For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 123527909
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: पुष्कर सौंदर्यीकरण कार्यों की जल संसाधन मंत्री ने की व्यापक समीक्षा |  Ajmer Breaking News: न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग अजमेर में न्यायाधिपति देवेंद्र कच्छवाह,न्यायिक सदस्य उर्मिला वर्मा का राजस्थानी परम्परा के अनुसार पुष्प बुके भेंट कर अभिनंदन |  Ajmer Breaking News: अवैध पेट्रोल भंडारण और घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग के विरुद्ध प्रशासन सख्त |  Ajmer Breaking News: अजमेर में प्रधान डाक घर स्थित पासपोर्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की तीसरी बार धमकी मिलने के बाद गुरुवार को एक बार फिर हड़कंप मच गया। |  Ajmer Breaking News: अजमेर मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में रचे सफलता के नए कीर्तिमान,माल लदान, समयपालनता और रेल राजस्व में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज : डीआरएम राजू भूतड़ा |  Ajmer Breaking News: 171 अरब हस्तलिखित श्रीराम नाम महामंत्रों की अनवरत परिक्रमा का शुभारंभ, तीर्थराज पुष्कर में राम नाम धन संग्रह बैंक बना आस्था का केन्द्र, 24 घंटे खुला रहेगा श्री रामनामालय, कभी भी कर सकेंगे परिक्रमा |  Ajmer Breaking News: देश सहित अजमेर में मनाया गया हनुमान जन्मोत्सव का पावन पर्व, ठीक 12:00 बजे मंदिरों में घंटे घड़ियाल ढोल ताशो के साथ हुई बालाजी की जन्म आरती ,जगह-जगह प्रसाद वितरण और भंडारे प्रसादी के हुए आयोजन |  Ajmer Breaking News: अलवर गेट थाना अंतर्गत कालू की ढाणी में निर्माणाधीन मकान की छत गिरने से ठेकेदार सहित तीन मजदूर हुए घायल, सभी का अस्पताल में इलाज जारी पुलिस कर रही है मामले की जांच |  Ajmer Breaking News: तीर्थराज पुष्कर में हस्तलिखित रूप में विराजे श्रीराम, 2 अप्रेल से 24 घंटे अनवरत परिक्रमा का शुभारंभ |  Ajmer Breaking News: अजमेर जिला स्पेशल टीम एवं रामगंज थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई,अवैध देशी पिस्टल के साथ एक युवक को किया गिरफ्तार, पूरे मामले का सीओ साउथ मनीष बड़गुजर ने किया खुलासा | 

अंदाजे बयां: पूरा जंगल बाहों में भर कर देखूँ

Post Views 61

January 6, 2021

एक बार तो मैं भी अपना घर देखूँ

पूरा जंगल बाहों में भर कर देखूँ,

एक बार तो मैं भी अपना घर देखूँ।



कट जाए न उम्र धूप में चलते हुए,

कभी तो चाँद सितारों का मंज़र देखूँ।



किसी हाथ में कभी तो देखूँ गुलदस्ता,

हर इक हाथ में कब तक मैं पत्थर देखूँ।



कभी तो मुझको पढ़ना लिखना आ जाए,

कभी तो तेरा नाम कहीं लिखकर देखूँ।



मंदिर मस्जिद मयखाने सब एक से हैं,

अमृत ,ज़मज़म,या शराब चख कर देखूँ।



अपनी उड़ानों पर यक़ीन भी आ जाए,

आसमान के क्या है जब ऊपर देखूँ।



करता हूँ ईमान की बातें दिन भर ही,

कभी तो मैं नेज़े पे अपना सर देखूँ।



सुरेन्द्र चतुर्वेदी


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved