For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 78859126
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: अखिल भारतीय जांगिड़ महासभा ब्यावर शाखा की कार्यकारिणी घोषित |  Ajmer Breaking News: श्री महर्षि गौतम शिक्षण शोध संस्थान की कार्यकारिणी का गठन |  Ajmer Breaking News: सीनियर सिटीजन के लिए कोरोना वैक्सीनेशन का शुभारंभ |  Ajmer Breaking News: भारत स्वाभिमान व पतंजलि योग समिति अजमेर के तत्वावधान में त्रि दिवसीय यज्ञ प्रशिक्षण शिविर सम्पन्न |  Ajmer Breaking News: 10 हजार का इनामी बदमाश डकैत धनसिंह उर्फ धनसा गुर्गे सहित गिरफ्तार |  Ajmer Breaking News: जिला परिषद से जन जागरण के लिए जनचेतना रथ को हरी झंडी दिखाकर जिला प्रमुख ने किया रवाना |  Ajmer Breaking News: राज्य सरकार द्वारा पट्टे देकर बनाये गए मकानों को फॉरेस्ट विभाग ने बताया अवैध |  Ajmer Breaking News: डिग्गी बाजार कपड़ा मार्केट में मामूली विवाद ने पकड़ा तूल |  Ajmer Breaking News: वृद्धाश्रम के प्रवासी वृद्धजनों को दो माह की मासिक पेंशन प्रदान |  Ajmer Breaking News: एलईडी कंपनी की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर परिवादिया से हड़पे 12 लाख रुपए | 

राष्ट्रीय न्यूज़: व्हाट्सएप की नई नीति को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

Post Views 171

January 17, 2021

सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर व्हाट्सएप की नई पॉलिसी को चुनौती दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर व्हाट्सएप की नई पॉलिसी को चुनौती दी गई है। याचिका व्यापारियों के एक बड़े संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने दायर की है।




कैट ने अपनी याचिका में सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई गई है कि केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाना चाहिए कि व्हाट्सएप सहित अन्य इंटरनेट मैसेजिंग सर्विसेज से लोगों की निजता व राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई आंच नहीं आए।





याचिका में कहा गया है कि व्हाट्सएप की प्रस्तावित निजता नीति संविधान के तहत नागरिकों को मिले विभिन्न मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। सरकार को व्हाट्सएप जैसी कंपनियों पर निगरानी रखने के लिए व्यापक दिशानिर्देश बनाने की जरूरत है,





जिससे कि नागरिकों और व्यवसायों की गोपनीयता की रक्षा सुनिश्चित की जा सके। लोगों के मैसेज, फोटो, वीडियो सहित कोई अन्य जानकारी का दुरुपयोग न हो।





दरअसल, व्हाट्सएप की नई नीति के तहत लोगों के लिए अपने डाटा को फेसबुक और उसकी समूह कंपनी से साझा करने की सहमति अनिवार्य रूप से देना अनिवार्य कर दिया गया है। लोगों के लिए दो ही विकल्प है। या तो वह इस शर्त के लिए तैयार हो जाएं या प्लेटफार्म को छोड़ दें।





याचिका में कहा गया है कि व्हाट्सएप की नई नीति पब्लिक लॉ और सरकार की नीतियों के खिलाफ है। याचिकाकर्ता संगठन ने कहा है कि व्हाट्सएप की नीतियां यूरोप के देशों में अलग है और भारत में अलग।




कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल का कहना है कि व्हाट्सएप की नई नीति माई वे या हाई वे वाली है।





उनका कहना है कि नई नीति मनमाना, अनुचित और असंवैधानिक है। भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में इसे कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता है। व्हाट्सएप लोगों के डाटा को धोखे से इकट्ठा कर रहा है।


© Copyright Horizonhind 2021. All rights reserved