For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 155452800
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: त्योहारी सीजन पर चलाए जा रहे विशेष अभियान में जांच हेतु लिए नमूने                 |  Ajmer Breaking News: ​भाजपा के आचार संहिता उल्लंघन पर कांग्रेस का कड़ा प्रहार: मातृशक्ति फेस्ट से हटे उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी व भाजपा नेताओं के पोस्टर, सत्ता के दुरुपयोग पर कांग्रेस का कड़ा पहरा ​ |  Ajmer Breaking News: 22 अगस्त 2026, शनिवार को सेवा मंदिर अस्पताल परिसर मे मानव अधिकार मिशन अजमेर की सहभागिता में निःशुल्क एलोपैथी व होमियोपैथी चिकित्सा परामर्श शिविर एवं रक्तदान शिविर का आयोजन |  Ajmer Breaking News: अजमेर में रविवार को जवाहर रंगमंच पर होगा प्रदेश स्तरीय जाट समाज प्रतिभा सम्मान समारोह, 200 से अधिक प्रतिभाओं का होगा सम्मान, |  Ajmer Breaking News: संभाग के सबसे बड़े जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के शिशु रोग विभाग में महिला से अश्लील हरकत और छेड़छाड़ का आरोप, प्रथम वर्ष पीजी छात्र डॉ शुभम निलंबित |  Ajmer Breaking News: 1501वां जश्ने ईद मिलादुन्नबी 26 अगस्त को, निकलेगा विशाल जुलूस, डीजे की पिकअप और आतिशबाजी पर रहेगा प्रतिबंध, मुस्लिम समाज में उत्साह |  Ajmer Breaking News: SI-PTI परीक्षा के फिजिकल टेस्ट में फर्जी अभ्यर्थी भेजने का मामला, प्रशासन ने अलवर गेट थाने में दी शिकायत |  Ajmer Breaking News: शातिर दुपहिया वाहन चोर गिरफ्तार, एक स्कूटी और दो मोटरसाइकिल बरामद |  Ajmer Breaking News: चूड़ी खरीदने के दौरान महिला के पर्स से 25 हजार की नगदी चोरी, CCTV में कैद हुई वारदात |  Ajmer Breaking News: 18 साल के विश्वास में सेंध: सट्टे में हारी रकम लौटाने के लिए मालिक की दुकान से 750 ग्राम सोना और 15 लाख की नगदी चोरी करने वाला आरोपी गिरफ्तार  | 

क़लमकार: हम सब डंडे का ज़ोर ही समझते हैं

Post Views 31

November 18, 2018

मेरे एक मित्र सिंगापुर गए वे वहां की बात बता रहे थे।

रात के दो बजे खाली सड़क पर दो युवतियां सड़क पार करने के लिए हरी बत्ती का इंतज़ार कर रही थीं। सड़क पर यातायात बिल्कुल नहीं था बावजूद इसके वे लड़कियां हरी बत्ती होने का इंतज़ार करती रही।

इसे उस देश का कल्चर और अनुशासन ही कहा जाएगा जो उन्हें बचपन से सिखाया जाता है।

एक हम हिन्दुस्तानी हैं कि लाल बत्ती होने पर भी सिग्नल तोड़ कर भाग छूटते हैं।

कारण ना तो हमें कभी यातायात के नियमों का पालन करना सिखाया गया है और ना ही अनुशासन।

कुछ मेट्रो शहरों को छोड़ दें तो सिग्नल तोड़ने पर कोई कार्रवाई भी नहीं होती जो इस तरह के कृत्य करने वालों को बढ़ावा देती है।

यातायात कर्मचारी कम हैं जो हैं वे उगाही में लगे रहते हैं।

इसका एक ही उपाय समझ आ रहा है आनेवाली नई पौध को हम छोटी उम्र से ही यातायात नियमों का पालन करना स्कूली पाठ्यक्रम में सिखाएं पर मौजूदा लोगों को तो डंडे के ज़ोर से ही सिखाना होगा।

सरकार को मेरी सलाह है कि जितना खर्च वह यातायात कर्मचारियों की भर्ती पर करे अगर उसका एक चौथाई सी सी टी वी कैमरों पर खर्च करे तो सरकार को ना केवल इन कैमरों की लागत वापस मिल पाएगी अपितु राजस्व भी हासिल होगा।


देश का आम नागरिक कोई भी काम बिना डंडे के डर के करता ही नहीं है इसीलिए डंडा चाहे वह किसी भी रूप में हो आवश्यक है।

जयहिंद।

राजेन्द्र सिंह हीरा

       अजमेर


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved