For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 162809286
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: पेपर लीक के कारण रद्द हुई  SI भर्ती परीक्षा 2021 रविवार को अजमेर सहित प्रदेश के 11 जिलों में आज फिर से आयोजित हुई। |  Ajmer Breaking News: सराधना डांग के बालाजी मंदिर में गूंजे वैदिक मंत्र, नवग्रह और भैरुजी महाराज की मूर्ति की हुई प्राण प्रतिष्ठा |  Ajmer Breaking News: जयपुर में 3 स्पा सेंटरों पर CST की रेड: 10 युवतियों समेत 15 लोगों को पकड़ा, चित्रकूट पुलिस को सौंपा |  Ajmer Breaking News: अजमेर में युवाओं ने लिया नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत का संकल्प |  Ajmer Breaking News: चंद रुपए बचाने के लिए एक ठेकेदार की लापरवाही ने 4 मासूम बच्चों के सिर से उनके पिता का साया हमेशा के लिए छीन लिया। |  Ajmer Breaking News: AIMIM के कौमी तर्जुमान वारिस पठान अजमेर शरीफ दरगाह पहुंचे, |  Ajmer Breaking News: अजमेर निगम मेयर चुनाव से पहले थाने में बढ़ा सियासी पारा, बीजेपी-कांग्रेस नेताओं में जुबानी जंग |  Ajmer Breaking News: अजमेर के कांग्रेस पार्षद बेंगलुरु में, 42 का दावा |  Ajmer Breaking News: स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत मंडल कार्यालय परिसर मे आरपीएफ द्वारा सफाई कार्य |  Ajmer Breaking News: भाद्र मास,शुक्ल पक्ष की अष्टमी यानी 19 सितंबर 2026 को मेडिकल कॉलेज में उत्साहपूर्वक महर्षि दधीचि जयंती एनाटॉमी विभाग के तत्वाधान में मनाई गई। | 

क़लमकार: हम सब डंडे का ज़ोर ही समझते हैं

Post Views 31

November 18, 2018

मेरे एक मित्र सिंगापुर गए वे वहां की बात बता रहे थे।

रात के दो बजे खाली सड़क पर दो युवतियां सड़क पार करने के लिए हरी बत्ती का इंतज़ार कर रही थीं। सड़क पर यातायात बिल्कुल नहीं था बावजूद इसके वे लड़कियां हरी बत्ती होने का इंतज़ार करती रही।

इसे उस देश का कल्चर और अनुशासन ही कहा जाएगा जो उन्हें बचपन से सिखाया जाता है।

एक हम हिन्दुस्तानी हैं कि लाल बत्ती होने पर भी सिग्नल तोड़ कर भाग छूटते हैं।

कारण ना तो हमें कभी यातायात के नियमों का पालन करना सिखाया गया है और ना ही अनुशासन।

कुछ मेट्रो शहरों को छोड़ दें तो सिग्नल तोड़ने पर कोई कार्रवाई भी नहीं होती जो इस तरह के कृत्य करने वालों को बढ़ावा देती है।

यातायात कर्मचारी कम हैं जो हैं वे उगाही में लगे रहते हैं।

इसका एक ही उपाय समझ आ रहा है आनेवाली नई पौध को हम छोटी उम्र से ही यातायात नियमों का पालन करना स्कूली पाठ्यक्रम में सिखाएं पर मौजूदा लोगों को तो डंडे के ज़ोर से ही सिखाना होगा।

सरकार को मेरी सलाह है कि जितना खर्च वह यातायात कर्मचारियों की भर्ती पर करे अगर उसका एक चौथाई सी सी टी वी कैमरों पर खर्च करे तो सरकार को ना केवल इन कैमरों की लागत वापस मिल पाएगी अपितु राजस्व भी हासिल होगा।


देश का आम नागरिक कोई भी काम बिना डंडे के डर के करता ही नहीं है इसीलिए डंडा चाहे वह किसी भी रूप में हो आवश्यक है।

जयहिंद।

राजेन्द्र सिंह हीरा

       अजमेर


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved