For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 136442571
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: ग्रीष्मकालीन क्रिकेट प्रतिभा खोज प्रशिक्षण शिविर का समापन समारोह आयोजित, विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने खिलाड़ियों का किया उत्साहवर्धन |  Ajmer Breaking News: स्वच्छता के संकल्प को मिली नई मजबूती, नगर निगम क्षेत्र में नव सम्मिलित कॉलोनियों में घर घर कचरा संग्रहण व्यवस्था का शुभारंभ |  Ajmer Breaking News: जिले में सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाने, मृत्यु दर को न्यूनतम करने तथा सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बैठक |  Ajmer Breaking News: वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत माकड़वाली ग्राम में हुआ श्रमदान |  Ajmer Breaking News: ज्ञापन लेने देरी से पहुंचे एसडीएम तो भड़के कांग्रेसी, नसीम अख्तर बोलीं—सरकार और प्रशासन संवेदनहीन |  Ajmer Breaking News: डेजर्ट सफारी हादसे के बाद पुलिस-परिवहन विभाग हरकत में, अवैध थार जीपों पर कार्रवाई शुरू—मौके से गायब मिले वाहन संचालक |  Ajmer Breaking News: नशे की लत ने बनाया चोर: मदार स्टेशन पर ट्रेनों से कॉपर वायर चोरी करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार |  Ajmer Breaking News: अजमेर के वार्ड-62 में पेयजल संकट गहराया, 72 घंटे बाद भी कम प्रेशर से मिल रहा पानी |  Ajmer Breaking News: अजमेर में एनआईए की दस्तक, पाकिस्तानी आतंकी-गैंगस्टर शहजाद भट्टी से कथित कनेक्शन के संदेह में परमेश मीणा हिरासत में |  Ajmer Breaking News: अजमेर के रामगंज थाना क्षेत्र में नाबालिग के साथ गैंगरेप करने का मामला सामने आया है। | 
madhukarkhin

#मधुकर कहिन: वह राजनेता जो अपने जीवन में दो बार प्रधानमंत्री बनते बनते रह गया।

Post Views 61

August 31, 2020

सत्ता के लालच में अपनी पार्टी की सरकार गिराने की सोचने वालों हेतु सबक है प्रणब मुखर्जी का जीवन

मधुकर कहिन
वह राजनेता जो अपने जीवन में दो बार प्रधानमंत्री बनते बनते रह गया।

सत्ता के लालच में अपनी पार्टी की सरकार गिराने की सोचने वालों हेतु सबक है प्रणब मुखर्जी का जीवन

✒️ नरेश राघानी

पूर्व राष्ट्रपति स्व. प्रणब मुखर्जी और उनका जीवन अपने आप में यह समझने को काफी है कि - जरूरी नहीं कि आपको जीवन में वही मिले जो आपने कभी चाहा हो। यह भी हो सकता है की आपके लिए ईश्वर की योजना आपकी चाहत से बेहतर हो !!!
बंगाल प्रेसिडेंसी के मिराती गांव में जन्मे प्रणब मुखर्जी के पिता का नाम का कामदा किंकर मुखर्जी था। और उनकी माता का नाम राजलक्ष्मी मुखर्जी था। उनके पिता खुद एक स्वतंत्रता सेनानी थे। प्रणब मुखर्जी ने देश की मिट्टी से प्यार अपनी विरासत में ही पाया था। प्रणब मुखर्जी ने अपनी शिक्षा सूर्य विद्यासागर कॉलेज कोलकाता से हासिल की, उसके बाद कोलकाता के पोस्ट एंड टेलीग्राफ डिपार्टमेंट में बतौर एक क्लार्क के कुछ समय के लिए नौकरी भी की।

कोलकाता के पोस्ट ऑफिस से लेकर दिल्ली के राष्ट्रपति भवन का सफर तय करने वाले प्रणब मुखर्जी, अपने जीवन काल में दो बार देश के प्रधानमंत्री पद तक पहुंचते-पहुंचते रह गए।

प्रथम बार तो उनकी राजनीतिक गुरु और देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के निधन पर। उन्हें प्रधानमंत्री की भूमिका में पूरा देश देख रहा था। लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था। उस युग में अरुण नेहरू के हस्तक्षेप के चलते इंदिरा गांधी के पुत्र राजीव गांधी को प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई गई। जिनसे प्रणब मुखर्जी की नहीं बनी। और उन्होंने बंगाल में अपनी ही पार्टी का गठन कर दिया। कुछ समय बाद उनकी पार्टी का विलय भारतीय राष्ट्र कांग्रेस में हो गया और राजीव गांधी से उनकी सुलह हो गई।
दूसरी बार जीवन में उन्हें प्रधानमंत्री बनने का मौका तब सामने आया जब सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने से इनकार कर दिया । और पूरी पार्टी उस काल के वरिष्ठ नेता प्रणब मुखर्जी को प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहती थी। तब भी गांधी परिवार के ड्राइंग रूम में बैठकर डॉ मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई गई। उसके बावजूद भी प्रणव मुखर्जी ने कांग्रेस पार्टी का साथ पूरे मन से निभाया और अंततः राष्ट्रपति पद तक पहुंचे।

आज की युवा पीढ़ी जो कांग्रेस में भीतर बैठकर अपनी ही पार्टी के मान और प्रतिष्ठा को दांव पर लगाकर सरकार गिराने की बात करती है , उस पीढ़ी के नेताओं के लिए स्वर्गीय प्रणब मुखर्जी का जीवन अपने आप में एक बहुत बड़ा उदाहरण है। जिसका एक ही पंक्ति में सार है और वह है

सब्र और समझदारी सत्ता तक पहुंचने का सबसे सटीक उपाय है। पत्थर पैरों में ठोकर खाते हैं और धूल एक दिन उड़कर शिखर पर चढ़ जाती है।

भारतीय राजनीति के अमर नायक स्व. प्रणब मुखर्जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि।

जय श्री कृष्ण

नरेश राघानी
प्रधान संपादक
www.horizonhind.com
9829070307


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved