राजस्थान न्यूज़: जयपुर/जोधपुर | राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन ने वर्ष 2026 के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश की अधिसूचना जारी कर दी है। रजिस्ट्रार (प्रशासन) शिवानी सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ और जयपुर पीठ में 1 जून से 28 जून 2026 तक ग्रीष्मावकाश रहेगा। इस अवधि के दौरान नियमित अदालती कार्यवाही बंद रहेगी तथा अदालतें पुनः 29 जून 2026, सोमवार से नियमित रूप से संचालित होंगी। हालांकि अवकाश अवधि के दौरान आवश्यक और अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई जारी रहेगी। इसके लिए हाईकोर्ट प्रशासन ने जोधपुर मुख्यपीठ और जयपुर पीठ में वेकेशन जजों की नियुक्ति की है, जो अवकाशकाल में जरूरी मामलों की सुनवाई करेंगे। जोधपुर मुख्यपीठ में वेकेशन जजों की व्यवस्था हाईकोर्ट प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार जोधपुर मुख्यपीठ में अलग-अलग अवधि के लिए न्यायाधीशों की ड्यूटी निर्धारित की गई है। एकल पीठ के लिए 1 जून से 5 जून तक न्यायमूर्ति संजीत पुरोहित, 8 जून से 12 जून तक न्यायमूर्ति संदीप शाह, 15 एवं 16 जून तथा 18 एवं 19 जून को न्यायमूर्ति मुकेश राजपुरोहित और 22 जून से 25 जून तक न्यायमूर्ति बलजिंदर सिंह संधू अवकाशकालीन मामलों की सुनवाई करेंगे। ग्रीष्मावकाश के दौरान खंडपीठों के गठन और अन्य आवश्यक न्यायिक व्यवस्थाओं को लेकर भी विस्तृत कार्यक्रम जारी किया गया है, ताकि जरूरी मामलों में न्यायिक प्रक्रिया बाधित न हो। हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि अवकाशकाल में केवल अत्यावश्यक प्रकृति के मामलों पर ही सुनवाई की जाएगी। इसके लिए संबंधित पक्षों और अधिवक्ताओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन प्रस्तुत करना होगा। हर वर्ष की तरह इस बार भी ग्रीष्मावकाश के दौरान हाईकोर्ट में नियमित सुनवाई स्थगित रहेगी, जबकि जरूरी मामलों के लिए विशेष व्यवस्थाएं लागू रहेंगी। अधिवक्ताओं और पक्षकारों को भी अदालतों के अवकाश कार्यक्रम के अनुसार अपनी तैयारी और मामलों की पैरवी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
Read more 23rd May 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर | राजस्थान सरकार ने सार्वजनिक खर्चों में वित्तीय अनुशासन और संसाधनों के कुशल प्रबंधन को लेकर बड़ा कदम उठाया है। वित्त विभाग ने 22 मई 2026 को विस्तृत परिपत्र जारी करते हुए सरकारी विभागों, निगमों, बोर्डों, विश्वविद्यालयों और स्वायत्तशासी संस्थाओं के लिए खर्च नियंत्रण संबंधी नए दिशा-निर्देश लागू किए हैं। सरकार ने ईंधन बचत, सरकारी खर्चों में कटौती, डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा और ऊर्जा संरक्षण पर विशेष जोर दिया है। सरकारी काफिलों में वाहन कम, ई-व्हीकल को बढ़ावा वित्त विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार मुख्यमंत्री कार्यालय ने पहले ही अपने काफिले में वाहनों की संख्या सीमित कर दी है। अब मंत्रियों, निगमों, आयोगों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों को भी न्यूनतम आवश्यक वाहनों का ही उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने चरणबद्ध तरीके से पेट्रोल और डीजल आधारित सरकारी वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने की योजना भी बनाई है। पहले चरण में शहरों के भीतर काम करने वाले अधिकारियों के लिए खरीदे जाने वाले नए वाहन ई-व्हीकल ही होंगे। संविदा वाहनों में भी ई-व्हीकल को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। कार पूलिंग और विदेश यात्राओं पर भी सख्ती सरकार ने एक ही दिशा में जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को कार पूलिंग अपनाने के निर्देश दिए हैं। सरकारी खर्च पर विदेश यात्राओं पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इसके साथ ही राज्यभर में ई-व्हीकल चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए विभागों को समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। सरकारी कार्यक्रम और बैठकों में भी बदले नियम परिपत्र में स्पष्ट किया गया है कि सरकारी विभागों, स्वायत्तशासी संस्थाओं और सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों और समारोहों का आयोजन यथासंभव सरकारी भवनों में ही किया जाए। सरकार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित बैठकों को बढ़ावा देने और अनावश्यक फिजिकल बैठकों को कम करने के निर्देश भी दिए हैं।डिजिटल कार्यप्रणाली पर विशेष जोर वित्त विभाग ने सभी कार्यालयों को ई-ऑफिस और ई-फाइल प्रणाली का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। भौतिक पत्राचार की जगह राज-काज पोर्टल के माध्यम से डिजिटल संचार को प्राथमिकता देने के लिए कहा गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भी ऑनलाइन माध्यम और iGOT कर्मयोगी पोर्टल के उपयोग पर जोर दिया गया है। ऊर्जा बचत और सोलर सिस्टम को बढ़ावा सरकार ने सभी राजकीय भवनों में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। कार्यालय समय के दौरान बिजली उपकरणों के सीमित उपयोग और कार्यालय समय के बाद उन्हें बंद करना अनिवार्य किया गया है। ऊर्जा विभाग को पीएम सूर्यघर योजना के तहत घरेलू सौर ऊर्जा संयंत्रों को प्राथमिकता देने को कहा गया है।
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राजस्थान न्यूज़: सीकर | फेम इंडिया पत्रिका द्वारा देशभर के लगभग 800 जिला कलक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों पर किए गए सर्वे में राजस्थान के छह आईएएस अधिकारियों ने देश के टॉप 100 कलक्टरों में जगह बनाई है। प्रशासनिक क्षमता, प्रभावी गवर्नेंस, नवाचार, जवाबदेह कार्यशैली, संकट प्रबंधन कौशल और जनसंवेदनशीलता जैसे दस प्रमुख मानकों के आधार पर यह रैंकिंग तैयार की गई। फेम इंडिया द्वारा यह सर्वे वर्ष 2011 से लगातार किया जा रहा है। चयन प्रक्रिया में जनता की प्रतिक्रिया, सत्ताधारी और विपक्षी नेताओं के सुझाव, जमीनी सर्वेक्षण और वरिष्ठ नौकरशाहों के मूल्यांकन को भी शामिल किया गया। राजस्थान के 6 कलक्टर टॉप 100 में शामिल फेम इंडिया सर्वे में राजस्थान से जिन अधिकारियों को टॉप 100 में स्थान मिला है, उनमें आईएएस अधिकारी आलोक रंजन, अंकित, अरुण गर्ग, जितेंद्र कुमार सोनी, मुकुल शर्मा और टीना डाबी शामिल हैं। इन अधिकारियों के विभिन्न जिलों में किए गए नवाचार और प्रशासनिक मॉडल पहले भी व्यापक चर्चा का विषय रहे हैं। सीकर के पूर्व कलक्टर मुकुल शर्मा के नवाचार चर्चा में सीकर के तत्कालीन जिला कलक्टर मुकुल शर्मा को उनके कई नवाचारों के लिए विशेष पहचान मिली। डिजिटल साक्षरता अभियान, खाटूश्यामजी में भक्तों के लिए “खाटू मॉडल” के तहत सुगम दर्शन व्यवस्था, नगर परिषद क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान और बिना विवाद सड़क चौड़ीकरण जैसे प्रयासों को व्यापक सराहना मिली। टीना डाबी का जल संचय मॉडल बना पहचान बाड़मेर की जिला कलक्टर रहीं टीना डाबी को जल संरक्षण और महिला सशक्तिकरण अभियानों के लिए पहचान मिली। सरहदी क्षेत्र में उनके “जल संचय मॉडल” को प्रथम पुरस्कार भी मिला। साथ ही बालिका शिक्षा और मिशन सुरक्षा चक्र जैसे अभियानों को भी व्यापक समर्थन मिला। जयपुर के जितेंद्र कुमार सोनी के अभियान रहे चर्चित आईएएस अधिकारी जितेंद्र कुमार सोनी ने अलवर और जयपुर में कई नवाचार लागू किए। “नो बैग डे”, “दिशा”, “चरण पादुका” जैसे अभियानों के साथ जयपुर में आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करना चर्चा में रहा। पर्यटन, स्वरोजगार और शिक्षा पर विशेष फोकस चित्तौड़गढ़ के आलोक रंजन ने पर्यटन विकास, औद्योगिक विस्तार और आईटी आधारित मॉनिटरिंग मॉडल पर काम किया। झुंझुनूं के अरुण गर्ग ने महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और जल संरक्षण अभियानों को गति दी। डूंगरपुर के जिला कलक्टर अंकित ने आदिवासी क्षेत्र में ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः स्कूलों से जोड़ने, स्वास्थ्य सेवाओं और जनकल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सराहना प्राप्त की। देशभर के अधिकारियों की सूची में राजस्थान का प्रभाव फेम इंडिया सर्वे में विभिन्न राज्यों के आईएएस अधिकारियों को शामिल किया गया है। राजस्थान के छह अधिकारियों का चयन प्रदेश के प्रशासनिक मॉडल और नवाचार आधारित गवर्नेंस की बढ़ती पहचान को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे नवाचार न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाते हैं, बल्कि आमजन और प्रशासन के बीच विश्वास भी मजबूत करते हैं।
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अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार रात दिल्ली स्थित सेवा तीर्थ में केंद्रीय मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। करीब साढ़े चार घंटे तक चली इस बैठक में सरकार के कामकाज, विभिन्न मंत्रालयों के प्रदर्शन और आगामी योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि “विकसित भारत 2047” केवल एक नारा नहीं, बल्कि सरकार का लक्ष्य और देश के प्रति एक संकल्प है। उन्होंने मंत्रियों को निर्देश दिए कि सरकारी कामकाज में तेजी लाई जाए और फाइलों के निस्तारण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि शासन व्यवस्था को और अधिक सरल, प्रभावी और जनकेंद्रित बनाया जाना चाहिए। उन्होंने सुधारों पर विशेष ध्यान देने की बात कहते हुए मंत्रियों से कहा कि वे जनता के बीच जाकर केंद्र सरकार के पिछले 12 वर्षों के कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी पहुंचाएं। बैठक में कृषि, वन, श्रम, सड़क परिवहन, विदेश, वाणिज्य और बिजली सहित कई प्रमुख मंत्रालयों ने अपने कार्यों और योजनाओं का प्रस्तुतीकरण दिया। जिन मंत्रालयों का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं पाया गया, उन्हें कार्यप्रणाली में सुधार लाने और अधिक प्रभावी तरीके से काम करने के निर्देश दिए गए। सूत्रों के अनुसार बैठक में आधा दर्जन से अधिक मंत्रालयों ने प्रेजेंटेशन दिए, जिनमें नौ मंत्रालयों ने अपने प्रदर्शन और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से जानकारी प्रस्तुत की। कैबिनेट सचिवालय और नीति आयोग ने भी विभिन्न विषयों पर प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक ऐसे समय आयोजित हुई, जब पश्चिम एशिया और होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर तेल और ईंधन की कीमतों को लेकर चिंता बनी हुई है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुद्दे का उल्लेख करते हुए मंत्रालयों को निर्देश दिए कि वे ऐसे कदम उठाएं, जिससे आम नागरिकों को कम से कम असुविधा हो और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति एवं आर्थिक स्थिरता बनी रहे। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के हाल ही में हुए पांच देशों के दौरे पर भी चर्चा हुई। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की यात्रा के दौरान हुए प्रमुख राजनयिक परिणामों की जानकारी मंत्रिपरिषद के समक्ष प्रस्तुत की। मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने प्रधानमंत्री को इस दौरे की सफलता पर बधाई भी दी। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक को सरकार के कामकाज की व्यापक समीक्षा और आगामी रणनीति तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और अन्य राज्य मंत्री शामिल हुए।
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राष्ट्रीय न्यूज़: दिल्ली| राजस्थान की तीन राज्यसभा सीटों पर चुनाव की घोषणा कर दी गई है। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार इन सीटों के लिए 18 जून को मतदान होगा और उसी दिन मतगणना के बाद परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, भारतीय जनता पार्टी के सांसद राजेंद्र गहलोत और कांग्रेस सांसद नीरज डांगी का कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो रहा है। इनके कार्यकाल पूर्ण होने के कारण राज्यसभा की ये तीनों सीटें रिक्त हो रही हैं। फिलहाल किसी भी राजनीतिक दल ने अपने उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। हालांकि राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भारतीय जनता पार्टी केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को एक बार फिर राज्यसभा उम्मीदवार बना सकती है। विधानसभा में वर्तमान संख्या बल को देखते हुए राज्यसभा की इन तीन सीटों में से दो सीटों पर भाजपा और एक सीट पर कांग्रेस की जीत लगभग तय मानी जा रही है। ऐसे में यदि भाजपा तीसरा उम्मीदवार और कांग्रेस दूसरा उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारती है तो चुनाव निर्विरोध भी हो सकता है। हालांकि अंतिम स्थिति दोनों प्रमुख दलों की रणनीति पर निर्भर करेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि अपेक्षा से अधिक उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरते हैं तो क्रॉस वोटिंग की आशंका भी बनी रह सकती है। राजस्थान विधानसभा में मौजूदा संख्याबल के आधार पर भाजपा को दो सीटों पर स्पष्ट बढ़त हासिल है, जबकि कांग्रेस एक सीट आसानी से जीत सकती है। ऐसे में राज्यसभा चुनाव को लेकर दोनों दलों के भीतर रणनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।आने वाले दिनों में उम्मीदवारों की घोषणा के बाद चुनावी समीकरण और अधिक स्पष्ट होने की संभावना है।
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अग्निवीर सेना भर्ती रैली, 20 जून के अभ्यर्थी देंगे 26 जून को रिपोर्ट
अग्निवीर सेना भर्ती रैली, 0 जून के अभ्यर्थी देंगे 26 जून को रिपोर्ट अजमेर, 19 जून। सेना भर्ती कार्यालय जोधपुर के निदेशक (भर्ती) कर्नल दीपांकर बसु ने बताया कि अजमेर में चक्रवात के कारण हुई अतिवृष्टि से अग्निवीर सेना भर्ती रैली के कार्यक्रम में परिवर्तन किया गया है। इसके कारण 20 जून को कायड़ विश्राम स्थली में रिपोर्ट करने वाले अभ्यर्थी अब 26 जून को प्रातः 2 बजे कायड़ विश्राम स्थली पर रिपोर्ट करेंगे।
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