राजस्थान न्यूज़: जयपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद मदन राठौड़ से वरिष्ठ पत्रकार श्याम सुंदर शर्मा ने 27 जुलाई को भाजपा प्रदेश कार्यालय में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों के बीच संगठन, जनहितकारी योजनाओं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की उपलब्धियों को लेकर चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और जनकल्याण के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित अभियान ‘12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के’ के तहत प्रकाशित पुस्तिकाए वरिष्ठ पत्रकार श्याम सुंदर शर्मा को भेंट की। इन पुस्तिकाओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हुए विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं, सुशासन के प्रयासों और विभिन्न क्षेत्रों में प्राप्त उपलब्धियों का उल्लेख किया गया है। भाजपा की ओर से इस अभियान के माध्यम से केंद्र सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को आमजन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। मदन राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने सेवा, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों में गरीब, किसान, युवा, महिला और वंचित वर्गों को केंद्र में रखकर अनेक योजनाएं संचालित की गईं, जिनका लाभ करोड़ों लोगों तक पहुंचा है। वरिष्ठ पत्रकार श्यामसुंदर शर्मा ने पुस्तिका प्राप्त करते हुए अभियान और विकास यात्रा से जुड़े प्रयासों की जानकारी ली। भाजपा प्रदेश कार्यालय में हुई इस मुलाकात को संगठन की उपलब्धियों और जनहितकारी कार्यों को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Read more 28th Jun 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान में प्रसूताओं की मौत के मामले के बाद ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बनाने वाली संबंधित कंपनी का लाइसेंस रद्द कर दिया है। बताया जा रहा है कि राजस्थान में प्रसूताओं की मौत के पीछे इसी इंजेक्शन के उपयोग को संभावित कारणों में माना जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO ने भी भारत सरकार से रिपोर्ट मांगी है। WHO ने यह जानकारी मांगी है कि इस तरह का मामला केवल किसी एक क्षेत्र तक सीमित है या देश में अन्य जगहों पर भी ऐसी स्थिति सामने आई है। इसके साथ ही संगठन ने इस पूरे मामले के कारणों और जांच की स्थिति को लेकर भी जानकारी मांगी है। कोटा की घटना के बाद हुई जांच राजस्थान के कोटा में प्रसूताओं की मौत की घटना के बाद राजस्थान ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट ने अस्पताल में उपलब्ध दवाइयों, इंजेक्शन और सर्जिकल आइटम की जांच की थी। जांच के दौरान मैसर्स जैक्सन लेबोरेट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, अमृतसर, पंजाब के इंजेक्शन TOCIN यानी ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन 5 एमएल का सैंपल जांच में फेल पाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, इंजेक्शन में ऑक्सीटोसिन कंपोनेंट पर्याप्त मात्रा में नहीं मिला। यह तथ्य सामने आने के बाद दवा की गुणवत्ता और इसके उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इसी आधार पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए लाइसेंस रद्द कर दिया है। कोटा में 5 प्रसूताओं की हुई थी मौत जानकारी के अनुसार, कोटा में प्रसूताओं को इसी कंपनी के 1 एमएल मात्रा वाले ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन लगाए गए थे। इसके बाद 5 प्रसूताओं की मौत का मामला सामने आया। घटना के बाद चिकित्सा विभाग और ड्रग कंट्रोल विभाग हरकत में आए और अस्पताल में उपयोग की गई दवाओं तथा इंजेक्शनों की जांच शुरू की गई।जांच रिपोर्ट में ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का सैंपल फेल होने के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है। अब यह जांच की जा रही है कि इंजेक्शन की गुणवत्ता में कमी किस स्तर पर हुई और क्या इसी कारण प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ी थी। WHO ने भारत सरकार से मांगी रिपोर्ट इस मामले में WHO की ओर से भारत सरकार से रिपोर्ट मांगना इसकी गंभीरता को दर्शाता है। WHO ने पूछा है कि क्या यह मामला केवल राजस्थान के कोटा क्षेत्र तक सीमित है या अन्य राज्यों और क्षेत्रों में भी इसी तरह के इंजेक्शन का उपयोग हुआ है। इसके अलावा WHO ने यह भी जानकारी मांगी है कि इसके पीछे वास्तविक कारण क्या हैं और सरकार ने अब तक क्या कार्रवाई की है। मामले में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, राज्य सरकार और संबंधित जांच एजेंसियां रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। दवा निर्माण, सप्लाई चैन, अस्पताल स्तर पर उपयोग और गुणवत्ता जांच से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। दवा गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का उपयोग आमतौर पर प्रसव से जुड़े चिकित्सकीय मामलों में किया जाता है। ऐसे में इंजेक्शन की गुणवत्ता में कमी मिलना बेहद गंभीर माना जा रहा है। यदि दवा में निर्धारित मात्रा में सक्रिय तत्व मौजूद नहीं हो, तो उपचार प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और मरीजों की सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो सकता है। कंपनी का लाइसेंस रद्द होने के बाद अब यह भी देखा जाएगा कि इस बैच की दवा किन-किन स्थानों पर सप्लाई की गई थी। स्वास्थ्य विभाग ऐसी दवाओं को चिन्हित कर बाजार और अस्पतालों से हटाने की कार्रवाई भी कर सकता है। जिम्मेदारी तय करने की मांग कोटा में प्रसूताओं की मौत के बाद परिजनों और आमजन में नाराजगी है। अब जांच रिपोर्ट और लाइसेंस रद्द होने के बाद इस मामले में जिम्मेदारी तय करने की मांग और तेज हो सकती है। सवाल यह भी उठ रहा है कि गुणवत्ता जांच में फेल इंजेक्शन अस्पतालों तक कैसे पहुंचे और इन्हें उपयोग से पहले क्यों नहीं रोका गया।फिलहाल केंद्र और राज्य स्तर पर मामले की जांच जारी है। संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ दवा आपूर्ति व्यवस्था और गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र की भी समीक्षा की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रसूताओं की मौत में इंजेक्शन की गुणवत्ता की भूमिका कितनी थी।
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान रिफाइनरी प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश में एचपीसीएल द्वारा 304 नए पेट्रोल पंप खोले जाएंगे। इसके लिए राज्यभर में स्थान चिह्नित कर लिए गए हैं। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शनिवार को सचिवालय में एचपीसीएल और एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड यानी एचआरआरएल के अधिकारियों के साथ बैठक कर इस संबंध में प्रगति की समीक्षा की। राजस्थान रिफाइनरी को प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट माना जा रहा है। करीब 80 हजार करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट से राज्य में नए निवेश, उद्योग और रोजगार संवर्धन को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसी कड़ी में एचपीसीएल प्रदेश में नए रिटेल आउटलेट्स स्थापित करेगा, जिन पर लगभग 400 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। 31 जुलाई तक तैयार होगी नई नीति बैठक में निर्णय लिया गया कि 31 जुलाई तक इस संबंध में नई नीति तैयार की जाएगी। इस नीति के तहत राज्य सरकार सरकारी भूमि एचपीसीएल को लीज पर उपलब्ध कराएगी, ताकि नए पेट्रोल पंप स्थापित किए जा सकें। इससे प्रदेश के विभिन्न जिलों में ईंधन आपूर्ति नेटवर्क मजबूत होगा और आमजन को बेहतर सुविधा मिल सकेगी। सरकार और एचपीसीएल के बीच समन्वय के साथ नए रिटेल आउटलेट्स की स्थापना को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि भूमि, नीति और आवश्यक अनुमतियों से जुड़ी प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। सरकारी खरीद में प्रेफरेंशियल सप्लायर का दर्जा देने का अनुरोध बैठक में एचपीसीएल और एचआरआरएल ने राज्य सरकार से अनुरोध किया कि आरटीपीपी अधिनियम के तहत सरकारी विभागों द्वारा ईंधन खरीद में उन्हें प्रेफरेंशियल सप्लायर का दर्जा दिया जाए। इसका उद्देश्य राजस्थान में स्थित एचआरआरएल रिफाइनरी की उत्पादन क्षमता का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है। राज्य सरकार ने एचपीसीएल और एचआरआरएल के साथ मिलकर इन पहलों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। अधिकारियों ने कहा कि रिफाइनरी और उससे जुड़े निवेश से प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद हाइब्रिड मोड पर हुई इस बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव खान अपर्णा अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह भास्कर ए. सावंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव उच्च शिक्षा कुलदीप रांका, अतिरिक्त मुख्य सचिव यूडीएच आलोक गुप्ता, प्रमुख सचिव वित्त वैभव गलारिया, प्रमुख सचिव राजस्व टी. रविकांत और एचपीसीएल के विपणन निदेशक अमित गर्ग सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में नए पेट्रोल पंपों की स्थापना, सरकारी भूमि की उपलब्धता, नीति निर्माण, एचआरआरएल की क्षमता के उपयोग और रिफाइनरी से जुड़े आगामी कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई। रिफाइनरी उद्घाटन को राज्यव्यापी आयोजन बनाने की तैयारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 4 जुलाई को प्रस्तावित पचपदरा रिफाइनरी उद्घाटन कार्यक्रम को राज्यव्यापी आयोजन बनाने की तैयारी भी तेज हो गई है। पचपदरा में भले ही बड़ी सभा नहीं होगी, लेकिन राज्य सरकार प्रदेश के हर जिले के लोगों को इस कार्यक्रम से जोड़ने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक में निर्देश दिए थे कि कार्यक्रम का सीधा प्रसारण ग्राम पंचायतों, नगरपालिकाओं और जिला मुख्यालयों पर दिखाने की व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाएं। सरकार का प्रयास है कि राज्य के लाखों लोग इस ऐतिहासिक कार्यक्रम से सीधे जुड़ सकें। देश की पहली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स मुख्यमंत्री ने कहा था कि देश की पहली ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स की शुरुआत राजस्थान के लिए गर्व का क्षण है। अधिकारियों ने उद्घाटन कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री को प्रेजेंटेशन भी दिया था। राजस्थान रिफाइनरी के शुरू होने से प्रदेश में पेट्रोकेमिकल उद्योग, परिवहन, रोजगार, निवेश और सहायक उद्योगों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। नए पेट्रोल पंपों की स्थापना भी इसी व्यापक आर्थिक और औद्योगिक विस्तार का हिस्सा मानी जा रही है।
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राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 135वें एपिसोड में भारत की रक्षा क्षमता, स्वदेशी विमान निर्माण, योग, समाजसेवा, खेल और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई प्रेरक उदाहरणों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि समुद्र से लेकर आसमान तक भारत सुरक्षित है। प्रधानमंत्री ने हाल में सफलतापूर्वक परीक्षण की गई जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का जिक्र करते हुए देश की बढ़ती रक्षा शक्ति को आत्मनिर्भर भारत की उपलब्धि बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जून महीने में देश ने विमानन क्षेत्र में भी एक बड़ी सफलता हासिल की है। मेड इन इंडिया अभियान के तहत तैयार C-295 विमान ने अपनी पहली सफल उड़ान पूरी कर ली है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ऐसे 40 विमान भारत में ही बनाए जा रहे हैं। यह उपलब्धि भारत की स्वदेशी निर्माण क्षमता और रक्षा उत्पादन में बढ़ती आत्मनिर्भरता को दर्शाती है। नौसेना में शामिल स्वदेशी जहाजों का किया उल्लेख प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल ही में उन्हें कोलकाता में नौसेना से जुड़े एक कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला। वहां INS दूनागिरी, INS संशोधक और INS अग्रय को भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि इन जहाजों की डिजाइन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक सब कुछ स्वदेशी है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत आज रक्षा क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। स्वदेशी तकनीक, भारतीय इंजीनियरिंग और देश के युवाओं की प्रतिभा के दम पर भारत समुद्र, जमीन और आसमान में अपनी सुरक्षा क्षमता को लगातार मजबूत कर रहा है। योगासन चैम्पियनशिप में भारत ने जीते 114 पदक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से जुड़े कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस बार दुनिया के 2500 से अधिक स्थानों पर योग के कार्यक्रम आयोजित हुए। अहमदाबाद में आयोजित ‘विश्व योगासन चैम्पियनशिप’ की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने इसमें शानदार प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत ने इस चैम्पियनशिप में कुल 114 पदक जीते, जिनमें 102 गोल्ड मेडल शामिल हैं। इस प्रदर्शन के साथ भारत पदक तालिका में पहले स्थान पर रहा। उन्होंने कहा कि योग अब केवल स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान और वैश्विक योगदान का प्रतीक बन चुका है। महाराष्ट्र के पेठकर परिवार की सराहना ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री मोदी ने महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले के बहादुरपुरा गांव के पेठकर परिवार का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस परिवार ने घर में विवाह के अवसर पर अपने गांव के लगभग साढ़े तीन हजार लोगों के लिए दुर्घटना बीमा की व्यवस्था की। हर व्यक्ति को एक लाख रुपए का बीमा कवर दिया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सामाजिक अवसरों को समाजहित से जोड़ने की यह पहल प्रेरणादायक है। ऐसे उदाहरण दिखाते हैं कि समाज में सकारात्मक सोच और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना कैसे बड़े बदलाव ला सकती है। नगालैंड की बेबी लीग और विमेन फुटसल लीग को बताया प्रेरक प्रधानमंत्री मोदी ने नगालैंड में चल रही दो खेल लीगों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये सभी को प्रेरित कर सकती हैं। उन्होंने नगालैंड बेबी लीग का जिक्र किया, जिसमें 5 से 12 वर्ष तक के बच्चे भाग लेते हैं। यह लीग बच्चों की रफ्तार, प्रतिभा और खेल भावना को प्रोत्साहित करती है और तीन वर्ष पूरे कर चुकी है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने नगालैंड विमेन फुटसल लीग की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि फुटसल को आम भाषा में इंडोर फुटबॉल कहा जाता है। इसमें पांच खिलाड़ी होते हैं और खेल छोटे मैदान पर तेज गति से खेला जाता है। इस खेल में खिलाड़ियों को तेजी से निर्णय लेने होते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी लीगों से युवाओं और महिलाओं में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलता है।असम के हरगिला पक्षी और ‘हरगिला आर्मी’ की कहानी प्रधानमंत्री मोदी ने असम के दुर्लभ पक्षी ‘हरगिला’ का जिक्र करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हरगिला प्रकृति को स्वच्छ रखने में अहम भूमिका निभाता है, लेकिन असम के कुछ इलाकों में लंबे समय तक इसे अशुभ माना जाता था। लोग इसे अपने आसपास देखना पसंद नहीं करते थे और कई बार उन पेड़ों को भी काट दिया जाता था, जिन पर हरगिला के घोंसले होते थे। प्रधानमंत्री ने जीव-विज्ञानी पूर्णिमा देवी बर्मन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पूर्णिमा देवी ने लोगों के मन में बैठी गलत धारणा को बदलने का संकल्प लिया। उन्होंने महिलाओं और ग्रामीणों को विज्ञान के आधार पर समझाया। धीरे-धीरे महिलाएं इस अभियान से जुड़ती गईं और एक बड़ा बदलाव शुरू हुआ। पीएम मोदी ने कहा कि जिस पक्षी को कभी अशुभ मानकर भगाया जाता था, वही गांवों की पहचान बनने लगा। हजारों ग्रामीण महिलाएं हरगिला को बचाने के लिए आगे आईं और आज वे ‘हरगिला आर्मी’ के नाम से जानी जाती हैं। उन्होंने कहा कि यह उदाहरण दिखाता है कि सही जानकारी और जागरूकता से वर्षों पुरानी सोच भी बदली जा सकती है। नालंदा विश्वविद्यालय ने शास्त्रार्थ परंपरा को किया जीवंत प्रधानमंत्री मोदी ने नालंदा विश्वविद्यालय का उल्लेख करते हुए कहा कि इसने शास्त्रार्थ की प्राचीन भारतीय परंपरा को फिर से जीवंत किया है। उन्होंने कहा कि शास्त्रार्थ केवल अपनी बात रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह वाद-संवाद और मंथन की अनुशासित प्रक्रिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि शास्त्रार्थ में तर्क और तथ्य के साथ अपनी बात रखना जरूरी होता है। साथ ही दूसरों के विचारों को धैर्य से सुनने और समझने की सीख भी इसी प्रक्रिया से मिलती है। उन्होंने प्रसन्नता जताई कि नालंदा विश्वविद्यालय ने शास्त्रार्थ को अपने दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनाया। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में कहा कि भारत की शक्ति केवल रक्षा, विज्ञान और तकनीक तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की सकारात्मक पहल, खेल, योग, पर्यावरण संरक्षण और ज्ञान परंपरा भी देश की बड़ी ताकत हैं।
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राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने इंटेलिजेंस ब्यूरो यानी आईबी के स्पेशल डायरेक्टर महेश दीक्षित को देश की आंतरिक खुफिया एजेंसी का नया प्रमुख नियुक्त किया है। वे मौजूदा आईबी डायरेक्टर तपन कुमार डेका का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल 30 जून 2026 को समाप्त हो रहा है। केंद्र सरकार ने महेश दीक्षित को दो वर्ष के लिए आईबी डायरेक्टर नियुक्त किया है। महेश दीक्षित 1993 बैच के आंध्र प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। वे फिलहाल इंटेलिजेंस ब्यूरो में स्पेशल डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थे और एजेंसी के दूसरे सबसे वरिष्ठ अधिकारी माने जाते थे। खुफिया तंत्र, आंतरिक सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियानों में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। जम्मू-कश्मीर में भी संभाल चुके हैं अहम जिम्मेदारी महेश दीक्षित इससे पहले जम्मू-कश्मीर में सब्सिडियरी इंटेलिजेंस ब्यूरो यानी एसआईबी के प्रमुख रह चुके हैं। जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में काम करने के दौरान उन्होंने सुरक्षा, खुफिया समन्वय और आतंकवाद विरोधी अभियानों से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। उन्हें आंतरिक सुरक्षा और खुफिया ऑपरेशन का अनुभवी अधिकारी माना जाता है। आईबी प्रमुख के रूप में महेश दीक्षित के सामने देश की आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद, साइबर चुनौतियों, कट्टरपंथी गतिविधियों, सीमा पार नेटवर्क और संगठित अपराध से जुड़े खुफिया तंत्र को और मजबूत करने की जिम्मेदारी होगी। बदलते सुरक्षा परिदृश्य में आईबी की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती तपन कुमार डेका का कार्यकाल 30 जून को होगा समाप्त मौजूदा आईबी डायरेक्टर तपन कुमार डेका का कार्यकाल 30 जून 2026 को पूरा हो रहा है। डेका 1988 बैच के हिमाचल प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। वे जुलाई 2022 से इंटेलिजेंस ब्यूरो के प्रमुख पद पर कार्यरत थे। केंद्र सरकार ने उनके कार्यकाल को दो बार विस्तार दिया था। तपन कुमार डेका को भी आतंकवाद विरोधी मामलों और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े विषयों का अनुभवी अधिकारी माना जाता है। उनके कार्यकाल के दौरान आईबी ने कई संवेदनशील सुरक्षा मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अब उनके स्थान पर महेश दीक्षित देश की आंतरिक खुफिया एजेंसी की कमान संभालेंगे। आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से अहम नियुक्ति इंटेलिजेंस ब्यूरो देश की प्रमुख आंतरिक खुफिया एजेंसी है। इसकी जिम्मेदारी देश के भीतर सुरक्षा से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखना, आतंकवाद और आंतरिक खतरे से संबंधित इनपुट जुटाना तथा केंद्र और राज्यों की सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय करना है। महेश दीक्षित की नियुक्ति को आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था में निरंतरता और अनुभव के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आईबी में लंबे समय तक कार्य करने और संवेदनशील क्षेत्रों में जिम्मेदारी संभालने के कारण वे एजेंसी की कार्यप्रणाली और सुरक्षा चुनौतियों से भली-भांति परिचित हैं। आने वाले समय में महेश दीक्षित के नेतृत्व में इंटेलिजेंस ब्यूरो की प्राथमिकता आतंरिक सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने, आधुनिक तकनीकी निगरानी क्षमता बढ़ाने और राज्यों के साथ खुफिया समन्वय को अधिक प्रभावी बनाने पर रह सकती है।
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गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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