For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 160630023
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: गणेश चतुर्थी से पहले मार्केट में आए इको फ्रेंडली गणेश , मिट्टी की मूर्ति की ज्यादा डिमांड, |  Ajmer Breaking News: पुष्कर निकाय चुनाव के बाद भाजपा की ‘बाड़ाबंदी’, 23 प्रत्याशी बस से प्रशिक्षण के लिए रवाना, |  Ajmer Breaking News: पुष्कर-मेड़ता रेलवे लाइन के काम को लेकर रूपाहेली में भारी विवाद खड़ा हो गया है। |  Ajmer Breaking News: अजमेर नगर निगम चुनाव 2026 में मतदान प्रक्रिया सम्पन्न होने के बाद अपना बोर्ड बनाने के लिए भाजपा ओर कांग्रेस दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी शुरू कर दी है। |  Ajmer Breaking News: अजमेर स्टेशन पर राजभाषा पखवाड़ा का शुभारंभ  |  Ajmer Breaking News: मसानिया भैरव धाम राजगढ़ में एटीएस टीम द्वारा की गई मॉक ड्रिल  |  Ajmer Breaking News: अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों में मतदान शुरू: विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और विधायक अनिता भदेल ने डाला वोट |  Ajmer Breaking News: अन्तर्राष्ट्रीय युवा महोत्सव में ऐश्वर्या यादव चयनित, ब्यावर की बेटी ने किया शहर को गौरान्वित |  Ajmer Breaking News: अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों के लिए शुक्रवार को मतदान होना है। निकाय चुनाव 2026 में करीब 360 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। |  Ajmer Breaking News: संत बाबा होतूराम साहिब जी का 67वाँ वार्षिक महोत्सव 8 से 10 सितम्बर तक बड़े ही श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया गया। | 

क़लमकार: क्या न्यायपालिका अमित शाह के हिटलरी बयान को गम्भीरता से लेगी ?

Post Views 121

October 29, 2018

बरीमाला मन्दिर में महिलाओं के प्रवेश के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला लिया है उसका हर हालत में पालन होना ही चाहिए।

कुछ कट्टरपंथी अगर इस फैसले का विरोध कर रहे हैं तो उन पर सख्ती की जानी चाहिए। 

आखिर हम 21 वीं शताब्दी में जी रहे हैं और पुरातन आस्थाएं जो अप्रासंगिक हो गईं हैं बदली जानी ही चाहिएं।

अगर कुछ लोग वर्जनाओं में जीना चाहते हैं तो कानून उन्हें इसका अधिकार नहीं देता।

केरल सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराने में लगी हुई है इसका उसे श्रेय मिलना चाहिए।

यहां एक बात समझ में नहीं आई कि कैसे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जिनकी कि सरकार देश पर शासन कर रही है केवल विशुद्ध वोटों की राजनीति करते हुए न्यायपालिका  को एक तरह से निर्देशित कर रहे हैं कि उसे किस तरह के फैसले लेने चाहिएं।

अमित शाह का बयान जो कानून व्यवस्था के खिलाफ तो है ही यह संविधान विरुद्ध भी है।

अमित शाह को इतना ही फैसले करवाने का शौक है तो उन्हें राजनीति छोड़कर  न्यायपालिका से जुड़ना चाहिए।

जो व्यक्ति केरल सरकार के मना करने के बावजूद उद्घाटन से पहले कन्नूर एयरपोर्ट पर उतरे मतलब जो खुद व्यवस्थाएं तोड़ने की पहल करे , जो नियम कायदे को ना माने वह व्यक्ति देश की सर्वोच्च न्यायपालिका से कहता है कि फैसले ऐसे ना दिए जाएं जो लागू न हो सकें।

कितना हास्यास्पद लगता है।


अमित शाह के बयान से ऐसा लग रहा है ( भले ही यह सच नहीं है) कि सरकार का न्यायपालिका पर कुछ नियंत्रण है , जो कि अच्छी स्थिति नहीं है।

अंतरराष्ट्रीय राजनीतिज्ञ अमित शाह के इस बयान का कुछ अच्छा मतलब नहीं निकालेंगे।


मेरा ऐसा मानना है मोदीजी को अमित शाह के  सुप्रीम कोर्ट के विरुद्ध दिए गए इस बयान पर अवश्य ही संज्ञान लेना चाहिए।


अगर ऐसा ना हुआ तो सुप्रीम कोर्ट की साख को धक्का लगेगा।


वैसे सुप्रीम कोर्ट को अमित शाह के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया अवश्य ही देनी चाहिए।

जयहिंद।

राजेन्द्र सिंह हीरा

        अजमेर


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved