For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 127255062
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक आयोजित, ग्रीष्म ऋतु के दौरान हो पर्याप्त पेयजल सप्लाई |  Ajmer Breaking News: जिला मुख्यालय स्थित कार्यालयों का जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु द्वारा मंगलवार को सघन औचक निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए। |  Ajmer Breaking News: स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग की संभागीय प्रशासनिक समिति की बैठक मंगलवार को संभागीय आयुक्त श्री शक्ति सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में संभागीय आयुक्त कार्यालय में आयोजित |  Ajmer Breaking News: संसद में महिला आरक्षण विधेयक गिरने के बाद देश भर में राजनीति चरम पर, |  Ajmer Breaking News: संभाग के सबसे बड़े जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के न्यूरोलॉजी वार्ड में संदिग्ध अवस्था में घूमते युवक को सुरक्षा गार्ड्स ने पकड़ा, |  Ajmer Breaking News: अजमेर नगर निगम सीमा में धारदार हथियार लेकर घूम रहा हिस्ट्रीशीटर रमजान अली उर्फ रमजानी गिरफ्तार, दरगाह थाना पुलिस ने आर्म्स एक्ट में की त्वरित कार्रवाई |  Ajmer Breaking News: महिला आरक्षण विधेयक संसद में गिरने पर राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर भाजपा और कांग्रेस में तेज हुई बयानबाजी, |  Ajmer Breaking News: बाजार में हो रहे अतिक्रमणों को लेकर यातायात विभाग उतरा सड़कों पर, |  Ajmer Breaking News: पुष्कर कोर्ट में बार काउंसिल चुनाव कल: 102 अधिवक्ता करेंगे मतदान, तैयारियां पूरी |  Ajmer Breaking News: पति पत्नी का अपहरण कर पति से मारपीट करने और दांतली से नाक काटने के साथ उसका वीडियो बनाकर वायरल करने के मामले में जिला न्यायालय ने आठ आरोपियों को सुनाई सजा, | 

राष्ट्रीय न्यूज़: व्हाट्सएप की नई नीति को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

Post Views 11

January 17, 2021

सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर व्हाट्सएप की नई पॉलिसी को चुनौती दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर व्हाट्सएप की नई पॉलिसी को चुनौती दी गई है। याचिका व्यापारियों के एक बड़े संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने दायर की है।




कैट ने अपनी याचिका में सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई गई है कि केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाना चाहिए कि व्हाट्सएप सहित अन्य इंटरनेट मैसेजिंग सर्विसेज से लोगों की निजता व राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई आंच नहीं आए।





याचिका में कहा गया है कि व्हाट्सएप की प्रस्तावित निजता नीति संविधान के तहत नागरिकों को मिले विभिन्न मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। सरकार को व्हाट्सएप जैसी कंपनियों पर निगरानी रखने के लिए व्यापक दिशानिर्देश बनाने की जरूरत है,





जिससे कि नागरिकों और व्यवसायों की गोपनीयता की रक्षा सुनिश्चित की जा सके। लोगों के मैसेज, फोटो, वीडियो सहित कोई अन्य जानकारी का दुरुपयोग न हो।





दरअसल, व्हाट्सएप की नई नीति के तहत लोगों के लिए अपने डाटा को फेसबुक और उसकी समूह कंपनी से साझा करने की सहमति अनिवार्य रूप से देना अनिवार्य कर दिया गया है। लोगों के लिए दो ही विकल्प है। या तो वह इस शर्त के लिए तैयार हो जाएं या प्लेटफार्म को छोड़ दें।





याचिका में कहा गया है कि व्हाट्सएप की नई नीति पब्लिक लॉ और सरकार की नीतियों के खिलाफ है। याचिकाकर्ता संगठन ने कहा है कि व्हाट्सएप की नीतियां यूरोप के देशों में अलग है और भारत में अलग।




कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल का कहना है कि व्हाट्सएप की नई नीति माई वे या हाई वे वाली है।





उनका कहना है कि नई नीति मनमाना, अनुचित और असंवैधानिक है। भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में इसे कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता है। व्हाट्सएप लोगों के डाटा को धोखे से इकट्ठा कर रहा है।


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved