For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 118241947
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी के निर्देश,पुलिस थाना व पुलिस चौकी क्रिश्चियन का नाम बदला, अब कृष्णगंज |  Ajmer Breaking News: पंच गौरव कार्यक्रम, जिला स्तरीय प्रतिभा खोज कबड्डी प्रतियोगिता का हुआ भव्य शुभारंभ  |  Ajmer Breaking News: क्रिश्चियन गंज थाना अंतर्गत ईदगाह कॉलोनी में सुने मकान में हुई चोरी की वारदात,शातिर चोरों ने छत के रास्ते से घर में घुसकर सोने चांदी के जेवरात सहित पासपोर्ट व जरूरी सामान किया चोरी |  Ajmer Breaking News: अजमेर में बागेश्वर धाम सरकार के पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की हनुमंत कथा के पोस्टर बैनर फाड़े जाने से सनातनियों में आक्रोश,पुलिस प्रशासन से असामाजिक तत्वों पर कार्यवाही की मांग  |  Ajmer Breaking News: चाइल्ड हेल्पलाइन बाल अधिकारिकता विभाग व महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान, |  Ajmer Breaking News: महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम विद्यालय में शैक्षणिक सामग्री वितरण, बालिका शिक्षा को मिला नया संबल                    |  Ajmer Breaking News: अजमेर देहात जिला महिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष श्रीमती गीता चौधरी की अध्यक्षता में जिला महिला कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई। |  Ajmer Breaking News: मनरेगा बचाओ संग्राम: मंडल स्तर पर कांग्रेस का जोरदार विरोध प्रदर्शन |  Ajmer Breaking News: अजमेर दरगाह बाजार मधुशाह गली में विद्युत विभाग की अंडरग्राउंड लाइन में स्पार्किंग के साथ अचानक आग लग गई। |  Ajmer Breaking News: अजमेर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर जीआरपी और आफ की संयुक्त चेकिंग के दौरान 186 ग्राम अफीम और 12.376 किलोग्राम डोडा-चूरा के साथ एक युवक गिरफ्तार, | 

अंदाजे बयां: जब जिसने तेरा अफ़साना सुना दिया

Post Views 11

March 2, 2021

सज़दे में मैंने अपना सर झुका दिया

जब जिसने तेरा अफ़साना सुना दिया,
सज़दे में मैंने अपना सर झुका दिया.




आसमान के गिर जाने का डर था उसे,
उसने घर की छत से पंछी उड़ा दिया.




हवा ना साया, फूल ना खुशबु फल देगा,
आँगन में ये कैसा पौधा उगा दिया.




मैंने उसकी ज़ीश्त के पन्ने जब खोले, (ज़ीश्त = ज़िन्दगी)
उसने मेरी मौत का मुद्दा उठा दिया.




ख़ुद्दारी में तेरा सर तो झुका नहीं,
भीड़ ने उसको देख मसीहा बना दिया.




फिर से मेरा नाम वो लिखना सीख रहा,
जिसका मैंने नाम कभी का मिटा दिया.




जिसके घर पर ग़ज़लों पर पाबन्दी थी,
उसको भी इक शेर तो मैंने सुना दिया.



सुरेन्द्र चतुर्वेदी


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved