राजस्थान न्यूज़: जयपुर। अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा रविवार दोपहर जयपुर पहुंचीं। हाल ही में गोविंदा से तलाक की अर्जी वापस लेने को लेकर चर्चा में रहीं सुनीता अब धार्मिक यात्रा पर हैं। वे सोमवार को खाटूश्यामजी मंदिर पहुंचकर बाबा श्याम के दर्शन करेंगी। सुनीता इंदौर से जयपुर पहुंचीं। एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के लिए राजस्थान में उनके कार्यक्रम और व्यवस्थाएं देखने वाले मैनेजर सौरभ प्रजापत मौजूद रहे। एयरपोर्ट से बाहर निकलने के बाद सुनीता सीधे अपने होटल के लिए रवाना हो गईं। खाटूश्यामजी से पुराना जुड़ाव सुनीता आहूजा का खाटूश्यामजी मंदिर से पहले भी जुड़ाव रहा है। बताया जा रहा है कि अभिनेता गोविंदा के पैर में गोली लगने की घटना वाले दिन भी वे बाबा श्याम के दर्शन के लिए खाटूश्यामजी आई हुई थीं। अब एक बार फिर वे खाटूश्यामजी के दरबार में हाजिरी लगाने जा रही हैं। सोमवार को उनके मंदिर पहुंचने का कार्यक्रम है। तलाक की अर्जी वापस लेने के बाद धार्मिक यात्रा सुनीता आहूजा पिछले कुछ समय से अपने निजी जीवन को लेकर लगातार सुर्खियों में रही हैं। गोविंदा से वैवाहिक विवाद और तलाक की अर्जी को लेकर चर्चाओं के बाद हाल ही में अर्जी वापस लेने की खबर सामने आई थी। इसी घटनाक्रम के बाद उनका जयपुर और खाटूश्यामजी का यह दौरा चर्चा में है। हालांकि सुनीता ने जयपुर पहुंचने पर अपने निजी जीवन को लेकर विस्तार से कोई बयान नहीं दिया।
Read more 23rd Aug 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। जयपुर पुलिस ने नकली नोटों के अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा करते हुए 4 लाख 30 हजार 500 रुपए की फेक करेंसी बरामद की है। बजाज नगर थाना पुलिस और CST की संयुक्त कार्रवाई में शुक्रवार देर रात चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने नकली नोटों के परिवहन में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो और फॉर्च्यूनर भी जब्त की हैं।पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, सप्लाई चैन और नकली नोटों के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच कर रही है। 500-500 रुपए के 861 नकली नोट बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 500-500 रुपए के कुल 861नकली नोट बरामद किए। इनकी कुल राशि 4 लाख 30 हजार 500 रुपए है।गिरफ्तार आरोपियों में अंशुल (24) निवासी राजीव कॉलोनी, रोहतक हरियाणा, साहिल चौधरी (24) निवासी रामसीसर सीकर, प्रियांशु (21) निवासी करौइया, रोहतक हरियाणा और आकाश (26) निवासी काहनौर, रोहतक हरियाणा शामिल हैं। ढाका से कोलकाता, फिर हरियाणा होते हुए जयपुर पहुंचने का दावा पुलिस की शुरुआती पूछताछ में नकली करेंसी नेटवर्क का अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन सामने आने का दावा किया गया है।पुलिस के अनुसार नकली नोट कथित तौर पर ढाका, बांग्लादेश में प्रिंट किए जाते थे, जहां से तस्करी के जरिए भारत लाए जाते थे। इसके बाद खेप कोलकाता पहुंचती थी, फिर हरियाणा और वहां से जयपुर लाई जाती थी। इस सप्लाई चैन की पुलिस अब गहराई से जांच कर रही है।अमन राणा को बताया नेटवर्क की अहम कड़ीपुलिस के मुताबिक इस नेटवर्क में अमन राणा, निवासी रोहतक हरियाणा, अहम भूमिका निभा रहा है। जांच एजेंसी का दावा है कि वह फिलहाल कोलकाता में रहकर नकली नोटों के नेटवर्क को संचालित कर रहा है। पुलिस ने उसकी और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश शुरू कर दी है। एक लाख असली के बदले पांच लाख नकली का सौदा स्पेशल कमिश्नर (ऑपरेशन) ओमप्रकाश के अनुसार, आरोपियों का नेटवर्क कथित तौर पर 1 लाख रुपए के असली नोटों के बदले 5 लाख रुपए की नकली करेंसी उपलब्ध कराता था। जांच में यह भी सामने आया है कि पकड़ी गई खेप को जयपुर में कथित तौर पर टेस्ट के रूप में भेजा गया था। चुनावों से पहले बड़ी खेप खपाने की आशंका पुलिस को आशंका है कि आगामी चुनावों के दौरान जयपुर में नकली करेंसी की बड़ी खेप खपाने की तैयारी की जा रही थी। हालांकि इस एंगल की अभी जांच जारी है।पुलिस बैंकिंग, मोबाइल और यात्रा संबंधी रिकॉर्ड के जरिए आरोपियों के संपर्कों और नकली नोटों के अंतिम खरीदारों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। दो लग्जरी वाहन भी जब्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक स्कॉर्पियो और एक फॉर्च्यूनर भी जब्त की। पुलिस जांच कर रही है कि इन वाहनों का इस्तेमाल कितनी बार नकली नोटों की सप्लाई में किया गया और इनके जरिए किन-किन शहरों तक खेप पहुंचाई गई
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग की केंद्र सरकार की नीति और चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। गहलोत ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की अदूरदर्शिता और बिना पर्याप्त तैयारी के लिए गए फैसलों का आर्थिक बोझ आम जनता पर पड़ रहा है।गहलोत ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर जारी बयान में कहा कि गन्ने का बड़ा हिस्सा अब चीनी उत्पादन के बजाय एथेनॉल निर्माण की ओर डायवर्ट किया जा रहा है। उनके अनुसार इससे खुले बाजार में चीनी की उपलब्धता प्रभावित हुई है और कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। गहलोत का दावा- 15 दिन में 14 से 17 रुपए किलो बढ़ी चीनी पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि महज 15 दिनों के भीतर चीनी के दाम 14 से 17 रुपए प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। उन्होंने इसे सीधे आम परिवारों की रसोई और घरेलू बजट से जुड़ा मुद्दा बताया।गहलोत का कहना है कि यदि गन्ने का बड़ा हिस्सा एथेनॉल उत्पादन में चला जाएगा तो चीनी उत्पादन पर दबाव बनना स्वाभाविक है। उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किया कि ऐसी नीतियों को लागू करने से पहले बाजार में चीनी की उपलब्धता और उपभोक्ताओं पर संभावित असर का पर्याप्त आकलन क्यों नहीं किया गया। वाहन चालकों की जेब का भी उठाया मुद्दा गहलोत ने केवल चीनी की महंगाई तक अपनी आपत्ति सीमित नहीं रखी, बल्कि पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग से वाहन चालकों पर पड़ने वाले असर को भी मुद्दा बनाया।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीति का असर एक ओर खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर दिख रहा है, वहीं दूसरी ओर वाहन मालिकों को भी इसके आर्थिक प्रभाव का सामना करना पड़ सकता है।हालांकि एथेनॉल ब्लेंडिंग को केंद्र सरकार लंबे समय से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने, वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने और किसानों के लिए अतिरिक्त बाजार तैयार करने की नीति के रूप में पेश करती रही है। ऐसे में गहलोत के आरोपों के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। राजस्थान की राजनीति में बढ़ी हलचल अशोक गहलोत का बयान ऐसे समय सामने आया है जब महंगाई और आम उपभोक्ता पर बढ़ते खर्च को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार को घेर रहा है।गहलोत ने चीनी की कीमतों और एथेनॉल नीति को एक-दूसरे से जोड़ते हुए इसे सीधे आम आदमी की जेब का मुद्दा बनाया है।
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अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
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अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
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अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
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राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार शाम दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पहुंचे और पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम के पदाधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान संगठन की आगामी रणनीति, जनता से जुड़ाव और पार्टी को और मजबूत करने से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बैठक की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि पार्टी के साथियों के साथ बैठक अच्छी रही और ऐसी बैठकें संगठन को मजबूत करने तथा जनता से जुड़ाव पर गहन विचार-विमर्श का मंच होती हैं। 17 अगस्त को घोषित हुई थी नई टीम भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा 17 अगस्त को की गई थी। 65 सदस्यीय टीम में कई नए और पुराने चेहरों को जिम्मेदारी दी गई है।नई टीम में राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव बनाकर संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। संगठन और जनसंपर्क पर फोकस प्रधानमंत्री मोदी की नई टीम के साथ हुई मुलाकात को संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा का फोकस आने वाले समय में संगठन के विस्तार, युवाओं से संवाद और केंद्र सरकार की योजनाओं को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर रहेगा।नई राष्ट्रीय टीम के गठन के बाद पीएम मोदी के साथ यह मुलाकात पार्टी की आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक दिशा के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
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राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने अब Gen-Z यानी 14 से 25 साल के युवाओं से सीधे जुड़ने की रणनीति बनाई है। पार्टी जल्द ही देशभर में ‘युवा संवाद’ नाम से विशेष आउटरीच प्रोग्राम शुरू करेगी। इसके जरिए युवा मतदाताओं की सोच, समस्याओं, अपेक्षाओं और भविष्य को लेकर उनकी प्राथमिकताओं को समझने की कोशिश की जाएगी। इस अभियान के लिए भाजपा ने एक विशेष टीम बनाई है, जिसमें पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी, विनोद तावड़े, गुजरात के मंत्री हर्ष सांघवी और छत्तीसगढ़ के मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित कई वरिष्ठ और युवा नेता शामिल हैं। 14 से 25 साल के युवाओं से होगा सीधा संवाद ‘युवा संवाद’ अभियान के तहत भाजपा का फोकस उन युवाओं पर रहेगा जो पहली बार वोटर बनने जा रहे हैं या हाल के वर्षों में चुनावी प्रक्रिया से जुड़े हैं।पार्टी इस कार्यक्रम के जरिए युवाओं से शिक्षा, रोजगार, स्टार्टअप, तकनीक, डिजिटल अवसर, कौशल विकास, सामाजिक मुद्दों और भविष्य की आर्थिक संभावनाओं पर सीधे संवाद करेगी। संगठन का उद्देश्य यह समझना भी होगा कि युवा पीढ़ी राजनीतिक दलों और सरकार से किस तरह की अपेक्षाएं रखती है। 65 सदस्यीय नई राष्ट्रीय टीम की पहली बैठक दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में शनिवार को नितिन नवीन की अध्यक्षता में पार्टी की नई 65 सदस्यीय राष्ट्रीय टीम की पहली बैठक हुई। इस बैठक में संगठनात्मक रणनीति, युवा आउटरीच, वंदे मातरम और पार्टी के देशव्यापी अभियानों पर चर्चा की गई। नितिन नवीन ने भाजपा अध्यक्ष बनने के 209 दिन बाद 17 अगस्त को नई टीम की घोषणा की थी। टीम में 51 नए चेहरे, 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और 8 राष्ट्रीय महासचिव शामिल हैं। अगले साल चुनाव वाले राज्यों को भी मिला प्रतिनिधित्व नई राष्ट्रीय टीम में अगले वर्ष चुनाव वाले चार राज्यों के 18 नेताओं को जगह दी गई है। इनमें उत्तर प्रदेश से 8, उत्तराखंड से 4, गुजरात से 4 और पंजाब से 2 नेता शामिल हैं। पार्टी की रणनीति में इन राज्यों के चुनावी और सामाजिक समीकरणों को भी अहम माना जा रहा है। स्मृति ईरानी और राम माधव की वापसी नई राष्ट्रीय टीम में स्मृति ईरानी और राम माधव की वापसी भी चर्चा का विषय रही। वहीं वसुंधरा राजे, बैजयंत पांडा और तीरथ सिंह रावत जैसे अनुभवी नेताओं को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं। पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष और बी.एल. संतोष को संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी पर बरकरार रखा गया है। वहीं भाजपा आईटी सेल की जिम्मेदारी अमित मालवीय की जगह दीपक म्हास्के को दी गई है। वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस के खिलाफ प्रस्ताव बैठक में कांग्रेस वर्किंग कमेटी के उस फैसले की आलोचना करते हुए प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें कांग्रेस के कार्यक्रमों में वंदे मातरम के शुरुआती दो छंद गाने का निर्णय लिया गया था।भाजपा ने कहा कि छह छंदों वाला पूरा वंदे मातरम भारत की राष्ट्रीय चेतना और स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत का प्रतीक है। पार्टी ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय गीत के सम्मान से राजनीतिक सुविधा, तुष्टीकरण या वोट-बैंक की राजनीति के लिए समझौता नहीं किया जा सकता। देशभर में चलेगा वंदे मातरम अभियान बैठक में एक और प्रस्ताव पारित कर वंदे मातरम के इतिहास और गौरवशाली विरासत को देश के हर हिस्से तक पहुंचाने के लिए अभियान चलाने का फैसला किया गया। भाजपा इस अभियान को संगठनात्मक कार्यक्रमों और सार्वजनिक आयोजनों के जरिए आगे बढ़ाएगी। ‘Modi@25’ अभियान पर भी चर्चा बैठक में भाजपा के देशव्यापी ‘Modi@25’ अभियान पर भी चर्चा हुई। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चलाया जा रहा है। नई राष्ट्रीय टीम संगठन के आगामी राजनीतिक और जनसंपर्क अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाएगी।
Read more 22nd Aug 2026
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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