For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 119856491
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: ब्रह्म नगरी पुष्कर में 2 व 4 मार्च को अंतरराष्ट्रीय होली महोत्सव की धूम रहेगी। 2 मार्च को शुभ मुहूर्त में शहर के होलिका चौक, वराह घाट चौक सहित विभिन्न स्थानों पर प्रह्लाद पूजन के बाद होलिका दहन किया जाएगा। |  Ajmer Breaking News: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा भगवान झूलेलाल के जयकारे पर सिंधी समाज ने जताया आभार,चेटीचंड महोत्सव की तैयारियाँ शुरू |  Ajmer Breaking News: जनसेवा ही जनप्रतिनिधि का परम धर्म – जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत |  Ajmer Breaking News: देसी कट्टे के साथ पकड़े गए बदमाश, ग्रामीणों की सतर्कता से टली बड़ी वारदात, पुष्कर पुलिस ने आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज कर्ज शुरू कर दी |  Ajmer Breaking News: दिनदहाड़े लूट का खुलासा: चार घंटे में दो आरोपी गिरफ्तार, दो दिन के पीसी रिमांड पर भेजे गए |  Ajmer Breaking News: गांधी भवन चौराहा स्टेशन रोड स्थित लिली ज्वेलर्स शॉप को शातिर चोरों ने बनाया निशाना, लगभग 9 लाख रुपए के आभूषण लेकर हुए हुए फरार, |  Ajmer Breaking News: रंगों के पर्व होली के लिए सज गए बाजार हालांकि धूलंडी होली को लेकर लोगों में है संशय, ग्रहण के चलते 4 मार्च को खेली जाएगी धूलंडी,लोगों ने रंग गुलाल की कि खरीददारी बाजार दिखे रंगीन  |  Ajmer Breaking News: आदर्श नगर लेडिज द्वारा रंगीला फाग महोत्सव का आयोजन, श्रीराम वाटिका में महिलाओं ने फाग उत्सव की मचाई धूम, |  Ajmer Breaking News: बिहार के जिला मुजफ्फरपुर से स्केटिंग करते हुए चार युवक पहुंचे अजमेर शरीफ दरगाह, |  Ajmer Breaking News: विश्व भर में मशहूर हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज रहमतुल्लाह अलैहि की दरगाह में इस्लामिक महीना रमज़ान की इबादत का दौर जारी है। | 

क़लमकार: बहुत कठिन है डगर पनघट की

Post Views 221

January 7, 2021

निष्ठावान काँग्रेसयियों को दर किनार कर क्या अजमेर ज़िले में कहीं भी बोर्ड बना पाएगी काँग्रेस

बहुत कठिन है डगर पनघट की



निष्ठावान काँग्रेसयियों को दर किनार कर क्या अजमेर ज़िले में कहीं भी बोर्ड बना पाएगी काँग्रेस




डोटासरा की नई टीम में अजमेर को तीन रेवड़ियां देकर क्या चाहती है काँग्रेस





कौन बांटेगा ज़िले के काँग्रेस टिकिट




सुरेन्द्र चतुर्वेदी





अजमेर नगर निगम के चुनावों की घोषणा हो चुकी है। भाजपा पूरी तरह कमर कस कर तैयार है। कांग्रेसी अभी भी बिखरे हुए ही हैं। कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद डोटासरा ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। अजमेर के भाग्य में दो कांग्रेसी नेताओं को तिल्ल के गुड़ की रेवड़ी मिली है।





विधायक राकेश पारीक को महामंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद से नवाज़ा गया है ,जबकि पूर्व मंत्री भाभी नसीम अख्तर को सात उपाध्यक्षो की भीड़ में खड़ा कर दिया गया है । महेंद्र गुर्जर को भी उपकृत कर जिले के बाकी तीरंदाज़ राजे महाराजे फिलहाल दरबान की मुद्रा में ही कांग्रेस की सेवा करेंगे।





अनुभवी निष्ठावान कांग्रेसियों के तो पार्टी पहले से ही पलीता लगा चुकी है। उनकी टके में भी पूछ नहीं हो रही।




अब जो मजबूत और राजनीतिक पकड़ के घोड़े दिख रहे थे उन्हें भी नाती बाई के बाड़े में खड़ा कर दिया गया है ।





बहुचर्चित खाम ख्याली नेताओं को भी संगठन से दूर रख कर उनकी औकात भी नाप दी गई है। मंत्रिमंडल के विस्तार में इनको जगह नहीं दी जा सकती विभिन्न बोर्ड गठित होने के कोई आसार हैं नहीं। ऐसे में अजमेर की कांग्रेस मुंगेरीलाल के तबेले में तब्दील हो चुकी है।





अशोक गहलोत और सचिन पायलट के समर्थकों को नई लिस्ट में अलग-अलग तरज़ीह दी गई है ।सचिन पायलट के हवाई जहाज में बैठे जी आर खटाना, वेद प्रकाश सोलंकी, राकेश पारीक , शोभा सोलंकी , हाकम अली , प्रशांत शर्मा ,गजेंद्र सांखला, गोविंद मेघवाल ,प्रशांत बैरवा ,राजेंद्र चौधरी व महेंद्र गुर्जर को डोटासरा व अजय माकन ने मिलकर सम्मानित कर दिया है ,बाकी पदाधिकारी अशोक भैया के ही खातेदार हैं ।





डोटासरा ने अपनी कार्यकारिणी में महाजन और बनियों में से एक भी कांग्रेसी को पद देना उचित नहीं समझा है ।यानी राजस्थान कांग्रेस को महाजन और बनियों से पूरी तरह मुक्त कर भाजपा में शामिल होने के लिए आजाद कर दिया गया है ।





यह घोर अपमान है जिसे डॉक्टर श्रीगोपाल बाहेती जैसे दमदार नेता कैसे बर्दाश्त करेंगे यह बात देखने योग्य होगी! अजमेर जिले के कांग्रेसी दूध के उफान पर आने का इंतज़ार कर रहे थे । दूध उफ़न चुका है। देगची से जलने की गंध आ रही है ।





सवाल उठ रहा है कि कौन-कौन कहां कहाँ से टिकट बांटेगा जिले के इकलौते मंत्री डॉ रघु शर्मा की प्रतिष्ठा फिर एक बार दांव पर लग गई है ।पंचायती चुनाव में उनके सम्मान को भारी ठेस लगी और वे इस बार अपने सम्मान को पुनर्जीवित करने के लिए एडी से चोटी तक का ज़ोर लगा देंगे ।





अजमेर नगर निगम, किशनगढ़ नगर परिषद ,सरवाड़ और बिजयनगर नगर पालिका में कांग्रेस की इज्जत गिरते हुए छज्जे जैसी है ।इसकी मरम्मत में कौन-कौन कारीगर अपना हुनर दिखाएगा अभी पता नहीं।





जहां तक कांग्रेसी विधायकों या नेताओं का सवाल है किशनगढ़ नगर परिषद के लिए कांग्रेस के टिकट विधायक सुरेश टांक की राय पर ही दिए जायेंगे वैसे वे मूलतया भाजपा के नेता हैं मगर निर्दलीय चुनाव जीतने के बाद गहलोत समर्थक के रूप में जाने पहचाने जा रहे हैं ।ज़ाहिर है कि इस बार चुनाव में होने वाली हार जीत का साफा उनके ही सिर पर बंधेगा ।





सरवाड़ में टिकटों का बंटवारा विधायक राकेश पारीक और रघु शर्मा के बीच खींचतान के बाद ही होगा। मंझे हुए खिलाड़ी शर्मा के सामने राकेश पारीक जिन्हें प्रदेश महासचिव के पद पर नवाजा गया है वो अपना कद बढ़ने के बाद भी कितना और किस तरह अपना वर्चस्व रख पाएंगे यह देखने लायक बात होगी ।





अब बिजयनगर में तो पूरी तरह पारीक ही कांग्रेस के टिकट बांटेगे ।





अजमेर नगर निगम के लिए टिकटों के बंटवारे में पिछली विधानसभा में चुनाव हारे नेता महेंद्र सिंह रलावता और हेमंत भाटी अपनी-अपनी टीम खड़ी करके चुनाव लड़ने वाले योद्धाओं के बायोडाटा इकट्ठे कर रहे हैं ।वे खुद नहीं जानते कि उनकी राय को टिकट के बंटवारे में कितना सम्मान मिलेगा  मिलेगा भी या नहीं  जो नेता खुद चुनाव नहीं जीत पाए उनकी घुड़सवारी में कितना दम होगा हाईकमान जानता है ।यदि सिर्फ इनकी राय पर भरोसा कर लिया गया और टिकट दे दी गई तो 80 में से मात्र 20 वार्डों में भी कांग्रेसी जीत जाएं यह बहुत बड़ी बात होगी ।





अशोक गहलोत के कट्टर समर्थक माने जाने वाले नेता पूर्व विधायक डॉक्टर श्रीगोपाल बाहेती भी लोगों के बायोडाटा इकट्ठे कर रहे हैं। लोगों का मानना है कि उनकी गहलोती छवि का मुखौटा उतर चुका है। रही सही कसर डोटासरा की टीम में उन्हें शामिल नहीं करने से निकल गई है ।भाभी नसीम अख्तर के सामने उन्हें टोपी उतार कर खड़ा कर दिया गया है ।इसका खामियाज़ा कांग्रेस को तय है कि भुगतना ही पड़ेगा। डॉक्टर बाहेती महाजन जाति के सशक्त नेता हैं मगर लगता नहीं कि उनकी रायशुमारी टिकटों के बंटवारे में कोई ज्यादा काम आएगी।





शहर के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष विजय जैन बड़ी-बड़ी बातें और दावे करके अपनी टीम बना रहे हैं ।उनके पास भी बायोडाटा की भारी फाइल तैयार है ,मगर सचिन पायलट के जितने समर्थक साफ तौर पर माने जाते हैं उनकी राय तो रद्दी की टोकरी में ही फेंक दी जाएगी। ऐसा लग रहा है!! ऐसे में रलावता, हेमंत भाटी, विजय जैन की सिफारिशों पर पूरी तरह ख़तरे के बादल मंडरा रहे हैं ।





सवाल उठता है कि फिर अजमेर शहर में कांग्रेस की टिकट आखिर कौन बांटेगा




लालचंद कटारिया कोंग्रेस जिला प्रभारी । जो शहर के कांग्रेसियों की ए बी सी डी तक नहीं जानते!! रघु शर्मा जो केकड़ी सरवाड़ और बिजयनगर नगर में अपना परचम बनाए रखने के कारण शहर के पचड़े में पड़ने के मूड में नहीं लग रहे !!




लगे हाथ यहां आपको बता दूं कि अजमेर के ऐसे कांग्रेसी जिन्होंने तन, मन ,वचन, कर्म, व्यवहार से काग्रेस की सेवा की और कांग्रेस को विपरीत हालातों में भी जिंदा रखने का प्रयास किया , उन्हें पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है ।





केकड़ी, सरवाड़ , किशनगढ़, बिजयनगर और अजमेर में आज भी ऐसे सैकड़ों कांग्रेसी नेता है जो अपनी जड़ों के कारण मजबूत बरगद रहे और अब उनकी पूछ हाईकमान ने दो कौड़ी की कर दी है।





अजमेर में एक वक्त था जब डॉ श्रीगोपाल बाहेती , राजकुमार जयपाल, सुरेश गर्ग, प्रकाश गदिया, राजेश टंडन, प्रताप यादव, विजय यादव ,कुलदीप कपूर , फ़करे मोईन, रामबाबू शुभम ,सत्य नारायण पट्टीवाला, महेश चौहान बाबूलाल सिंगारिया , कैलाश झालीवाल, शैलेंद्र अग्रवाल, विजय नागौरा, समीर शर्मा, ललित भटनागर, आरिफ हुसैन , गुलाम मुस्तफा हुसैन, विवेक पराशर, आदि कांग्रेसी एक छत्र समर्थन प्राप्त करते थे और कांग्रेस के वट वृक्ष को मजबूती दे रहे थे अब इस नए दौर में इन सबको पूरी तरह से झटक दिया गया है ।





यहां खासतौर से मैं राजेश टंडन का जिक्र करना चाहूंगा जिन्होंने लगभग चार दशक तक कांग्रेस में रहकर इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, हरिदेव जोशी जैसे सभी दिग्गज नेताओं के कार्यकाल में मजबूत टीम के साथ अपने वर्चस्व को कायम रखा। वे 10 साल तक कांग्रेस के प्रांतीय सचिव भी रहे ।विवादों में रह कर भी उन्होंने मुर्दा कांग्रेस में जान फूँकी। इंदिरा गांधी की गिरफ़्तारी के समय जब कई कांग्रेसी पेरौल पर छूट आए तब उन्होंने रिहा होने से मना कर दिया। वे 14 दिनों तक इंदिरा जी के छोड़े जाने तक कारावास में ही रहे।





आज उनकी सेवाओं का परिणाम यह है कि उन्हें 6 साल तक के लिए कांग्रेस से ही बाहर खड़ा कर रखा गया है । बावज़ूद इसके वे आज भी शहर के मुद्दों पर अपने दम पर कांग्रेस का नामलेवा बने हुए हैं।





लगता नही कि कांग्रेस का आगामी चुनाव में कहीं भी अपना बोर्ड बन पाएगा। हर जगह फिलहाल तो भाजपा का बोर्ड ही बनता नजर आ रहा है।


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved