For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 174362644
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: शक्ति सिंह रावत बने सरपंच संघ अजमेर के जिलाध्यक्ष, सर्वसम्मति से हुआ चयन |  Ajmer Breaking News: ​असरवा ट्रेन में बम होने की झूठी सूचना देकर सनसनी फैलाने वाला आरोपी गिरफ्तार। |  Ajmer Breaking News: कृष्ण गंज थाना अंतर्गत माकड़वाली रोड पर चोरी की वारदात, 7-8 दुकानों के ताले टूटे |  Ajmer Breaking News: साइबर फ्रॉड का शिकार हुआ व्यक्ति, लिंक पर क्लिक करते ही खाते से उड़े 1.95 लाख रुपय |  Ajmer Breaking News: सिविल लाइंस थाने में दर्ज हुआ ऑनलाइन धोखाधड़ी का मामला ​ |  Ajmer Breaking News: अजमेर नगर निगम आयुक्त की तानाशाही पर फूटा कांग्रेस का गुस्सा: अधिवक्ता विवेक पाराशर की ओर से सौंपा गया आर-पार का विधिक नोटिस, |  Ajmer Breaking News: पुष्कर मेला: प्रशासन का सख्त रुख, अतिक्रमण हटाने और स्वच्छता को लेकर की गई संयुक्त कार्रवाई   |  Ajmer Breaking News: अजमेर रेल मंडल के मुख्य स्टेशनों पर 3 और 4 नवंबर को 'डीएलसी 5.0' व शिकायत निवारण हेतु विशेष शिविर |  Ajmer Breaking News:  स्वगणना 10 जनवरी से 24 जनवरी 2027 तक प्रस्तावित द्वितीय चरण के लिए नियमित सहायक एवं तकनीकी सहायकों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित |  Ajmer Breaking News: उपभोक्ताओं के हितों को सुरक्षित रखते हुए सोमवार को दीपावली पर्व के परिप्रेक्ष्य में पैकेज कमोडिटी की पालना में औचक निरीक्षण किए गए। | 

क़लमकार: क्या कांग्रेस भाजपा के खिलाफ विरोध की लहर का फायदा उठाने से चूक जाएगी ?

Post Views 201

November 28, 2018

वसुन्धरा सरकार और अजमेर के दोनों मंत्रियों के पंद्रह साल के शासन स्वरूप उपजी विरोध की लहर के चलते ऐसी धारणा बनी थी कि इस बार कांग्रेस की लहर है और उसकी सरकार बन सकती है।

वासुदेव देवनानी की तुनक मिजाजी , अनीता भदेल का अतिक्रमणों का समर्थन और गिनती बढ़ाने का विकास और वसुन्धरा जी से सरकारी कर्मचारियों की नाराजगी ने मेरे विचार से कांग्रेस की जीत के आसार पक्के कर दिए थे या पक्के कर दिए हैं क्योंकि भविष्य का अभी फैसला नहीं हुआ है।


बीजेपी की विरोधी लहर में जिस तरह कमर कसकर कांग्रेस और देवनानी के खिलाफ ब्राह्मणों को मैदान में उतरना था वे नहीं उतरे हैं।

मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि अपरोक्ष रूप से सचिन पायलट और अशोक गहलोत में अन्दर ही अन्दर शीत युद्ध जारी है।दोनों यह अवश्य चाहते होंगे कि उनके समर्थक ज्यादा से ज्यादा संख्या में जीतें इसका यह अर्थ भी लगा सकते हैं कि सामने वाले का समर्थक हार जाए।

वास्तव में एक बात मैं आपका बता दूं कि राहुल गांधी में नेतृत्व क्षमता का वो हुनर कभी रहा ही नहीं कि वो हालातों पर काबू पा सके।

ये तो हुई कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की बात। अब आइए स्थानीय कांग्रेस की बात कर लें।

मैंने महसूस किया कि स्थानीय कांग्रेस में छोटे छोटे टापू बने हुए हैं।

इन छोटे छोटे टापुओं पर अलग अलग खेमों के अलग अलग झंडे लहरा रहे हैं।

ऐसी आशंका है सेनापति बनने की होड़ में सभी एक दूसरे को काट कर धराशाई हो जाएंगे और फिर ढूंढे से भी कोई सेनापति नजर नहीं आएगा और ताज एक बार फिर भाजपा की झोली में जा गिरेगा।

क्या भाजपा के खिलाफ विरोध की लहर का फायदा कांग्रेस उठाने से चूक जाएगी ?

जयहिंद।

राजेन्द्र सिंह हीरा

       अजमेर


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved