For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 125036723
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: सूचना केंद्र के खुले रंगमंच पर व्यंग्य और हास्य से भरपूर प्रस्तुति, गज, फुट, इंच के मंचन ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध,युवाओं ने दिखाई दमदार अभिनय प्रतिभा |  Ajmer Breaking News: जिला कलक्टर ने ग्राम पंचायत थल में लगाई रात्रि चौपाल,ग्रामीणों की सुनी समस्याएं, त्वरित समाधान के दिए निर्देश |  Ajmer Breaking News: स्वरांजलि 2026 संगीत जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है- देवनानी |  Ajmer Breaking News: महात्मा ज्योतिबा फुले सामाजिक समरसता और शिक्षा के ध्वजवाहक-  देवनानी विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने दी ज्योतिबा फुले जयंती की शुभकामनाएं |  Ajmer Breaking News: महात्मा ज्योतिबा फुले की 199वीं जयंती, पुष्पांजलि, दीपदान एवं विशाल वाहन रैली के साथ दी गई श्रद्धांजल |  Ajmer Breaking News: प्राचीन यूनानी थेरेपी से इलाज करने के नाम पर वृद्ध से ठगी करने की घटना का पर्दाफाश ,जिला पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के तीन बदमाशों को भोपाल से दबोचा  |  Ajmer Breaking News:  गौचर ओरण भूमि अतिक्रमण मुक्त हो , राज्य सरकार कानून बनाए - डॉ जैन ।। |  Ajmer Breaking News: महात्मा ज्योतिबा फुले की 199वीं जयंती के अवसर पर अजमेर क्लब चौराहा स्थित ज्योतिबा फूले सर्किल पर सुबह से शुरू हुआ पुष्पांजलि का दौर रात तक रहा जारी,  |  Ajmer Breaking News: श्री मानस मण्डल का 72वां स्थापना दिवस महोत्सव 11 अप्रैल शनिवार को |  Ajmer Breaking News: रामगंज थाना पुलिस की नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, महिला को स्मैक ओर एमडी मादक पदार्थ के साथ पकड़ा, एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज  | 

अंदाजे बयां: पूरा जंगल बाहों में भर कर देखूँ

Post Views 61

January 6, 2021

एक बार तो मैं भी अपना घर देखूँ

पूरा जंगल बाहों में भर कर देखूँ,

एक बार तो मैं भी अपना घर देखूँ।



कट जाए न उम्र धूप में चलते हुए,

कभी तो चाँद सितारों का मंज़र देखूँ।



किसी हाथ में कभी तो देखूँ गुलदस्ता,

हर इक हाथ में कब तक मैं पत्थर देखूँ।



कभी तो मुझको पढ़ना लिखना आ जाए,

कभी तो तेरा नाम कहीं लिखकर देखूँ।



मंदिर मस्जिद मयखाने सब एक से हैं,

अमृत ,ज़मज़म,या शराब चख कर देखूँ।



अपनी उड़ानों पर यक़ीन भी आ जाए,

आसमान के क्या है जब ऊपर देखूँ।



करता हूँ ईमान की बातें दिन भर ही,

कभी तो मैं नेज़े पे अपना सर देखूँ।



सुरेन्द्र चतुर्वेदी


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved