For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 118578971
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: होलसेल व्यापारी की स्कूटर की डिक्की से 5 लाख रुपए से भरा बैग हुआ चोरी, 11 फरवरी को हुई वारदात, व्यापारी ने क्लॉक टावर थाना पुलिस को दी शिकायत, |  Ajmer Breaking News: अजमेर में वॉल आर्ट फेस्टिवल से दीवारों एवं स्कूल पर आई रौनक,ब्लॉसम स्कूल में भव्य वॉल पेंटिंग बनाई, शनिवार को आर्ट फेस्टिवल का समापन हुआ  |  Ajmer Breaking News: फव्वारा चौराहे पर बागेश्वर धाम के कथा वाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हनुमंत कथा आयोजन के पोस्टर फाड़े जाने के विरोध में बजरंग दल का प्रदर्शन, |  Ajmer Breaking News: आतेड़ कच्ची बस्ती के क्षेत्रवासियों ने कृष्णगंज थाना पुलिस को शिकायत देकर क्षेत्र में संचालित अवैध और अपराध जनत गतिविधियों पर अंकुश लगाने की मांग |  Ajmer Breaking News: अजमेर जिला न्यायालय को फिर मिली बम से उड़ाने की धमकी,  |  Ajmer Breaking News: विधानसभा में प्रश्न काल: राइट टू हेल्थ पर सदन में टकराव, कांग्रेस का वॉकआउट, विधानसभा अध्यक्ष देवनानी की कड़ी चेतावनी |  Ajmer Breaking News: पुष्कर के ट्रेचिंग ग्राउंड में प्लास्टिक का पहाड़, मूक पशुओं के लिए बना मौत का मैदान |  Ajmer Breaking News: ब्रह्मा सावित्री वेद विद्यापीठ का भव्य आयोजन, तीन दिन चलेगा आध्यात्मिक महोत्सव |  Ajmer Breaking News: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की सैकण्डरी और सीनियर सैकण्डरी की परीक्षाएं गुरुवार से विधिवत् प्रारंभ हो गई।  |  Ajmer Breaking News: विभिन्न श्रमिक संगठनों द्वारा नई श्रम कानून के विरोध में राष्ट्रव्यापी हड़ताल, | 

क़लमकार: हम सब डंडे का ज़ोर ही समझते हैं

Post Views 21

November 18, 2018

मेरे एक मित्र सिंगापुर गए वे वहां की बात बता रहे थे।

रात के दो बजे खाली सड़क पर दो युवतियां सड़क पार करने के लिए हरी बत्ती का इंतज़ार कर रही थीं। सड़क पर यातायात बिल्कुल नहीं था बावजूद इसके वे लड़कियां हरी बत्ती होने का इंतज़ार करती रही।

इसे उस देश का कल्चर और अनुशासन ही कहा जाएगा जो उन्हें बचपन से सिखाया जाता है।

एक हम हिन्दुस्तानी हैं कि लाल बत्ती होने पर भी सिग्नल तोड़ कर भाग छूटते हैं।

कारण ना तो हमें कभी यातायात के नियमों का पालन करना सिखाया गया है और ना ही अनुशासन।

कुछ मेट्रो शहरों को छोड़ दें तो सिग्नल तोड़ने पर कोई कार्रवाई भी नहीं होती जो इस तरह के कृत्य करने वालों को बढ़ावा देती है।

यातायात कर्मचारी कम हैं जो हैं वे उगाही में लगे रहते हैं।

इसका एक ही उपाय समझ आ रहा है आनेवाली नई पौध को हम छोटी उम्र से ही यातायात नियमों का पालन करना स्कूली पाठ्यक्रम में सिखाएं पर मौजूदा लोगों को तो डंडे के ज़ोर से ही सिखाना होगा।

सरकार को मेरी सलाह है कि जितना खर्च वह यातायात कर्मचारियों की भर्ती पर करे अगर उसका एक चौथाई सी सी टी वी कैमरों पर खर्च करे तो सरकार को ना केवल इन कैमरों की लागत वापस मिल पाएगी अपितु राजस्व भी हासिल होगा।


देश का आम नागरिक कोई भी काम बिना डंडे के डर के करता ही नहीं है इसीलिए डंडा चाहे वह किसी भी रूप में हो आवश्यक है।

जयहिंद।

राजेन्द्र सिंह हीरा

       अजमेर


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved