राजस्थान न्यूज़: राजस्थान सरकार ने नगरीय निकायों (नगर निगम, नगर परिषद, नगर पालिका) के जनप्रतिनिधियों के लिए मासिक भत्तों में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। यह निर्णय स्वायत्त शासन विभाग द्वारा गुरुवार को जारी आदेश के साथ प्रभावी हुआ है। बढ़ा हुआ भत्ता 1 अप्रैल 2025 से लागू होगा। इस फैसले का लाभ राज्य के सभी निकायों के पार्षदों को मिलेगा। बैठक में भाग लेने के लिए मिलने वाले पारिश्रमिक भत्ते को संशोधित करते हुए प्रत्येक स्तर पर नई दरें लागू की गई हैं।
Read more 3rd Apr 2025
राजस्थान न्यूज़: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एक बार फिर दादा बन गए हैं। नवरात्रि के पावन अवसर पर उनके बेटे वैभव गहलोत के घर खुशियों की दस्तक हुई है। वैभव की पत्नी हिमांशी गहलोत ने बेटे को जन्म दिया है। यह जानकारी खुद वैभव गहलोत ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए साझा की। उन्होंने बताया कि यह उनके जीवन का अत्यंत आनंदपूर्ण पल है और भगवान की कृपा से उन्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई है। वैभव और हिमांशी की यह दूसरी संतान है। इससे पहले उनके घर में बेटी काशिनी गहलोत पहले से मौजूद है। वैभव गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा— "परमपिता की असीम अनुकम्पा से हमारे घर में खुशियों की नई किलकारी गूंजी है! भगवान की कृपा से हमें पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई है। हिमांशी और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। आपका आशीर्वाद और शुभकामनाएं हमारे लिए अनमोल हैं।"
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राजस्थान न्यूज़: राजस्थान में चर्चित 'एकल पट्टा घोटाले' से जुड़े मामलों की सुनवाई 3 अप्रैल 2025 को दोपहर 3:30 बजे राजस्थान हाई कोर्ट, जयपुर में होगी। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश एमएम श्रीवास्तव की एकल पीठ द्वारा की जाएगी। इस सुनवाई के लिए सप्लीमेंटरी लिस्ट में कुल 9 याचिकाएं सूचीबद्ध हैं। यह मामला राजस्थान की पूर्व सरकार में शहरी विकास मंत्री रहे शांति धारीवाल को लेकर है, जो इस घोटाले में मुख्य आरोपी माने जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इस मामले की पिछली सुनवाई 10 फरवरी 2025 को हुई थी, जिसमें 19 मार्च 2025 को अगली सुनवाई निर्धारित की गई थी, परंतु तकनीकी कारणों से वह नहीं हो सकी। राजस्थान सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू, अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा, विशिष्ट लोक अभियोजक अनुराग शर्मा (पूर्व AAG) और अभिनव शर्मा (पूर्व AAG) पैरवी करेंगे। वहीं, परिवादी अशोक पाठक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्तागण आशीष सिंह और वागीश सिंह अदालत में पक्ष रखेंगे। गौरतलब है कि भारत के सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही निम्नलिखित पांच याचिकाओं की पुनः सुनवाई का आदेश दिया था: CrlMP 5353/2022 Crl Rev 113/2022 Crl Rev 114/2022 Crl Rev 115/2022 Crl Rev 131/2022 इन याचिकाओं के साथ-साथ CrlMP 1717/2022 को भी सुनवाई में शामिल किया गया था, जो बाद में अप्रासंगिक (infructuous) हो गई थी, लेकिन आरोपियों ने इसे जानबूझकर लंबित रखा, जिसे परिवादी पक्ष ने चालाकी और मिलीभगत करार दिया है। इसके अलावा, उच्च न्यायालय की दो अलग-अलग पीठों ने निम्नलिखित याचिकाओं को भी विशेष रूप से मुख्य न्यायाधीश की एकल पीठ को भेजने के निर्देश दिए हैं:CrlW 189/2025 (GS Sandhu Vs State of Rajasthan) – आदेश: 11.03.2025 (न्यायमूर्ति विनोद कुमार भारवानी) CrlMP 653/2025 (Onkar Mal Saini Vs State of Rajasthan) – आदेश: 04.03.2025 (न्यायमूर्ति गणेश राम मीणा) CrlMP 461/2025 (Nishkam Diwakar Vs State of Rajasthan) – एकल पीठ में सूचीबद्ध विशेष जानकारी:आरोपी ओंकार मल सैनी ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को निरस्त करने हेतु CrlW 1235/2023 दाखिल कर रखा है, जिसकी सुनवाई अलग पीठ द्वारा की जा रही है।
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अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
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अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
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अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़: भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव सचिन पायलट ने पिछली शाम लंदन स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स (LSE) में आयोजित एक कार्यक्रम में भारतीय राजनीतिक विमर्श, विपक्ष की भूमिका और उसकी लोकतांत्रिक प्रासंगिकता पर विचार रखते हुए कहा कि भारत में विपक्ष की सक्रियता लोकतंत्र की नींव को मजबूत करने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा और INDIA गठबंधन का गठन, भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राजनीति को सीधी चुनौती देने और जनता की आवाज़ को राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सचिन पायलट ने आगे कहा कि हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनावों के परिणाम इस बात का प्रमाण हैं कि भारत में एक सशक्त विपक्ष न केवल आवश्यक है, बल्कि अनिवार्य है, ताकि सरकार को जवाबदेह बनाया जा सके और सत्ता के निरंकुश प्रयोग पर रोक लगाई जा सके। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारतीय विपक्ष की भूमिका सिर्फ संसद के भीतर बहसों और विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जन आंदोलन, जनसरोकार और अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर भी उतनी ही प्रभावशाली रही है। सचिन पायलट ने यह बात भी दोहराई कि लोकतंत्र सिर्फ चुनावों से नहीं चलता, बल्कि एक प्रभावशाली, विवेकशील और सक्रिय विपक्ष उसकी सांस्थानिक ताकत को बनाए रखने में मदद करता है। भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में विपक्ष का दायित्व और भी बढ़ जाता है, जहां उसे न केवल नीतियों की आलोचना करनी होती है, बल्कि जनभावनाओं को मंच भी देना होता है।
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राष्ट्रीय न्यूज़: वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को लेकर लोकसभा में बुधवार को दिनभर चली तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप के बाद अंततः 12 घंटे की लंबी चर्चा के उपरांत यह बिल पास हो गया। बिल के पक्ष में 288 सांसदों ने मतदान किया, जबकि 232 सांसदों ने इसका विरोध किया। इस महत्वपूर्ण विधेयक को अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने पेश किया था और इसे उन्होंने "उम्मीद" (Unified Waqf Management Empowerment, Efficiency and Development) नाम दिया। बिल को केंद्र की गठबंधन सरकार में शामिल दलों TDP, JDU और LJP का समर्थन मिला। चर्चा के दौरान किरेन रिजिजू ने करीब 58 मिनट तक अपनी बात रखी और बताया कि कैसे पूर्ववर्ती UPA सरकार ने 2014 में चुनाव से ठीक पहले 123 प्राइम प्रॉपर्टीज दिल्ली वक्फ बोर्ड को ट्रांसफर कर दी थीं, जो पूरी तरह वोट बैंक की राजनीति थी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह संशोधन अब नहीं किया गया होता, तो “जिस संसद भवन में हम बैठे हैं, उस पर भी वक्फ का दावा किया जा सकता था।” विपक्ष की ओर से सबसे तीखा विरोध AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने किया। उन्होंने बिल को “मुसलमानों को जलील करने की कोशिश” करार देते हुए संसद में ही बिल की प्रति फाड़ दी और वॉकआउट कर गए। उनका यह विरोध चर्चा का केंद्र बन गया। गृह मंत्री अमित शाह ने बिल का कड़ा बचाव किया और स्पष्ट कहा कि “वक्फ में कोई गैर-इस्लामिक प्रावधान नहीं जोड़ा गया है। यह बिल पारदर्शिता और व्यवस्था सुधार के लिए है, अल्पसंख्यकों को डराने के लिए नहीं।” उन्होंने कहा कि “वोट बैंक के लिए माइनॉरिटीज को गुमराह किया जा रहा है। अगर कोई कहता है कि माइनॉरिटीज यह बिल नहीं मानेगी तो यह लोकतंत्र को धमकी देने जैसा है। संसद का कानून सबको मानना ही होगा।”
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अग्निवीर सेना भर्ती रैली, 20 जून के अभ्यर्थी देंगे 26 जून को रिपोर्ट
अग्निवीर सेना भर्ती रैली, 0 जून के अभ्यर्थी देंगे 26 जून को रिपोर्ट अजमेर, 19 जून। सेना भर्ती कार्यालय जोधपुर के निदेशक (भर्ती) कर्नल दीपांकर बसु ने बताया कि अजमेर में चक्रवात के कारण हुई अतिवृष्टि से अग्निवीर सेना भर्ती रैली के कार्यक्रम में परिवर्तन किया गया है। इसके कारण 20 जून को कायड़ विश्राम स्थली में रिपोर्ट करने वाले अभ्यर्थी अब 26 जून को प्रातः 2 बजे कायड़ विश्राम स्थली पर रिपोर्ट करेंगे।
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