For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 167286798
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: चाचियावास में तीन बड़े खेल आयोजनों का संगम: साथ खेलें, यूनिफाइड स्पोर्ट्स एवं फ्लोरबॉल स्टेट लेवल सिलेक्शन ट्रायल |  Ajmer Breaking News: राजस्थान सेंटर ऑफ एडवांस टेक्नोलॉजी, आर-केट सेन्टर अजमेर द्वारा आर्यन कॉलेज अजमेर में उच्च तकनीकी शिक्षा के विभिन्न कोर्स की जानकारी प्रदान की गई। |  Ajmer Breaking News: युवा कांग्रेस के चुनाव परिणाम के बाद  विजयी टीम मैक्स के संघर्ष के वफादार साथी हेमंत गुर्जर अध्यक्ष व जय वाल्मीकि उपाध्यक्ष का मधुसूदन मैक्स पाराशर के कार्यालय पर हुआ भव्य स्वागत, |  Ajmer Breaking News: अलवर गेट थाना क्षेत्र स्थित गुलाब बाड़ी विकास विहार कॉलोनी में कार का साइड ग्लास तोड़ने को लेकर विवाद, |  Ajmer Breaking News: अजमेर में पंचायत चुनावों के संबंध में भाजपा कार्यालय में  प्रेस वार्ता, प्रभारी अरुण चतुर्वेदी ने ​मतदाताओं का जताया आभार, |  Ajmer Breaking News: कांग्रेस के नवनिर्वाचित पार्षद पहली बार बड़ी संख्या में एकजुट होकर पहुंचे नगर निगम |  Ajmer Breaking News: अजमेर रेलवे स्टेशन से चोरी का लैपटॉप बरामद, 25 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार |  Ajmer Breaking News: नरवर में धामण (रेट स्नेक) का सफल रेस्क्यू, टीम ने किसानों से की वन्यजीव बचाने की अपील |  Ajmer Breaking News: शादी के 5 दिन बाद ही कैश व सोने-चांदी के जेवर लेकर फरार हुई लुटेरी दुल्हन, कृष्ण गंज थाना पुलिस ने दर्ज नहीं की शिकायत |  Ajmer Breaking News: अजमेर में भारतीय शास्त्रीय नृत्य, संस्कृति एवं आध्यात्मिक चेतना को समर्पित भव्य कार्यक्रम नृत्य वेदम् का आयोजन राजीव गांधी सभागार, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड परिसर में किया गया। | 

क़लमकार: हम सब डंडे का ज़ोर ही समझते हैं

Post Views 31

November 18, 2018

मेरे एक मित्र सिंगापुर गए वे वहां की बात बता रहे थे।

रात के दो बजे खाली सड़क पर दो युवतियां सड़क पार करने के लिए हरी बत्ती का इंतज़ार कर रही थीं। सड़क पर यातायात बिल्कुल नहीं था बावजूद इसके वे लड़कियां हरी बत्ती होने का इंतज़ार करती रही।

इसे उस देश का कल्चर और अनुशासन ही कहा जाएगा जो उन्हें बचपन से सिखाया जाता है।

एक हम हिन्दुस्तानी हैं कि लाल बत्ती होने पर भी सिग्नल तोड़ कर भाग छूटते हैं।

कारण ना तो हमें कभी यातायात के नियमों का पालन करना सिखाया गया है और ना ही अनुशासन।

कुछ मेट्रो शहरों को छोड़ दें तो सिग्नल तोड़ने पर कोई कार्रवाई भी नहीं होती जो इस तरह के कृत्य करने वालों को बढ़ावा देती है।

यातायात कर्मचारी कम हैं जो हैं वे उगाही में लगे रहते हैं।

इसका एक ही उपाय समझ आ रहा है आनेवाली नई पौध को हम छोटी उम्र से ही यातायात नियमों का पालन करना स्कूली पाठ्यक्रम में सिखाएं पर मौजूदा लोगों को तो डंडे के ज़ोर से ही सिखाना होगा।

सरकार को मेरी सलाह है कि जितना खर्च वह यातायात कर्मचारियों की भर्ती पर करे अगर उसका एक चौथाई सी सी टी वी कैमरों पर खर्च करे तो सरकार को ना केवल इन कैमरों की लागत वापस मिल पाएगी अपितु राजस्व भी हासिल होगा।


देश का आम नागरिक कोई भी काम बिना डंडे के डर के करता ही नहीं है इसीलिए डंडा चाहे वह किसी भी रूप में हो आवश्यक है।

जयहिंद।

राजेन्द्र सिंह हीरा

       अजमेर


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved