राजस्थान न्यूज़: जयपुर/दिल्ली। राजस्थान के बहुचर्चित जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल तीसरे दिन भी जांच एजेंसियों की पकड़ से बाहर रहे। उनकी तलाश में एसीबी ने गुरुवार को दिल्ली में पांच अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की, हालांकि किसी भी ठिकाने से उनकी मौजूदगी के पुख्ता सबूत नहीं मिले। इधर, मामले में गिरफ्तार तीन चीफ इंजीनियरों सहित कुल दस आरोपियों से एसआईटी अधिकारियों ने करीब आठ घंटे तक गहन पूछताछ की। पूछताछ के दौरान फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र, टेंडर प्रक्रिया और कथित कमीशन नेटवर्क को लेकर कई अहम सवाल पूछे गए। जांच एजेंसियों के अनुसार पूछताछ में विभाग के कई अन्य इंजीनियरों और अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं, जिससे घोटाले का दायरा और बढ़ने की संभावना है। फर्जी सर्टिफिकेट के बदले 15 लाख रुपए की डील जांच में सामने आया कि बिलासपुर से गिरफ्तार आरोपी मुकेश पाठक ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र तैयार कराने के लिए महेश मित्तल से लगभग 15 लाख रुपए लिए थे। बैंक स्टेटमेंट की जांच में इस लेन-देन की पुष्टि भी हो चुकी है। एसीबी अधिकारियों का मानना है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए ठेकों की पात्रता तय कर बड़े स्तर पर आर्थिक अनियमितताएं की गईं। दो अधीक्षण अभियंताओं पर लुकआउट नोटिस एसीबी के डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह ने बताया कि फरार अधीक्षण अभियंता जितेंद्र शर्मा और तत्कालीन एसई मुकेश गोयल के खिलाफ भी लुकआउट नोटिस जारी कर दिया गया है। इससे पहले रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल के खिलाफ भी लुकआउट नोटिस जारी किया जा चुका है। जांच एजेंसियां देशभर के एयरपोर्ट और इमीग्रेशन पॉइंट्स पर निगरानी बढ़ा चुकी हैं। गिरफ्तार इंजीनियरों पर निलंबन की तैयारी जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने घोटाले में गिरफ्तार इंजीनियरों की फाइल तलब कर ली है और विभागीय कार्रवाई के तहत निलंबन के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों के आधार पर ठेके देने और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।अब तक 979 करोड़ घोटाले में बड़ी गिरफ्तारियां एसीबी की विशेष जांच टीम (SIT) अब तक करीब 979 करोड़ रुपए के जेजेएम घोटाले में कई वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें जलदाय विभाग के चीफ इंजीनियर (प्रशासन) दिनेश गोयल, केडी गुप्ता, एडिशनल चीफ इंजीनियर शुभांशु दीक्षित, वित्तीय सलाहकार सुशील शर्मा, सीई निरिल कुमार, एक्सईएन विशाल सक्सेना, रिटायर्ड एसीई अरुण श्रीवास्तव, डीके गौड़ और रिटायर्ड एसई महेंद्र सोनी शामिल हैं। वहीं कुछ इंजीनियरों ने हाईकोर्ट से राहत भी ले रखी है।
Read more 20th Feb 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान विधानसभा में उद्योग, निवेश, खेल और युवा सशक्तीकरण पर चर्चा के दौरान उद्योग एवं खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने राज्य सरकार की औद्योगिक विकास रणनीति और निवेश उपलब्धियों का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत हुए 35 लाख करोड़ रुपए के निवेश समझौतों (MoU) में से करीब 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश की ग्राउंडिंग शुरू हो चुकी है, जो राज्य में औद्योगिक क्रांति की दिशा में बड़ा कदम है। उद्योग एवं खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेश, उत्पादन, निर्यात और रोजगार सृजन को जमीन पर उतारने के लिए तेज गति से काम कर रही है। उद्योग एवं खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बताया कि HPCL पचपदरा रिफाइनरी से जुड़े डाउनस्ट्रीम प्रोजेक्ट्स को गति दी जा रही है और प्रस्तावित पेट्रो जोन में 50 से अधिक उत्पाद निर्माण की दिशा में कार्य चल रहा है। इससे पश्चिमी राजस्थान में पेट्रो-केमिकल उद्योगों का मजबूत नेटवर्क विकसित होगा। उन्होंने कहा कि अलवर में 2200 करोड़ रुपए का निवेश शुरू होने जा रहा है, जबकि जयपुर में डाटा सेंटर और आधुनिक मेडिकल संस्थानों की स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। धौलपुर, जोधपुर और सीकर जिलों में नई औद्योगिक इकाइयों की शुरुआत राज्य के औद्योगिक विस्तार का संकेत है। उन्होंने राज्य सरकार की कार्यशैली को “नीति भी स्पष्ट, नीयत भी साफ, परिणाम देता राजस्थान” बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म और रिजॉल्व मंत्र तथा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान ने विकास योजनाओं को कागजों से निकालकर क्रियान्वयन तक पहुंचाया है। उनके अनुसार राज्य आज देश के बड़े औद्योगिक नेटवर्क का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। उद्योग एवं खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने अवसंरचना विकास को निवेश वृद्धि की रीढ़ बताते हुए कहा कि दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के पांच नोड, जामनगर-अमृतसर इकोनॉमिक कॉरिडोर का 640 किलोमीटर हिस्सा, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के 370 किलोमीटर और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के लगभग 500 किलोमीटर हिस्से से राजस्थान को दीर्घकालीन औद्योगिक लाभ मिलेगा। लगभग ढाई लाख करोड़ रुपए की लागत से विकसित हो रहा यह इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य में राज्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देगा। उद्योग प्रोत्साहन योजनाओं का उल्लेख करते हुए उद्योग एवं खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बताया कि RIPS-2024 लागू होने के बाद उद्योगों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए, जिससे निवेश प्रक्रिया तेज हुई। जहां पिछली सरकार के अंतिम दो वर्षों में उद्योगों को 487 करोड़ रुपए का अनुदान दिया गया था, वहीं वर्तमान सरकार ने दो वर्षों में ही 1600 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता वितरित की है। MSME पॉलिसी-2024 के तहत उद्योगों को 6 प्रतिशत ब्याज अनुदान और अतिरिक्त 2 प्रतिशत सहायता दी जा रही है, जिससे छोटे और मध्यम उद्योगों को मजबूती मिल रही है। सिंगल विंडो सिस्टम की सेवाओं को भी 88 से बढ़ाकर 181 कर दिया गया है, जिससे उद्योग स्थापना की प्रक्रिया सरल हुई है। उन्होंने बताया कि सरकार को अब तक लगभग 30 हजार स्वरोजगार आवेदन प्राप्त हुए हैं और एक लाख नए उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। खेल क्षेत्र का उल्लेख करते हुए राठौड़ ने कहा कि 1786 खिलाड़ियों को 40 करोड़ रुपए से अधिक की प्रोत्साहन राशि दी गई तथा 186 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। खेलो इंडिया यूथ गेम्स में राजस्थान ने 60 पदक जीतकर तीसरा स्थान हासिल किया, जबकि शूटिंग स्पर्धा में 32 स्वर्ण पदकों के साथ पहला स्थान प्राप्त किया, जो राज्य की उभरती खेल क्षमता का प्रमाण है।
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राजस्थान न्यूज़: तीर्थराज पुष्कर की दिव्यता और भव्यता को नई पहचान देने की दिशा में राज्य सरकार ने विकास कार्यों को तेज करने के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय में गुरुवार को आयोजित बैठक में भगवान ब्रह्मा जी की पावन नगरी पुष्कर के समग्र विकास की कार्ययोजना की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पुष्कर को विश्वस्तरीय तीर्थाटन और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, जहां श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हों और साथ ही धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रहे। बैठक में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, सौंदर्यीकरण, स्वच्छता, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। वहीं पुष्कर विधायक एवं जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने भी सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार पुष्कर की दिव्यता, भव्यता और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि बैठक में चल रही और प्रस्तावित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई तथा ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान को अक्षुण्ण रखते हुए विकास कार्य आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। बैठक में राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। गौरतलब है कि इससे पूर्व 24 नवंबर 2025 को पुष्कर के आरटीडीसी होटल सरोवर में ब्रह्मलोक कॉरिडोर और पुष्कर सरोवर परिक्रमा मार्ग विकास परियोजना को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। प्रस्तावित ब्रह्मलोक कॉरिडोर को काशी और उज्जैन की तर्ज पर विकसित करने की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान मंत्री सुरेश सिंह रावत ने स्पष्ट किया था कि परियोजना को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियां निराधार हैं और किसी का मकान या भवन नहीं तोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि कॉरिडोर निर्माण से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा और परियोजना अभी प्रारंभिक चरण में है। वही दूसरी ओर धरोहर प्राधिकरण अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने कहा था कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री इस परियोजना को लेकर गंभीर हैं और नियमित समीक्षा कर रहे हैं। जिला कलेक्टर लोकबंधु ने भी बताया था कि पिछले वर्षों (2024) में जहां पुष्कर में लगभग 50 लाख पर्यटक आते थे, वहीं अब यह(2025) संख्या बढ़कर एक करोड़ से अधिक हो गई है। बढ़ती पर्यटक संख्या को देखते हुए सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, धार्मिक संरचनाओं के संरक्षण और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी जाएगी। बैठक में सामाजिक संगठनों, तीर्थ पुरोहित संघ, व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों से भी सुझाव लिए गए। प्रशासन ने आमजन से लिखित सुझाव भी आमंत्रित किए हैं, जिनके आधार पर विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर सरकार को सौंपा जाएगा।
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अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
राष्ट्रीय न्यूज़: मेरठ/हरदोई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत जिस वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन से मेरठ पहुंच रहे थे, उस पर उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में पथराव की घटना सामने आई है। पत्थर लगने से ट्रेन की एक खिड़की का शीशा टूट गया, हालांकि घटना में किसी यात्री को चोट नहीं आई और संघ प्रमुख पूरी तरह सुरक्षित बताए गए हैं। जानकारी के अनुसार यह घटना गुरुवार दोपहर करीब 3:20 बजे उस समय हुई, जब वंदे भारत एक्सप्रेस दिल्ली की ओर जा रही थी। ट्रेन के हरदोई क्षेत्र से गुजरते समय अचानक एक डिब्बे की खिड़की पर पत्थर लगने से शीशा क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी (Government Railway Police) ने मामले की जांच शुरू कर दी। प्राथमिक जांच में जीआरपी दो संभावित कारणों पर विचार कर रही है। पहला, रेलवे ट्रैक के पास क्रिकेट खेल रहे बच्चों की गेंद ट्रेन से टकराने की संभावना जताई जा रही है। दूसरा, किसी शरारती तत्व द्वारा जानबूझकर पत्थर फेंके जाने की आशंका भी जांच के दायरे में है। अधिकारियों ने आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज व स्थानीय इनपुट भी खंगाले जा रहे हैं। घटना के बावजूद ट्रेन अपनी निर्धारित यात्रा जारी रखते हुए रात करीब 9 बजे मेरठ स्टेशन पहुंची, जहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सरसंघचालक मोहन भागवत ट्रेन से उतरे। इसके बाद वे शताब्दीनगर स्थित माधवकुंज में ठहरे हैं। मोहन भागवत मेरठ में 20 और 21 फरवरी को आयोजित दो दिवसीय संवाद कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस दौरान वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 28 जिलों के प्रबुद्ध नागरिकों से संवाद करेंगे। कार्यक्रम में सामाजिक विषयों, राष्ट्र निर्माण और संगठनात्मक गतिविधियों पर चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार वे खिलाड़ियों और युवाओं से भी मुलाकात कर उनके सामाजिक अनुभवों और योगदान पर बातचीत कर सकते हैं। रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने घटना को गंभीरता से लेते हुए ट्रेनों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
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राष्ट्रीय न्यूज़: भिवाड़ी। राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्र भिवाड़ी में सोमवार सुबह एक केमिकल–पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग लगने से कम से कम 8 मजदूरों की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसा खुशखेड़ा करौली औद्योगिक क्षेत्र में सुबह करीब साढ़े नौ बजे हुआ। घटना के समय फैक्ट्री में लगभग 25 मजदूर काम कर रहे थे। राहत एवं बचाव दल ने अब तक 8 शव बाहर निकाल लिए हैं, जबकि एक मजदूर के अभी भी अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार पुलिस को गश्त के दौरान आग लगने की सूचना मिली, जिसके तुरंत बाद बचाव अभियान शुरू किया गया। फैक्ट्री में केमिकल पदार्थों के साथ पटाखों का निर्माण भी किया जाता था, जिससे आग तेजी से फैल गई। फैक्ट्री मालिक का नाम राजेंद्र बताया जा रहा है। खुशखेड़ा और भिवाड़ी रीको अग्निशमन केंद्र से दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग इतनी भीषण थी कि कई शव पूरी तरह जल गए और कुछ के केवल कंकाल ही शेष बचे। बचाव दल को घटनास्थल पर जले हुए शरीर के हिस्सों को एकत्र कर प्लास्टिक बैग में सुरक्षित रखना पड़ा। मौके पर अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट सुमिता मिश्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (भिवाड़ी) अतुल साहू, तिजारा उपाधीक्षक शिवराज सिंह, उपखंड अधिकारी लाखन सिंह, तहसीलदार शैतान सिंह और खैरथल के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट शिवपाल जाट सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक आशंका है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की अनदेखी या ज्वलनशील पदार्थों के अनुचित भंडारण के कारण आग ने विकराल रूप लिया। मृतकों की पहचान और परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया जारी है।
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अग्निवीर सेना भर्ती रैली, 20 जून के अभ्यर्थी देंगे 26 जून को रिपोर्ट
अग्निवीर सेना भर्ती रैली, 0 जून के अभ्यर्थी देंगे 26 जून को रिपोर्ट अजमेर, 19 जून। सेना भर्ती कार्यालय जोधपुर के निदेशक (भर्ती) कर्नल दीपांकर बसु ने बताया कि अजमेर में चक्रवात के कारण हुई अतिवृष्टि से अग्निवीर सेना भर्ती रैली के कार्यक्रम में परिवर्तन किया गया है। इसके कारण 20 जून को कायड़ विश्राम स्थली में रिपोर्ट करने वाले अभ्यर्थी अब 26 जून को प्रातः 2 बजे कायड़ विश्राम स्थली पर रिपोर्ट करेंगे।
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