: अजमेर की ऐतिहासिक आनासागर झील की बदहाली और दुर्दशा पर प्रशासन व भाजपा की उदासीनता के खिलाफ 23 जुलाई को अजमेर बंद को सफल बनाए के लिए बैठक आयोजित |  Ajmer Breaking News: अग्रवाल समाज, अजमेर के तत्वावधान में रविवार को शिव मंदिर, रेम्बल रोड पर निःशुल्क चिकित्सा एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। |  Ajmer Breaking News: सरकारी जमीन पर बनी दुकानें बेच कर धोखाधड़ी करने वाला हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार |  Ajmer Breaking News: भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक एवं अखिल भारतीय राजीव गांधी कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अमनदीप सिंह ने कहा कि कांग्रेस छात्रों की गूंज सड़क से संसद तक उठीयेगी । |  Ajmer Breaking News: पुष्कर सरोवर के कृष्ण घाट पर मंदिर से अष्टधातु का छत्र चोरी, पुजारी ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की |  Ajmer Breaking News: संगठन में निष्ठा और मेहनत सर्वोपरि; धरातल पर पसीना बहाने वाले कार्यकर्ताओं को मिलेगा पूरा मान-सम्मान — डॉ. विकास चौधरी ​ |  Ajmer Breaking News: अलवर गेट थाना अंतर्गत 76 वर्षीय बुजुर्ग के साथ हुई ठगी की वारदात, हाथ में से सोने की अंगूठी उतरवा कर 500 के नोटों की नकली गड्डी थमाकर हुए फरार | 

अंदाजे बयां: जब जिसने तेरा अफ़साना सुना दिया

Post Views 21

March 2, 2021

सज़दे में मैंने अपना सर झुका दिया

जब जिसने तेरा अफ़साना सुना दिया,
सज़दे में मैंने अपना सर झुका दिया.




आसमान के गिर जाने का डर था उसे,
उसने घर की छत से पंछी उड़ा दिया.




हवा ना साया, फूल ना खुशबु फल देगा,
आँगन में ये कैसा पौधा उगा दिया.




मैंने उसकी ज़ीश्त के पन्ने जब खोले, (ज़ीश्त = ज़िन्दगी)
उसने मेरी मौत का मुद्दा उठा दिया.




ख़ुद्दारी में तेरा सर तो झुका नहीं,
भीड़ ने उसको देख मसीहा बना दिया.




फिर से मेरा नाम वो लिखना सीख रहा,
जिसका मैंने नाम कभी का मिटा दिया.




जिसके घर पर ग़ज़लों पर पाबन्दी थी,
उसको भी इक शेर तो मैंने सुना दिया.



सुरेन्द्र चतुर्वेदी


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved