राजस्थान न्यूज़: जयपुर में आयोजित राजस्थान ऊर्जा सम्मेलन में मुख्यमंत्री लाल शर्मा ने ऊर्जा संरक्षण, ईंधन बचत और हरित ऊर्जा को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा की बचत ही ऊर्जा उत्पादन का सबसे सस्ता, प्रभावी और स्थायी विकल्प है। संसाधनों के विवेकपूर्ण और संयमित उपयोग की आदत ही ऊर्जा आत्मनिर्भरता की राह को मजबूत बनाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान आज सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में देश में अग्रणी भूमिका निभा रहा है और आने वाले समय में ऊर्जा प्रदाता राज्य के रूप में अपनी पहचान और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि गैर परंपरागत ऊर्जा स्रोतों के विकास की असीम संभावनाओं के कारण राजस्थान हरित ऊर्जा क्रांति का केंद्र बनता जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री इलेक्ट्रिक वाहन से पहुंचे और ईंधन बचत, पर्यावरण संरक्षण तथा हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल की बचत केवल सरकार की नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी है। स्वच्छ और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को अपनाकर ही भविष्य की ऊर्जा चुनौतियों का समाधान संभव है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन कम होगा और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “राष्ट्र प्रथम” और ईंधन की एक-एक बूंद बचाने के संदेश को अपनाते हुए राज्य सरकार ने सरकारी वाहनों के सीमित और संयमित उपयोग को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र के निवेशकों से राजस्थान को ऊर्जा का पावरहाउस बनाने में भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुए “पधारो म्हारे देस” का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश की दृष्टि से राजस्थान देश के सबसे अनुकूल राज्यों में शामिल है और सरकार उद्योगों तथा निवेशकों को हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बताया कि राज्य में सौर, पवन, जैव ऊर्जा, पंप स्टोरेज और हरित हाइड्रोजन परियोजनाओं में बड़े निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जो राजस्थान की अर्थव्यवस्था के लिए नए युग की शुरुआत साबित होंगे। उन्होंने कहा कि राजस्थान में 828 गीगावाट सौर ऊर्जा और 284 गीगावाट पवन ऊर्जा की संभावनाएं मौजूद हैं। वर्तमान में राज्य में 47 गीगावाट से अधिक अक्षय ऊर्जा क्षमता स्थापित की जा चुकी है और राजस्थान सौर परियोजनाओं की स्थापना में देश में अग्रणी बना हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अक्षय ऊर्जा, जैव ईंधन, ऊर्जा भंडारण और हरित हाइड्रोजन परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति-2024 लागू की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने वर्ष 2030 तक 115 गीगावाट अक्षय ऊर्जा और 10 गीगावाट ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने का लक्ष्य तय किया है, जिसे वर्ष 2047 तक 290 गीगावाट तक पहुंचाने की योजना है। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत कृषि भूमि पर लघु सौर परियोजनाएं स्थापित की जा रही हैं। योजना के अंतर्गत 4 हजार मेगावाट से अधिक क्षमता की परियोजनाएं स्थापित हो चुकी हैं तथा 6500 मेगावाट की परियोजनाएं आवंटित की जा चुकी हैं। इसके अलावा राज्य में 1000 से अधिक सरकारी भवनों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए जा चुके हैं।
Read more 15th May 2026
राजस्थान न्यूज़: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी पर तीखा हमला बोला है। जयपुर में शुक्रवार को मीडिया से बातचीत करते हुए गहलोत ने कहा कि यदि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी बार-बार प्रश्नपत्र लीक होने से रोक नहीं पा रही है और परीक्षा सही तरीके से आयोजित नहीं कर पा रही है, तो उसे भंग कर देना चाहिए। गहलोत ने कहा कि पहले राज्यों के पास मेडिकल प्रवेश परीक्षाएं आयोजित कराने का अधिकार था और अब यह अधिकार वापस राज्यों को दे दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लगातार पेपर लीक की घटनाएं देश के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि वर्ष 2026 की नीट परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंपी गई है, तो वर्ष 2024 और 2025 में हुए कथित पेपर लीक मामलों की जांच भी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से कराई जानी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों में लगातार सामने आए मामलों की गहन जांच क्यों नहीं करवाई गई। पूर्व मुख्यमंत्रीअशोक गहलोत ने कहा कि यदि सरकार में हिम्मत है तो तीनों वर्षों के पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच सामने आ सके और दोषियों पर कार्रवाई हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार हो रही अनियमितताओं से परीक्षा प्रणाली पर विद्यार्थियों और अभिभावकों का भरोसा कमजोर हुआ है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा अगले सत्र से नीट परीक्षा ऑनलाइन कराने की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए गहलोत ने कहा कि वह इस विषय पर फिलहाल ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहते। हालांकि उन्होंने मानेसर कांड का जिक्र करते हुए कहा कि धर्मेंद्र प्रधान उस पूरे प्रकरण के प्रमुख किरदारों में शामिल थे। पूर्व मुख्यमंत्रीगहलोत ने कहा कि यदि वह इस विषय पर ज्यादा बोलेंगे तो उन पर व्यक्तिगत आरोप लगाने की बात कही जाएगी, इसलिए वह सीमित टिप्पणी कर रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली को लेकर गंभीरता से काम करने की जरूरत है। इस दौरान अशोक गहलोत ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर भी केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम जनता परेशान है और सरकार को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
Read more 15th May 2026
राजस्थान न्यूज़: राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने नगर निगम में बड़ी कार्रवाई करते हुए हेल्थ इंस्पेक्टर दिनेश कुमार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान एक कथित दलाल को भी गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई के बाद नगर निगम कार्यालय में हड़कंप मच गया। सूत्रों के अनुसार भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को पांच हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया। शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो की टीम ने सत्यापन किया और उसके बाद कार्रवाई को अंजाम दिया गया। जैसे ही रिश्वत की राशि आरोपियों ने ली, टीम ने तुरंत उन्हें पकड़ लिया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रिश्वत किस काम के बदले मांगी गई थी और क्या इस पूरे मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं। अधिकारियों द्वारा आरोपियों के दस्तावेज, मोबाइल फोन और अन्य रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि पूछताछ के बाद आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसीबी की इस कार्रवाई को सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
Read more 14th May 2026
अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
राष्ट्रीय न्यूज़: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को घोषणा की कि अगले सत्र से राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट-यूजी ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की जाएगी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि 3 मई को आयोजित नीट-यूजी-2026 परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हुआ था। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार नहीं चाहती थी कि किसी गलत अभ्यर्थी का चयन हो, इसलिए पूरी जिम्मेदारी के साथ परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि 7 मई को परीक्षा में गड़बड़ी की जानकारी सामने आई थी, जिसके बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने सरकार को स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद 12 मई को पुनर्परीक्षा कराने का फैसला लिया गया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि अब नीट-यूजी-2026 की पुनर्परीक्षा रविवार 21 जून को आयोजित होगी। उन्होंने बताया कि पुनर्परीक्षा में विद्यार्थियों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। साथ ही अभ्यर्थी अपनी सुविधा के अनुसार परीक्षा केंद्र का चयन भी कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि भविष्य में परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से ऑनलाइन प्रणाली लागू की जा रही है। सरकार का प्रयास है कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता या पेपर लीक जैसी घटनाओं की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा देश के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में कराई गई थी। इसके लिए 5400 से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। पेपर लीक मामले के सामने आने के बाद देशभर में परीक्षा प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठे थे और लाखों विद्यार्थियों में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई थी। फिलहाल इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो और अन्य जांच एजेंसियों द्वारा की जा रही है। जांच में कई राज्यों तक फैले कथित प्रश्नपत्र लीक नेटवर्क के संकेत मिले हैं और कई संदिग्धों से पूछताछ जारी है।
Read more 15th May 2026
राष्ट्रीय न्यूज़: नीट-यूजी 2026 पेपर लीक प्रकरण में राजस्थान के सीकर कोचिंग हब से जुड़ा बड़ा खुलासा सामने आया है। जांच एजेंसियों की पड़ताल में पता चला है कि कुछ छात्र संगठित गिरोह की तरह परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र बेचने के नेटवर्क में सक्रिय थे। आरोप है कि ये छात्र अपने साथियों के माध्यम से ग्राहकों की तलाश कर रहे थे और लाखों रुपए लेकर पेपर उपलब्ध कराने की तैयारी में थे। मामले में जयपुर जिले के जमवारामगढ़ निवासी एक छात्र का नाम प्रमुख रूप से सामने आया है, जिससे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो लगातार पूछताछ कर रही है। सूत्रों के अनुसार सीबीआई अब केवल प्रश्नपत्र वायरल करने वाली श्रृंखला की ही नहीं, बल्कि उससे जुड़ी आर्थिक लेन-देन की पूरी कड़ी की भी जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि किन-किन लोगों तक प्रश्नपत्र पहुंचा, किसने इसके बदले रकम ली और यह पैसा किन माध्यमों से स्थानांतरित हुआ। हालांकि अभी तक प्रश्नपत्र वायरल करने के आरोप में किसी छात्र की औपचारिक गिरफ्तारी नहीं की गई है। जानकारी के अनुसार 3 मई की रात सीकर में कोचिंग संस्थान के एक शिक्षक और छात्रावास संचालक के पास जो कथित वायरल प्रश्नपत्र पहुंचा था, उसमें मूल प्रश्नपत्र के 180 में से 125 सवाल हूबहू मिले। जांच में सबसे पहले जमवारामगढ़ निवासी छात्र का नाम सामने आया, जिसने अपने करीबी साथियों को पहले ही संकेत दे दिया था कि प्रश्नपत्र उपलब्ध हो जाएगा। इसके बाद उसके साथी छात्रों ने कथित रूप से प्रश्नपत्र बेचने के लिए ग्राहकों की तलाश शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि शुरुआत में छात्रों से प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के बदले करीब 10 लाख रुपए की मांग की गई थी। पेपर खरीदने के इच्छुक छात्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से संपर्क में थे और इसके लिए अलग-अलग समूह भी बनाए गए थे। मामला उस समय उजागर हुआ जब कथित प्रश्नपत्र प्राप्त करने वाले छात्रों ने उसे दूसरे समूहों में भी साझा कर दिया और प्रश्नपत्र तेजी से वायरल हो गया। जांच में यह भी सामने आया है कि जमवारामगढ़ निवासी छात्र के अलावा काउंसलर राकेश कुमार भी कथित रूप से प्रश्नपत्र बेचने के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। बताया जा रहा है कि छात्रों ने ही उससे संपर्क किया था और रकम जुटाने के लिए उसके माध्यम से सौदेबाजी की जा रही थी। उसके सोशल मीडिया समूहों में बड़ी संख्या में छात्र जुड़े हुए बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसियों की प्रारंभिक पड़ताल में यह भी सामने आया है कि प्रश्नपत्र खरीदने की कोशिश करने वाले छात्रों में अधिकांश वे थे, जो पिछले दो या उससे अधिक वर्षों से सीकर के कोचिंग संस्थानों में तैयारी कर रहे थे। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो अब ऐसे छात्रों की पहचान करने में जुटी है, जिन्होंने कथित रूप से प्रश्नपत्र के बदले धनराशि दी या स्वीकार की। इस बीच नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामला अब सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंच गया है। फेडरेशन ऑफ़ इंडिया मेडिकल एसोसिएशन ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी पर छात्रों का भरोसा समाप्त होने का दावा किया है। याचिका में मांग की गई है कि परीक्षा दोबारा सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में कराई जाए तथा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को भंग करने या उसका पूर्ण पुनर्गठन कर तकनीकी रूप से अधिक सक्षम और स्वायत्त संस्था गठित की जाए। याचिका में दावा किया गया है कि टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे मंचों पर प्रसारित कथित “गेस पेपर” के 100 से अधिक प्रश्न वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खाते पाए गए हैं। राजस्थान विशेष अभियान समूह ने भी पुष्टि की है कि वायरल प्रश्नपत्र में 125 से अधिक सवाल शामिल थे, जिनमें रसायन विज्ञान के 35 और जीव विज्ञान के 90 प्रश्न बताए गए हैं। याचिकाकर्ताओं ने सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक निगरानी समिति गठित करने की मांग की है, जिसमें साइबर सुरक्षा और फॉरेंसिक विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाए। मामले को लेकर देशभर के विद्यार्थियों और अभिभावकों में चिंता और नाराजगी बढ़ती जा रही है।
Read more 14th May 2026
अग्निवीर सेना भर्ती रैली, 20 जून के अभ्यर्थी देंगे 26 जून को रिपोर्ट
अग्निवीर सेना भर्ती रैली, 0 जून के अभ्यर्थी देंगे 26 जून को रिपोर्ट अजमेर, 19 जून। सेना भर्ती कार्यालय जोधपुर के निदेशक (भर्ती) कर्नल दीपांकर बसु ने बताया कि अजमेर में चक्रवात के कारण हुई अतिवृष्टि से अग्निवीर सेना भर्ती रैली के कार्यक्रम में परिवर्तन किया गया है। इसके कारण 20 जून को कायड़ विश्राम स्थली में रिपोर्ट करने वाले अभ्यर्थी अब 26 जून को प्रातः 2 बजे कायड़ विश्राम स्थली पर रिपोर्ट करेंगे।
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved