For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 166978065
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: अजमेर में पंचायत चुनावों के संबंध में भाजपा कार्यालय में  प्रेस वार्ता, प्रभारी अरुण चतुर्वेदी ने ​मतदाताओं का जताया आभार, |  Ajmer Breaking News: कांग्रेस के नवनिर्वाचित पार्षद पहली बार बड़ी संख्या में एकजुट होकर पहुंचे नगर निगम |  Ajmer Breaking News: अजमेर रेलवे स्टेशन से चोरी का लैपटॉप बरामद, 25 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार |  Ajmer Breaking News: नरवर में धामण (रेट स्नेक) का सफल रेस्क्यू, टीम ने किसानों से की वन्यजीव बचाने की अपील |  Ajmer Breaking News: शादी के 5 दिन बाद ही कैश व सोने-चांदी के जेवर लेकर फरार हुई लुटेरी दुल्हन, कृष्ण गंज थाना पुलिस ने दर्ज नहीं की शिकायत |  Ajmer Breaking News: अजमेर में भारतीय शास्त्रीय नृत्य, संस्कृति एवं आध्यात्मिक चेतना को समर्पित भव्य कार्यक्रम नृत्य वेदम् का आयोजन राजीव गांधी सभागार, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड परिसर में किया गया। |  Ajmer Breaking News: अजमेर के एसपी ऑफिस के बाहर आज अचानक उस समय हड़कंप मच गया, जब वहां पेशी पर आए एक प्रेमी युगल और युवती के परिजनों के बीच कहासुनी हो गई। |  Ajmer Breaking News: छत पर सो रहे परिवार को ताला लगाकर बंधक बनाया, लाखों के गहने और नकदी लेकर चोर फरार |  Ajmer Breaking News: विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने लवकुश उद्यान से आनासागर पुलिस चौकी तक सड़क कार्य का किया शुभारम्भ |  Ajmer Breaking News: अजमेर में 12 अक्टूबर को विश्व हिंदू परिषद दुर्गा वाहिनी आयाम का शौर्य शक्ति संचलन | 

क़लमकार: क्या न्यायपालिका अमित शाह के हिटलरी बयान को गम्भीरता से लेगी ?

Post Views 121

October 29, 2018

बरीमाला मन्दिर में महिलाओं के प्रवेश के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला लिया है उसका हर हालत में पालन होना ही चाहिए।

कुछ कट्टरपंथी अगर इस फैसले का विरोध कर रहे हैं तो उन पर सख्ती की जानी चाहिए। 

आखिर हम 21 वीं शताब्दी में जी रहे हैं और पुरातन आस्थाएं जो अप्रासंगिक हो गईं हैं बदली जानी ही चाहिएं।

अगर कुछ लोग वर्जनाओं में जीना चाहते हैं तो कानून उन्हें इसका अधिकार नहीं देता।

केरल सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराने में लगी हुई है इसका उसे श्रेय मिलना चाहिए।

यहां एक बात समझ में नहीं आई कि कैसे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जिनकी कि सरकार देश पर शासन कर रही है केवल विशुद्ध वोटों की राजनीति करते हुए न्यायपालिका  को एक तरह से निर्देशित कर रहे हैं कि उसे किस तरह के फैसले लेने चाहिएं।

अमित शाह का बयान जो कानून व्यवस्था के खिलाफ तो है ही यह संविधान विरुद्ध भी है।

अमित शाह को इतना ही फैसले करवाने का शौक है तो उन्हें राजनीति छोड़कर  न्यायपालिका से जुड़ना चाहिए।

जो व्यक्ति केरल सरकार के मना करने के बावजूद उद्घाटन से पहले कन्नूर एयरपोर्ट पर उतरे मतलब जो खुद व्यवस्थाएं तोड़ने की पहल करे , जो नियम कायदे को ना माने वह व्यक्ति देश की सर्वोच्च न्यायपालिका से कहता है कि फैसले ऐसे ना दिए जाएं जो लागू न हो सकें।

कितना हास्यास्पद लगता है।


अमित शाह के बयान से ऐसा लग रहा है ( भले ही यह सच नहीं है) कि सरकार का न्यायपालिका पर कुछ नियंत्रण है , जो कि अच्छी स्थिति नहीं है।

अंतरराष्ट्रीय राजनीतिज्ञ अमित शाह के इस बयान का कुछ अच्छा मतलब नहीं निकालेंगे।


मेरा ऐसा मानना है मोदीजी को अमित शाह के  सुप्रीम कोर्ट के विरुद्ध दिए गए इस बयान पर अवश्य ही संज्ञान लेना चाहिए।


अगर ऐसा ना हुआ तो सुप्रीम कोर्ट की साख को धक्का लगेगा।


वैसे सुप्रीम कोर्ट को अमित शाह के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया अवश्य ही देनी चाहिए।

जयहिंद।

राजेन्द्र सिंह हीरा

        अजमेर


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved