For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 116141982
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: स्मार्ट सिटी अजमेर अंधेरे में डूबी, खराब स्ट्रीट लाइटों से बढ़ रहे अपराध व दुर्घटनाएं – युवा कांग्रेस ने नगर निगम आयुक्त के नाम सौंपा ज्ञापन ।  |  Ajmer Breaking News: जीवन दायिनी अरावली पर्वत श्रृंखला के साथ छेड़छाड़ नहीं होगी बर्दाश्त,  विभिन्न स्कूली संस्थाओं महाविद्यालय व स्वयंसेवी संगठनों के द्वारा महामहिम राष्ट्रपति के नाम सोपा ज्ञापन, रैली निकालकर किया प्रदर्शन |  Ajmer Breaking News: सिविल लाइंस थाना अंतर्गत महादेव नगर में बाड़े में बंद सूअर चोरी होने का मामला, |  Ajmer Breaking News: सिविल लाइंस थाना अंतर्गत इंदिरा कॉलोनी में 11 जनवरी की रात हुई मारपीट उपद्रव के वीडियो आए सामने, |  Ajmer Breaking News: नामांकन बढ़ाएं, बच्चों को पढ़ाएं और सुयोग्य नागरिक बनाएं-श्री देवनानी, कोटड़ा में साढ़े 4 करोड़ से बने राजकीय स्कूल का लोकार्पण |  Ajmer Breaking News: भारत के विकास में सिंधी समुदाय के योगदान की एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित |  Ajmer Breaking News: कृषि विभाग ने जारी की कीटों के रोकथाम के लिए एडवाइजरी, सरसों की फसल में माहू एवं चेपा (एफिड)से बचाव के लिए करें उपाय |  Ajmer Breaking News: वीबीजी रामजी योजना रोजगार सुरक्षा और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम : भागीरथ चौधरी |  Ajmer Breaking News: अजमेर को मिली सौगात, मल्टीपर्पज स्टेडियम का शिलान्यास, विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने किया शुभारम्भ, खिलाड़ी और आमजन रहे मौजूद |  Ajmer Breaking News: राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 में ईलेक्ट्रिक दुपहिया वाहन रैली एवं स्कूलों में जागरुकता कार्यक्रम का किया गया आयोजन | 

अंदाजे बयां: जब जिसने तेरा अफ़साना सुना दिया

Post Views 11

March 2, 2021

सज़दे में मैंने अपना सर झुका दिया

जब जिसने तेरा अफ़साना सुना दिया,
सज़दे में मैंने अपना सर झुका दिया.




आसमान के गिर जाने का डर था उसे,
उसने घर की छत से पंछी उड़ा दिया.




हवा ना साया, फूल ना खुशबु फल देगा,
आँगन में ये कैसा पौधा उगा दिया.




मैंने उसकी ज़ीश्त के पन्ने जब खोले, (ज़ीश्त = ज़िन्दगी)
उसने मेरी मौत का मुद्दा उठा दिया.




ख़ुद्दारी में तेरा सर तो झुका नहीं,
भीड़ ने उसको देख मसीहा बना दिया.




फिर से मेरा नाम वो लिखना सीख रहा,
जिसका मैंने नाम कभी का मिटा दिया.




जिसके घर पर ग़ज़लों पर पाबन्दी थी,
उसको भी इक शेर तो मैंने सुना दिया.



सुरेन्द्र चतुर्वेदी


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved