राजस्थान न्यूज़: जयपुर। बड़ी चौपड़ स्थित मनिहारी जी के कटले के सेठी कॉम्प्लेक्स में लगी भीषण आग के मामले में पुलिस ने भवन मालिक आनंद सेठी के खिलाफ खुद रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस रिपोर्ट में कॉम्प्लेक्स में कथित अवैध निर्माण, अग्निशमन सुरक्षा उपकरणों के सुचारू नहीं होने, फायर एनओसी से संबंधित कमियों तथा आवागमन के रास्ते संकरे और अवरुद्ध होने जैसे आरोप लगाए गए हैं। मामला उप निरीक्षक नरेन्द्र की ओर से दर्ज कराया गया है, जबकि जांच माणक चौक थानाधिकारी राकेश ख्यालिया को सौंपी गई है।पुलिस के अनुसार गुरुवार को कॉम्प्लेक्स की दूसरी मंजिल पर लगी आग करीब 13 घंटे तक अलग-अलग हिस्सों में धधकती रही। आग ने कपड़े, होजरी, चूड़ियों, कॉस्मेटिक और अन्य सामान से भरी कई दुकानों और गोदामों को अपनी चपेट में ले लिया। प्रारंभिक स्तर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई गई है, हालांकि अंतिम कारण तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। संकरे रास्तों ने बढ़ाई दमकल की मुश्किल पुलिस रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि कटले के भीतर जाने वाले रास्ते कई स्थानों पर संकरे और बाधित थे। इसी कारण बड़ी दमकल गाड़ियां सीधे कॉम्प्लेक्स तक नहीं पहुंच सकीं। फायर ब्रिगेड कर्मचारियों को मुख्य रास्ते से पाइप जोड़कर अंदर तक पानी पहुंचाना पड़ा।आग बुझाने के दौरान एक अस्थायी दीवार हटाकर भी रास्ता बनाया गया, ताकि दमकल कर्मचारी अंदर पहुंच सकें। बरामदों, बालकनियों और गलियारों में सामान रखा होने के कारण आवाजाही और मुश्किल हो गई। आग की तपिश इतनी अधिक थी कि आसपास जमा पानी भी गर्म हो गया और धुएं के कारण अंदर अधिक समय तक रुकना कठिन होता रहा। दुकान नंबर 205 में करीब ढाई करोड़ के नुकसान का अनुमान पुलिस की प्रारंभिक रिपोर्ट में अलग-अलग दुकानों के नुकसान का भी उल्लेख किया गया है। दुकान नंबर 205 में करीब 2.50 करोड़ रुपए के सामान के नुकसान का अनुमान दर्ज किया गया है।दुकान नंबर 206-बी में संचालित विमल होजरी एजेंसी में करीब 65 से 70 लाख रुपए के नुकसान का प्रारंभिक अनुमान बताया गया है। अन्य दुकानों और गोदामों में भी लाखों रुपए के सामान के जलने की जानकारी दर्ज की गई है। हालांकि कुल आर्थिक नुकसान का अंतिम आंकड़ा अभी तय नहीं हुआ है। व्यापारियों के स्टॉक रिकॉर्ड, बिल और अन्य दस्तावेजों के आधार पर आगे वास्तविक नुकसान का आकलन किया जाएगा। इन दुकानों को पहुंचा नुकसान आग की चपेट में आने वाली दुकानों में सतनाम मदान ट्रेडर्स, जितेन्द्र-कमल, कमल अग्रवाल, शैलेन्द्र अग्रवाल, राजेश, हसन, रमेश-राजेश, विमल होजरी एजेंसी, छोटूभाई पुरुषोत्तम, अशोक कुमार शर्मा और विकास शर्मा सहित कई व्यापारियों के प्रतिष्ठान शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा 201-ए से 206-ए श्रेणी की कई दुकानों और गोदामों में भी सामान जलने की बात सामने आई है। पुलिस और व्यापारिक संगठनों की ओर से प्रभावित दुकानों का अलग-अलग विवरण तैयार किया जा रहा है। छत पर रेस्त्रां की NOC की भी होगी जांच एडिशनल डीसीपी आलोक सिंघल के अनुसार शुरुआती जांच में आग शॉर्ट सर्किट से लगने की आशंका है। पुलिस अब कॉम्प्लेक्स के निर्माण, फायर सेफ्टी व्यवस्था और ऊपरी हिस्से में संचालित गतिविधियों से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।कॉम्प्लेक्स की छत पर प्रस्तावित या संचालित रेस्त्रां के लिए आवश्यक अनुमति और एनओसी ली गई थी या नहीं, इसकी जानकारी लेने के लिए नगर निगम को पत्र लिखे जाने की बात कही गई है। इसके अलावा यह भी जांचा जाएगा कि भवन में मौजूद फायर फाइटिंग सिस्टम नियमित रूप से मेंटेन किया जा रहा था या नहीं और आग लगने के समय उपकरण काम करने की स्थिति में क्यों नहीं थे। फायर NOC और सुरक्षा उपकरणों को लेकर जांच पुलिस रिपोर्ट में फायर एनओसी की व्यवस्था तथा अग्निशमन सुरक्षा उपकरणों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। जांच में नगर निगम और फायर शाखा से रिकॉर्ड मांगा जाएगा, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि भवन को कब और किन शर्तों पर अनुमति दी गई थी। यदि पहले किसी तरह की फायर एनओसी जारी हुई थी तो उसकी वैधता, शर्तों और अंतिम निरीक्षण की तारीख भी जांच का हिस्सा बन सकती है। इन सभी बिंदुओं पर अभी जांच जारी है और पुलिस रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को अंतिम रूप से सिद्ध मानना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा। सिविल डिफेंस और फायरकर्मियों ने संभाला मोर्चा भीषण आग के दौरान फायर ब्रिगेड, पुलिस और सिविल डिफेंस की टीमों ने लंबे समय तक राहत और बचाव कार्य चलाया। घने धुएं और अत्यधिक गर्मी के बीच कर्मचारियों को कई बार अंदर जाकर अलग-अलग हिस्सों में आग बुझानी पड़ी। इस दौरान बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामान होने के कारण आग बार-बार भड़कती रही। प्लास्टिक, कपड़े, लाख और कॉस्मेटिक सामग्री ने आग को तेजी से फैलने में मदद की। व्यापार महासंघ ने मांगी स्थायी फायर व्यवस्था अग्निकांड के बाद जयपुर व्यापार महासंघ ने प्रशासन और नगर निगम से परकोटे के बाजारों में स्थायी और प्रभावी अग्निशमन व्यवस्था विकसित करने की मांग दोहराई है।महासंघ अध्यक्ष सुभाष गोयल और महामंत्री सुरेश सैनी ने कहा कि पुरोहित जी का कटला और आसपास के बाजार बेहद संकरे हैं और लंबे समय से स्थायी फायर सिस्टम की मांग की जा रही है। व्यापारी संगठनों ने मांग की है कि परकोटे के बाजारों में फायर हाइड्रेंट, पर्याप्त पानी का प्रेशर, छोटी दमकलों की स्थायी उपलब्धता और नियमित फायर ऑडिट सुनिश्चित किया जाए। अब पुलिस जांच में तय होगी जिम्मेदारी सेठी कॉम्प्लेक्स अग्निकांड के बाद अब पुलिस जांच का फोकस केवल आग लगने के कारण पर नहीं, बल्कि भवन की संरचना, अनुमतियों और फायर सेफ्टी व्यवस्था पर भी रहेगा।पुलिस यह पता लगाएगी कि कॉम्प्लेक्स में निर्माण नियमों का पालन हुआ या नहीं, रास्ते किस कारण संकरे हुए, फायर उपकरण काम क्यों नहीं कर रहे थे और क्या किसी स्तर पर लापरवाही हुई। जांच पूरी होने और नगर निगम से रिकॉर्ड मिलने के बाद ही भवन मालिक या किसी अन्य व्यक्ति की कानूनी जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण होगा।
Read more 18th Sep 2026
राजस्थान न्यूज़: जोधपुर से नामांकन भरने निकले थे काबरा, देसूरी के आसपास फोन हुआ बंद, परिजनों ने अपहरण की आशंका जताकर दिया धरना, सांसद महिमा कुमारी और विधायक विश्वराज सिंह भी पहुंचे, पुलिस पर लगे आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं नाथद्वारा। नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले नाथद्वारा में भाजपा के भीतर ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने पूरे दिन सियासी हलचल बनाए रखी। वार्ड नंबर 4 से निर्वाचित भाजपा पार्षद प्रदीप काबरा अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने जोधपुर से नाथद्वारा रवाना हुए, लेकिन रास्ते में उनसे संपर्क टूट गया। नामांकन का समय गुजरता रहा और काबरा उपखंड कार्यालय नहीं पहुंचे। इसी बीच भाजपा ने वार्ड नंबर 24 से निर्वाचित परेश सोनी से अध्यक्ष पद का नामांकन दाखिल करवा दिया और उन्हें अधिकृत प्रत्याशी बना दिया।नाथद्वारा नगरपालिका के 40 वार्डों में भाजपा के 20, कांग्रेस के 19 और एक निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुआ है। प्रदीप काबरा वार्ड 4 से 375 वोट लेकर 66 मतों से जीते हैं, जबकि परेश सोनी वार्ड 24 से 410 वोट लेकर 213 मतों से निर्वाचित हुए। सुबह नामांकन के लिए निकले, देसूरी के पास टूट गया संपर्क परिजनों के अनुसार प्रदीप काबरा बुधवार सुबह करीब 6 बजे जोधपुर से नाथद्वारा के लिए रवाना हुए थे। उनके साथ संदीप श्रीमाली और एक प्रस्तावक भी थे। सुबह करीब 9:28 बजे परिवार से उनकी आखिरी बातचीत हुई। इसके बाद देसूरी क्षेत्र के आसपास उनका मोबाइल बंद आने लगा और परिवार उनसे संपर्क नहीं कर सका।समय बीतने के साथ परिवार और समर्थकों की चिंता बढ़ गई। अध्यक्ष पद के लिए नामांकन की समय सीमा भी करीब आती जा रही थी। परिजनों ने पुलिस अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर काबरा और उनके साथ मौजूद लोगों की तलाश कराने की मांग की तथा अपहरण की आशंका जताई। पुलिस ने उस समय किसी अपहरण की पुष्टि नहीं की थी। तहसील कार्यालय के बाहर शुरू हुआ धरना काबरा के नहीं पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में उनके परिजन और समर्थक उपखंड कार्यालय के बाहर जमा हो गए। उन्होंने उनकी सुरक्षित वापसी की मांग करते हुए धरना शुरू कर दिया। देर शाम तक काबरा का पता नहीं चलने पर विरोध और तेज हो गया।स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार परिवार की ओर से पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए और आरोप लगाया गया कि काबरा को कहीं रोका गया है। हालांकि पुलिस द्वारा उन्हें देसूरी में पकड़कर नामांकन अवधि तक अपने साथ रखने या बाड़ेबंदी में पहुंचाने जैसी चर्चाओं की किसी आधिकारिक जांच या पुलिस बयान से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन दावों को स्थानीय राजनीतिक आरोप और चर्चाओं से आगे तथ्य नहीं माना जा सकता। सांसद महिमा कुमारी और विधायक विश्वराज सिंह पहुंचे धरने की जानकारी मिलने के बाद नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ और राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बातचीत की और पुलिस अधीक्षक से फोन पर काबरा की तलाश के संबंध में जानकारी ली। स्थानीय रिपोर्ट में दोनों नेताओं की ओर से यह कहे जाने का उल्लेख है कि उनकी पसंद भी प्रदीप काबरा थे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी उन्हें भी स्पष्ट नहीं थी। इसके बाद सांसद महिमा कुमारी ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ से फोन पर बात की। रिपोर्ट के अनुसार राठौड़ ने कहा कि उनकी प्रदीप काबरा से बातचीत हुई है और अपहरण जैसी कोई बात नहीं है। उन्होंने काबरा के अगले दिन नाथद्वारा पहुंचने की बात कही। इसके बाद देर रात धरना समाप्त हुआ। इधर नामांकन का वक्त निकला, भाजपा ने परेश सोनी को उतारा जब तक प्रदीप काबरा से संपर्क नहीं हो पाया, अध्यक्ष पद के नामांकन का समय निकलता जा रहा था। इसी दौरान भाजपा की ओर से परेश सोनी ने अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया। पार्टी ने भी उन्हें अधिकृत प्रत्याशी बना दिया। उनके नामांकन के दौरान निर्दलीय पार्षद प्रकाश सनाढ्य और भाजपा पार्षद जितेंद्र सोमानी की मौजूदगी की भी रिपोर्ट है।कांग्रेस की ओर से अजय गुर्जर और कमलेश कुमावत ने भी नामांकन दाखिल किए थे। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम उम्मीदवारों की स्थिति स्पष्ट होनी थी। अगली सुबह करीब साढ़े छह बजे नाथद्वारा लौटे काबरा रातभर चले घटनाक्रम के बाद प्रदीप काबरा अगली सुबह करीब 6:30 बजे सुरक्षित नाथद्वारा पहुंच गए। उनके लौटने के साथ परिवार की ओर से जताई गई अपहरण की आशंका तत्काल समाप्त हो गई। उनके साथ संपर्क से बाहर रहे अन्य लोग भी सुरक्षित वापस लौटे।लेकिन तब तक अध्यक्ष पद के लिए उनका नामांकन दाखिल करने का अवसर निकल चुका था और भाजपा परेश सोनी को अधिकृत प्रत्याशी बना चुकी थी। इस तरह काबरा अध्यक्ष पद के लिए औपचारिक चुनाव मैदान में नहीं आ सके। पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल, पर आरोप अभी अपुष्ट घटनाक्रम के बाद नाथद्वारा में यह चर्चा तेज रही कि आखिर काबरा इतने घंटे कहां थे और उनसे संपर्क क्यों नहीं हो पाया। परिजनों ने धरने के दौरान पुलिस पर भी सवाल उठाए थे। दूसरी ओर उपलब्ध रिपोर्टों में पुलिस ने कहा था कि वह उनकी तलाश कर रही है।देसूरी क्षेत्र में पुलिस द्वारा काबरा को रोकने, उन्हें नामांकन की समय सीमा तक अपने साथ रखने या बाद में किसी बाड़ेबंदी में पहुंचाने के दावों के समर्थन में अभी कोई आधिकारिक पुलिस रिकॉर्ड या स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। ऐसे में इन दावों को तथ्य के रूप में प्रकाशित करने के बजाय आरोप अथवा स्थानीय चर्चा के रूप में ही उल्लेख करना उचित होगा।
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। बड़ी चौपड़ के पास पुरोहित जी का कटला स्थित सेठी कॉम्प्लेक्स में गुरुवार को हुए भीषण अग्निकांड के अगले दिन शुक्रवार को भी आसपास के बाजारों में सन्नाटा रहा। मणिहारों का कटला और पुरोहित जी का कटला की दुकानें बंद रहीं और आग से प्रभावित व्यापारी अपनी जली हुई दुकानों के बाहर नुकसान का आकलन करते नजर आए। अग्निकांड में करीब 25 दुकानें और गोदाम प्रभावित हुए थे। आग कपड़े, प्लास्टिक, कॉस्मेटिक और लाख की चूड़ियों के स्टॉक तक फैलने के कारण कई घंटे तक बुझाने में मुश्किल आई थी। कोई जनहानि नहीं हुई, क्योंकि आग सुबह बाजार खुलने से पहले लगी थी। त्योहारी सीजन से ठीक पहले आग लगने के कारण व्यापारियों का बड़ी मात्रा में स्टॉक जल गया। नुकसान का अंतिम सरकारी आकलन अभी सामने नहीं आया है, हालांकि व्यापारियों ने नुकसान करोड़ों रुपए में होने की बात कही है। अब प्रभावित दुकानदार सरकार और प्रशासन से आर्थिक सहायता तथा बाजार की स्थायी फायर सेफ्टी व्यवस्था की उम्मीद कर रहे हैं। पीड़ित व्यापारियों से मिलने पहुंचे अशोक गहलोत पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शुक्रवार को सेठी कॉम्प्लेक्स पहुंचे और आग से प्रभावित दुकानदारों से मुलाकात की। उन्होंने दुकानों में हुए नुकसान और आग बुझाने के दौरान आई परेशानियों की जानकारी ली। गहलोत ने कहा कि प्रभावित व्यापारियों के नुकसान को देखते हुए राज्य सरकार को उनकी सहायता के लिए आगे आना चाहिए और सरकार के किसी प्रतिनिधि को मौके पर आकर उनकी समस्याएं सुननी चाहिए। गहलोत ने कहा कि व्यापारियों की ओर से उन्हें नगर निगम और फायर सेफ्टी व्यवस्था से जुड़ी कमियों के बारे में बताया गया है। उन्होंने कहा कि बाजारों और बड़ी व्यावसायिक इमारतों में लगे अग्निशमन उपकरणों की नियमित जांच नगर निकायों की जिम्मेदारी है और सिस्टम केवल कागजों में नहीं, वास्तविक आपात स्थिति में भी काम करने की स्थिति में होना चाहिए। ‘फायर सिस्टम चालू होता तो स्थिति अलग हो सकती थी’ गहलोत ने दावा किया कि व्यापारियों से बातचीत में उन्हें बताया गया कि बाजार में स्थापित फायर फाइटिंग सिस्टम प्रभावी रूप से काम नहीं कर रहा था। इस अग्निकांड के बाद फायर सुरक्षा प्रणाली पर पहले से उठ रहे सवाल और गहरे हुए हैं। घटनास्थल की रिपोर्टिंग में भी व्यापारियों ने बाजार में लगे फायर हाइड्रेंट, स्मोक डिटेक्टर और अन्य उपकरणों के काम नहीं करने का आरोप लगाया है। गहलोत ने फायर ब्रिगेड और राहत कार्य में जुटे कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की। गुरुवार को करीब 30 फायर टेंडर और 50 से 60 दमकलकर्मी अभियान में लगाए गए थे। संकरी गलियों और कमजोर वेंटिलेशन के कारण फायर टीमों को दुकानों तक पहुंचने में काफी परेशानी हुई। मुख्य आग दोपहर करीब 2:30 बजे नियंत्रण में आई, लेकिन कई हिस्सों से देर शाम तक धुआं और चिंगारियां उठती रहीं। फायर NOC की जांच की मांग पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी व्यावसायिक भवन को फायर NOC देने से पहले वहां उपलब्ध अग्निशमन व्यवस्था की सही तरीके से जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में राजनीतिक या दूसरे दबावों के कारण भी NOC जारी होने की शिकायतें सामने आती हैं और ऐसी शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। गहलोत ने कहा कि उन्हें आसपास की एक इमारत को लेकर भी कथित रूप से प्रभाव का इस्तेमाल कर NOC लेने की शिकायत बताई गई है। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इससे पहले किशनपोल विधायक अमीन कागजी ने भी परकोटे में फायर NOC और फायर सिस्टम के निरीक्षण की व्यवस्था की दोबारा जांच की मांग की थी। ‘बाजार खुला होता तो बड़ा हादसा हो सकता था’ गहलोत ने कहा कि आग जिस समय लगी, उस वक्त बाजार बंद था और लोगों की आवाजाही शुरू नहीं हुई थी। उन्होंने आशंका जताई कि यही घटना व्यस्त कारोबारी समय में होती तो जानमाल का नुकसान कहीं अधिक गंभीर हो सकता था। यह चिंता स्थानीय व्यापारियों ने भी जताई है। पुरोहित जी का कटला व्यापार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा था कि यदि आग सुबह 11 बजे के आसपास लगती तो बाजार में मौजूद बड़ी संख्या में लोगों को बाहर निकालना मुश्किल हो सकता था, क्योंकि कई रास्ते बेहद संकरे हैं। व्यापारियों को आर्थिक सहायता देने की मांग गहलोत ने कहा कि व्यापारी सरकार को टैक्स देते हैं और ऐसे बड़े हादसे के बाद सरकार को देखना चाहिए कि प्रभावित कारोबारियों को किस तरह सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि बीमा कंपनियों से मिलने वाली राशि अलग विषय है, लेकिन राज्य सरकार को भी व्यापारियों की स्थिति का आकलन कर राहत के विकल्प तलाशने चाहिए। उनके इस दौरे की रिपोर्टों में भी उन्होंने प्रभावित व्यापारियों के लिए उचित मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आवश्यक हो तो प्रभावित व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री कार्यालय बुलाकर उनकी समस्याएं सुनी जा सकती हैं। निकाय चुनाव पर भी बोले गहलोत, भाजपा पर लगाए आरोप मीडिया से बातचीत के दौरान गहलोत ने राजस्थान के निकाय चुनाव और अब चल रही मेयर-चेयरमैन चुनाव प्रक्रिया पर भी भाजपा को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न निकायों में भाजपा निर्दलीय और विपक्षी पार्षदों को अपने पक्ष में करने के लिए धनबल और राजनीतिक दबाव का इस्तेमाल कर रही है। एक दिन पहले भी गहलोत ने पार्षदों को कथित रूप से डेढ़ से ढाई करोड़ रुपए तक के प्रस्ताव दिए जाने का आरोप लगाया था। भाजपा और राज्य सरकार के नेताओं ने ऐसे आरोपों को बेबुनियाद बताया है। जोधपुर को लेकर गहलोत ने पार्षदों के भाजपा के साथ जाने पर सवाल उठाए। यहां एक तथ्य स्पष्ट करना जरूरी है—ताजा रिपोर्टों के अनुसार भाजपा के साथ आने वाले सात पार्षद निर्दलीय निर्वाचित हुए थे, न कि कांग्रेस के टिकट पर चुने गए सात पार्षद। इन सात निर्दलीयों के समर्थन के बाद भाजपा ने अपने साथ 52 पार्षद होने का दावा किया है। इन पार्षदों पर किसी तरह के प्रलोभन या दबाव के गहलोत के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। SIR और मतदाता सूची के मुद्दे का भी किया जिक्र गहलोत ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से मतदाता सूचियों और Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर लगाए जा रहे आरोपों का भी उल्लेख किया। उन्होंने पश्चिम बंगाल में नाम हटाए जाने के मामलों का हवाला दिया। पश्चिम बंगाल की SIR प्रक्रिया से संबंधित विवाद फिलहाल न्यायिक जांच के दायरे में भी है। चुनाव आयोग ने 18 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि नाम जोड़ने या हटाने से जुड़े 37 लाख से अधिक अपील/प्रतिवेदन लंबित हैं। इससे मतदाता सूची को लेकर बड़े पैमाने पर विवाद की पुष्टि होती है, लेकिन कांग्रेस की ओर से इस्तेमाल किया जा रहा व्यापक “वोट चोरी” का आरोप स्वयं में सिद्ध तथ्य नहीं है और इसे राजनीतिक आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। परिसीमन पर भी दोहराए सवाल गहलोत ने राजस्थान के निकाय चुनावों में परिसीमन को लेकर भी भाजपा पर अपने लाभ के लिए वार्ड सीमाएं तय करने का आरोप दोहराया। इस मुद्दे पर हाल के चुनाव परिणामों के विश्लेषण में जयपुर, जोधपुर और कोटा के तीनों निगमों में कांग्रेस को भाजपा से कुछ अधिक कुल वोट मिलने के बावजूद भाजपा के अधिक वार्ड जीतने का अंतर सामने आया है। हालांकि इससे अपने-आप यह साबित नहीं होता कि परिसीमन राजनीतिक उद्देश्य से किया गया था; यह गहलोत और कांग्रेस की ओर से लगाया गया आरोप है।
Read more 18th Sep 2026
अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
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अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
राष्ट्रीय न्यूज़: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 76वां जन्मदिन गुरुवार, 17 सितंबर को देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों के साथ मनाया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी की ओर से इस मौके पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत की गई है। यह अभियान प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर से भी जोड़ा गया है। अभियान के तहत सेवा, जनसंपर्क और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जन्मदिन के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल में ‘अन्नपूर्णा योजना’ की किस्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जारी की। इस दौरान उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के लोगों को लंबे समय तक केंद्र की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया, जिससे उन्हें नुकसान हुआ। योजना की चौथी किस्त के तहत बड़ी संख्या में महिला लाभार्थियों को राशि सीधे बैंक खातों में भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। वडनगर से वाराणसी तक बाइक यात्रा गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री मोदी के जन्मस्थान वडनगर से ‘सेवा संकल्प बाइक यात्रा’ को रवाना किया। यह यात्रा 10 राज्यों और 193 जिलों से होकर गुजरेगी। रिपोर्टों के मुताबिक यात्रा में करीब 600 बाइकर्स शामिल हैं और इसका समापन 7 अक्टूबर को प्रस्तावित है। इसी अभियान के तहत वाराणसी से वडनगर के लिए भी बाइक यात्रा शुरू की गई है। दोनों यात्राओं को प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने से जोड़ा गया है। वडनगर और वाराणसी उनके जीवन से जुड़े दो प्रमुख स्थान हैं—वडनगर उनका जन्मस्थान है, जबकि वाराणसी उनका लोकसभा क्षेत्र है। दोनों दिशाओं से निकलने वाली यात्राओं का समापन 7 अक्टूबर को होना है। अमित शाह ने गिनाईं मोदी सरकार की उपलब्धियां वडनगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन का उल्लेख किया। शाह ने कहा कि मोदी ने लगातार सेवा करते हुए काम किया और लंबे समय तक रोजाना 16 से 18 घंटे काम किया। उन्होंने मोदी के कार्यकाल को ‘इंडिया फर्स्ट’ के मंत्र से जोड़ते हुए कहा कि राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देकर देश को विकास की दिशा में आगे बढ़ाने का काम किया गया। शाह ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का भी उल्लेख किया। शाह के मुताबिक मोदी सरकार के कार्यकाल में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए। उन्होंने गरीबों को पक्के मकान, बिजली, नल से पानी, शौचालय, गैस कनेक्शन और मुफ्त राशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा किया। गरीबी से बाहर आने वाले लोगों का आंकड़ा प्रधानमंत्री मोदी के पूर्व सार्वजनिक बयानों में भी सामने आया है। करोड़ लोगों को मुफ्त राशन का जिक्र अमित शाह ने करीब 80 करोड़ लोगों को हर महीने 5 किलो मुफ्त अनाज दिए जाने और स्वास्थ्य कवर का भी उल्लेख किया। केंद्र सरकार के आधिकारिक आंकड़ों में भी 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन तथा बड़ी संख्या में लोगों को स्वास्थ्य बीमा कवर दिए जाने की जानकारी दी गई है। शाह ने प्रधानमंत्री मोदी की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति और सुशासन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर स्पष्ट नीति अपनाई और भ्रष्टाचार तथा घोटालों से निपटने की दिशा में काम किया। उन्होंने मोदी के खुद को ‘प्रधान सेवक’ कहने का भी उल्लेख किया। शाम को जलाए जाएंगे ‘आशीर्वाद के दीये’ जन्मदिन समारोह के तहत शाम को ‘आशीर्वाद के दीये’ कार्यक्रम भी आयोजित किया जा रहा है। इसके तहत शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच घरों और विभिन्न स्थानों पर दीये जलाने की अपील की गई है। भाजपा की ओर से इसे प्रधानमंत्री के जन्मदिन और सेवा-संकल्प अभियान से जोड़ा गया है। पश्चिम बंगाल में भी ‘आशीर्वाद के दीये’ कार्यक्रम के तहत लोगों से दीप जलाने की अपील की गई है।अलग-अलग राज्यों में बड़ी संख्या में दीये जलाने की तैयारियां की गई हैं। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा और पश्चिम बंगाल में भी स्थानीय स्तर पर विशेष आयोजन प्रस्तावित हैं। इस तरह प्रधानमंत्री मोदी के 76वें जन्मदिन पर देशभर में सेवा गतिविधियों, सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार, जनसंपर्क कार्यक्रमों और बाइक यात्राओं का आयोजन किया जा रहा है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ को प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर से भी जोड़ा गया है।
Read more 17th Sep 2026
अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़: टिकटॉक की पैरेंट कंपनी बाइटडांस (ByteDance) के संस्थापक झांग यिमिंग एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं. ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, इस महीने उनकी संपत्ति में 12 अरब डॉलर का जोरदार इजाफा हुआ है. झांग यिमिंग बने एशिया के सबसे अमीर शख्स वैश्विक अरबपतियों की सूची में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है. शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म टिकटॉक (TikTok) की मूल कंपनी बाइटडांस (ByteDance) के संस्थापक झांग यिमिंग (Zhang Yiming) एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं. भारतीय उद्योगपति गौतम अदाणी इनके बाद दूसरे नंबर पर हैं ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स (Bloomberg Billionaires Index) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, झांग यिमिंग और गौतम अडानी दोनों की कुल संपत्ति लगभग 105 अरब डॉलर के आसपास दर्ज की गई है, लेकिन उच्च मूल्यांकन के चलते झांग सूची में शीर्ष स्थान पर पहुंच गए हैं. इस महीने झांग की व्यक्तिगत संपत्ति में करीब 12 अरब डॉलर का भारी उछाल देखने को मिला. असेसमेंट और AI टूल्स से मिला बड़ा बूस्ट झांग की संपत्ति में आई इस तेजी के पीछे बाइटडांस के सेल्फ असेसमेंट में हुआ सुधार मुख्य वजह है. ब्लूमबर्ग ने ब्लैकरॉक (BlackRock) और फिडेलिटी (Fidelity) की हालिया फाइलिंग के आधार पर कंपनी की वैल्यूएशन को अपडेट किया है. इसके साथ ही, अमेरिका में टिकटॉक से जुड़े विवाद के समाधान (ओरेकल और सिल्वर लेक संयुक्त उद्यम) के बाद कंपनी के रिस्क डिस्काउंट को 25 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया. इसके अलावा, बाइटडांस के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उत्पादों — विशेष रूप से ‘डौबाओ’ (Doubao) चैटबॉट और ‘सीडांस’ (Seedance) वीडियो मॉडल — ने निवेशकों का भरोसा और उत्साह बढ़ाया है. उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 के बाद से झांग यिमिंग की संपत्ति में आठ गुना से अधिक की वृद्धि दर्ज की जा चुकी है.
Read more 16th Sep 2026
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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