For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 121469932
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: मेरा भारत, मेरी जिम्मेदारी अभियान की शुरुआत |  Ajmer Breaking News: जिला कलक्टर ने घरेलू गैस सिलेंडर आपूर्ति के संबंध में ली समीक्षा बैठक  |  Ajmer Breaking News: जिला कलक्टर ने स्मार्ट सिटी परियोजना अंतर्गत निर्मित कलेक्ट्रेट के नवीन भवन का किया अवलोकन |  Ajmer Breaking News: क्लॉक टावर थाना अंतर्गत पड़ाव लक्ष्मी मार्केट में तेल के गोदाम से लगभग ₹50000 के फॉर्च्यूनर तेल के पीपे हुए चोरी, |  Ajmer Breaking News: आदर्श नगर थाना अंतर्गत सेंदरिया में रहने वाले रिटायर्ड रेल कर्मचारी के साथ हुई ऑनलाइन धोखाधड़ी, |  Ajmer Breaking News: गंज थाना अंतर्गत स्कूटी से जा रही महिला के साथ रामप्रसाद घाट के आसपास हुई लूट की वारदात , |  Ajmer Breaking News: पुष्कर दौरे पर एसपी हर्षवर्धन, ब्रह्मा मंदिर में दर्शन कर सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा, ट्रैफिक और सुरक्षा पर एसपी की नजर, |  Ajmer Breaking News: दिल्ली गेट पुज्य लाल साहब मंदिर ट्रस्ट झूलेलाल धाम से भव्य चेटीचंड जुलूस का विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने किया शुभारंभ,लगभग 45 से 50 झाकियां हुई शामिल,  |  Ajmer Breaking News: राजस्व मण्डल के अध्यक्ष श्री हेमंत कुमार गेरा ने कलेक्ट्रेट में विभिन्न शाखाओं का किया निरीक्षण |  Ajmer Breaking News: विरासत एवं संस्कृति के पर्व पर राजस्थान दिवस-2026 के अंतर्गत गुरूवार को सूचना केन्द्र ऑडिटोरियम में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ। इसमें राजस्थान की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मन मोह लिया। | 

अंदाजे बयां: पूरा जंगल बाहों में भर कर देखूँ

Post Views 11

January 6, 2021

एक बार तो मैं भी अपना घर देखूँ

पूरा जंगल बाहों में भर कर देखूँ,

एक बार तो मैं भी अपना घर देखूँ।



कट जाए न उम्र धूप में चलते हुए,

कभी तो चाँद सितारों का मंज़र देखूँ।



किसी हाथ में कभी तो देखूँ गुलदस्ता,

हर इक हाथ में कब तक मैं पत्थर देखूँ।



कभी तो मुझको पढ़ना लिखना आ जाए,

कभी तो तेरा नाम कहीं लिखकर देखूँ।



मंदिर मस्जिद मयखाने सब एक से हैं,

अमृत ,ज़मज़म,या शराब चख कर देखूँ।



अपनी उड़ानों पर यक़ीन भी आ जाए,

आसमान के क्या है जब ऊपर देखूँ।



करता हूँ ईमान की बातें दिन भर ही,

कभी तो मैं नेज़े पे अपना सर देखूँ।



सुरेन्द्र चतुर्वेदी


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved