For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 155335413
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: पंचायत एवं निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर जयपुर में प्रदेश कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक |  Ajmer Breaking News: नांद स्थित श्री राजपूत सभा भवन में तीन दिवसीय भुवासा जीजा भाणजी बाईसा स्नेह मिलन समारोह का भव्यता से आगाज |  Ajmer Breaking News: अजमेर पुलिस का ड्रग्स पर बड़ा प्रहार, भिनाय में 1 क्विंटल 33 किलो डोडा पोस्त के साथ 2 तस्कर गिरफ्तार,पुलिस अधीक्षक ने किया खुलासा |  Ajmer Breaking News: सब्जी की क्रेट्स के नीचे छुपा था 10 लाख का डोडा पोस्त! नसीराबाद सदर पुलिस ने 2 तस्करों को किया गिरफ्तार |  Ajmer Breaking News: अजमेर निकाय चुनाव प्रभारी मोहनलाल कुमावत ने संगठनात्मक बैठक लेकर चुनाव की रणनीति पर पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं से विस्तृत चर्चा की। |  Ajmer Breaking News: टेलरिंग करने वाले बुजुर्ग गोविंदगढ़ निवासी 62 वर्षीय टेलर रेखराज ठाड़ा को 975 करोड़ की टैक्स रिकवरी का नोटिस, बोले- न कंपनी चलाई न कभी गुजरात गया |  Ajmer Breaking News: आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के आरोपों पर कांग्रेस का हल्लाबोल, मातृ शक्ति मानसून फेस्ट पर रोक लगाने की मांग |  Ajmer Breaking News: टीटीई चेकिंग स्टाफ की सतर्कता से ट्रेन में 4 शातिर चोर गिरफ्तार; 8 मोबाइल फोन व ₹4500 की नगदी बरामद, अजमेर आरपीएफ को किया सुपुर्द |  Ajmer Breaking News: पॉलिसी रिन्यूअल के नाम पर 6.50 लाख की साइबर ठगी, दिल्ली से 4 आरोपी गिरफ्तार |  Ajmer Breaking News: अमूल भगाओ-सरस बचाओ के नारे के साथ होगा सरस सहकार महाकुंभ, 23 अगस्त को कच्छावा गार्डन में जुटेंगे 25 हजार लोग | 

क़लमकार: क्या न्यायपालिका अमित शाह के हिटलरी बयान को गम्भीरता से लेगी ?

Post Views 91

October 29, 2018

बरीमाला मन्दिर में महिलाओं के प्रवेश के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला लिया है उसका हर हालत में पालन होना ही चाहिए।

कुछ कट्टरपंथी अगर इस फैसले का विरोध कर रहे हैं तो उन पर सख्ती की जानी चाहिए। 

आखिर हम 21 वीं शताब्दी में जी रहे हैं और पुरातन आस्थाएं जो अप्रासंगिक हो गईं हैं बदली जानी ही चाहिएं।

अगर कुछ लोग वर्जनाओं में जीना चाहते हैं तो कानून उन्हें इसका अधिकार नहीं देता।

केरल सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराने में लगी हुई है इसका उसे श्रेय मिलना चाहिए।

यहां एक बात समझ में नहीं आई कि कैसे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जिनकी कि सरकार देश पर शासन कर रही है केवल विशुद्ध वोटों की राजनीति करते हुए न्यायपालिका  को एक तरह से निर्देशित कर रहे हैं कि उसे किस तरह के फैसले लेने चाहिएं।

अमित शाह का बयान जो कानून व्यवस्था के खिलाफ तो है ही यह संविधान विरुद्ध भी है।

अमित शाह को इतना ही फैसले करवाने का शौक है तो उन्हें राजनीति छोड़कर  न्यायपालिका से जुड़ना चाहिए।

जो व्यक्ति केरल सरकार के मना करने के बावजूद उद्घाटन से पहले कन्नूर एयरपोर्ट पर उतरे मतलब जो खुद व्यवस्थाएं तोड़ने की पहल करे , जो नियम कायदे को ना माने वह व्यक्ति देश की सर्वोच्च न्यायपालिका से कहता है कि फैसले ऐसे ना दिए जाएं जो लागू न हो सकें।

कितना हास्यास्पद लगता है।


अमित शाह के बयान से ऐसा लग रहा है ( भले ही यह सच नहीं है) कि सरकार का न्यायपालिका पर कुछ नियंत्रण है , जो कि अच्छी स्थिति नहीं है।

अंतरराष्ट्रीय राजनीतिज्ञ अमित शाह के इस बयान का कुछ अच्छा मतलब नहीं निकालेंगे।


मेरा ऐसा मानना है मोदीजी को अमित शाह के  सुप्रीम कोर्ट के विरुद्ध दिए गए इस बयान पर अवश्य ही संज्ञान लेना चाहिए।


अगर ऐसा ना हुआ तो सुप्रीम कोर्ट की साख को धक्का लगेगा।


वैसे सुप्रीम कोर्ट को अमित शाह के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया अवश्य ही देनी चाहिए।

जयहिंद।

राजेन्द्र सिंह हीरा

        अजमेर


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved