राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग की केंद्र सरकार की नीति और चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। गहलोत ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की अदूरदर्शिता और बिना पर्याप्त तैयारी के लिए गए फैसलों का आर्थिक बोझ आम जनता पर पड़ रहा है।गहलोत ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर जारी बयान में कहा कि गन्ने का बड़ा हिस्सा अब चीनी उत्पादन के बजाय एथेनॉल निर्माण की ओर डायवर्ट किया जा रहा है। उनके अनुसार इससे खुले बाजार में चीनी की उपलब्धता प्रभावित हुई है और कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। गहलोत का दावा- 15 दिन में 14 से 17 रुपए किलो बढ़ी चीनी पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि महज 15 दिनों के भीतर चीनी के दाम 14 से 17 रुपए प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। उन्होंने इसे सीधे आम परिवारों की रसोई और घरेलू बजट से जुड़ा मुद्दा बताया।गहलोत का कहना है कि यदि गन्ने का बड़ा हिस्सा एथेनॉल उत्पादन में चला जाएगा तो चीनी उत्पादन पर दबाव बनना स्वाभाविक है। उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किया कि ऐसी नीतियों को लागू करने से पहले बाजार में चीनी की उपलब्धता और उपभोक्ताओं पर संभावित असर का पर्याप्त आकलन क्यों नहीं किया गया। वाहन चालकों की जेब का भी उठाया मुद्दा गहलोत ने केवल चीनी की महंगाई तक अपनी आपत्ति सीमित नहीं रखी, बल्कि पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग से वाहन चालकों पर पड़ने वाले असर को भी मुद्दा बनाया।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीति का असर एक ओर खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर दिख रहा है, वहीं दूसरी ओर वाहन मालिकों को भी इसके आर्थिक प्रभाव का सामना करना पड़ सकता है।हालांकि एथेनॉल ब्लेंडिंग को केंद्र सरकार लंबे समय से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने, वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने और किसानों के लिए अतिरिक्त बाजार तैयार करने की नीति के रूप में पेश करती रही है। ऐसे में गहलोत के आरोपों के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। राजस्थान की राजनीति में बढ़ी हलचल अशोक गहलोत का बयान ऐसे समय सामने आया है जब महंगाई और आम उपभोक्ता पर बढ़ते खर्च को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार को घेर रहा है।गहलोत ने चीनी की कीमतों और एथेनॉल नीति को एक-दूसरे से जोड़ते हुए इसे सीधे आम आदमी की जेब का मुद्दा बनाया है।
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राजस्थान न्यूज़: जालोर। जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने रिश्वत मांगने के मामले में दांतीवास पटवार हल्का की पटवारी ललिता के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। आरोप है कि पटवारी ने दादा की मृत्यु के बाद फौतगी म्यूटेशन और भू-अधिकार हक त्याग म्यूटेशन भरने के जायज काम के बदले परिवादी से 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। ACB के गोपनीय सत्यापन में रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई, लेकिन कार्रवाई की भनक लगने के कारण आरोपी पटवारी रकम प्राप्त नहीं कर सकी। 1064 हेल्पलाइन पर दी शिकायत ACB के अनुसार परिवादी ने भ्रष्टाचार की शिकायत टोल फ्री हेल्पलाइन 1064 पर दी थी। इसके साथ ही उसने ACB के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जालोर के समक्ष लिखित शिकायत भी प्रस्तुत की। शिकायत में आरोप लगाया गया कि भीनमाल तहसील के दांतीवास पटवार हल्का में पदस्थ पटवारी ललिता उसके दादाजी की मृत्यु के बाद फौतगी म्यूटेशन और भू-अधिकार हक त्याग म्यूटेशन भरने के बदले 10 हजार रुपए की रिश्वत मांग रही है। गोपनीय सत्यापन में रिश्वत मांगना पाया शिकायत मिलने के बाद ACB जालोर इकाई ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान पटवारी द्वारा परिवादी के जायज राजस्व कार्य को करने के एवज में 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। हालांकि, ACB की कार्रवाई की भनक आरोपी को लग गई। इसके चलते पटवारी रिश्वत की राशि प्राप्त नहीं कर सकी। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 में केस ACB रेंज जोधपुर की पुलिस अधीक्षक पी.डी. नित्या के सुपरविजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ACB जालोर मांगीलाल राठौड़ ने मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार की। रिपोर्ट को प्रकरण दर्ज करने की अनुशंसा के साथ ACB मुख्यालय जयपुर भेजा गया। रिपोर्ट के आधार पर ACB मुख्यालय ने पटवारी ललिता के खिलाफ प्रकरण संख्या 234/2026, दिनांक 20 अगस्त 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में आगे का अनुसंधान जारी है। भरतपुर में नर्सिंग ऑफिसर रिश्वत लेते गिरफ्तार इससे पहले गुरुवार को ACB ने भरतपुर में भी कार्रवाई करते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हलैना में तैनात नर्सिंग ऑफिसर ग्रेड-द्वितीय मुरारीलाल मीना को एक हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान में नगर निकाय चुनाव-2026 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार पार्षद और अन्य निकाय प्रत्याशियों के टिकट वितरण में पार्टी ने बहुस्तरीय प्रक्रिया अपनाने की तैयारी की है। संभावित दावेदारों को चार अलग-अलग स्तर की जांच और फीडबैक प्रक्रिया से गुजरना होगा।पार्टी सूत्रों के अनुसार टिकट किसी एक स्थानीय नेता की सिफारिश या व्यक्तिगत प्रभाव के आधार पर तय नहीं किए जाएंगे। सर्वे रिपोर्ट, स्थानीय संगठन की राय, प्रदेश से भेजे गए प्रभारी-पर्यवेक्षकों का फीडबैक और अंत में प्रदेश स्तरीय चुनाव चयन समिति की मंजूरी के बाद ही प्रत्याशियों के नाम पर अंतिम मुहर लगेगी। जल्द बनेगी प्रदेश स्तरीय चुनाव चयन समिति भाजपा में नगर निकाय चुनाव के लिए प्रदेश स्तरीय चुनाव चयन समिति का गठन जल्द किए जाने की तैयारी है। समिति बनने के बाद प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया और तेज हो जाएगी। पार्टी का फोकस ऐसे चेहरों पर रहेगा, जिनकी संबंधित वार्ड या निकाय में मजबूत स्थानीय पकड़ हो, संगठन में सक्रियता हो और चुनाव जीतने की वास्तविक क्षमता दिखाई दे। पहला चरण: सर्वे एजेंसी की रिपोर्ट टिकट के लिए दावेदारी करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं की पहली परीक्षा सर्वे रिपोर्ट से होगी। पार्टी संभावित उम्मीदवारों को लेकर यह आकलन कराएगी कि उनके क्षेत्र में लोकप्रियता कितनी है, स्थानीय स्तर पर पकड़ कैसी है, संगठन में सक्रियता का रिकॉर्ड क्या है और चुनाव जीतने की संभावना कितनी मजबूत है। सर्वे में वार्ड के मतदाताओं के बीच दावेदार की स्वीकार्यता और उसके पक्ष-विपक्ष में स्थानीय राजनीतिक समीकरण भी देखे जाएंगे। दूसरा चरण: स्थानीय संगठन देगा रिपोर्ट इसके बाद संबंधित निकाय और वार्ड से स्थानीय चुनाव प्रभारी तथा संगठनात्मक पदाधिकारियों से रिपोर्ट ली जाएगी। इसमें वार्ड के जातीय-सामाजिक समीकरण, पिछले चुनाव का प्रदर्शन, स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच दावेदार की स्थिति, संगठन के प्रति सक्रियता और जनता से जुड़ाव जैसे पहलुओं का आकलन किया जाएगा। स्थानीय स्तर की रिपोर्ट इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यहीं से किसी दावेदार के जमीनी प्रभाव की वास्तविक तस्वीर प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचेगी। तीसरा चरण: प्रभारी और पर्यवेक्षक करेंगे आकलन तीसरे स्तर पर प्रदेश भाजपा की ओर से नियुक्त प्रभारी और पर्यवेक्षक संबंधित नगर निगम एवं निकाय क्षेत्रों में दावेदारों की स्थिति का आकलन करेंगे। ये नेता सर्वे एजेंसी की रिपोर्ट और स्थानीय संगठन से प्राप्त फीडबैक की तुलना करते हुए अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे। स्थानीय स्तर पर एक से अधिक मजबूत दावेदार होने की स्थिति में पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट टिकट चयन के लिए अहम हो सकती है। भाजपा पहले ही विभिन्न नगर निगम क्षेत्रों के लिए वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों, पूर्व मंत्रियों और संगठन के अनुभवी पदाधिकारियों को पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दे चुकी है। चौथा चरण: प्रदेश चयन समिति लगाएगी अंतिम मुहर चार स्तर की प्रक्रिया का अंतिम चरण प्रदेश स्तरीय चुनाव चयन समिति होगी। समिति के सामने सर्वे एजेंसी, स्थानीय संगठन और प्रभारी-पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट रखी जाएगी। सभी स्तरों से मिले फीडबैक पर मंथन के बाद प्रत्याशियों के नाम पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यानी किसी दावेदार के पक्ष में केवल स्थानीय सिफारिश पर्याप्त नहीं होगी। उसे अलग-अलग स्तरों पर चुनाव जीतने की क्षमता और संगठनात्मक स्वीकार्यता साबित करनी होगी। जीतने की क्षमता होगी सबसे अहम कसौटी भाजपा नेतृत्व पहले ही संकेत दे चुका है कि टिकट वितरण में जमीनी सक्रियता, जनता के बीच स्वीकार्यता, साफ-सुथरी छवि, संगठन के प्रति निष्ठा और जीतने की क्षमता को प्राथमिकता दी जाएगी। पार्टी इस बार टिकट वितरण में स्थानीय असंतोष और संभावित बगावत को भी कम करना चाहती है। चार स्तर की स्क्रीनिंग से संगठन को मजबूत दावेदारों की तुलना करने और विवादित मामलों में कई स्रोतों से फीडबैक लेने का मौका मिलेगा
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अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने अब Gen-Z यानी 14 से 25 साल के युवाओं से सीधे जुड़ने की रणनीति बनाई है। पार्टी जल्द ही देशभर में ‘युवा संवाद’ नाम से विशेष आउटरीच प्रोग्राम शुरू करेगी। इसके जरिए युवा मतदाताओं की सोच, समस्याओं, अपेक्षाओं और भविष्य को लेकर उनकी प्राथमिकताओं को समझने की कोशिश की जाएगी। इस अभियान के लिए भाजपा ने एक विशेष टीम बनाई है, जिसमें पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी, विनोद तावड़े, गुजरात के मंत्री हर्ष सांघवी और छत्तीसगढ़ के मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित कई वरिष्ठ और युवा नेता शामिल हैं। 14 से 25 साल के युवाओं से होगा सीधा संवाद ‘युवा संवाद’ अभियान के तहत भाजपा का फोकस उन युवाओं पर रहेगा जो पहली बार वोटर बनने जा रहे हैं या हाल के वर्षों में चुनावी प्रक्रिया से जुड़े हैं।पार्टी इस कार्यक्रम के जरिए युवाओं से शिक्षा, रोजगार, स्टार्टअप, तकनीक, डिजिटल अवसर, कौशल विकास, सामाजिक मुद्दों और भविष्य की आर्थिक संभावनाओं पर सीधे संवाद करेगी। संगठन का उद्देश्य यह समझना भी होगा कि युवा पीढ़ी राजनीतिक दलों और सरकार से किस तरह की अपेक्षाएं रखती है। 65 सदस्यीय नई राष्ट्रीय टीम की पहली बैठक दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में शनिवार को नितिन नवीन की अध्यक्षता में पार्टी की नई 65 सदस्यीय राष्ट्रीय टीम की पहली बैठक हुई। इस बैठक में संगठनात्मक रणनीति, युवा आउटरीच, वंदे मातरम और पार्टी के देशव्यापी अभियानों पर चर्चा की गई। नितिन नवीन ने भाजपा अध्यक्ष बनने के 209 दिन बाद 17 अगस्त को नई टीम की घोषणा की थी। टीम में 51 नए चेहरे, 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और 8 राष्ट्रीय महासचिव शामिल हैं। अगले साल चुनाव वाले राज्यों को भी मिला प्रतिनिधित्व नई राष्ट्रीय टीम में अगले वर्ष चुनाव वाले चार राज्यों के 18 नेताओं को जगह दी गई है। इनमें उत्तर प्रदेश से 8, उत्तराखंड से 4, गुजरात से 4 और पंजाब से 2 नेता शामिल हैं। पार्टी की रणनीति में इन राज्यों के चुनावी और सामाजिक समीकरणों को भी अहम माना जा रहा है। स्मृति ईरानी और राम माधव की वापसी नई राष्ट्रीय टीम में स्मृति ईरानी और राम माधव की वापसी भी चर्चा का विषय रही। वहीं वसुंधरा राजे, बैजयंत पांडा और तीरथ सिंह रावत जैसे अनुभवी नेताओं को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं। पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष और बी.एल. संतोष को संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी पर बरकरार रखा गया है। वहीं भाजपा आईटी सेल की जिम्मेदारी अमित मालवीय की जगह दीपक म्हास्के को दी गई है। वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस के खिलाफ प्रस्ताव बैठक में कांग्रेस वर्किंग कमेटी के उस फैसले की आलोचना करते हुए प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें कांग्रेस के कार्यक्रमों में वंदे मातरम के शुरुआती दो छंद गाने का निर्णय लिया गया था।भाजपा ने कहा कि छह छंदों वाला पूरा वंदे मातरम भारत की राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत का प्रतीक है। पार्टी ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय गीत के सम्मान से राजनीतिक सुविधा, तुष्टीकरण या वोट-बैंक की राजनीति के लिए समझौता नहीं किया जा सकता। देशभर में चलेगा वंदे मातरम अभियान बैठक में एक और प्रस्ताव पारित कर वंदे मातरम के इतिहास और गौरवशाली विरासत को देश के हर हिस्से तक पहुंचाने के लिए अभियान चलाने का फैसला किया गया। भाजपा इस अभियान को संगठनात्मक कार्यक्रमों और सार्वजनिक आयोजनों के जरिए आगे बढ़ाएगी। ‘Modi@25’ अभियान पर भी चर्चा बैठक में भाजपा के देशव्यापी ‘Modi@25’ अभियान पर भी चर्चा हुई। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चलाया जा रहा है। नई राष्ट्रीय टीम संगठन के आगामी राजनीतिक और जनसंपर्क अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाएगी।
Read more 22nd Aug 2026
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को लेकर तीखा राजनीतिक हमला बोला। सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी का सियासी दौर अब अंतिम चरण में है और उनके उत्तराधिकारी की तलाश शुरू हो चुकी है। नई दिल्ली के इंदिरा भवन में आयोजित बैठक में राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं से कहा कि केंद्र सरकार इस समय बैकफुट पर है और विपक्ष को उसके खिलाफ अधिक आक्रामक राजनीतिक रुख अपनाना चाहिए। ‘सरकार बैकफुट पर है, विपक्ष और आक्रामक हो’ सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी ने बैठक में कहा कि विपक्ष को अब सरकार के खिलाफ मुद्दों को और मजबूती से उठाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से कहा कि राजनीतिक माहौल का फायदा उठाते हुए जनता से जुड़े मुद्दों पर लगातार दबाव बनाया जाए और सरकार से जवाब मांगा जाए। 88 नेता बैठक में हुए शामिल कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व सहित करीब 88 नेता शामिल हुए।बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी और CWC सदस्य मौजूद रहे।संसद सत्र समाप्त होने के बाद यह CWC की पहली महत्वपूर्ण बैठक थी। देश की राजनीतिक स्थिति पर लंबा मंथन बैठक में वर्तमान राष्ट्रीय राजनीतिक परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गई। कांग्रेस नेतृत्व ने आगे की राजनीतिक रणनीति, विपक्ष की भूमिका और विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर पार्टी के रुख को लेकर विचार-विमर्श किया।पार्टी नेतृत्व ने संगठनात्मक स्तर पर भी सरकार के खिलाफ राजनीतिक अभियान को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। युवाओं के भविष्य का मुद्दा उठा CWC में युवाओं के भविष्य, रोजगार और उनसे जुड़े सामाजिक-आर्थिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई।कांग्रेस नेताओं ने युवाओं के बीच बढ़ती चिंताओं को राजनीतिक और नीतिगत स्तर पर प्रमुखता से उठाने की आवश्यकता बताई। राम मंदिर ट्रस्ट के चंदे की जवाबदेही पर चर्चा बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट को मिले चंदे की जवाबदेही का मुद्दा भी उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने इस विषय में पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़े सवालों पर चर्चा की और भविष्य में पार्टी की रणनीति को लेकर विचार किया। चीन से जुड़ा मुद्दा भी CWC में उठा भारतीय सीमा पर चीन की कथित घुसपैठ का मुद्दा भी बैठक में चर्चा का विषय रहा। कांग्रेस लंबे समय से इस विषय पर केंद्र सरकार से जवाब मांगती रही है। CWC बैठक में भी सीमा सुरक्षा और चीन से जुड़े घटनाक्रम पर पार्टी की आगे की रणनीति पर मंथन हुआ। मोदी पर राहुल का सीधा राजनीतिक हमला राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस केंद्र सरकार पर कई मुद्दों को लेकर लगातार हमलावर है।उनके कथित बयान को कांग्रेस की आने वाले समय की अधिक आक्रामक राजनीतिक रणनीति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
Read more 20th Aug 2026
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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