For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 154837010
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: अजमेर में नगर निकाय चुनाव का कार्यक्रम घोषित, 9 और 11 सितंबर को होगा मतदान,14 को आएगा परिणाम |  Ajmer Breaking News: साल 2055 तक अजमेर उत्तर की प्यास बुझाएगी 270 करोड़ की योजना विधानसभाअध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने रखी नींव |  Ajmer Breaking News: नगर निगम चुनाव जीतने के संकल्प के साथ कांग्रेस में जबरदस्त जोश, टिकट दावेदारों की भीड़ से गरमाया चुनावी माहौल |  Ajmer Breaking News: सावन में पंच पिपलेश्वर महादेव मंदिर में गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे |  Ajmer Breaking News: अजमेर के गंज थाना अंतर्गत पुष्कर रोड पर सिगरेट गुटके के होलसेलर विक्रेता की दुकान में चोरी की वारदात, |  Ajmer Breaking News: आदर्श नगर में चोरों का आतंक, दो दिन में लगातार दूसरी चोरी से पुलिस को चुनौती |  Ajmer Breaking News: प्रधानमंत्री ई बस सेवा योजना के तहत मिली 5 ई बसों का संचालन  शुरू होते ही अजमेर के होकरा गांव के लिए आज का दिन एक नई और सुखद शुरुआत लेकर आया! |  Ajmer Breaking News: दरगाह के आसपास नशेड़ियों का आतंक,गेट नंबर 10 पर खानाबदोश नशेड़ी ने मचाया उत्पात,पुलिस और गार्ड पर किया हमला |  Ajmer Breaking News: सहकारिता विभाग के अधीन संचालित रहवासी आश्रम में एक युवक ने दूसरे युवक पर सरिए से हमला कर ली जान, |  Ajmer Breaking News: अजमेर में सड़कों पर आज से दौड़ेंगी 5 AC ई-बसें, विधासभा अध्यक्ष देवनानी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना  | 

क़लमकार: हम सब डंडे का ज़ोर ही समझते हैं

Post Views 31

November 18, 2018

मेरे एक मित्र सिंगापुर गए वे वहां की बात बता रहे थे।

रात के दो बजे खाली सड़क पर दो युवतियां सड़क पार करने के लिए हरी बत्ती का इंतज़ार कर रही थीं। सड़क पर यातायात बिल्कुल नहीं था बावजूद इसके वे लड़कियां हरी बत्ती होने का इंतज़ार करती रही।

इसे उस देश का कल्चर और अनुशासन ही कहा जाएगा जो उन्हें बचपन से सिखाया जाता है।

एक हम हिन्दुस्तानी हैं कि लाल बत्ती होने पर भी सिग्नल तोड़ कर भाग छूटते हैं।

कारण ना तो हमें कभी यातायात के नियमों का पालन करना सिखाया गया है और ना ही अनुशासन।

कुछ मेट्रो शहरों को छोड़ दें तो सिग्नल तोड़ने पर कोई कार्रवाई भी नहीं होती जो इस तरह के कृत्य करने वालों को बढ़ावा देती है।

यातायात कर्मचारी कम हैं जो हैं वे उगाही में लगे रहते हैं।

इसका एक ही उपाय समझ आ रहा है आनेवाली नई पौध को हम छोटी उम्र से ही यातायात नियमों का पालन करना स्कूली पाठ्यक्रम में सिखाएं पर मौजूदा लोगों को तो डंडे के ज़ोर से ही सिखाना होगा।

सरकार को मेरी सलाह है कि जितना खर्च वह यातायात कर्मचारियों की भर्ती पर करे अगर उसका एक चौथाई सी सी टी वी कैमरों पर खर्च करे तो सरकार को ना केवल इन कैमरों की लागत वापस मिल पाएगी अपितु राजस्व भी हासिल होगा।


देश का आम नागरिक कोई भी काम बिना डंडे के डर के करता ही नहीं है इसीलिए डंडा चाहे वह किसी भी रूप में हो आवश्यक है।

जयहिंद।

राजेन्द्र सिंह हीरा

       अजमेर


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved