For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 129519273
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: अजमेर के गुलाबबाड़ी इलाके में एक पुलिसकर्मी ने ईमानदारी की मिसाल पेश की है। |  Ajmer Breaking News: अलवर गेट थाना अंतर्गत  चोरी हुई ईनोवा क्रिस्टा कार 48 घंटो में बरामद  |  Ajmer Breaking News: 170 शहरों में धूम मचाते हुए 20000 से भी ज्यादा शो करने वाले जादूगर सम्राट शाका अब आपके शहर अजमेर में, |  Ajmer Breaking News: आरएमसीटीए की नई कार्यकारिणी ने शपथ ग्रहण की । |  Ajmer Breaking News: आकार ले रहा साइंस पार्क, 42 करोड़ लागत, नाममात्र होगी एन्ट्री फीस, ग्रुप में आए स्कूली बच्चों को मुफ्त प्रवेश |  Ajmer Breaking News: ग्राम रथ अभियान का हुआ शुभारंभ , जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचेगी गांव-गांव |  Ajmer Breaking News: अजमेर में फ्रांसीसी नागरिक की इलाज के दौरान मौत, ऑपरेशन के बाद बिगड़ी हालत |  Ajmer Breaking News: अजमेर में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। |  Ajmer Breaking News: अजमेर में फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के जरिए नौकरी पाने के मामले में जांच तेज हो गई है। |  Ajmer Breaking News: जे.पी. नगर, मदार में अज्ञात चोरों ने सूने मकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपए की चोरी की वारदात को अंजाम दिया। | 

क़लमकार: क्या न्यायपालिका अमित शाह के हिटलरी बयान को गम्भीरता से लेगी ?

Post Views 91

October 29, 2018

बरीमाला मन्दिर में महिलाओं के प्रवेश के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला लिया है उसका हर हालत में पालन होना ही चाहिए।

कुछ कट्टरपंथी अगर इस फैसले का विरोध कर रहे हैं तो उन पर सख्ती की जानी चाहिए। 

आखिर हम 21 वीं शताब्दी में जी रहे हैं और पुरातन आस्थाएं जो अप्रासंगिक हो गईं हैं बदली जानी ही चाहिएं।

अगर कुछ लोग वर्जनाओं में जीना चाहते हैं तो कानून उन्हें इसका अधिकार नहीं देता।

केरल सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराने में लगी हुई है इसका उसे श्रेय मिलना चाहिए।

यहां एक बात समझ में नहीं आई कि कैसे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जिनकी कि सरकार देश पर शासन कर रही है केवल विशुद्ध वोटों की राजनीति करते हुए न्यायपालिका  को एक तरह से निर्देशित कर रहे हैं कि उसे किस तरह के फैसले लेने चाहिएं।

अमित शाह का बयान जो कानून व्यवस्था के खिलाफ तो है ही यह संविधान विरुद्ध भी है।

अमित शाह को इतना ही फैसले करवाने का शौक है तो उन्हें राजनीति छोड़कर  न्यायपालिका से जुड़ना चाहिए।

जो व्यक्ति केरल सरकार के मना करने के बावजूद उद्घाटन से पहले कन्नूर एयरपोर्ट पर उतरे मतलब जो खुद व्यवस्थाएं तोड़ने की पहल करे , जो नियम कायदे को ना माने वह व्यक्ति देश की सर्वोच्च न्यायपालिका से कहता है कि फैसले ऐसे ना दिए जाएं जो लागू न हो सकें।

कितना हास्यास्पद लगता है।


अमित शाह के बयान से ऐसा लग रहा है ( भले ही यह सच नहीं है) कि सरकार का न्यायपालिका पर कुछ नियंत्रण है , जो कि अच्छी स्थिति नहीं है।

अंतरराष्ट्रीय राजनीतिज्ञ अमित शाह के इस बयान का कुछ अच्छा मतलब नहीं निकालेंगे।


मेरा ऐसा मानना है मोदीजी को अमित शाह के  सुप्रीम कोर्ट के विरुद्ध दिए गए इस बयान पर अवश्य ही संज्ञान लेना चाहिए।


अगर ऐसा ना हुआ तो सुप्रीम कोर्ट की साख को धक्का लगेगा।


वैसे सुप्रीम कोर्ट को अमित शाह के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया अवश्य ही देनी चाहिए।

जयहिंद।

राजेन्द्र सिंह हीरा

        अजमेर


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved