राजस्थान न्यूज़: जयपुर। ऑल इंडिया ब्राह्मण फेडरेशन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद की दो दिवसीय बैठक 4 जुलाई को टोंक रोड, रामबाग स्थित नारायण सिंह सर्किल बस स्टैंड के पास टोटूका भवन में शुरू हुई। परिषद के अध्यक्ष एस.डी. शर्मा, महासचिव रवि ध्रुव और महिला अध्यक्ष सूर्यकांता शर्मा ने भगवान परशुराम को पुष्पांजलि अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर बैठक की औपचारिक शुरुआत की। राजस्थान ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष आर.एस. जेमिनी ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि 8 साल बाद जयपुर में ऑल इंडिया ब्राह्मण फेडरेशन की राष्ट्रीय परिषद की बैठक आयोजित हो रही है। यह राजस्थान और जयपुर के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि इस बैठक में ब्राह्मण समाज की वर्तमान स्थिति पर गंभीर चिंतन-मंथन किया जाएगा और समाज से जुड़े मुद्दों के समाधान का रास्ता निकालने का प्रयास होगा। ऑल इंडिया ब्राह्मण फेडरेशन के अध्यक्ष एस.डी. शर्मा ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में ब्राह्मण समाज को अपनी पुरानी ताकत, एकता और संगठनात्मक शक्ति को फिर से मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समाज को शिक्षा, रोजगार, सामाजिक समरसता और अधिकारों से जुड़े विषयों पर संगठित होकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा यूजीसी के नियमों में किए गए बदलावों से आरक्षण व्यवस्था को लेकर कई भ्रांतियां पैदा हुई हैं। इस विषय पर समाज को गंभीरता से विचार करना होगा। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज यूजीसी व्यवस्था में किसी भी प्रकार के अनुचित बदलाव को स्वीकार नहीं करेगा और आवश्यकता पड़ने पर इसके लिए संघर्ष भी किया जाएगा।
Read more 4th Jul 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने एसएमएस स्टेडियम के इंडोर हॉल में आयोजित जयपुर मेट्रो द्वितीय फेज के वर्चुअल शिलान्यास कार्यक्रम में नव नियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजस्थान को मिली विकास परियोजनाओं को प्रदेश के लिए बड़ी सौगात बताया। श्रीमती राजे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार का दिन राजस्थान के लिए सौगात दिवस बना दिया है। उन्होंने कहा कि जब भी राजस्थान ने कोई सपना देखा, मोदी जी ने उसे साकार किया। रिफाइनरी से लेकर मेट्रो विस्तार तक, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान के विकास को नई गति मिली है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 जनवरी 2018 को रिफाइनरी की नींव रखी थी और अब उन्होंने ही इसका उद्घाटन किया है। उन्होंने कहा कि यह राजस्थान के औद्योगिक विकास, रोजगार और आर्थिक प्रगति की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। श्रीमती राजे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ही 3 जून 2015 को जयपुर की पहली मेट्रो सेवा शुरू हुई थी। अब जयपुर मेट्रो फेज-2 की नींव रखकर ‘विकसित भारत-विकसित राजस्थान’ की कल्पना को और आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राजधानी जयपुर की यातायात व्यवस्था को मजबूत करेगी और आमजन को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि जयपुर मेट्रो फेज-2 जैसी परियोजनाएं प्रधानमंत्री मोदी के ‘न्यू इंडिया’ मिशन को पंख लगाने का काम करेंगी। इससे न केवल शहरी परिवहन को मजबूती मिलेगी, बल्कि रोजगार, निवेश और विकास के नए अवसर भी पैदा होंगे। श्रीमती राजे ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को भी इस अवसर पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से राजस्थान विकास की नई ऊंचाइयों की ओर आगे बढ़ रहा है।
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राजस्थान न्यूज़: बालोतरा/जोधपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को राजस्थान दौरे पर रहे। जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन के उद्घाटन और ‘उड़ान 2.0’ की शुरुआत के बाद वे दोपहर करीब 12 बजे बालोतरा के पचपदरा पहुंचे। यहां प्रधानमंत्री ने देश की आधुनिक रिफाइनरी के कंट्रोल रूम का अवलोकन किया और विशेषज्ञों से बातचीत की। इसके बाद उन्होंने पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन किया और जयपुर मेट्रो फेज-2 की वर्चुअल आधारशिला भी रखी। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिफाइनरी के टैंकर्स को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे। मंच पर पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री ने हाथ जोड़कर उपस्थित जनसमूह का अभिवादन किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री को शॉल ओढ़ाकर और झरोखा भेंट कर स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि गर्मी के मौसम में इतनी बड़ी संख्या में लोगों का जुटना यह दिखाता है कि भाजपा सरकार के प्रयासों पर जनता का विश्वास कितना मजबूत है। उन्होंने कहा कि वे राजस्थान की माटी के ऋणी हैं। आज राजस्थान की धरती से भारत ने विकसित और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकारें परियोजनाओं का शिलान्यास कर उन्हें अधूरा नहीं छोड़तीं, बल्कि उन्हें पूरा करने के लिए दिन-रात काम करती हैं। उन्होंने कहा कि पचपदरा रिफाइनरी इसका प्रमाण है। दो महीने पहले रिफाइनरी में हादसा हुआ, लेकिन इसके बावजूद तेजी से कार्य पूरा किया गया। यह कठिन परिश्रम और संकल्प का परिणाम है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि चुनौती कितनी भी बड़ी क्यों न हो, नया भारत अपने संकल्पों से पीछे नहीं हटता और अपनी रफ्तार कम नहीं करता। उन्होंने कहा कि पश्चिमी एशिया में हुए युद्ध के कारण 21वीं सदी का बड़ा ऊर्जा संकट पैदा हुआ, लेकिन भारत ने दृढ़ इच्छाशक्ति और बेहतर प्रबंधन से इस चुनौती का सामना किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि युद्ध के समय भारत की दूसरे देशों से मित्रता और कूटनीति बहुत काम आई। पहले भारत 25-26 देशों से ईंधन खरीदता था, लेकिन संकट के समय यह संख्या 40 देशों तक पहुंच गई। उन्होंने कहा कि युद्ध के समय भारत की डिप्लोमेसी का प्रभाव दुनिया ने देखा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अप्रैल से जून के बीच पेट्रोल-डीजल से ही कंपनियों को करीब 75 हजार करोड़ रुपये का घाटा हुआ। यह राशि इतनी बड़ी थी कि इससे एक नई रिफाइनरी बन सकती थी। उन्होंने कहा कि यह घाटा सरकारी खजाने से वहन किया गया, ताकि आमजन पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। उन्होंने कहा कि युद्धजनित परिस्थितियों के कारण घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 2 हजार रुपये तक जा सकती थी, लेकिन सरकार ने बेहतर प्रबंधन किया। इसी का परिणाम है कि सिलेंडर करीब 950 रुपये के आसपास उपलब्ध हो रहा है। प्रधानमंत्री ने राजस्थान में जल संकट का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान लंबे समय से जल संकट का सामना करता रहा है, लेकिन कांग्रेस ने इस समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा क्षेत्रवाद और बंटवारे की राजनीति नहीं करती, बल्कि राष्ट्र प्रथम की भावना से काम करती है। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी सुबह करीब 10:40 बजे जोधपुर पहुंचे थे। उन्होंने जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया और टर्मिनल का अवलोकन किया। इस दौरान उन्हें ‘उड़ान 2.0’ का प्रजेंटेशन भी दिखाया गया। पचपदरा रिफाइनरी के उद्घाटन को राजस्थान के औद्योगिक विकास, ऊर्जा सुरक्षा और रोजगार सृजन की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। वहीं जयपुर मेट्रो फेज-2 की आधारशिला से राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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उदयपुर न्यूज़: अजमेर के बोर्ड ऑफिस की गली स्थित ओला शोरूम पर गुरुवार को ग्राहकों ने जमकर हंगामा किया और विरोध प्रदर्शन करते हुए जल्द समाधान की मांग की। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्राहकों, विशेषकर महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनकी इलेक्ट्रिक स्कूटी खराब होने के बाद सात महीने पहले सर्विस के लिए जमा कराई गई थी, लेकिन आज तक वाहन वापस नहीं मिला। उनका कहना है कि वे लगातार शोरूम के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन दिया जाता है। फोन करने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। प्रदर्शन के दौरान एक युवक ने आरोप लगाया कि उसके स्कूटर का स्टार्ट बटन बार-बार खराब हो जाता है। शिकायत करने पर केवल बटन बदल दिया जाता है, लेकिन मूल समस्या बनी रहती है। ग्राहकों का कहना है कि उन्होंने कंपनी के उच्च अधिकारियों से भी संपर्क किया, लेकिन वहां से भी कोई ठोस समाधान नहीं मिला। इससे नाराज ग्राहकों ने शोरूम के बाहर प्रदर्शन कर प्रबंधन के रवैये पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
Read more 2nd Jul 2026
अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
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अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी मामले को लेकर बड़ा बयान दिया है। गहलोत ने इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने मौजूदा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग कर नया ट्रस्ट बनाने की भी मांग उठाई है। दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान अशोक गहलोत ने कहा कि चढ़ावा चोरी जैसा मामला अत्यंत गंभीर है और इससे श्रद्धालुओं की आस्था प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एसआईटी जांच कराई जानी चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सुझाव देते हुए कहा कि वे नया ट्रस्ट बनाएं और स्वयं उसके अध्यक्ष बनें। उन्होंने कहा कि पहले जांच पूरी होनी चाहिए और इसके बाद नया ट्रस्ट गठित किया जाना चाहिए, जिसमें सभी वर्गों और विचारधाराओं के लोगों को शामिल किया जाए। पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने आरोप लगाया कि वर्तमान ट्रस्ट में मुख्य रूप से आरएसएस और भाजपा से जुड़े लोगों को स्थान दिया गया, जबकि व्यापक प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि पीवी नरसिम्हा राव के समय की तरह सभी विचारधाराओं के लोगों को साथ लेकर ट्रस्ट बनाया जाता, तो आज ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती। पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि राम मंदिर देश के करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, इसलिए इससे जुड़े प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या वित्तीय अनियमितता की आशंका को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई जानी चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राम मंदिर निर्माण में इस्तेमाल हुए पत्थरों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण के दौरान भरतपुर के बंशी पहाड़पुर क्षेत्र से अवैध खनन के जरिए पत्थर ले जाए गए। उन्होंने कहा कि उस समय भी अवैध खनन को लेकर सवाल उठे थे, लेकिन उन पर पर्याप्त गंभीरता से कार्रवाई नहीं की गई। पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि राम मंदिर के नाम पर देशभर के लोगों ने श्रद्धा से दान दिया है। ऐसे में दान, चढ़ावे और ट्रस्ट के कामकाज से जुड़े हर पहलू की पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल वित्तीय अनियमितता का नहीं, बल्कि जनआस्था और विश्वास से जुड़ा हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने मांग की कि मौजूदा ट्रस्ट को तत्काल भंग किया जाए, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराई जाए और जांच पूरी होने के बाद नया, व्यापक और सर्वसमावेशी ट्रस्ट बनाया जाए। उन्होंने कहा कि नए ट्रस्ट में सभी समाजों, विचारधाराओं और योग्य व्यक्तियों को स्थान दिया जाना चाहिए, ताकि मंदिर प्रबंधन पर लोगों का विश्वास बना रहे।
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राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलात मंत्री निर्मला सीतारमण से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों और केंद्र-राज्य समन्वय के मुद्दों पर सार्थक एवं सकारात्मक चर्चा हुई। भेंट के दौरान राजस्थान में विकास परियोजनाओं, आर्थिक प्रगति, वित्तीय सहयोग और केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार से मिल रहे सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान को विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य के साथ राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से विकास कार्यों को गति मिलेगी और आमजन को योजनाओं का अधिक प्रभावी लाभ मिलेगा। इस मुलाकात को प्रदेश के विकास, वित्तीय प्रबंधन और केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य सरकार केंद्र के सहयोग से बुनियादी ढांचे, निवेश, रोजगार और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को और गति देने पर जोर दे रही है।
Read more 7th Jul 2026
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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