For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 153686299
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: तेज रफ्तार कार ने दो पुलिसकर्मियों को मारी जोरदार टक्कर, ASI की हालत नाजुक |  Ajmer Breaking News: अजमेर सेंट्रल जेल में बंद कैदियों से जेलर के मोबाइल फोन से वीडियो कॉल कराने का मामला,जेल प्रशासन में खलबली, |  Ajmer Breaking News: अजमेर संस्कृति स्कूल में MUN 4.0 का आगाज, छह स्कूलों के विद्यार्थियों सहित संस्कृति स्कूल के विद्यार्थी भी भी दिखाएंगे अपने प्रतिभा का हुनर |  Ajmer Breaking News: 800 से अधिक साधकों के साथ पुष्कर अरण्य तीर्थ प्रदक्षिणा का भव्य आगाज, 24 कोसी पदयात्रा और 84 कोसी रथयात्रा रवाना,  |  Ajmer Breaking News: दरगाह थाने के पुलिसकर्मियों को टक्कर मारने वाले कार चालक की पहचान, पुलिस ने स्कॉर्पियो को किया जब्त, चालक से पूछताछ जारी,  |  Ajmer Breaking News: अजमेर पुलिस की साइबर अपराधियों पर बड़ी कार्रवाई, 42 ठिकानों पर दबिश देकर 24 आरोपी किए गिरफ्तार |  Ajmer Breaking News: कृष्णगंज थाना अंतर्गत छतरी योजना में गत 6 जुलाई 2026 को हुई सेंधमारी की घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए वांछित चोर को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल कर दी ली है। |  Ajmer Breaking News: तहसील स्तरीय आवंटन समिति एवं तहसील स्तरीय खाद्य सुरक्षा एवं सतर्कता समिति की बैठक शुक्रवार को आयोजित की गई। |  Ajmer Breaking News: रेलवे अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग, पेंशनर्स ने किया प्रदर्शन, रेलवे अस्पताल मे व्यवस्था सुधार की रखी मांग  |  Ajmer Breaking News: जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में कार्यरत प्राइवेट कंप्यूटर ऑपरेटरों ने 2 महीने से वेतन नहीं मिलने के विरोध में प्रदर्शन किया जताई नाराजगी | 

#Being Positive: अजमेर लोकसभा उप चुनाव की बढ़ी गहमा गहमी।

Post Views 121

October 4, 2017

अजमेर लोकसभा उप चुनाव की बढ़ी गहमा गहमी। महंगाई मुद्दा बना तो भारी पड़ सकता है भाजपा को। दोनों पार्टी जुटी चुनाव जीतने की रणनीति बनाने में। 
रजनीश रोहिल्ला। अजमेर 
अजमेर के सांसद सांवर लाल जाट के निधन के बाद हाने वाले लोकसभा के उपचुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस में गहमा गहमी बढ़ गई है।चूंकि भारतीय जनता पार्टी की केंद्र में मोदी और राज्य में वसुंधरा की सरकार है इसलिए कांग्रेस से कहीं अधिक भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर है। वहीं राजस्थान में अगले साल होने वाले विधानसभा चुना चुनाव को देखते हुए अजमेर संससीय सीट का उप चुनाव कांग्रेस के लिए अह्म हो गया है। यही कारण है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां अपनी चौसर मजबूती के साथ बिछा रही है। चुनाव को देखते हुए राज्य सरकार के मंत्रियों के दौरे तेज हो गए हैं। इसके साथ ही राज्य स्तरीय अफसर पर आए दिन विकास कार्यों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। पिछले दो महीने में कई बड़े नेता और अधिकारी अजमेर आकर स्थानीय अधिकारियों की क्लास लगा चुके हैं। 
स्मार्ट सिटी का तडक़ा नहीं आ रहा नजर 
करोड़ों रुपए से अजमेर को स्मार्र्ट सिटी बनाने का भाजपा नेताओं का दावा खोखला साबित होता नजर आ रहा है। डामर पर डामर बिछाकर अजमेर को स्मार्ट सिटी बनाने का सपना सजाने वाले भाजपा नेता असली समार्ट सिटी के करीब भी नहीं पहुंच पाए हैं। आनासागर की सफाई का काम हो या फिर सीवरेज। पानी की २४ घंटे में सप्लाई का काम हो या फिर देर दराज के क्षेत्रों में विद्युत की आपूर्ति का काम हो। कई स्तर पर जिला प्रशासन पिछड़ा हुआ नहर आ रहा है। प्रशासन के हालत तो ऐसे हैं कि स्मार्ट सिटी के लिए अब तक कितना बजट आया और तिना खर्च हुआ। इसका ठीक ठीक आकलन तक उपलब्ध नहीं है। इसमें कोई शक नहीें कि मंत्री देवनानी और मंत्री अनिता भदेल ने अपने अपने क्षेत्रों में विकास की हर संभव कोशिश की है। वहीं अजमेर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष शिव शंकर हेड़ा और नगर निगम के मेयर धर्मेंद्र गहलोत ने भी विकास कार्यों में कोई कसर नहीं छोड़ी है लेकिन इन सब नेताओं के प्रयासों के बाद अजमेर जैसा दिखना चाहिए या था या यूं कह लिजिए बदलना चाहिए था वो नजर नहीं आ रहा है। चूंकि लोकसभा के चुनाव है तो फिर राष्ट्रीय स्तर के मु्द़दे तो चर्चा में आने ही है। ऐसे में कांग्रेस भाजपा पर हावी नजर आ रही है। अगर महंगाई चुनाव का बड़ा मुद्दा बनता है तो भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को इधर उधर बगल झांकना पड़ सकता है। आम आदमी से जुड़ी रसोई गैस और पेट्रेाल व डीजल के दामों में लगातार हुई बढोतरी से हर चीज के दाम कांग्रेस राज के समय से काफी बढ़ृ चुके हैं। रही सही कसर जीएसटी ने पूरी कर दी। व्यापारी वर्ग अपना सिर पकड़ कर बैठा है। रियल स्टेट सहित कई बड़े मार्केट ठंडे बस्ते में आ गए हैं। यदि नोट बंदी चुनाव का मुद्दा बनी तो भाजपा के नेताओं के पास उससे होने वाले फायदे भी गिनाने के लिए नहीं है। न आतंकवाद रूका। न वो कालाधन नजर आया जिसे पिछले लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी अपनी चुनावी सभाओं में उठा रहे थे। अगर मोटे मोटे तौर पर देखा जाए तो लोकसभा उप चुनाव के लिए भाजपा को कांग्रेस से कहीं अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। 

रिपोर्ट - रजनीश रोहिल्ला।  लोकसभा उप चुनाव 


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved