For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 118644176
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: शिवमयी हुई ब्रह्म नगरी पुष्कर: भक्ति, उत्सव और आस्था का अद्भुत संगम,10 फीट नीचे छिपा दिव्य धाम, जहां आज भी जागृत हैं अटमटेश्वर महादेव |  Ajmer Breaking News: वार्ड 45 की पार्षद बीना टांक के नव निर्माणधीन मकान में चोरी की वारदात, साथ ही वार्ड में नालों पर लगे जगलों को चोरी करने का वीडियो आया सामने, |  Ajmer Breaking News: देश प्रदेश सहित अजमेर में भी महाशिवरात्रि का पर्व मनाया गया बड़े ही हर्ष उल्लास और उमंग से |  Ajmer Breaking News: केसरपुरा गांव में कुएं में मिला युवक का शव, कड़ी मशक्कत के बाद सिविल डिफेंस की टीम ने निकाला बाहर, जवाहरलाल नेहरू अस्पताल  की मोर्चरी में शव रख कर ग्रामीण वासियों की मांग- |  Ajmer Breaking News: भोलेश्वर मंदिर सेवा ट्रस्ट भोलेश्वर चौक जनता कॉलोनी वैशाली नगर अजमेर में आज महाशिवरात्रि पर्व आज  बड़े धूमधाम से मनाया गया । |  Ajmer Breaking News: राजस्व मण्डल के नए भवन के लिए 150 करोड़ की स्वीकृति पर विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी का अधिवक्ताओं ने जताया आभार |  Ajmer Breaking News: विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शहर के विभिन्न शिवालयों का किया जलाभिषेक |  Ajmer Breaking News: माकड़वाली गांव में पुलिस चौकी खुलने की बजट घोषणा पर विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी का ग्रामवासियों ने जताया आभार |  Ajmer Breaking News: विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी एवं कृषि राज्यमंत्री भगीरथ चौधरी ने पुष्कर में ब्रह्मा सावित्री वेद विद्यापीठ आश्रम के रजत जयंती समारोह में की सहभागिता |  Ajmer Breaking News: जवाहरलाल नेहरू अस्पताल प्रशासन एवं सर्जरी विभाग ने किया लायंस का आभार व्यक्त  | 
madhukarkhin

#मधुकर कहिन: वह राजनेता जो अपने जीवन में दो बार प्रधानमंत्री बनते बनते रह गया।

Post Views 31

August 31, 2020

सत्ता के लालच में अपनी पार्टी की सरकार गिराने की सोचने वालों हेतु सबक है प्रणब मुखर्जी का जीवन

मधुकर कहिन
वह राजनेता जो अपने जीवन में दो बार प्रधानमंत्री बनते बनते रह गया।

सत्ता के लालच में अपनी पार्टी की सरकार गिराने की सोचने वालों हेतु सबक है प्रणब मुखर्जी का जीवन

✒️ नरेश राघानी

पूर्व राष्ट्रपति स्व. प्रणब मुखर्जी और उनका जीवन अपने आप में यह समझने को काफी है कि - जरूरी नहीं कि आपको जीवन में वही मिले जो आपने कभी चाहा हो। यह भी हो सकता है की आपके लिए ईश्वर की योजना आपकी चाहत से बेहतर हो !!!
बंगाल प्रेसिडेंसी के मिराती गांव में जन्मे प्रणब मुखर्जी के पिता का नाम का कामदा किंकर मुखर्जी था। और उनकी माता का नाम राजलक्ष्मी मुखर्जी था। उनके पिता खुद एक स्वतंत्रता सेनानी थे। प्रणब मुखर्जी ने देश की मिट्टी से प्यार अपनी विरासत में ही पाया था। प्रणब मुखर्जी ने अपनी शिक्षा सूर्य विद्यासागर कॉलेज कोलकाता से हासिल की, उसके बाद कोलकाता के पोस्ट एंड टेलीग्राफ डिपार्टमेंट में बतौर एक क्लार्क के कुछ समय के लिए नौकरी भी की।

कोलकाता के पोस्ट ऑफिस से लेकर दिल्ली के राष्ट्रपति भवन का सफर तय करने वाले प्रणब मुखर्जी, अपने जीवन काल में दो बार देश के प्रधानमंत्री पद तक पहुंचते-पहुंचते रह गए।

प्रथम बार तो उनकी राजनीतिक गुरु और देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के निधन पर। उन्हें प्रधानमंत्री की भूमिका में पूरा देश देख रहा था। लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था। उस युग में अरुण नेहरू के हस्तक्षेप के चलते इंदिरा गांधी के पुत्र राजीव गांधी को प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई गई। जिनसे प्रणब मुखर्जी की नहीं बनी। और उन्होंने बंगाल में अपनी ही पार्टी का गठन कर दिया। कुछ समय बाद उनकी पार्टी का विलय भारतीय राष्ट्र कांग्रेस में हो गया और राजीव गांधी से उनकी सुलह हो गई।
दूसरी बार जीवन में उन्हें प्रधानमंत्री बनने का मौका तब सामने आया जब सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने से इनकार कर दिया । और पूरी पार्टी उस काल के वरिष्ठ नेता प्रणब मुखर्जी को प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहती थी। तब भी गांधी परिवार के ड्राइंग रूम में बैठकर डॉ मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई गई। उसके बावजूद भी प्रणव मुखर्जी ने कांग्रेस पार्टी का साथ पूरे मन से निभाया और अंततः राष्ट्रपति पद तक पहुंचे।

आज की युवा पीढ़ी जो कांग्रेस में भीतर बैठकर अपनी ही पार्टी के मान और प्रतिष्ठा को दांव पर लगाकर सरकार गिराने की बात करती है , उस पीढ़ी के नेताओं के लिए स्वर्गीय प्रणब मुखर्जी का जीवन अपने आप में एक बहुत बड़ा उदाहरण है। जिसका एक ही पंक्ति में सार है और वह है

सब्र और समझदारी सत्ता तक पहुंचने का सबसे सटीक उपाय है। पत्थर पैरों में ठोकर खाते हैं और धूल एक दिन उड़कर शिखर पर चढ़ जाती है।

भारतीय राजनीति के अमर नायक स्व. प्रणब मुखर्जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि।

जय श्री कृष्ण

नरेश राघानी
प्रधान संपादक
www.horizonhind.com
9829070307


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved