राजस्थान न्यूज़: दौसा। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं किसान नेता राजेश पायलट की 26वीं पुण्यतिथि पर दौसा के भंडाना स्थित स्मृति स्मारक पर आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने अपने पिता को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत को लेकर भी महत्वपूर्ण टिप्पणी की। मीडिया से बातचीत में सचिन पायलट ने कहा कि अशोक गहलोत का जितना स्नेह और लगाव उनके पुत्र वैभव गहलोत के प्रति है, उतना ही स्नेह और लगाव उनके प्रति भी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस परिवार के सभी लोग पार्टी के सिपाही हैं और संगठन को मजबूत करने के लिए मिलकर कार्य कर रहे हैं। गुरुवार को आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सचिन पायलट ने अपने पिता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इस दौरान उनके पुत्र आरान और विहान भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भाग लिया। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद सचिन पायलट ने भाजपा सरकार और केंद्र सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में युवाओं और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य पर इसका प्रभाव पड़ रहा है। पायलट ने कहा कि किसानों की आय, बढ़ती महंगाई और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आवश्यक वस्तुओं और घरेलू उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने हाल ही में हुई विपक्षी दलों की बैठक का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक मूल्यों और जनहित के मुद्दों पर एकजुट होकर कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा और सरकार को जवाबदेह बनाने का प्रयास किया जाएगा। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में दौसा सांसद मुरारीलाल मीणा, विधायक डीसी बैरवा, मुकेश भाकर, मनीष यादव, लक्ष्मण मीणा, पूर्व मंत्री हेमराम चौधरी, करौली धौलपुर सांसद भजनलाल जाटव, विधायक अमीन कागजी, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर के सांसद कुलदीप इंदौरा, अभिमन्यु पूनिया, रामनिवास गांवरिया, विधायक अनिता जाटव पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावस, धीरज गुर्जर, अर्चना शर्मा, वेदप्रकाश सोलंकी, डॉ. जितेंद्र सिंह, ममता भूपेश, दीपेंद्र सिंह शेखावत, शकुंतला गुर्जर सहित तमाम नेता पहुंच गए हैं। राजेश पायलट की पुण्यतिथि पर आयोजित इस कार्यक्रम में उनके राजनीतिक योगदान, किसान हितों के लिए किए गए कार्यों और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को याद किया गया।
Read more 11th Jun 2026
राजस्थान न्यूज़: करौली। राजस्थान के कृषि विभाग और राज्य बीज निगम से जुड़े कथित भ्रष्टाचार एवं रिश्वत प्रकरण को लेकर जारी राजनीतिक घमासान के बीच कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी है। करौली जिले के रजोली गांव में आयोजित एक जनसभा में उन्होंने कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों को बचाने के बजाय उन्होंने स्वयं कार्रवाई सुनिश्चित करवाई है। पिछले कुछ दिनों से भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा की गई गिरफ्तारियों और जांच के बाद कांग्रेस लगातार कृषि मंत्री पर निशाना साध रही है तथा उनके इस्तीफे की मांग कर रही है। इसी बीच मंत्री ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके राजनीतिक जीवन की पहचान भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष रही है और कोई भी व्यक्ति उनके सार्वजनिक जीवन पर उंगली नहीं उठा सकता। जनसभा को संबोधित करते हुए किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि जिन लोगों पर कार्रवाई हुई है, उनमें से कुछ उनके निकट संपर्क में रहे हो सकते हैं, लेकिन उनकी गतिविधियों की जानकारी उन्हें पहले से नहीं थी। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके साथ रहने वाले कुछ लोगों ने गलत कार्य किए, लेकिन जैसे ही उन्हें इसकी जानकारी मिली, उन्होंने मामले में हस्तक्षेप कर कार्रवाई सुनिश्चित की। कृषि मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से कृषि विभाग और बीज निगम से संबंधित समाचार लगातार सामने आ रहे हैं और उनके राजनीतिक विरोधी इस मुद्दे का इस्तेमाल कर उन्हें घेरने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने उनके नाम का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार किया है तो उसे किसी भी परिस्थिति में संरक्षण नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनके नाम का उपयोग करके किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ करने या भ्रष्टाचार फैलाने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती। मंत्री ने दावा किया कि जिन लोगों पर कार्रवाई हुई है, उन्हें कानून के दायरे में लाने में उनकी भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यह पूरा मामला उस कथित रिश्वत प्रकरण से जुड़ा है जिसकी जांच वर्तमान में एसीबी कर रही है। जांच एजेंसी द्वारा कई गिरफ्तारियां किए जाने के बाद विपक्ष लगातार सरकार और कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित कई विपक्षी नेताओं ने मंत्री की नैतिक जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। वहीं मंत्री के ताजा बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि वे इस्तीफे की मांगों के आगे झुकने के बजाय राजनीतिक और सार्वजनिक मंचों से अपना पक्ष मजबूती से रखने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में एसीबी की कार्रवाई तथा राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर सभी की नजरें बनी रहेंगी।
Read more 11th Jun 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान से राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव-2026 के तहत तीनों प्रत्याशी गुरुवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए। नाम वापसी की अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद निर्वाचन प्रक्रिया पूरी हुई और विधानसभा परिसर में औपचारिक घोषणा की गई। राज्यसभा निर्वाचन के रिटर्निंग ऑफिसर भारत भूषण शर्मा ने भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी डॉ. अलका सिंह, भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी डॉ. सतीश पूनिया तथा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रत्याशी नीरज डांगी को निर्वाचित घोषित किया। राजस्थान विधानसभा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर ने तीनों निर्वाचित उम्मीदवारों को निर्वाचन प्रमाण-पत्र प्रदान किए। राज्यसभा की तीनों सीटों पर जितने उम्मीदवार मैदान में थे, उतनी ही सीटें होने के कारण मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी और सभी प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हो गए। भाजपा की ओर से डॉ. अलका सिंह और डॉ. सतीश पूनिया को राज्यसभा भेजा गया है, जबकि कांग्रेस की ओर से नीरज डांगी ने अपनी सीट बरकरार रखी है। इस परिणाम के साथ राजस्थान की तीनों राज्यसभा सीटों का चुनाव बिना मतदान के संपन्न हो गया।
Read more 11th Jun 2026
अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को नई दिल्ली में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल, केंद्रीय मंत्री और नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए समावेशी मानव विकास की रणनीति तैयार करना और उसे प्रभावी रूप से लागू करने पर विचार-विमर्श करना रहा। इस वर्ष बैठक की थीम "विकसित भारत @2047 के लिए समावेशी मानव विकास" रखी गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग, क्षेत्र, आयु समूह और सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि तक पहुंचे। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और डिजिटल गवर्नेंस जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक में राज्यों और केंद्र सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही राज्यों के विकास दृष्टिकोण को राष्ट्रीय विकास दृष्टि के साथ जोड़ने की रणनीतियों पर भी विचार किया गया। नीति आयोग की इस बैठक में मानव संसाधन विकास को विकसित भारत की आधारशिला बताते हुए युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान करने, रोजगार सृजन बढ़ाने, महिलाओं की भागीदारी मजबूत करने तथा सामाजिक एवं क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान दिसंबर 2025 में आयोजित मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन की प्रमुख सिफारिशों की भी समीक्षा की गई। इन सिफारिशों को राज्यों में प्रभावी रूप से लागू करने तथा प्रशासनिक सुधारों को आगे बढ़ाने के उपायों पर भी मंथन किया गया। केंद्र सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक, जब भारत अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, देश को विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में स्थापित करना है। इसके लिए आर्थिक विकास के साथ-साथ मानव पूंजी, सामाजिक न्याय, नवाचार, डिजिटल सशक्तिकरण और समावेशी विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि विकसित भारत-2047 का लक्ष्य केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य प्रत्येक नागरिक के जीवन स्तर में सुधार लाना और विकास के अवसरों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना भी है।
Read more 11th Jun 2026
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव 2026 में विभिन्न राज्यों से कुल 14 उम्मीदवार गुरुवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। इन सीटों पर नामांकन वापसी की अंतिम तिथि तक कोई अन्य उम्मीदवार मैदान में नहीं रहने के कारण मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी। निर्विरोध निर्वाचित उम्मीदवारों में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा भी शामिल हैं, जो कर्नाटक से राज्यसभा के लिए चुने गए हैं। राजस्थान से तीनों प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित राजस्थान से भारतीय जनता पार्टी के डॉ. सतीश पूनिया, डॉ. अलका गुर्जर तथा कांग्रेस के नीरज डांगी निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुने गए हैं। गुजरात में भाजपा का क्लीन स्वीप गुजरात में भाजपा के सभी चार उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। नामांकन वापसी के बाद किसी भी सीट पर मुकाबले की स्थिति नहीं बनी। मध्य प्रदेश की तीनों सीटें भाजपा के खाते में मध्य प्रदेश से भाजपा उम्मीदवार रजनीश अग्रवाल, तरुण चुग और महेश केवट निर्वाचित घोषित किए गए। मध्य प्रदेश की तीसरी सीट को लेकर राजनीतिक विवाद भी देखने को मिला। कांग्रेस ने इस सीट पर मीनाक्षी नटराजन को प्रत्याशी बनाया था। कांग्रेस का दावा था कि उसके पास आवश्यक संख्या बल मौजूद था, लेकिन 9 जून को उनका नामांकन पत्र निरस्त कर दिया गया। नामांकन रद्द किए जाने के खिलाफ कांग्रेस ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर अगली सुनवाई शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी है।
Read more 11th Jun 2026
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved