राजस्थान न्यूज़: जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार दोपहर प्रताप नगर थाने में तैनात सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) सुखदेव जाट को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। एसीबी के अनुसार आरोप है कि एएसआई ने एक मामले में प्रभावी पैरवी करने, आरोपी को गिरफ्तार करने और चालान पेश करने के बदले यह रकम मांगी थी। एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव के अनुसार शिकायत के सत्यापन के बाद ट्रैप की कार्रवाई की गई। आरोपी से पूछताछ जारी है और एसीबी मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। शिकायत 11 अगस्त को, कार्रवाई 56 दिन बाद एसीबी के मुताबिक परिवादिया ने 11 अगस्त को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि प्रताप नगर थाने में दर्ज एक मामले की जांच एएसआई सुखदेव जाट कर रहे थे, और मदद करने तथा आरोपी को गिरफ्तार कर चालान पेश करने के एवज में रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने उसका सत्यापन कराया। एसीबी के अनुसार सत्यापन में रिश्वत की मांग सामने आने पर ट्रैप की योजना बनाई गई। शिकायत दर्ज होने और ट्रैप के बीच करीब दो महीने — 56 दिन — का अंतर रहा। वर्दी की जेब में रखी रकम, टीम ने उसी समय पकड़ा एसीबी के अनुसार ट्रैप के दौरान परिवादिया को 10 हजार रुपए लेकर एएसआई के पास भेजा गया। आरोप है कि एएसआई ने यह रकम ली और अपनी खाकी वर्दी की पैंट की जेब में रख ली। रकम लेते ही पहले से मौजूद एसीबी टीम ने उन्हें पकड़ लिया और कथित रिश्वत की राशि बरामद कर ली। मामला एक नज़र में कौन: सुखदेव जाट, सहायक उप निरीक्षक, प्रताप नगर थाना, जयपुर रकम: 10 हजार रुपए आरोप: केस में पैरवी, आरोपी की गिरफ्तारी और चालान पेश करने के बदले रिश्वत की मांग शिकायत: 11 अगस्त 2026 कार्रवाई: 6 अक्टूबर 2026 को ट्रैप, मौके पर गिरफ्तारी स्थिति: पूछताछ जारी, एसीबी अन्य पहलुओं की जांच कर रही है अभी यह एसीबी की जांच का चरण है और मामले में अदालत का फैसला आना बाकी है। एक हफ्ते में दूसरा एएसआई, कल जेईएन पकड़ी गई थीं राजस्थान में बीते कुछ दिनों में एसीबी की ट्रैप कार्रवाइयां लगातार सामने आई हैं। 1 अक्टूबर को कोटा में एक एएसआई को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा गया था, जबकि सोमवार को चिड़ावा में विद्युत विभाग की जेईएन को 15 हजार रुपए लेते गिरफ्तार किया गया।
Read more 6th Oct 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। जयपुर के अलंकार पीजी कॉलेज में 51वीं सब जूनियर एवं जूनियर राष्ट्रीय योगासन स्पोर्ट्स चैम्पियनशिप का समापन मंगलवार को हुआ। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने समापन समारोह में विजेता टीमों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया और आमजन से नशे की लत छोड़कर योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।“योग हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति और ऋषियों की अनमोल धरोहर है, जिसने पूरी दुनिया को स्वस्थ, संयमित और संतुलित जीवन जीने की कला सिखाई है।” ‘योग अब करोड़ों लोगों की दिनचर्या का हिस्सा’ मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों और वैश्विक कूटनीति के चलते संयुक्त राष्ट्र ने हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की, और आज योग, ध्यान तथा प्राणायाम दुनिया के करोड़ों लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुके हैं।उन्होंने कहा कि एकाग्रता बढ़ाने, निर्णय क्षमता मजबूत करने और जीवन में सकारात्मकता लाने में योग की अहम भूमिका है। बदलती जीवनशैली और स्वास्थ्य चुनौतियों के दौर में यह स्वस्थ तन-मन के लिए सबसे सरल और प्रभावी माध्यम है। 1,786 खिलाड़ियों को 40.12 करोड़ का अनुदान, 17 नए खेलो इंडिया केंद्र मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों को ओलंपिक के लिए तैयार करने के उद्देश्य से राजस्थान टॉप्स योजना लागू की गई है और प्रदेश में 17 नए खेलो इंडिया केंद्र शुरू किए जा रहे हैं। उनके अनुसार 1,786 खिलाड़ियों को 40 करोड़ 12 लाख रुपए का अनुदान स्वीकृत किया गया है — यानी औसतन करीब 2.25 लाख रुपए प्रति खिलाड़ी।उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने राजस्थान युवा नीति-2025 जारी की है, हर पंचायत में खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं और गांवों में अटल ज्ञान केंद्र खोले जा रहे हैं, जहां ऑनलाइन क्लास और ई-लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। रोजगार और भर्तियों पर मुख्यमंत्री के दावे मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सरकार ने अब तक 1 लाख 93 हजार पदों पर नियुक्तियां दी हैं और 1 लाख 18 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। उनके मुताबिक सवा लाख पदों के लिए भर्ती कैलेंडर जारी हो चुका है और निजी क्षेत्र में 5 लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। विदेश में नौकरी के इच्छुक युवाओं के लिए जयपुर में पांच देशों की भाषाओं का सेंटर भी शुरू किया गया है।उन्होंने यह भी दावा किया कि पूर्ववर्ती सरकार के समय पेपरलीक की घटनाएं होती रहती थीं, जबकि उनके कार्यकाल में अब तक एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे मेहनत करें और परीक्षा की तैयारी करें, सरकार उनके सपनों को टूटने नहीं देगी। कार्यक्रम में सांसद राव राजेंद्र सिंह, अलंकार पीजी कॉलेज के चेयरमैन लालचंद कटारिया, पद्मश्री गुलाबो सपेरा और एशियन योग फेडरेशन के अध्यक्ष अशोक कुमार अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, विभिन्न योग फेडरेशनों के प्रतिनिधि और देशभर से आए प्रतिभागी मौजूद रहे। इससे पहले जून में मुख्यमंत्री ने विश्व योगासन चैम्पियनशिप के पदक विजेताओं के साथ योगाभ्यास किया था, जबकि 21 जून को एसएमएस स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम हुआ था।
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राजस्थान न्यूज़: कोटा। अनंतपुरा थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते 19 वर्षीय बीटेक छात्र की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार भुवनेश नागर पर सोमवार रात कान्हा मैरिज गार्डन के सामने कुछ युवकों ने लाठी-डंडों से हमला किया और बाद में चाकू मार दिया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।अनंतपुरा थाना पुलिस ने मृतक के पिता की रिपोर्ट पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी तलाश की जा रही है। मंगलवार को कोटा मेडिकल कॉलेज में पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मार्च से चल रही थी दोनों पक्षों में रंजिश थाना अधिकारी महेश कारवाल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा सामने आया है। उनके अनुसार मुख्य आरोपी राहुल कुमार ने 1 मार्च को भुवनेश और उसके साथियों के खिलाफ मारपीट और चाकूबाजी का मामला दर्ज कराया था। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच रंजिश बनी हुई थी।पुलिस को आशंका है कि इसी पुराने विवाद के चलते सोमवार रात भुवनेश पर हमला किया गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी राहुल कुमार और उसके साथियों की पहचान कर ली है, लेकिन वे फिलहाल फरार हैं और गिरफ्तारी के लिए टीमें तलाश में जुटी हैं। माता-पिता का इकलौता बेटा था भुवनेश भुवनेश के पिता संजीव नागर, जो किसान हैं, ने बताया कि भुवनेश उनका इकलौता बेटा था और बीटेक प्रथम वर्ष में पढ़ रहा था। उनके अनुसार हमला करने वाले युवकों को भुवनेश जानता था। पिता ने बताया कि मार्च में दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था, लेकिन विवाद का वास्तविक कारण उन्हें नहीं पता। चार दिन पहले ही शुरू हुआ था चाकूबाजी विरोधी अभियान यह वारदात ऐसे समय हुई है जब कोटा पुलिस ने शहर में चाकूबाजी और हथियार रखने के खिलाफ विशेष अभियान छेड़ रखा है। 2 अक्टूबर को पुलिस ने ‘ऑपरेशन H.A.W.K.’ शुरू किया था, जिसमें 54 पुलिसकर्मियों की नौ टीमें सरप्राइज चेकिंग और चाकू बेचने वालों पर कार्रवाई के लिए लगाई गई थीं। अभियान शुरू होने के दिन ही शहर में एक हिस्ट्रीशीटर पर चाकू से हमले का मामला सामने आया था।
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उदयपुर न्यूज़: उत्तर पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन, अजमेर मंडल के तत्वावधान में आयोजित 'ऑन द स्पॉट' ड्राइंग एवं निबंध प्रतियोगिता का परिणाम घोषित कर पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया।कार्यक्रम संगठन की अध्यक्षा श्रीमती रिंकल भूतड़ा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर संगठन की सचिव श्रीमती ज्योति ऊषाहरा, कोषाध्यक्ष श्रीमती सुषमा कुमारी सहित कार्यकारिणी के अन्य सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। निर्णायकों के मूल्यांकन के पश्चात निबंध प्रतियोगिता में 9 तथा ड्राइंग प्रतियोगिता में 9, यानी कुल 18 प्रतिभाशाली बच्चों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।समारोह को संबोधित करते हुए अध्यक्षा श्रीमती रिंकल भूतड़ा ने सभी विजेता बच्चों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक प्रतियोगिताएं बच्चों में आत्मविश्वास और कलात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देती हैं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी सदस्यों और बच्चों का आभार व्यक्त किया गया।
Read more 28th Sep 2026
अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
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अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली, 06 अक्टूबर 2026, विपक्षी गठबंधन 'INDIA' के भारत निर्वाचन आयोग (ECI) मुख्यालय घेराव मार्च के दौरान मंगलवार सुबह राजधानी में भारी राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। संसद मार्ग पर दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता अभिषेक बनर्जी समेत कई शीर्ष विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में विपक्षी दलों के नेताओं और सांसदों ने निर्वाचन आयोग मुख्यालय की ओर पैदल मार्च शुरू किया था। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग पर भारी सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत बैरिकेडिंग कर रखी थी। पुलिस द्वारा आगे बढ़ने से रोके जाने के बाद अखिलेश यादव अन्य विपक्षी नेताओं के साथ संसद मार्ग पर सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। धरने के दौरान मीडिया से बात करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। अखिलेश यादव ने कहा, "स्वास्थ्य साथ नहीं दे रहा है, वरना बैरिकेडिंग तोड़ देते।" उन्होंने तंज कसते हुए आगे कहा कि समाजवादी पार्टी के लोग संघर्ष और पसीने से कभी नहीं डरते, लेकिन भारतीय जनता पार्टी के लोग डर जाते हैं—इसी डर की वजह से इतनी भारी बैरिकेडिंग लगाई गई है। चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल विपक्षी नेताओं का सीधा आरोप है कि चुनाव आयोग संविधान के दायरे में रहकर निष्पक्षता से काम करने के बजाय सत्तारूढ़ दल (BJP) के दबाव में कार्य कर रहा है। 'INDIA' ब्लॉक के नेताओं ने मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर हुई कथित धांधली को लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को तुरंत पद से हटाने की मांग दोहराई है। संसद मार्ग पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अखिलेश यादव, अभिषेक बनर्जी और अन्य वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में ले लिया तथा उन्हें पुलिस बसों में बैठाकर ले जाया गया। इस घटनाक्रम के बाद दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल तक के राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है। विपक्षी दल इस कार्रवाई को लेकर सरकार पर हमलावर हैं।
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अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़: मॉस्को/इरकुत्स्क। रूस के साइबेरिया में एक एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट की 28 वर्षीय कर्मचारी की मौत के बाद हड़कंप है। दारिया शिपिलोवा नाम की यह लैब सहायक खतरनाक रोगाणुओं पर काम करती थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक 25 सितंबर को काम के दौरान जीवित जैविक नमूने वाली एक टेस्ट ट्यूब टूट गई थी, जिसमें प्लेग फैलाने वाला बैक्टीरिया Yersinia pestis था। उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ी और वेंटिलेटर पर रखने के बाद 2 अक्टूबर की सुबह शेलेखोव जिला अस्पताल की आईसीयू में उनकी मौत हो गई — हादसे के ठीक एक हफ्ते बाद। संपर्क में आए करीब 197 लोगों की पहचान की गई है और इनमें से करीब 189 को मेडिकल निगरानी या आइसोलेशन में रखा गया है। अब तक क्या-क्या हुआ 25 सितंबर: शेलेखोव की एंटी-प्लेग लैब में काम के दौरान जीवित जैविक नमूने वाली टेस्ट ट्यूब टूटी — रिपोर्ट्स के मुताबिक उसमें प्लेग बैक्टीरिया Yersinia pestis था 2 अक्टूबर: ठीक एक हफ्ते बाद शेलेखोव जिला अस्पताल की आईसीयू में 28 वर्षीय लैब सहायक की मौत संपर्क: करीब 197 लोग चिह्नित, इनमें से करीब 189 निगरानी या आइसोलेशन में एहतियात: कई अस्पताल तीन हफ्ते के लिए क्वारंटीन, शेलेखोव के एल्युमिनियम प्लांट में मास्क अनिवार्य स्थिति: प्लेग की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं रूसी एजेंसी बोली- ‘अज्ञात कारण वाली निमोनिया’ रूस की स्वास्थ्य एजेंसी Rospotrebnadzor ने मौत का कारण ‘अज्ञात कारण वाली निमोनिया’ (pneumonia of unknown aetiology) बताया है। एजेंसी का कहना है कि इरकुत्स्क और शेलेखोव में स्वच्छता एवं महामारी विज्ञान की स्थिति स्थिर है। “आगे की जांच में उनके पेशे से जुड़ा कोई सूक्ष्मजीव सामने नहीं आया।” — Rospotrebnadzor, रूसी स्वास्थ्य एजेंसी केंद्र और क्षेत्रीय अधिकारियों के बयानों में फर्क इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि केंद्रीय एजेंसी और क्षेत्रीय अधिकारियों की बात एक जैसी नहीं है। इरकुत्स्क के गवर्नर इगोर कोबजेव ने शुरुआत में ‘प्लेग’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया और इसे ‘विशेष रूप से खतरनाक संक्रमण’ बताया। कुछ अन्य क्षेत्रीय अधिकारियों ने प्लेग से संक्रमण की बात कही, लेकिन बाद में उन बयानों को नरम कर दिया गया।दूसरी ओर Rospotrebnadzor की जांच में महिला की बीमारी और उनके काम से जुड़े खतरनाक सूक्ष्मजीवों के बीच सीधा संबंध स्थापित नहीं हुआ है। यही वजह है कि इसे अब तक प्लेग का पुष्ट प्रकोप नहीं माना गया है। अब तक चिह्नित करीबी संपर्कों में लक्षण सामने नहीं आने और परीक्षण निगेटिव रहने की जानकारी दी गई है। अस्पताल तीन हफ्ते क्वारंटीन, प्लांट में मास्क अनिवार्य घटना के बाद शेलेखोव जिला अस्पताल और आसपास की कुछ स्वास्थ्य सुविधाओं में एहतियाती प्रतिबंध लगाए गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक कई अस्पतालों को तीन हफ्ते के लिए क्वारंटीन किया गया है और शेलेखोव स्थित इरकुत्स्क एल्युमिनियम प्लांट में मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया। न्यूमोनिक प्लेग क्या है चर्चा सबसे ज्यादा न्यूमोनिक प्लेग की आशंका को लेकर है। यह प्लेग का वह रूप है जो फेफड़ों को प्रभावित करता है और संक्रमित व्यक्ति से सांस की बूंदों के जरिए दूसरों तक पहुंच सकता है। समय पर एंटीबायोटिक इलाज मिलने पर यह ठीक हो सकता है, और यही वजह है कि संपर्क में आए लोगों की जल्द पहचान पर जोर दिया जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी प्रशासन भी इस मामले पर नजर रखे हुए है और व्हाइट हाउस को घटनाक्रम की जानकारी है।
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गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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