राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान में प्रस्तावित पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों की तैयारियां तेज हो गई हैं। स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के स्थानांतरण को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है।आयोग ने निर्देश दिए हैं कि अपने गृह जिले, गृह नगरीय क्षेत्र अथवा गृह पंचायत समिति क्षेत्र में पदस्थापित अधिकारियों के साथ ही लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत अधिकारियों का 15 अगस्त 2026 तक अनिवार्य रूप से स्थानांतरण किया जाए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं सचिव राजेश वर्मा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि पंचायतीराज संस्थाओं और नगरीय निकायों के आम चुनाव शीघ्र कराए जाने प्रस्तावित हैं। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया से प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े अधिकारियों की निष्पक्षता पर किसी प्रकार का प्रश्न नहीं उठना चाहिए। इसी उद्देश्य से आयोग ने पूर्व में जारी स्थानांतरण संबंधी निर्देशों में संशोधन करते हुए नई कट-ऑफ तिथि और तबादलों की अंतिम समयसीमा निर्धारित की है। संबंधित विभागों को निर्धारित अवधि के भीतर स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी कर आयोग को अनुपालना से अवगत कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। इन अधिकारियों का होगा तबादला राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश के अनुसार संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर, जिला निर्वाचन अधिकारी, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त जिला कलेक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला आबकारी अधिकारी, उपखंड अधिकारी, सहायक कलेक्टर, तहसीलदार और पुलिस उपाधीक्षक चुनाव के दौरान अपने गृह जिले अथवा संबंधित गृह क्षेत्र में पदस्थापित नहीं रहेंगे। इसके अतिरिक्त जयपुर और जोधपुर पुलिस आयुक्तालय क्षेत्रों में कार्यरत पुलिस आयुक्त, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त और सहायक पुलिस आयुक्त भी स्थानांतरण संबंधी निर्देशों के दायरे में आएंगे। आयोग का मानना है कि गृह क्षेत्र में पदस्थापना या लंबे समय तक एक ही स्थान पर कार्यरत रहने से स्थानीय प्रभाव, परिचय अथवा हितों के टकराव की आशंका उत्पन्न हो सकती है। इसलिए चुनावी व्यवस्था की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए ऐसे अधिकारियों को समय रहते अन्य स्थानों पर पदस्थापित किया जाएगा।
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राजस्थान न्यूज़: खाटूश्यामजी। अजमेर में कथा वाचक किरीट भाई द्वारा बाबा श्याम के संबंध में कथित रूप से कहे गए आपत्तिजनक शब्दों को लेकर श्याम भक्तों में नाराजगी देखने को मिली। विवाद बढ़ने के बाद किरीट भाई बाबा श्याम के दरबार में उपस्थित हुए और दर्शन कर क्षमा याचना की।बताया जा रहा है कि अजमेर में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान दिए गए कथित बयान के बाद विभिन्न स्थानों पर श्याम भक्तों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। श्रद्धालुओं का कहना था कि धार्मिक आस्था और आराध्य देव से जुड़े विषयों पर सार्वजनिक मंच से बोलते समय मर्यादा और संवेदनशीलता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। बाबा श्याम के दर्शन कर मांगी क्षमा विवाद के बाद किरीट भाई श्री श्याम बाबा के दरबार पहुंचे। उन्होंने बाबा श्याम के दर्शन किए और अपने कथित वक्तव्य को लेकर क्षमा याचना की। उनके मंदिर पहुंचने और क्षमा मांगने को विवाद को शांत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस अवसर पर मंदिर कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मोहन दास महाराज ने किरीट भाई को बाबा श्याम का आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने श्रद्धालुओं से संयम, धार्मिक मर्यादा और आपसी सद्भाव बनाए रखने की अपील की। श्रद्धा और सद्भाव बनाए रखने का संदेश पूज्य मोहन दास जी महाराज ने कहा कि बाबा श्याम का दरबार प्रेम, भक्ति, क्षमा और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि किसी भी विवाद की स्थिति में शांति और संयम का मार्ग अपनाया जाए तथा ऐसा कोई कदम न उठाया जाए जिससे धार्मिक सौहार्द प्रभावित हो।घटना के बाद श्याम भक्तों के बीच इस बात की भी चर्चा है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े धार्मिक वक्ताओं को अपनी भाषा और वक्तव्यों के प्रति अधिक सतर्क रहना चाहिए। श्रद्धालुओं ने उम्मीद जताई कि क्षमा याचना के बाद इस प्रकरण का शांतिपूर्ण समाधान होगा और बाबा श्याम की मर्यादा एवं भक्तों की आस्था सर्वोपरि बनी रहेगी।
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पेपर लीक मामले पर संसद में चर्चा की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता बुधवार को लगातार दूसरे दिन जयपुर की सड़कों पर उतरे। कांग्रेस मुख्यालय से भाजपा प्रदेश कार्यालय का घेराव करने निकले कार्यकर्ताओं को पुलिस ने जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के सामने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।इस दौरान आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की पुलिस से धक्का-मुक्की हुई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल कर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया। पानी की तेज बौछार के बीच प्रदर्शन में शामिल एक महिला की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई। प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। कमिश्नरेट के सामने रोका भाजपा कार्यालय कूच कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश मुख्यालय से रैली के रूप में भाजपा कार्यालय की ओर रवाना हुए। रैली गवर्नमेंट हॉस्टल सर्किल होते हुए पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय के सामने पहुंची, जहां पुलिस ने पहले से बैरिकेडिंग कर भारी जाब्ता तैनात कर रखा था। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स पार कर आगे बढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित कई नेताओं और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। इसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछार कर प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाया। कुछ समय तक नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता वापस लौट गए। डोटासरा बोले—युवाओं के लिए संघर्ष जारी रहेगा प्रदर्शन के बाद गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है और युवाओं से जुड़े पेपर लीक के मुद्दे पर जवाबदेही से बच रही है। डोटासरा ने विवादित टिप्पणी करते हुए भाजपा नेताओं को “नाथूराम गोडसे के वंशज” बताया और कहा कि वे आंदोलनों का दमन करना जानते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता युवाओं के अधिकारों की लड़ाई में किसी भी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी, विद्यार्थियों के साथ न्याय और लोकसभा में पेपर लीक के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा से कम कांग्रेस को कुछ भी स्वीकार नहीं होगा। भाजपा के प्रदर्शन को बताया ‘मैच फिक्सिंग’ डोटासरा ने भाजपा के पूर्व प्रदर्शन पर भी टिप्पणी करते हुए उसे कथित रूप से “मैच फिक्सिंग” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने केवल हल्की पानी की बौछार छोड़ी थी और प्रदर्शनकारी शांतिपूर्वक वापस चले गए थे, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ कठोरता बरती गई।कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने दावा किया कि देश में बड़ी संख्या में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं, लेकिन केंद्र सरकार इसकी जिम्मेदारी तय करने और दोषियों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई करने में विफल रही है। एमआई रोड पर यातायात प्रभावित कांग्रेस के प्रदर्शन और भारी पुलिस बंदोबस्त के कारण एमआई रोड और आसपास के क्षेत्रों में यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस बैरिकेडिंग और प्रदर्शनकारियों की भीड़ के कारण कई वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया। प्रदर्शन समाप्त होने और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लौटने के बाद यातायात व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य हुई। पुलिस अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर रखा था।कांग्रेस का कहना है कि पेपर लीक, विद्यार्थियों पर कथित पुलिस कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जवाबदेही के मुद्दे पर उसका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
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उदयपुर न्यूज़: शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला के हाथ से सोने की दो चूड़ियां पार होने का मामला सामने आया है। घटना कांता मारवाह मार्ग, पुलिस लाइन क्षेत्र की बताई जा रही है। पीड़िता के भतीजे ने सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट देकर बाइक सवार बदमाशों पर वारदात को अंजाम देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार कांता मारवाह मार्ग पुलिस लाइन अजमेर निवासी जितेन्द्र नारवानी पुत्र चिमनदास नारवानी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में बताया गया कि उनकी चाची मीना नारवानी उम्र 75 वर्ष घर से पीछे वाली गली में गाय को रोटी खिलाने के लिए निकली थीं। गली में गाय नहीं मिलने पर वे मुख्य सड़क की ओर पुलिस लाइन चौराहे की तरफ जाने लगीं। इसी दौरान बाइक सवार 2 से 3 युवक उनके पीछे चलने लगे। आरोप है कि इनमें से एक युवक बाइक से उतरकर बुजुर्ग महिला के साथ-साथ चलने लगा और उनसे बातचीत करने की कोशिश करने लगा। कुछ देर बाद महिला को ऐसा महसूस हुआ कि उनकी आंखें बंद हो रही हैं और उन्हें ठीक से कुछ याद नहीं रहा। करीब पांच मिनट बाद जब महिला को होश आया तो उनके हाथों में पहनी सोने की दोनों चूड़ियां गायब थीं। इसी बीच बाइक सवार युवक मौके से फरार हो चुके थे। घटना से घबराई बुजुर्ग महिला घर लौटीं और परिजनों को पूरी बात बताई। इसके बाद परिजनों ने सिविल लाइन थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में बाइक सवार युवकों पर सोने की चूड़ियां चोरी करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच एएसआई कैलाश चंद को सौंपी है। फिलहाल पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने और संदिग्ध युवकों की पहचान करने में जुटी है। बुजुर्ग महिला के साथ हुई इस घटना के बाद क्षेत्र में लोगों में चिंता का माहौल है। परिजनों ने पुलिस से जल्द आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी और चोरी हुई ज्वेलरी बरामद करने की मांग की है।
Read more 12th Jul 2026
अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि पेपर लीक मामलों में दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर भी स्पष्ट किया कि इससे देश के किसानों के हितों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। मंगलवार को आयोजित एनडीए संसदीय दल की बैठक के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री के वक्तव्य की जानकारी दी। रिजिजू ने बताया कि बैठक में प्रधानमंत्री ने पेपर लीक जैसे मामलों को गंभीर बताते हुए कहा कि दोषियों की जवाबदेही तय की जाएगी और उन्हें सख्त सजा मिलेगी। प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक को लेकर छात्र संगठनों एवं विपक्ष की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने संकेत दिया कि सरकार इस विषय को विद्यार्थियों के भविष्य और परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा गंभीर मामला मानती है। किसानों के हितों से समझौता नहीं करने का भरोसा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर उठ रही आशंकाओं पर प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे भारतीय किसानों को नुकसान नहीं होगा। सरकार व्यापारिक वार्ताओं के दौरान कृषि क्षेत्र, किसानों की आजीविका और देश के आर्थिक हितों की पूरी तरह रक्षा करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता किसानों के हित, कृषि क्षेत्र की मजबूती और घरेलू उत्पादन को संरक्षण देना है। किसी भी अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक समझौते में इन विषयों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाएगा। बैठक में एनडीए सांसदों से संसद के मानसून सत्र के दौरान सरकार की नीतियों, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और राष्ट्रीय हित से जुड़े विषयों को तथ्यों के साथ जनता के सामने रखने का आह्वान भी किया गया।
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राष्ट्रीय न्यूज़: पीएम आवास के पास तीन घंटे चला कांग्रेस का धरना:दो दौर की बातचीत के बाद भी नहीं बनी सहमति, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की, लाठीचार्ज का आरोप नई दिल्ली। पेपर लीक प्रकरण को लेकर प्रधानमंत्री आवास के पास धरने पर बैठे कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं को दिल्ली पुलिस ने मंगलवार शाम हिरासत में ले लिया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई नेताओं को पुलिस वाहनों में बैठाकर प्रदर्शन स्थल से हटाया गया। कांग्रेस नेता मंगलवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे प्रधानमंत्री आवास के निकट धरने पर बैठे थे। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। धरना करीब तीन घंटे तक चला और शाम लगभग साढ़े छह बजे पुलिस ने नेताओं को वहां से हटाने की कार्रवाई शुरू की। राहुल गांधी हिरासत, प्रियंका गांधी हिरासत,प्रियंका गांधी से थाने में मिलने पहुंची सोनिया गांधी,और अखिलेश यादव दो बार हुई बातचीत, नहीं बनी सहमति धरने के दौरान सरकार की ओर से राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं से दो बार बातचीत की गई। सरकार ने प्रदर्शन समाप्त करने की अपील की, लेकिन कांग्रेस नेता अपनी मांगों पर कायम रहे। कांग्रेस का कहना था कि पेपर लीक से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है और इस मामले में केवल प्रशासनिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। पार्टी ने राजनीतिक जवाबदेही तय करने तथा विद्यार्थियों की मांगों पर स्पष्ट निर्णय लेने की मांग की। पुलिस को रोकने के लिए कार्यकर्ताओं ने बनाया घेरा बातचीत विफल होने के बाद 100 से अधिक पुलिसकर्मी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। पुलिस जब राहुल गांधी को हिरासत में लेने के लिए आगे बढ़ी तो कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके चारों ओर घेरा बना लिया और पुलिस को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच करीब आधे घंटे तक धक्का-मुक्की होती रही। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस पर लाठीचार्ज और बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है। पुलिस की ओर से इस आरोप पर आधिकारिक स्थिति अलग से स्पष्ट की जानी बाकी है।कई पुलिसकर्मियों ने राहुल गांधी को उठाया राहुल गांधी ने धरना स्थल से स्वयं उठने से इनकार कर दिया। इसके बाद एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों ने उन्हें उठाकर पुलिस बस तक पहुंचाया। उनके साथ प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेताओं को भी हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए गए नेताओं के समर्थकों ने केंद्र सरकार और पुलिस के विरुद्ध नारेबाजी की। पुलिस ने प्रधानमंत्री आवास और आसपास के संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाते हुए प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया। कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताया और कहा कि पेपर लीक तथा विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों पर उसका आंदोलन जारी रहेगा।
Read more 21st Jul 2026
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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