For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 120927692
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: पुष्कर में विप्र फाउंडेशन का राष्ट्रीय अधिवेशन, BCIF शोध अभियान शुरू करने की घोषणा |  Ajmer Breaking News: रन फॉर विकसित राजस्थान का हुआ आयोजन युवाओं, विद्यार्थियों और आमजन ने बढ़-चढ़कर लिया भाग, संभागीय आयुक्त एवं जिला कलक्टर ने दिखाई हरी झंडी |  Ajmer Breaking News: केंद्रीय कृषि मंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने किया एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) प्रदर्शनी एवं मेले का शुभारम्भ |  Ajmer Breaking News: अजमेर के कृष्णगंज थाना अंतर्गत जी सिने माल के पीछे आनासागर झील में एक युवक की पानी की सतह पर तैरता मिला शव, |  Ajmer Breaking News: अजमेर जिला पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा को पुलिस अधीक्षक कार्यालय से दी गई भावभीनी विदाई, |  Ajmer Breaking News: श्री हनुमत शक्ति जागरण समिति के तत्वावधान में रविवार को अजमेर से 100 वरिष्ठजन श्रद्धालुओं का एक डेलिगेशन प्रयागराज और अयोध्या की धार्मिक यात्रा पर रवाना हुआ। |  Ajmer Breaking News: अजमेर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के ब्लाक (अ) एवं ब्लाक (ब) कांग्रेस कमेटी द्वारा रविवार को सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया गया। |  Ajmer Breaking News: हनुमानगढ़ ब्लास्ट साजिश केस: अजमेर के आरोपी अली अकबर को लेकर परिवार का बयान, आर्थिक तंगी और कर्ज से था परेशान |  Ajmer Breaking News: सिलोरा पीटीएस से पुलिस की महिला जवानों को अभय कमांड सेंटर,पुलिस कंट्रोल रूम ओर अजमेर के आदर्श थाने यानी आदर्श नगर थाने का कराया भ्रमण,पुलिस की वर्किंग से कराया अवगत, |  Ajmer Breaking News: देवनानी विद्या वाचस्पति की मानद उपाधि से हुए विभूषित, तकनीकी शिक्षा के साथ मानवीय मूल्यों का समावेश अनिवार्य: श्री वासुदेव देवनानी, अध्यक्ष-राजस्थान विधानसभा | 

अंदाजे बयां: ख़ुश होकर जब दिल रोता है

Post Views 11

January 17, 2021

ये दिल तब ख़ुसरो होता है

ख़ुश होकर जब दिल रोता है,

ये दिल तब ख़ुसरो होता है।




जंगल हूँ सो जान गया हूँ,

पँछी कब दिन में सोता है।




रटता है जो नाम एक ही,

मुझमें वो रट्टू तोता है।




मेरा दुख आँखों से मिलकर,

झील में सिंघाड़े बोता है।




इक अहसास कबाड़ी जैसा,

सब ख़रीद कर ख़ुश होता है।



सुख मेरा है धोबी जैसा,

घाटों पर कपड़े धोता है।



मुझमें क्यों होता है अक्सर,

रात में बैठ के दिन रोता है।



सुरेन्द्र चतुर्वेदी


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved