राजस्थान न्यूज़: बीकानेर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 14 और 15 अगस्त को दो दिवसीय बीकानेर दौरे पर रहेंगे। दौरे के दौरान वे मेघासर में मेघोजी की अश्वारूढ़ प्रतिमा का लोकार्पण करेंगे, विभिन्न संस्थानों के कार्यक्रमों में शामिल होंगे और 15 अगस्त को डॉ. करणी सिंह स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण करेंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। उनके आवागमन वाले मार्गों को विशेष रूप से सजाया-संवारा गया है और सुरक्षा व अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया है। शाम 4 बजे मेघासर पहुंचेंगे मुख्यमंत्री प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री 14 अगस्त को करीब शाम 4 बजे हेलीकॉप्टर से अनूपगढ़ पहुंचेंगे और वहां से मेघासर जाएंगे। मेघासर में वे मेघोजी की अश्वारूढ़ प्रतिमा का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद जनसभा को संबोधित करेंगे। 5:30 बजे कृषि विश्वविद्यालय, 6 बजे मेडिसिन विंग का उद्घाटन मुख्यमंत्री करीब शाम 5:30 बजे हेलीकॉप्टर से मेघासर से स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय पहुंचेंगे। यहां वे प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। इसके बाद शाम 6 बजे मूंधड़ा मेमोरियल मेडिसिन विंग का उद्घाटन करेंगे। यह विंग लंबे समय से उद्घाटन की प्रतीक्षा में थी। 600 ड्रोन से होगा भव्य शो शाम 7 से 8 बजे तक मुख्यमंत्री वेटरनरी विश्वविद्यालय में आयोजित एट होम कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान करीब 600 ड्रोन के साथ ड्रोन शो आयोजित किया जाएगा। इसके बाद रात 8 बजे मुख्यमंत्री महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। कृषि विश्वविद्यालय गेस्ट हाउस में रात्रि विश्राम सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री कृषि विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस पहुंचेंगे, जहां उनका रात्रि विश्राम प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री के ठहराव को देखते हुए गेस्ट हाउस और आसपास की व्यवस्थाओं को विशेष रूप से तैयार किया गया है। 15 अगस्त की शुरुआत ध्वजारोहण से स्वतंत्रता दिवस के दिन मुख्यमंत्री सुबह 8 बजे कृषि विश्वविद्यालय में ध्वजारोहण करेंगे। इसके बाद सुबह 8:30 बजे पब्लिक पार्क स्थित शहीद स्मारक पहुंचकर शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित करेंगे और श्रद्धांजलि देंगे। 9 बजे राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह सुबह 9 बजे मुख्यमंत्री डॉ. करणी सिंह स्टेडियम पहुंचेंगे। यहां वे राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। समारोह में परेड सहित विभिन्न सांस्कृतिक और औपचारिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 11:30 बजे युवाओं से संवाद राज्य स्तरीय समारोह के बाद मुख्यमंत्री सुबह 11:30 बजे बीछवाल स्थित जल विज्ञान संस्थान पहुंचेंगे। यहां युवाओं के साथ संवाद कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस दौरान भविष्य के भारत, युवाओं की भूमिका और उनकी सोच से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी। दोपहर 1 बजे जयपुर रवाना दौरे के अंतिम कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दोपहर करीब 1 बजे विशेष विमान से जयपुर के लिए रवाना होंगे।
Read more 14th Aug 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर के रामगढ़ बांध और उसके कैचमेंट एरिया में हुए कथित अतिक्रमणों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अदालत के सामने पेश रिपोर्ट में 386 अतिक्रमण चिन्हित किए जाने की जानकारी सामने आई, जिस पर खंडपीठ ने प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया कि अब केवल नोटिस जारी करने की औपचारिकता पर्याप्त नहीं है और जमीन पर वास्तविक कार्रवाई दिखनी चाहिए। रिपोर्ट में निम्स यूनिवर्सिटी के अलावा तीन रिसॉर्ट तथा दो एलएलपी कंपनियों—सिक्स स्टार लैण्डस्कैप प्रा. लि. और प्लासिविल प्रोपर्टी बिल्ड एलएलपी, नई दिल्ली—के भी अतिक्रमण बताए गए हैं। अखबारों के माध्यम से जारी होंगे सार्वजनिक नोटिस कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश चंद्रशेखर शर्मा की खंडपीठ ने इस मामले में गुरुवार को सुनवाई की। यह मामला राजस्थान पत्रिका में 11 अगस्त 2011 को प्रकाशित ‘मर गया रामगढ़’ शीर्षक फोटो समाचार के आधार पर स्वप्रेरणा से दर्ज याचिका से जुड़ा है। अदालत ने निर्देश दिया कि अतिक्रमियों को व्यक्तिगत रूप से अलग-अलग नोटिस देने के बजाय दैनिक समाचार पत्र के माध्यम से सार्वजनिक नोटिस जारी किए जाएं। अतिक्रमण हटाने के लिए 15 दिन का समय हाईकोर्ट ने कहा कि अतिक्रमियों को कब्जा हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया जाए। यदि इसके बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया जाता है तो प्रशासन संबंधित अतिक्रमी से खर्च की वसूली करते हुए जमीन खाली कराने की कार्रवाई करे। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि रामगढ़ बांध के बहाव क्षेत्र में किसी भी स्थिति में सबमर्सिबल पंप का उपयोग नहीं होना चाहिए। जल जीवन मिशन के 8 नलकूपों का भी जिक्र सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ने बताया कि कैचमेंट एरिया में बने कुछ नलकूप सरकारी पेयजल आपूर्ति और योजनाओं में इस्तेमाल किए जा रहे हैं। जल जीवन मिशन के तहत भी यहां 8 नलकूप संचालित होने की जानकारी दी गई। अदालत ने इस पहलू को रिकॉर्ड पर लेते हुए बांध और उसके प्रवाह क्षेत्र के संरक्षण पर विशेष जोर दिया। प्रशासन की ढिलाई पर पहले भी नाराजगी पिछली सुनवाई में भी हाईकोर्ट ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में देरी और प्रशासनिक ढिलाई पर नाराजगी जताई थी। इसके बाद जयपुर कलेक्टर की ओर से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने विस्तृत रिपोर्ट अदालत में पेश की। गुरुवार की सुनवाई के दौरान यही रिपोर्ट सार्वजनिक हुई, जिसमें 386 अतिक्रमणों की विस्तृत जानकारी सामने आई। सितंबर के तीसरे सप्ताह में अगली सुनवाई मामले की अगली सुनवाई सितंबर के तीसरे सप्ताह में होगी। तब तक प्रशासन को सार्वजनिक नोटिस जारी करने और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की दिशा में ठोस प्रगति दिखानी होगी।
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बदलाव करते हुए राजस्थान प्रशासनिक सेवा की अधिकारी पिंकी मीणा को एपीओ कर दिया है। कार्मिक विभाग की ओर से 13 अगस्त 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया गया। आदेश के अनुसार आरएएस अधिकारी पिंकी मीणा वर्तमान में सहायक कलेक्टर (मुख्यालय), दौसा के पद पर कार्यरत थीं। प्रशासनिक कारणों से उन्हें आगामी आदेश तक पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा में रखा गया है। कार्मिक विभाग में देनी होगी उपस्थिति राजस्थान सरकार के कार्मिक (क-4) विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि पिंकी मीणा आगामी आदेश तक पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा (एपीओ) में रहेंगी। इस अवधि के दौरान उनकी उपस्थिति कार्मिक (क-4) विभाग, जयपुर में रहेगी।आदेश संयुक्त शासन सचिव डॉ. धीरज कुमार सिंह के हस्ताक्षर से जारी किया गया है। प्रशासनिक कारणों का दिया हवाला सरकार ने आदेश में पिंकी मीणा को एपीओ करने के पीछे किसी विशेष प्रकरण का उल्लेख नहीं किया है। आदेश में केवल ‘प्रशासनिक कारणों’ का हवाला दिया गया है। ऐसे में आदेश के आधार पर पिंकी मीणा को एपीओ किए जाने को किसी अन्य मामले या कार्रवाई से जोड़ना उचित नहीं होगा। फिलहाल सरकार की ओर से जारी आदेश में इतना ही स्पष्ट किया गया है कि वे आगामी आदेश तक कार्मिक विभाग में उपस्थिति देंगी।
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अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
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अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की चुनावी रणनीति और संगठनात्मक ढांचे में इस बार भी राजस्थान के नेताओं की भूमिका अहम रहने वाली है। कांग्रेस ने यूपी में प्रभारी महासचिव के साथ जुड़े 6 पुराने AICC सचिवों को हटाकर नई टीम का गठन किया है। इनमें राजस्थान से पायलट समर्थक माने जाने वाले धीरज गुर्जर को सहप्रभारी-सचिव की जिम्मेदारी से हटाया गया है, जबकि उनकी जगह सादुलशहर के पूर्व विधायक जगदीश जांगिड़ को AICC सचिव बनाकर यूपी की जिम्मेदारी दी गई है। धीरज गुर्जर करीब सात साल से उत्तर प्रदेश संगठन में काम कर रहे थे। अब राजस्थान के ही एक नेता को हटाकर दूसरे नेता को यह भूमिका सौंपे जाने को कांग्रेस की नई संगठनात्मक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। सात साल बाद बदली यूपी की टीम कांग्रेस ने यूपी प्रभारी महासचिव के साथ जुड़े छह पुराने AICC सचिवों में बदलाव किया है। धीरज गुर्जर भी लंबे समय से इसी टीम का हिस्सा थे। उनके हटाए जाने के पीछे लंबे कार्यकाल के साथ यूपी के बदलते राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों को भी एक कारण माना जा रहा है। हालांकि पार्टी की ओर से व्यक्तिगत रूप से किसी नेता को हटाने का विस्तृत आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। जगदीश जांगिड़ को मिली यूपी की जिम्मेदारी सादुलशहर से पूर्व विधायक जगदीश चंद्र जांगिड़ को AICC सचिव बनाया गया है और उन्हें उत्तर प्रदेश के प्रभारी महासचिव के साथ अटैच किया गया है। जांगिड़ राजस्थान कांग्रेस के प्रमुख OBC चेहरों में गिने जाते हैं। वे दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से स्नातक हैं और पेशे से वकील भी रहे हैं। OBC चेहरे के रूप में प्रमोशन की चर्चा राजनीतिक हलकों में जगदीश जांगिड़ की नियुक्ति को OBC नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। वे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समर्थक माने जाते हैं। यूपी की राजनीति में OBC मतदाताओं की बड़ी भूमिका को देखते हुए कांग्रेस की यह नियुक्ति सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश के रूप में भी देखी जा रही है। हालांकि यह राजनीतिक आकलन है; पार्टी ने नियुक्ति को किसी विशेष जातीय रणनीति से आधिकारिक रूप से नहीं जोड़ा है। प्रियंका गांधी से मिले राजस्थान के सीमावर्ती जिलों के नेता इधर दिल्ली में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी से राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों के कई नेताओं ने भी मुलाकात की। इस मुलाकात में पूर्व कैबिनेट मंत्री सालेह मोहम्मद, बाड़मेर कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष गफूर अहमद, पूर्व जिलाध्यक्ष फतेह खान और शेर मोहम्मद शामिल रहे। उम्मेदाराम के आवास पर डिनर डिप्लोमेसी बाड़मेर-जैसलमेर सांसद उम्मेदाराम के दिल्ली स्थित आवास पर भी कांग्रेस नेताओं की बैठक और डिनर हुआ। इसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित अन्य नेता शामिल हुए। इन मुलाकातों को राजस्थान कांग्रेस के संगठनात्मक समीकरणों और आगामी राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि बैठकों में हुई विस्तृत चर्चा को लेकर आधिकारिक विवरण सामने नहीं आया है।
Read more 8th Aug 2026
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। चूरू से कांग्रेस सांसद राहुल कस्वां के दिल्ली स्थित आवास पर गुरुवार को राजस्थान कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता पहुंचे और उनकी स्वास्थ्य संबंधी कुशलक्षेम जानी। इस दौरान राजस्थान प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और सांसद हरीश मीना ने राहुल कस्वां से मुलाकात की। स्वास्थ्य की जानकारी ली मुलाकात के दौरान कांग्रेस नेताओं ने राहुल कस्वां के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ रहने की कामना की। बैठक का माहौल सौहार्दपूर्ण रहा और नेताओं के बीच संगठन तथा प्रदेश से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत हुई। राजस्थान के विभिन्न विषयों पर चर्चा मुलाकात के दौरान राजस्थान की मौजूदा राजनीतिक और संगठनात्मक परिस्थितियों सहित विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। हालांकि चर्चा के विशिष्ट बिंदुओं और किसी संभावित राजनीतिक निर्णय को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
Read more 7th Aug 2026
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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