राजस्थान न्यूज़: जयपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शुक्रवार को जयपुर के बीलवा स्थित श्री राधा सरल बिहारी मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी का आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने मंदिर में दर्शन के दौरान देश और प्रदेश में सुख-समृद्धि, खुशहाली, शांति और जनकल्याण की कामना की। जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए पहुंचे। जन्माष्टमी पर कृष्ण भक्ति में डूबा मंदिर परिसर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर श्री राधा सरल बिहारी मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन किए गए। मंदिर को आकर्षक रूप से सजाया गया और भगवान के विशेष श्रृंगार के साथ पूजा-अर्चना की गई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी श्रद्धा के साथ पूजा में भाग लिया और भगवान के समक्ष प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की। प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थना मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण से राजस्थान में शांति, समृद्धि और खुशहाली बनाए रखने की कामना की। उन्होंने प्रदेश के विकास और प्रत्येक नागरिक के जीवन में सुख एवं समृद्धि के लिए भी प्रार्थना की।श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री ने दिनभर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया। इससे पहले वे डीग जिले के पूंछरी का लौठा स्थित श्रीनाथजी मंदिर और मुकुट मुखारविंद मंदिर में भी दर्शन-पूजन कर चुके हैं। श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह मुख्यमंत्री के मंदिर पहुंचने के दौरान श्रद्धालुओं में भी खासा उत्साह दिखाई दिया। जन्माष्टमी के कारण मंदिर परिसर में सुबह से ही धार्मिक कार्यक्रम और दर्शन का सिलसिला जारी रहा।मुख्यमंत्री ने मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज में प्रेम, सद्भाव और सेवा की भावना को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।
Read more 5th Sep 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व शुक्रवार को पूरे राजस्थान में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही प्रदेशभर के मंदिर “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयकारों से गूंज उठे। जयपुर के गोविंददेवजी मंदिर से लेकर नाथद्वारा के श्रीनाथजी और चित्तौड़गढ़ के सांवलियाजी मंदिर तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।जयपुर के प्रसिद्ध गोविंददेवजी मंदिर में ठाकुरजी का विशेष पंचामृत अभिषेक किया गया। वहीं राजसमंद के नाथद्वारा स्थित श्रीनाथजी मंदिर में 21 तोपों की सलामी देकर जन्मोत्सव मनाया गया। देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने श्रीनाथजी के दर्शन किए। गोविंददेवजी मंदिर में डेढ़ किलोमीटर लंबी लाइन जयपुर के आराध्य देव गोविंददेवजी के दर्शन के लिए शुक्रवार सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर के बाहर दर्शनार्थियों की कतार करीब डेढ़ किलोमीटर तक पहुंच गई। सुबह 4 बजे मंगला आरती के साथ दर्शन शुरू हुए। दिनभर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में भक्तों की भारी भीड़ रही। रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव से पहले ठाकुर श्रीजी का विशेष पंचामृत अभिषेक किया गया। छह वेदपाठी पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार और वेद पाठ किया। 425 लीटर दूध से ठाकुरजी का अभिषेक जन्माष्टमी के विशेष अभिषेक में बड़ी मात्रा में पंचामृत सामग्री का उपयोग किया गया। ठाकुरजी का अभिषेक— 425 लीटर दूध 365 किलो दही 11 किलो घी 85 किलो बूरा 11 किलो शहद से किया गया। पंचामृत अभिषेक के दौरान मंदिर परिसर भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी के जन्मोत्सव के दर्शन कर खुद को धन्य माना। नाथद्वारा में श्रीनाथजी को 21 तोपों की सलामी राजसमंद जिले के नाथद्वारा स्थित विश्व प्रसिद्ध श्रीनाथजी मंदिर में भी जन्माष्टमी का पर्व पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। रात में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के अवसर पर 21 तोपों की सलामी दी गई। इस विशेष आयोजन को देखने और श्रीनाथजी के दर्शन करने के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु नाथद्वारा पहुंचे। मंदिर और आसपास के क्षेत्र में जन्माष्टमी को लेकर विशेष सजावट की गई और पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल रहा। सांवलियाजी में 3 साल बाद लौटा ड्रोन शो चित्तौड़गढ़ के प्रसिद्ध सांवलियाजी मंदिर में जन्माष्टमी का उत्सव इस बार और भी खास रहा। मंदिर में करीब तीन साल बाद भव्य ड्रोन शो आयोजित किया गया। रात करीब 8 बजे 1100 ड्रोन एक साथ आसमान में उड़ाए गए। रंग-बिरंगी रोशनी से सजे ड्रोन ने आसमान में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े कई दृश्य बनाए। आसमान में दिखी कान्हा की पूरी लीला ड्रोन शो के दौरान आसमान में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर उनकी विभिन्न लीलाओं को आकृतियों के माध्यम से दिखाया गया।
Read more 5th Sep 2026
राजस्थान न्यूज़: भीलवाड़ा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शनिवार दोपहर करीब 1 बजे एक दिवसीय दौरे पर भीलवाड़ा पहुंचे। पुलिस लाइन में उनका हेलीकॉप्टर उतरा, जहां सांसद दामोदर अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा, चुनाव पर्यवेक्षक वीरम देव सहित भाजपा पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। पुलिस लाइन से मुख्यमंत्री काफिले के साथ सीधे सांगानेरी गेट स्थित दुधाधारी गोपाल मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने विधिवत दर्शन और पूजा-अर्चना की। इसके बाद भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में उनका रोड शो शुरू हुआ। विशेष रथ में सवार होकर निकले मुख्यमंत्री मंदिर दर्शन के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा विशेष रथ में सवार हुए। उनके साथ भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। रोड शो शुरू होते ही बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग सड़क के दोनों ओर जुट गए। मुख्यमंत्री ने रथ से हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया। जनता ने फूल बरसाकर किया स्वागत रोड शो के दौरान रास्ते में कई स्थानों पर स्थानीय लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने फूल बरसाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। बारिश के बीच भी लोगों और कार्यकर्ताओं का उत्साह बना रहा। कई स्थानों पर समर्थक पार्टी के झंडे और नारे लगाते नजर आए। करीब 2 किलोमीटर लंबा रहा रोड शो मुख्यमंत्री का रोड शो दुधाधारी गोपाल मंदिर से शुरू होकर सांगानेरी गेट, पुरानी धान मंडी, बड़ा मंदिर और फूल मंडी से होते हुए महाराणा टॉकीज के बाहर संपन्न हुआ। रोड शो का कुल मार्ग करीब 2 किलोमीटर लंबा रहा। बारिश के बीच भी जुटी भारी भीड़ रोड शो के दौरान रुक-रुक कर बारिश होती रही, लेकिन इसके बावजूद भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ बनी रही। मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए अलग-अलग स्थानों पर कार्यकर्ता पहले से मौजूद थे। भाजपा ने रोड शो को निकाय चुनाव प्रचार के बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में आयोजित किया। सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम मुख्यमंत्री के दौरे और रोड शो को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। रोड शो के पूरे मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा और यातायात व्यवस्था को भी नियंत्रित किया गया। मुख्यमंत्री के काफिले और कार्यक्रम स्थल के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था रखी गई। निकाय चुनाव प्रचार को धार देने पहुंचे CM मुख्यमंत्री का भीलवाड़ा दौरा नगरीय निकाय चुनाव प्रचार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा रोड शो के जरिए मतदाताओं से सीधा संपर्क साधने और पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। भीलवाड़ा में मुख्यमंत्री का यह रोड शो भाजपा के चुनावी प्रचार अभियान के प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल रहा।
Read more 5th Sep 2026
अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। कांग्रेस ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट को पंजाब का AICC प्रभारी महासचिव नियुक्त किया है। पंजाब की जिम्मेदारी संभाल रहे पूर्व छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को अब असम का प्रभार दिया गया है। सचिन पायलट अब तक छत्तीसगढ़ के प्रभारी महासचिव थे। कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से बदलावों की घोषणा की गई। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब पंजाब कांग्रेस आंतरिक खींचतान से गुजर रही है और अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियां भी तेज हो रही हैं। पार्टी नेतृत्व के सामने प्रदेश संगठन को एकजुट कर चुनावी रणनीति तैयार करने की बड़ी चुनौती है। पंजाब में पायलट के सामने सबसे बड़ी चुनौती- गुटबाजी खत्म करना पंजाब कांग्रेस में पिछले कुछ समय से प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से जुड़े खेमों के बीच मतभेद खुलकर सामने आते रहे हैं। टिकट वितरण और संगठनात्मक फैसलों को लेकर भी नेताओं के बीच बयानबाजी हुई है। ऐसे में सचिन पायलट की पहली बड़ी जिम्मेदारी अलग-अलग खेमों के बीच समन्वय स्थापित करना और विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को एकजुट करना होगी। पंजाब में विधानसभा चुनाव 2027 में प्रस्तावित हैं, इसलिए कांग्रेस हाईकमान के इस फैसले को चुनावी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी सुखदेव भगत को सचिन पायलट के पंजाब जाने के बाद सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाया गया है। वहीं भूपेश बघेल को पंजाब से हटाकर असम भेजा गया है। इसके साथ ही कांग्रेस ने अन्य राज्यों के संगठनात्मक प्रभार में भी बदलाव किए हैं। डॉ. सिरिवेल्ला प्रसाद को महाराष्ट्र और पी.वी. मोहन को आंध्र प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई है। गुजरात में भी बदलाव कांग्रेस ने गुजरात के संगठनात्मक प्रभार में भी बदलाव किया है। मुकुल वासनिक से गुजरात की जिम्मेदारी वापस लिए जाने और रणदीप सिंह सुरजेवाला को नया प्रभार दिए जाने की जानकारी सामने आई है। सुरजेवाला कांग्रेस के प्रमुख राष्ट्रीय नेताओं में शामिल हैं और कर्नाटक संगठन से भी जुड़े रहे हैं। इस बदलाव को भी आने वाले चुनावी और संगठनात्मक समीकरणों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। पंजाब में चुनाव से पहले नया प्रयोग सचिन पायलट का पंजाब प्रभारी बनना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पायलट राजस्थान में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री रहने के अलावा लंबे समय से राष्ट्रीय संगठन में सक्रिय हैं। अब तक उनके पास छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी थी। कांग्रेस की आधिकारिक वेबसाइट पर फेरबदल से पहले उन्हें छत्तीसगढ़ और भूपेश बघेल को पंजाब का प्रभारी दर्ज किया गया था।पंजाब में उनकी नियुक्ति को हाईकमान की ओर से चुनाव से पहले संगठन में संतुलन बनाने और अलग-अलग नेताओं को एक मंच पर लाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। भूपेश बघेल को असम की जिम्मेदारी पंजाब से हटाए गए भूपेश बघेल को असम कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया है। असम में विधानसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद संगठनात्मक बदलाव की जरूरत महसूस की जा रही थी असम के तत्कालीन प्रभारी जितेंद्र सिंह ने 4 मई 2026 को चुनावी हार की जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसलिए उन्हें इस ताजा फेरबदल में “हटाया गया” कहना सटीक नहीं होगा; उनका इस्तीफा कई महीने पहले ही आ चुका था।छह राज्यों की जिम्मेदारियों में बदलाव कांग्रेस के इस संगठनात्मक फेरबदल में मुख्य रूप से पंजाब, असम, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों के प्रभार में बदलाव सामने आए हैं। इनमें सबसे ज्यादा राजनीतिक चर्चा सचिन पायलट को पंजाब की जिम्मेदारी मिलने की हो रही है, क्योंकि पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को संगठनात्मक खींचतान खत्म करने और भाजपा, आम आदमी पार्टी तथा शिरोमणि अकाली दल के मुकाबले मजबूत चुनावी रणनीति तैयार करनी होगी। पायलट की नियुक्ति के बाद अब नजर इस बात पर रहेगी कि वे पंजाब कांग्रेस के अलग-अलग गुटों के बीच किस तरह तालमेल स्थापित करते हैं और चुनाव से पहले संगठन को कितना एकजुट कर पाते हैं।
Read more 6th Sep 2026
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सभी राज्य सरकारों से बाइक टैक्सी को मंजूरी देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि निजी बाइक और स्कूटर के जरिए यात्रियों को परिवहन सुविधा देने से खासकर ग्रामीण और छोटे शहरों में रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। गडकरी ने दावा किया कि बाइक टैक्सी को व्यापक स्तर पर अनुमति मिलने से करीब 8 करोड़ लोगों के लिए रोजगार या आय के अवसर तैयार हो सकते हैं। ‘केंद्र ने अनुमति दी, अब राज्यों की मंजूरी जरूरी’ गडकरी ने कहा कि केंद्र सरकार बाइक टैक्सी को अनुमति देने की दिशा में कदम उठा चुकी है, लेकिन परिवहन का विषय राज्य सरकारों से भी जुड़ा होने के कारण कई राज्यों में अभी तक इसकी मंजूरी नहीं दी गई है। उन्होंने राज्य सरकारों से अपील की कि वे बाइक टैक्सी को अनुमति दें, ताकि युवाओं और आम लोगों को कम लागत में नया रोजगार और कमाई का जरिया मिल सके। बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सख्ती की तैयारी गडकरी ने सड़क सुरक्षा को लेकर भी सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे वाहन चालकों पर कड़ी कार्रवाई की जरूरत है जो बार-बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हैं। इसके लिए मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव कर ‘नेगेटिव पॉइंट सिस्टम’ लागू करने का प्रस्ताव बताया गया है। इसके तहत बार-बार नियम तोड़ने वाले ड्राइवरों के रिकॉर्ड पर नकारात्मक अंक जुड़ सकते हैं और आगे सख्त कार्रवाई की व्यवस्था बनाई जा सकती है। भारी वाहन चालकों की ट्रेनिंग पर जोर नितिन गडकरी ने भारी वाहन और निर्माण उपकरण चलाने वाले ड्राइवरों के लिए अनिवार्य प्रशिक्षण की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि बड़े निर्माण उपकरण और भारी मशीनें चलाने वालों के लिए व्यवस्थित प्रशिक्षण जरूरी होना चाहिए। उन्होंने JCB India जैसी कंपनियों से भी अपील की कि मशीन या उपकरण देने से पहले ड्राइवरों को उचित ट्रेनिंग दी जाए। 10 लाख ड्राइवरों की होगी मुफ्त स्वास्थ्य जांच गडकरी ने सड़क और औद्योगिक सुरक्षा से जुड़ा ‘सुरक्षा’ पायलट प्रोग्राम भी शुरू किया है। इस कार्यक्रम के तहत हाईवे, खनन और निर्माण जैसे जोखिम वाले क्षेत्रों में काम करने वाले करीब 10 लाख ड्राइवरों और कर्मचारियों की मुफ्त मेडिकल जांच और काउंसलिंग कराने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में नागपुर-कामठी के NH-44 और चंद्रपुर के खनन क्षेत्र में करीब 10 हजार लोगों की जांच करने की योजना है। दोपहिया हादसों में 81,780 मौतों का दावा गडकरी ने सड़क हादसों के आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं में 81,780 लोगों की मौत हुई है और यह संख्या बेहद चिंताजनक है। उन्होंने सड़क हादसों के प्रमुख कारणों में सीट बेल्ट नहीं लगाना, हिट एंड रन, गलत दिशा में वाहन चलाना, शराब पीकर ड्राइविंग और मोबाइल फोन के इस्तेमाल को गिनाया। सीट बेल्ट नहीं लगाने से 14,466 मौतों का आंकड़ा गडकरी ने बताया कि सीट बेल्ट नहीं लगाने से 14,466 मौतें हुईं, जबकि हिट एंड रन की घटनाओं में 34,030 लोगों की जान गई।इन आंकड़ों के आधार पर उन्होंने ड्राइवर ट्रेनिंग, स्वास्थ्य जांच और ट्रैफिक नियमों के सख्त पालन की जरूरत पर जोर दिया। रोजगार और सड़क सुरक्षा दोनों पर फोकस गडकरी का बयान ऐसे समय आया है जब कई राज्यों में बाइक टैक्सी को लेकर अलग-अलग नीतियां और विवाद सामने आते रहे हैं। केंद्र की कोशिश इसे रोजगार के अवसर के तौर पर बढ़ावा देने की है, वहीं राज्य सरकारों को स्थानीय परिवहन नियमों और सुरक्षा मानकों के आधार पर निर्णय लेना होगा।
Read more 3rd Sep 2026
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved