For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 140977291
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: अजमेर उत्तर की सातों डिस्पेंसरियों में अब एक्स-रे सुविधा,विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने दी सौगात |  Ajmer Breaking News: विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने दी सौगात,पुलिस लाईन क्षेत्र की बड़ी समस्या का होगा समाधानए 3 करोड़ की लागत से बनेगा नाला |  Ajmer Breaking News: 12 जून से 15 जुलाई तक आयोजित होंगे ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविर |  Ajmer Breaking News: अवैध एलपीजी सिलेंडर परिवहन एवं विक्रय के विरुद्ध संयुक्त कार्रवाई, 50 वाणिज्यिक सिलेंडर जब्त |  Ajmer Breaking News: चोर करीब दो तोला सोने की चेन,सोने की झुमकी,चार जोड़ी चांदी की पायजेब,बच्ची की दो जोड़ी पायजेब,चांदी की अंगूठियां,चांदी के सिक्के डेढ़ लाख नकद चोरी कर ले गए। |  Ajmer Breaking News: इस वर्ष विष्व रक्तदाता दिवस ONE DROP OF HUMANITY. GIVE BLOOD. SAVE LIVES  की थीम के साथ मनाया जा रहा है । |  Ajmer Breaking News: डिग्गी चौक में युवक की हत्या के सनसनीखेज मामले का कोतवाली थाना पुलिस ने मात्र 12 घंटे में खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया |  Ajmer Breaking News: अजमेर के सूचना केंद्र चौराहे पर नकली किन्नरों न स्वामी मेडिकल स्टोर में घुसकर जमकर तोड़फोड़ व मारपीट की,पीड़ित की शिकायत पर पुलिस जांच में जुटी |  Ajmer Breaking News: विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने दी सौगात,सात करोड़ की लागत से शहर में लगेंगे हैरिटेज लाइट और डेकोरेटिव पोल |  Ajmer Breaking News: साइबर ठगों ने राजस्थान लोक सेवा आयोग की रिक्रूटमेंट साईट को बनाया निशाना, | 

क़लमकार: क्या न्यायपालिका अमित शाह के हिटलरी बयान को गम्भीरता से लेगी ?

Post Views 91

October 29, 2018

बरीमाला मन्दिर में महिलाओं के प्रवेश के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला लिया है उसका हर हालत में पालन होना ही चाहिए।

कुछ कट्टरपंथी अगर इस फैसले का विरोध कर रहे हैं तो उन पर सख्ती की जानी चाहिए। 

आखिर हम 21 वीं शताब्दी में जी रहे हैं और पुरातन आस्थाएं जो अप्रासंगिक हो गईं हैं बदली जानी ही चाहिएं।

अगर कुछ लोग वर्जनाओं में जीना चाहते हैं तो कानून उन्हें इसका अधिकार नहीं देता।

केरल सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराने में लगी हुई है इसका उसे श्रेय मिलना चाहिए।

यहां एक बात समझ में नहीं आई कि कैसे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जिनकी कि सरकार देश पर शासन कर रही है केवल विशुद्ध वोटों की राजनीति करते हुए न्यायपालिका  को एक तरह से निर्देशित कर रहे हैं कि उसे किस तरह के फैसले लेने चाहिएं।

अमित शाह का बयान जो कानून व्यवस्था के खिलाफ तो है ही यह संविधान विरुद्ध भी है।

अमित शाह को इतना ही फैसले करवाने का शौक है तो उन्हें राजनीति छोड़कर  न्यायपालिका से जुड़ना चाहिए।

जो व्यक्ति केरल सरकार के मना करने के बावजूद उद्घाटन से पहले कन्नूर एयरपोर्ट पर उतरे मतलब जो खुद व्यवस्थाएं तोड़ने की पहल करे , जो नियम कायदे को ना माने वह व्यक्ति देश की सर्वोच्च न्यायपालिका से कहता है कि फैसले ऐसे ना दिए जाएं जो लागू न हो सकें।

कितना हास्यास्पद लगता है।


अमित शाह के बयान से ऐसा लग रहा है ( भले ही यह सच नहीं है) कि सरकार का न्यायपालिका पर कुछ नियंत्रण है , जो कि अच्छी स्थिति नहीं है।

अंतरराष्ट्रीय राजनीतिज्ञ अमित शाह के इस बयान का कुछ अच्छा मतलब नहीं निकालेंगे।


मेरा ऐसा मानना है मोदीजी को अमित शाह के  सुप्रीम कोर्ट के विरुद्ध दिए गए इस बयान पर अवश्य ही संज्ञान लेना चाहिए।


अगर ऐसा ना हुआ तो सुप्रीम कोर्ट की साख को धक्का लगेगा।


वैसे सुप्रीम कोर्ट को अमित शाह के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया अवश्य ही देनी चाहिए।

जयहिंद।

राजेन्द्र सिंह हीरा

        अजमेर


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved