For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 130710081
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: पुष्कर में शाकद्वीपीय मग ब्राह्मण समाज का सामूहिक जनेऊ संस्कार, 30 बटुक हुए संस्कारित |  Ajmer Breaking News: रेलवे की तत्परता: अजमेर मंडल के डिप्टी सीटीआई की मदद से महिला यात्री को वापस मिला ₹1.5 लाख का एप्पल टैबलेट |  Ajmer Breaking News: हेमन्त कुमार मिश्रा बने भारत स्काउट गाइड अजमेर के डिस्ट्रिक्ट चीफ कमिश्नर  |  Ajmer Breaking News: जिला निष्पादन समिति की बैठक आयोजित, जिला कलक्टर ने नामांकन वृद्धि एवं स्वगणना में भागीदारी निभाने के दिए निर्देश  |  Ajmer Breaking News: मुख्य पोस्ट ऑफिस को फिर बम से उड़ाने की मिली धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट,हर बार की तरह नहीं मिली कोई भी संदिग्ध वस्तु  |  Ajmer Breaking News: अजमेर दरगाह के पास बनी 6 मंजिला अवैध होटल में सीज की कार्रवाई, |  Ajmer Breaking News: संभाग के सबसे बड़ी जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में आने वाले संभाग भर के मरीजों को गर्मी से राहत देने के लिए अस्पताल प्रशासन अलर्ट  |  Ajmer Breaking News: सेवानिवृत्त राज्य कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति, अजमेर के बैनर तले सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने पेंशनर्स की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की। |  Ajmer Breaking News: अजमेर दक्षिण विधायकअनिता भदेल द्वारा 49.88 लाख रुपये की लागत से आदर्श नगर स्कूल में कक्षा कक्ष, हॉल निर्माण कार्य का विधिवत् पूजा अर्चना कर शिलान्यास किया |  Ajmer Breaking News: सेवा ही सच्चा उत्सव - जल संसाधन केबिनेट मंत्री ने दिव्यांग बच्चों संग मनाया जन्मदिन दिव्यांग जन सेवा का दिया संदेश, बच्चों को भेंट किए 11 कूलर | 

राष्ट्रीय न्यूज़: व्हाट्सएप की नई नीति को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

Post Views 11

January 17, 2021

सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर व्हाट्सएप की नई पॉलिसी को चुनौती दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर व्हाट्सएप की नई पॉलिसी को चुनौती दी गई है। याचिका व्यापारियों के एक बड़े संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने दायर की है।




कैट ने अपनी याचिका में सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई गई है कि केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाना चाहिए कि व्हाट्सएप सहित अन्य इंटरनेट मैसेजिंग सर्विसेज से लोगों की निजता व राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई आंच नहीं आए।





याचिका में कहा गया है कि व्हाट्सएप की प्रस्तावित निजता नीति संविधान के तहत नागरिकों को मिले विभिन्न मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। सरकार को व्हाट्सएप जैसी कंपनियों पर निगरानी रखने के लिए व्यापक दिशानिर्देश बनाने की जरूरत है,





जिससे कि नागरिकों और व्यवसायों की गोपनीयता की रक्षा सुनिश्चित की जा सके। लोगों के मैसेज, फोटो, वीडियो सहित कोई अन्य जानकारी का दुरुपयोग न हो।





दरअसल, व्हाट्सएप की नई नीति के तहत लोगों के लिए अपने डाटा को फेसबुक और उसकी समूह कंपनी से साझा करने की सहमति अनिवार्य रूप से देना अनिवार्य कर दिया गया है। लोगों के लिए दो ही विकल्प है। या तो वह इस शर्त के लिए तैयार हो जाएं या प्लेटफार्म को छोड़ दें।





याचिका में कहा गया है कि व्हाट्सएप की नई नीति पब्लिक लॉ और सरकार की नीतियों के खिलाफ है। याचिकाकर्ता संगठन ने कहा है कि व्हाट्सएप की नीतियां यूरोप के देशों में अलग है और भारत में अलग।




कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल का कहना है कि व्हाट्सएप की नई नीति माई वे या हाई वे वाली है।





उनका कहना है कि नई नीति मनमाना, अनुचित और असंवैधानिक है। भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में इसे कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता है। व्हाट्सएप लोगों के डाटा को धोखे से इकट्ठा कर रहा है।


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved