For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 153848095
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: निकाय-पंचायत चुनाव से पहले राजस्व मंडल ने जारी किए आदेश, तहसीलदार और उप पंजीयक सहित 46 अधिकारियों के बदले पदस्थापन |  Ajmer Breaking News: अलवर गेट थाना अंतर्गत होली फैमिली अस्पताल के पास वाली गली उदयगंज में महिला से झपट्टा मारकर मोबाइल स्नेचिंग की घटना, वारदात CCTV में हुई कैद |  Ajmer Breaking News: अजमेर में स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां तेज, 15 अगस्त को उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी करेंगी ध्वाजारोहण  |  Ajmer Breaking News: 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस को लेकर अजमेर पुलिस अलर्ट, शहरभर में बढ़ाई सुरक्षा व्यवस्था  |  Ajmer Breaking News: माकड़वाली में पुलिस चौकी का लोकार्पण, अपराधियों पर कसेगा शिकंजा—विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने किया शुभारंभ |  Ajmer Breaking News: राजस्व मंडल के अकाउंट सेक्शन में छज्जा गिरा, डिप्टी फाइनेंस ऑफिसर घायल ; एक दिन की पेन डाउन हड़ताल |  Ajmer Breaking News: पिलर से टकराई रोडवेज बस, 10 यात्रियों को मामूली चोटें, भारत पेट्रोल पंप एलिवेटेड रोड के नीचे हुआ हादसा, घायलों का जेएलएन अस्पताल में उपचार जारी |  Ajmer Breaking News: आर्या मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का 7वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया |  Ajmer Breaking News: तेज रफ्तार कार ने दो पुलिसकर्मियों को मारी जोरदार टक्कर, ASI की हालत नाजुक |  Ajmer Breaking News: अजमेर सेंट्रल जेल में बंद कैदियों से जेलर के मोबाइल फोन से वीडियो कॉल कराने का मामला,जेल प्रशासन में खलबली, | 

क़लमकार: हम सब डंडे का ज़ोर ही समझते हैं

Post Views 31

November 18, 2018

मेरे एक मित्र सिंगापुर गए वे वहां की बात बता रहे थे।

रात के दो बजे खाली सड़क पर दो युवतियां सड़क पार करने के लिए हरी बत्ती का इंतज़ार कर रही थीं। सड़क पर यातायात बिल्कुल नहीं था बावजूद इसके वे लड़कियां हरी बत्ती होने का इंतज़ार करती रही।

इसे उस देश का कल्चर और अनुशासन ही कहा जाएगा जो उन्हें बचपन से सिखाया जाता है।

एक हम हिन्दुस्तानी हैं कि लाल बत्ती होने पर भी सिग्नल तोड़ कर भाग छूटते हैं।

कारण ना तो हमें कभी यातायात के नियमों का पालन करना सिखाया गया है और ना ही अनुशासन।

कुछ मेट्रो शहरों को छोड़ दें तो सिग्नल तोड़ने पर कोई कार्रवाई भी नहीं होती जो इस तरह के कृत्य करने वालों को बढ़ावा देती है।

यातायात कर्मचारी कम हैं जो हैं वे उगाही में लगे रहते हैं।

इसका एक ही उपाय समझ आ रहा है आनेवाली नई पौध को हम छोटी उम्र से ही यातायात नियमों का पालन करना स्कूली पाठ्यक्रम में सिखाएं पर मौजूदा लोगों को तो डंडे के ज़ोर से ही सिखाना होगा।

सरकार को मेरी सलाह है कि जितना खर्च वह यातायात कर्मचारियों की भर्ती पर करे अगर उसका एक चौथाई सी सी टी वी कैमरों पर खर्च करे तो सरकार को ना केवल इन कैमरों की लागत वापस मिल पाएगी अपितु राजस्व भी हासिल होगा।


देश का आम नागरिक कोई भी काम बिना डंडे के डर के करता ही नहीं है इसीलिए डंडा चाहे वह किसी भी रूप में हो आवश्यक है।

जयहिंद।

राजेन्द्र सिंह हीरा

       अजमेर


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved