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September 15, 2017
पानी पीने का भी एक तरीका होता है. चौंकिए मत, यह बिलकुल सच है. अब तक आपने सिर्फ क्या खाएं और कैसे खाएं के बारे में ही सोचा होगा, लेकिन क्या आपने कभी पानी पीने के सही तरीके के बारे में भी सोचा है? जी हां, ईटिंग हैबिट की
तरह पानी पीने का सही तरीका अपनाना भी बेहद जरूरी है. पानी पीते वक्त हम ज्यादा सोचते नहीं हैं. जब हमें प्यास लगती है तब हम पानी के टेम्परेचर यानी कि ठंडा-गरम देखकर उसे झट से पी लेते हैं. घर में बड़े-बूढ़े अकसर ही कहते हैं कि
खड़े होकर पानी नहीं पीना चाहिए, लेकिन हम उनकी इस हिदायत को हर बार नजरअंदाज करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि खड़े होकर पानी पीना आपके शरीर के लिए खतरनाक हो सकता है?
आयुर्वेद हमेशा ऐसी लाइफस्टाइल को अपनाने के लिए प्ररित करता है जो नेचर के अनुकूल हो. जब आप खड़े होकर पानी पीते हैं तब आपकी नसें तनाव में आ जाती हैं. नसों के तनाव में आने से शरीर का फाइट सिस्टम एक्टिव हो जाता है और इससे शरीर को किसी खतरे का अंदेशा होने लगता है. आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉक्टर धनवन्तरि का कहना है कि खड़े होकर पानी पीने का सीधा संबंध पानी पीने की स्पीड से है. पानी खड़े होकर किस स्पीड से पिया जा रहा है इस पर बहुत कुछ निर्भर करता है.
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