For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 143141726
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: सिंधु तट पर जुटा लघु भारत,सिंधु कुंभ बना राष्ट्रीय एकता का विराट मंच |  Ajmer Breaking News: भगवानगंज चौकी प्रभारी एएसआई भगवान सिंह निलंबित,ड्यूटी के दौरान अनुशासन हीनता और कार्य में अनियमितता की शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई है। |  Ajmer Breaking News: किशनगढ़ में सवारियों से भरी रोडवेज बस मे लगी भीषण आग, अजमेर ओर किशनगढ़ की दमकलों ने पाया आग पर काबू,बस जल कर हुई कबाड़,सभी सवारिया सुरक्षित |  Ajmer Breaking News: जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक मंगलवार को केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी की अध्यक्षता में रीट सभागार में आयोजित की गई। |  Ajmer Breaking News: आमजन की समस्या के समाधान के लिए सरकार संकल्पबद्ध-डॉ. चतुर्वेदी |  Ajmer Breaking News: अजमेर में एक बार फिर मध्यप्रदेश के कुख्यात पारदी गैंग की चड्डी बनियान गिरोह के शातिर आए नजर, |  Ajmer Breaking News: झीलों की नगरी के रूप में विकसित हो रहा अजमेर, बढ़ेगा पर्यटन-श्री देवनानी |  Ajmer Breaking News: ग्रामीणों को मौके पर ही मिली सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं की सुविधा: श्री रावत |  Ajmer Breaking News: ग्रामीण सेवा शिविर 2026 जिला कलक्टर ने किया घूघरा शिविर का औचक निरीक्षण |  Ajmer Breaking News: 608 वर्ष बाद सांपला में बनेगा भव्य द्वारकाधीश मंदिर भूमि पूजन में उमड़ा जनसैलाब | 

क़लमकार: क्या कांग्रेस भाजपा के खिलाफ विरोध की लहर का फायदा उठाने से चूक जाएगी ?

Post Views 151

November 28, 2018

वसुन्धरा सरकार और अजमेर के दोनों मंत्रियों के पंद्रह साल के शासन स्वरूप उपजी विरोध की लहर के चलते ऐसी धारणा बनी थी कि इस बार कांग्रेस की लहर है और उसकी सरकार बन सकती है।

वासुदेव देवनानी की तुनक मिजाजी , अनीता भदेल का अतिक्रमणों का समर्थन और गिनती बढ़ाने का विकास और वसुन्धरा जी से सरकारी कर्मचारियों की नाराजगी ने मेरे विचार से कांग्रेस की जीत के आसार पक्के कर दिए थे या पक्के कर दिए हैं क्योंकि भविष्य का अभी फैसला नहीं हुआ है।


बीजेपी की विरोधी लहर में जिस तरह कमर कसकर कांग्रेस और देवनानी के खिलाफ ब्राह्मणों को मैदान में उतरना था वे नहीं उतरे हैं।

मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि अपरोक्ष रूप से सचिन पायलट और अशोक गहलोत में अन्दर ही अन्दर शीत युद्ध जारी है।दोनों यह अवश्य चाहते होंगे कि उनके समर्थक ज्यादा से ज्यादा संख्या में जीतें इसका यह अर्थ भी लगा सकते हैं कि सामने वाले का समर्थक हार जाए।

वास्तव में एक बात मैं आपका बता दूं कि राहुल गांधी में नेतृत्व क्षमता का वो हुनर कभी रहा ही नहीं कि वो हालातों पर काबू पा सके।

ये तो हुई कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की बात। अब आइए स्थानीय कांग्रेस की बात कर लें।

मैंने महसूस किया कि स्थानीय कांग्रेस में छोटे छोटे टापू बने हुए हैं।

इन छोटे छोटे टापुओं पर अलग अलग खेमों के अलग अलग झंडे लहरा रहे हैं।

ऐसी आशंका है सेनापति बनने की होड़ में सभी एक दूसरे को काट कर धराशाई हो जाएंगे और फिर ढूंढे से भी कोई सेनापति नजर नहीं आएगा और ताज एक बार फिर भाजपा की झोली में जा गिरेगा।

क्या भाजपा के खिलाफ विरोध की लहर का फायदा कांग्रेस उठाने से चूक जाएगी ?

जयहिंद।

राजेन्द्र सिंह हीरा

       अजमेर


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved