For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 148159509
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: पूर्व विधायक वेदप्रकाश सोलंकी के आमरण अनशन को अकबर खान का समर्थन: बोले—यह हजारों गरीब पीड़ित परिवारों के न्याय की लड़ाई |  Ajmer Breaking News: अलवर गेट थाना अंतर्गत मदार रेलवे यार्ड स्थित सूने मकान में चोरी की वारदात, जेवर और नकदी लेकर फरार हुए चोर |  Ajmer Breaking News: भाभी पर गर्म दूध फेंकने का आरोप, देवरानी के खिलाफ मामला दर्ज |  Ajmer Breaking News: जयपुर इलाज कराने गए परिवार के सूने मकान में लाखों की चोरी, CCTV में कैद हुए बदमाश |  Ajmer Breaking News: उच्च न्यायालय की रोक के बावजूद दक्षिण विधायक अनीता भदेल ने अपने निवास पर बांटे पट्टे, विधानसभा प्रत्याशी द्रोपदी कोली ने जताया विरोध, कलेक्टर को सोपा ज्ञापन |  Ajmer Breaking News: पिज्जा ऑर्डर के विवाद में होटल में घुसकर मारपीट का आरोप, पीड़ित ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार |  Ajmer Breaking News: रामगंज थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई,ऑनलाइन गेमिंग के जरिए ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार, |  Ajmer Breaking News: अजमेर जिला न्यायालय को फिर मिली बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट |  Ajmer Breaking News: तीर्थंनगरी की सफाई व्यवस्था से खिलवाड़ और अतिक्रमण नही होंगे बर्दाश्त- जेसवानी, पुष्कर नगर परिषद की आयुक्त जेसवानी कार्यभार संभालते ही एकशन मोड़ में |  Ajmer Breaking News: पुलिस द्वारा 13 लाख 6 हजार रुपये के जाली नोट बरामदगी मामले में गिरफ्तार आरोपी विक्रम जोन (27) निवासी प्रिंस हिल्स कॉलोनी, बड़ी नागफणी को सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया। | 

अंदाजे बयां: पूरा जंगल बाहों में भर कर देखूँ

Post Views 141

January 6, 2021

एक बार तो मैं भी अपना घर देखूँ

पूरा जंगल बाहों में भर कर देखूँ,

एक बार तो मैं भी अपना घर देखूँ।



कट जाए न उम्र धूप में चलते हुए,

कभी तो चाँद सितारों का मंज़र देखूँ।



किसी हाथ में कभी तो देखूँ गुलदस्ता,

हर इक हाथ में कब तक मैं पत्थर देखूँ।



कभी तो मुझको पढ़ना लिखना आ जाए,

कभी तो तेरा नाम कहीं लिखकर देखूँ।



मंदिर मस्जिद मयखाने सब एक से हैं,

अमृत ,ज़मज़म,या शराब चख कर देखूँ।



अपनी उड़ानों पर यक़ीन भी आ जाए,

आसमान के क्या है जब ऊपर देखूँ।



करता हूँ ईमान की बातें दिन भर ही,

कभी तो मैं नेज़े पे अपना सर देखूँ।



सुरेन्द्र चतुर्वेदी


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved