For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 124792666
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: श्री मानस मण्डल का 72वां स्थापना दिवस महोत्सव 11 अप्रैल शनिवार को |  Ajmer Breaking News: रामगंज थाना पुलिस की नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, महिला को स्मैक ओर एमडी मादक पदार्थ के साथ पकड़ा, एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज  |  Ajmer Breaking News: दरगाह थाना पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, जियारत करने आए जायरिनों के मोबाइल चुराने वाले गिरोह के पांच आरोपी गिरफ्तार, चोरी के 25 मोबाइल बरामद  |  Ajmer Breaking News: अजमेर ट्रैफिक पुलिस ने जिला कलेक्ट्रेट परिसर में नो पार्किंग में खड़े दोपहिया वाहन किए जप्त, ट्रक में भर कर पहुंचाया ट्रैफिक कार्यालय एमवी एक्ट में की कार्रवाई,  |  Ajmer Breaking News: माथुर वैश्य जनहित सोसाइटी द्वारा समाज हित में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत 800 वर्ग फीट भूमि पर निर्मित होने वाले बहुमंजिला सामुदायिक भवन का भूमि पूजन |  Ajmer Breaking News: पुष्कर में शत गायत्री पुरुषचरण महायज्ञ में शामिल हुए राज्यमंत्री ओटाराम देवासी, संतों से लिया आशीर्वाद |  Ajmer Breaking News: जिला कलक्टर लोक बंधु की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला निष्पादन समिति की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित |  Ajmer Breaking News: अजमेर में अवैध पिस्टल के साथ युवक गिरफ्तार, विधि से संघर्षरत किशोर भी निरुद्ध। |  Ajmer Breaking News: पुलिस थाना कृष्णगंज अजमेर ने साईबर फ्रॉड के खिलाफ की प्रभावी कार्यवाही, साईबर अपराध में प्रयुक्त बैंक खाता धारक के खिलाफ ऑपरेशन म्यूल हंटर के तहत प्रकरण दर्ज। |  Ajmer Breaking News: अटल जन सेवा शिविर आयोजित. जिला कलक्टर ने केकड़ी में की जनसुनवाई | 

अंदाजे बयां: पूरा जंगल बाहों में भर कर देखूँ

Post Views 61

January 6, 2021

एक बार तो मैं भी अपना घर देखूँ

पूरा जंगल बाहों में भर कर देखूँ,

एक बार तो मैं भी अपना घर देखूँ।



कट जाए न उम्र धूप में चलते हुए,

कभी तो चाँद सितारों का मंज़र देखूँ।



किसी हाथ में कभी तो देखूँ गुलदस्ता,

हर इक हाथ में कब तक मैं पत्थर देखूँ।



कभी तो मुझको पढ़ना लिखना आ जाए,

कभी तो तेरा नाम कहीं लिखकर देखूँ।



मंदिर मस्जिद मयखाने सब एक से हैं,

अमृत ,ज़मज़म,या शराब चख कर देखूँ।



अपनी उड़ानों पर यक़ीन भी आ जाए,

आसमान के क्या है जब ऊपर देखूँ।



करता हूँ ईमान की बातें दिन भर ही,

कभी तो मैं नेज़े पे अपना सर देखूँ।



सुरेन्द्र चतुर्वेदी


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved