For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 162558689
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: अजमेर के कांग्रेस पार्षद बेंगलुरु में, 42 का दावा |  Ajmer Breaking News: स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत मंडल कार्यालय परिसर मे आरपीएफ द्वारा सफाई कार्य |  Ajmer Breaking News: भाद्र मास,शुक्ल पक्ष की अष्टमी यानी 19 सितंबर 2026 को मेडिकल कॉलेज में उत्साहपूर्वक महर्षि दधीचि जयंती एनाटॉमी विभाग के तत्वाधान में मनाई गई। |  Ajmer Breaking News: जयपुर महापौर चुनाव: सियासी बाड़ेबंदी, शह-मात का खेल और पुष्कर में गुप्त मंथन |  Ajmer Breaking News: अजमेर केंद्रीय रोडवेज बस स्टैंड से 25 वर्षीय युवती हुई लापता, पिता की शिकायत पर पुलिस ने शुरू की तलाश |  Ajmer Breaking News: लोकतंत्र को बचाने और भारतीय जनता पार्टी व निर्दलीय पार्षदों को सद्बुद्धि देने के लिए अजमेर शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा कांग्रेस कार्यालय पर एक सद्बुद्धि यज्ञ |  Ajmer Breaking News: क्लॉक टॉवर थाना अंतर्गत अधिवक्ता के घर लाखों की चोरी का खुलासा, पश्चिम बंगाल का शातिर गिरफ्तार,आरोपी के कब्जे से चोरी की गई 7 लाख 69 हजार 870 रुपये की नकदी बरामद |  Ajmer Breaking News: अजमेर में सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर पुलिस अलर्ट, 74 केंद्रों पर 24,360 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा, QRT-मोबाइल पार्टियों के साथ अभय कमांड सेंटर से रहेगी कड़ी निगरानी |  Ajmer Breaking News: अजमेर के आजाद नगर, कोटड़ा इलाके में एक बंद मकान को चोरों ने अपना निशाना बनाया , |  Ajmer Breaking News: अजमेर ओपन जेल से उम्रकैद का कैदी फरार, हाजिरी में गायब मिला तो मचा हड़कंप, पुलिस ने शुरू की तलाश | 

क़लमकार: क्या न्यायपालिका अमित शाह के हिटलरी बयान को गम्भीरता से लेगी ?

Post Views 121

October 29, 2018

बरीमाला मन्दिर में महिलाओं के प्रवेश के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला लिया है उसका हर हालत में पालन होना ही चाहिए।

कुछ कट्टरपंथी अगर इस फैसले का विरोध कर रहे हैं तो उन पर सख्ती की जानी चाहिए। 

आखिर हम 21 वीं शताब्दी में जी रहे हैं और पुरातन आस्थाएं जो अप्रासंगिक हो गईं हैं बदली जानी ही चाहिएं।

अगर कुछ लोग वर्जनाओं में जीना चाहते हैं तो कानून उन्हें इसका अधिकार नहीं देता।

केरल सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराने में लगी हुई है इसका उसे श्रेय मिलना चाहिए।

यहां एक बात समझ में नहीं आई कि कैसे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जिनकी कि सरकार देश पर शासन कर रही है केवल विशुद्ध वोटों की राजनीति करते हुए न्यायपालिका  को एक तरह से निर्देशित कर रहे हैं कि उसे किस तरह के फैसले लेने चाहिएं।

अमित शाह का बयान जो कानून व्यवस्था के खिलाफ तो है ही यह संविधान विरुद्ध भी है।

अमित शाह को इतना ही फैसले करवाने का शौक है तो उन्हें राजनीति छोड़कर  न्यायपालिका से जुड़ना चाहिए।

जो व्यक्ति केरल सरकार के मना करने के बावजूद उद्घाटन से पहले कन्नूर एयरपोर्ट पर उतरे मतलब जो खुद व्यवस्थाएं तोड़ने की पहल करे , जो नियम कायदे को ना माने वह व्यक्ति देश की सर्वोच्च न्यायपालिका से कहता है कि फैसले ऐसे ना दिए जाएं जो लागू न हो सकें।

कितना हास्यास्पद लगता है।


अमित शाह के बयान से ऐसा लग रहा है ( भले ही यह सच नहीं है) कि सरकार का न्यायपालिका पर कुछ नियंत्रण है , जो कि अच्छी स्थिति नहीं है।

अंतरराष्ट्रीय राजनीतिज्ञ अमित शाह के इस बयान का कुछ अच्छा मतलब नहीं निकालेंगे।


मेरा ऐसा मानना है मोदीजी को अमित शाह के  सुप्रीम कोर्ट के विरुद्ध दिए गए इस बयान पर अवश्य ही संज्ञान लेना चाहिए।


अगर ऐसा ना हुआ तो सुप्रीम कोर्ट की साख को धक्का लगेगा।


वैसे सुप्रीम कोर्ट को अमित शाह के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया अवश्य ही देनी चाहिए।

जयहिंद।

राजेन्द्र सिंह हीरा

        अजमेर


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved