For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 137597121
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग को लेकर अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा गया। |  Ajmer Breaking News: चन्द्रबरदाई नगर स्थित अजय हाउसिंग सोसायटी में मंगलवार को एक मकान के बाहर लगे बिजली मीटर में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। |  Ajmer Breaking News: लॉरेंस बिश्नोई की तरह मेरी फोटो खींचना— पेशी के दौरान सस्पेंड ASI का बयान चर्चा में |  Ajmer Breaking News: हाई सिक्योरिटी जेल के दो हार्डकोर अपराधियों की तबीयत बिगड़ी, जेएलएन अस्पताल में कराया उपचार |  Ajmer Breaking News: मोहर्रम 2026, 1448 हिजरी, के सालाना इंतजामात को लेकर मंगलवार को अजमेर जिला कलेक्टर कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। |  Ajmer Breaking News:  प्रदेश की भजनलाल सरकार की मंशा के अनुरूप अजमेर संभाग के सबसे बड़े जवाहर लाल नेहरू अस्पताल को हाईटेक करने की दिशा में जारी कार्य अब और तेज हो रहे हैं |  Ajmer Breaking News: बिना वॆध खाद्य अनुज्ञा पत्र के चल रही सोहन हलवा बनाने की फैक्ट्री, जांच हेतु लिए नमूने, निर्माण कार्य पर लगाई रोक |  Ajmer Breaking News: विभागीय समन्वय बैठकआयोजित, जिला कलक्टर ने जनकल्याणकारी योजनाओं एवं बजट घोषणाओं में प्रगति बढ़ाने के दिए निर्देश |  Ajmer Breaking News: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2026, जेएलएन मेडिकल कॉलेज में आयोजन संबंधी व्यवस्थाओं पर हुई विस्तृत चर्चा |  Ajmer Breaking News: किशनगढ़ में जाली नोट गिरोह का पर्दाफाश, एक गिरफ्तार, दो संदिग्धों से पूछताछ जारी | 
madhukarkhin

#मधुकर कहिन: वह राजनेता जो अपने जीवन में दो बार प्रधानमंत्री बनते बनते रह गया।

Post Views 61

August 31, 2020

सत्ता के लालच में अपनी पार्टी की सरकार गिराने की सोचने वालों हेतु सबक है प्रणब मुखर्जी का जीवन

मधुकर कहिन
वह राजनेता जो अपने जीवन में दो बार प्रधानमंत्री बनते बनते रह गया।

सत्ता के लालच में अपनी पार्टी की सरकार गिराने की सोचने वालों हेतु सबक है प्रणब मुखर्जी का जीवन

✒️ नरेश राघानी

पूर्व राष्ट्रपति स्व. प्रणब मुखर्जी और उनका जीवन अपने आप में यह समझने को काफी है कि - जरूरी नहीं कि आपको जीवन में वही मिले जो आपने कभी चाहा हो। यह भी हो सकता है की आपके लिए ईश्वर की योजना आपकी चाहत से बेहतर हो !!!
बंगाल प्रेसिडेंसी के मिराती गांव में जन्मे प्रणब मुखर्जी के पिता का नाम का कामदा किंकर मुखर्जी था। और उनकी माता का नाम राजलक्ष्मी मुखर्जी था। उनके पिता खुद एक स्वतंत्रता सेनानी थे। प्रणब मुखर्जी ने देश की मिट्टी से प्यार अपनी विरासत में ही पाया था। प्रणब मुखर्जी ने अपनी शिक्षा सूर्य विद्यासागर कॉलेज कोलकाता से हासिल की, उसके बाद कोलकाता के पोस्ट एंड टेलीग्राफ डिपार्टमेंट में बतौर एक क्लार्क के कुछ समय के लिए नौकरी भी की।

कोलकाता के पोस्ट ऑफिस से लेकर दिल्ली के राष्ट्रपति भवन का सफर तय करने वाले प्रणब मुखर्जी, अपने जीवन काल में दो बार देश के प्रधानमंत्री पद तक पहुंचते-पहुंचते रह गए।

प्रथम बार तो उनकी राजनीतिक गुरु और देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के निधन पर। उन्हें प्रधानमंत्री की भूमिका में पूरा देश देख रहा था। लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था। उस युग में अरुण नेहरू के हस्तक्षेप के चलते इंदिरा गांधी के पुत्र राजीव गांधी को प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई गई। जिनसे प्रणब मुखर्जी की नहीं बनी। और उन्होंने बंगाल में अपनी ही पार्टी का गठन कर दिया। कुछ समय बाद उनकी पार्टी का विलय भारतीय राष्ट्र कांग्रेस में हो गया और राजीव गांधी से उनकी सुलह हो गई।
दूसरी बार जीवन में उन्हें प्रधानमंत्री बनने का मौका तब सामने आया जब सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने से इनकार कर दिया । और पूरी पार्टी उस काल के वरिष्ठ नेता प्रणब मुखर्जी को प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहती थी। तब भी गांधी परिवार के ड्राइंग रूम में बैठकर डॉ मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई गई। उसके बावजूद भी प्रणव मुखर्जी ने कांग्रेस पार्टी का साथ पूरे मन से निभाया और अंततः राष्ट्रपति पद तक पहुंचे।

आज की युवा पीढ़ी जो कांग्रेस में भीतर बैठकर अपनी ही पार्टी के मान और प्रतिष्ठा को दांव पर लगाकर सरकार गिराने की बात करती है , उस पीढ़ी के नेताओं के लिए स्वर्गीय प्रणब मुखर्जी का जीवन अपने आप में एक बहुत बड़ा उदाहरण है। जिसका एक ही पंक्ति में सार है और वह है

सब्र और समझदारी सत्ता तक पहुंचने का सबसे सटीक उपाय है। पत्थर पैरों में ठोकर खाते हैं और धूल एक दिन उड़कर शिखर पर चढ़ जाती है।

भारतीय राजनीति के अमर नायक स्व. प्रणब मुखर्जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि।

जय श्री कृष्ण

नरेश राघानी
प्रधान संपादक
www.horizonhind.com
9829070307


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved