राजस्थान न्यूज़: जयपुर। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जयपुर के एसएमएस स्टेडियम में मुख्य योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में योग साधक, विभिन्न विभागों के कर्मचारी, पुलिसकर्मी, होमगार्ड जवान, एनसीसी कैडेट, विद्यार्थी और आमजन शामिल हुए। सुबह 6 बजे से 8 बजे तक चले इस कार्यक्रम में सभी ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया। एसएमएस स्टेडियम के इंडोर स्टेडियम में आयोजित मुख्य योग कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, जयपुर शहर सांसद मंजू शर्मा, राज्यसभा सदस्य अल्का गुर्जर, उपमुख्यमंत्री एवं आयुष मंत्री प्रेमचंद बैरवा और जयपुर की निवर्तमान महापौर सौम्या गुर्जर मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम की शुरुआत हुई। योग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रशिक्षकों के निर्देशन में उपस्थित लोगों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। कार्यक्रम के दौरान योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और स्वस्थ शरीर व शांत मन के लिए नियमित योगाभ्यास के महत्व पर जोर दिया गया। जयपुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर एसएमएस स्टेडियम के साथ-साथ अल्बर्ट हॉल, पत्रिका गेट, जलमहल और आमेर फोर्ट पर भी सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन स्थानों पर भी बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और योग के प्रति उत्साह दिखाया। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों में विद्यार्थी, योग साधक, विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारी, पुलिसकर्मी, होमगार्ड, एनसीसी और सीआरपीएफ के जवान भी शामिल हुए। आयोजकों की ओर से सभी प्रमुख स्थलों पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं, ताकि प्रतिभागियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। योग दिवस के कार्यक्रमों के माध्यम से जयपुर में स्वस्थ जीवन, अनुशासन और मानसिक संतुलन का संदेश दिया गया। सामूहिक योगाभ्यास में लोगों की भागीदारी ने यह दिखाया कि योग अब केवल व्यक्तिगत अभ्यास नहीं, बल्कि समाज को स्वास्थ्य और सकारात्मकता से जोड़ने वाला जनआंदोलन बन चुका है।
Read more 21st Jun 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने जयपुर में फर्टिलाइजर से जुड़ी तीन फैक्ट्रियों और गोदामों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि एक सील फैक्ट्री में नमक के कचरे से नकली पोटाश तैयार किया जा रहा था। इसे म्यूरेट ऑफ पोटाश यानी MOP के रूप में तैयार कर किसानों को बेचे जाने की बात सामने आई है। कृषि मंत्री डॉ. मीणा ने वीकेआई क्षेत्र स्थित नंदी फर्टिलाइजर्स की सील की गई इकाई को खुलवाकर औचक निरीक्षण किया। यहां म्यूरेट ऑफ पोटाश की जांच के दौरान सामने आया कि इसे नमक के अपशिष्ट से तैयार किया जा रहा था। डॉ. मीणा ने इसे किसानों के साथ बड़ा धोखा और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया। उन्होंने अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कई उत्पादों पर निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट और अन्य जरूरी जानकारियां भी उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के मानकों के अनुरूप नहीं पाई गईं। कृषि विभाग की टीम ने उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और लाइसेंस से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की। प्रारंभिक जांच में नियमों के गंभीर उल्लंघन की बात सामने आई है। डॉ. मीणा ने रोड नंबर 7 स्थित समृद्धि सर्विसेज नामक सीएंडएफ गोदाम पर भी छापेमारी की। यहां बिना अनुमति के बायो-स्टिमुलेंट की सप्लाई का मामला सामने आया, जबकि राजस्थान में इसकी बिक्री पर प्रतिबंध बताया जा रहा है। इस पर मंत्री ने अधिकारियों को संबंधित रिकॉर्ड जब्त कर जांच आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके अलावा चित्तारी एग्री केयर कंपनी में भी बिना अनुमति बायो-स्टिमुलेंट और अन्य अवैध कृषि उत्पाद पाए गए। निरीक्षण के दौरान एक गोदाम में बिना लाइसेंस का लिक्विड फर्टिलाइजर भी मिला। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि इन उत्पादों के माध्यम से नियमों की अवहेलना कर किसानों को नुकसान पहुंचाया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान सब्सिडी को लेकर भी घोटाले की आशंका जताई गई है। अधिकारियों के अनुसार संबंधित उत्पाद पर भारत सरकार की ओर से 1,500 रुपए प्रति टन तक की सब्सिडी मिलती है। ऐसे में जांच की जा रही है कि क्या इस सब्सिडी का गलत तरीके से लाभ लिया गया। कृषि विभाग अब पूरे रिकॉर्ड, स्टॉक, लाइसेंस, सप्लाई चेन और भुगतान संबंधी दस्तावेजों की जांच करेगा। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नकली खाद, अवैध कृषि उत्पाद और सब्सिडी में गड़बड़ी से जुड़े मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। यह कार्रवाई किसानों के हितों की सुरक्षा और कृषि उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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राजस्थान न्यूज़: आबूराज । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आबूराज के पर्यटन, आध्यात्मिक और पर्यावरणीय महत्व को ध्यान में रखते हुए इसके सर्वांगीण विकास के लिए विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आबूराज का विकास इस प्रकार किया जाए कि यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलें और क्षेत्र की सांस्कृतिक, धार्मिक तथा प्राकृतिक विरासत भी संरक्षित रहे। मंत्री रविवार को आबूराज में आबूपर्वत विकास समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री ने शहरी विकास, सड़क, पार्किंग, आवागमन और पर्यटक सुविधाओं को विश्वस्तरीय स्तर पर विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आबूराज में सुविधाओं का विस्तार इस तरह हो कि अधिक से अधिक पर्यटक यहां आएं और उन्हें स्वच्छ, व्यवस्थित और सुगम वातावरण मिले। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्यों को विभागों के परस्पर समन्वय के साथ समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए। उन्होंने संभागीय आयुक्त और मुख्य सचिव को इन कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग करने के लिए भी निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आबूराज के विकास से जुड़े कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने नक्की झील के सौंदर्यकरण, प्रकाश व्यवस्था, रंग-रोगन, सीढ़ियों की मरम्मत, सीवरेज व्यवस्था और अन्य आधारभूत सुविधाओं को लेकर विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नक्की झील आबूराज की पहचान है, इसलिए इसके आसपास की व्यवस्थाओं को सुंदर, सुरक्षित और पर्यटक अनुकूल बनाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आबूराज ऋषि-मुनियों की भूमि रही है और इसका धार्मिक व आध्यात्मिक महत्व अत्यंत विशेष है। उन्होंने धार्मिक पर्यटन को नई गति देने के लिए क्षेत्र के मंदिरों का सूचीकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंदिरों और धार्मिक स्थलों के विकास से श्रद्धालुओं और पर्यटकों दोनों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। मुख्यमंत्री ने आबूराज को क्लीन और ग्रीन सिटी के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आबूराज स्वच्छता युक्त और अतिक्रमण मुक्त रहे। इसके लिए नियमित निगरानी, प्रभावी व्यवस्था और स्थानीय स्तर पर समन्वित प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थल की पहचान उसकी स्वच्छता, अनुशासन और प्राकृतिक सौंदर्य से होती है। मुख्यमंत्री ने आबूराज की सांस्कृतिक और पर्यावरणीय विशिष्टता को संरक्षित रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने टोकन कार्य में ऑनलाइन प्रणाली को पूर्ण पारदर्शिता के साथ लागू करने और निर्माण सामग्री के आवागमन पर निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के दौरान पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय विरासत से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आबूराज में ‘विकास भी, विरासत भी’ के मूल मंत्र पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विकास का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य करना नहीं है, बल्कि आबूराज की मूल पहचान, आध्यात्मिकता और पर्यावरणीय सुंदरता को सुरक्षित रखते हुए उसे आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना है।
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अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
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अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
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राष्ट्रीय न्यूज़: दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शीर्ष नेताओं की उच्चस्तरीय बैठकों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के निवास पर संघ और भाजपा नेताओं के बीच करीब तीन घंटे तक चली बैठक के बाद भाजपा संगठन में बड़े फेरबदल, राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नई टीम, केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव और कुछ राज्यों में राज्यपालों के परिवर्तन को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि इस बैठक में संघ के सहसरकार्यवाह अरुण कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष, सहसंगठन महामंत्री शिवप्रकाश, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वरिष्ठ भाजपा नेता जेपी नड्डा सहित संगठन और सरकार से जुड़े प्रमुख चेहरे शामिल रहे। बैठक को भाजपा के आगामी संगठनात्मक रोडमैप और सरकार-संगठन के समन्वय की दृष्टि से अहम माना जा रहा है। इस बैठक से पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की अध्यक्षता में भी संघ और भाजपा संगठन से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारियों की अहम चर्चा हुई थी। इसमें सहसरकार्यवाह अरुण कुमार, आलोक कुमार, सीआर मुकुंद सहित भाजपा संगठन कार्य के लिए भेजे गए पूर्णकालिक प्रचारकों और भाजपा के संगठनात्मक पदाधिकारियों से जुड़े विषयों पर विमर्श होने की बात सामने आई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में केंद्रीय संगठन की नई टीम का गठन अब अंतिम चरण में हो सकता है। इसी क्रम में राष्ट्रीय पदाधिकारियों की घोषणा, राज्यों में संगठनात्मक बदलाव और आगामी चुनावी राज्यों को लेकर नई जिम्मेदारियों के बंटवारे पर चर्चा संभव मानी जा रही है। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल के लिए कुछ नेताओं को नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं, जबकि कुछ चेहरों को संगठन में सक्रिय भूमिका मिल सकती है। हालांकि इस संबंध में भाजपा या केंद्र सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसी तरह पांच से छह राज्यों में राज्यपालों के बदलाव की संभावना को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि संगठनात्मक संतुलन, राजनीतिक अनुभव और आगामी चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए कुछ वरिष्ठ नेताओं को संवैधानिक पदों पर भेजा जा सकता है। हालांकि यह पूरी तरह अटकलों के स्तर पर है और आधिकारिक निर्णय सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। भाजपा-आरएसएस के बीच हुई इन बैठकों को आगामी राजनीतिक रणनीति की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लोकसभा चुनाव के बाद संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने, राज्यों में नेतृत्व को सक्रिय करने और केंद्र सरकार की योजनाओं को राजनीतिक रूप से प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने की रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, भाजपा के लिए आने वाला समय संगठनात्मक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। कई राज्यों में चुनावी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और पार्टी अपने संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक सक्रिय करने की दिशा में काम कर रही है। ऐसे में शीर्ष स्तर पर हुई यह बैठक आने वाले दिनों में बड़े राजनीतिक फैसलों का संकेत मानी जा रही है। हालांकि भाजपा या आरएसएस की ओर से बैठक के एजेंडे और निष्कर्षों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसके बावजूद बैठक में शीर्ष नेताओं की मौजूदगी ने दिल्ली के राजनीतिक और मीडिया जगत में चर्चाओं को हवा दे दी है। अब सबकी नजर भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम, संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल और राज्यपालों की नियुक्तियों से जुड़े आगामी फैसलों पर टिकी हुई है।
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राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के इतिहास में लगातार सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उनके कार्यकाल के 4,399 दिन पूरे होने के अवसर पर नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की बैठक में उनका सम्मान किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने हमेशा "नेशन फर्स्ट" की भावना के साथ कार्य किया है और देशहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत को केवल वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा ही नहीं करनी है, बल्कि कई क्षेत्रों में दुनिया से एक कदम आगे निकलना है। उन्होंने ग्रीन एनर्जी, न्यूक्लियर एनर्जी, डेटा सेंटर, विनिर्माण और तकनीकी नवाचार को भविष्य के विकास का आधार बताते हुए कहा कि आने वाले समय में भारत मेड इन इंडिया विमान और अन्य उन्नत तकनीकी उत्पादों के निर्माण में भी नई उपलब्धियां हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में जनता ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन पर विश्वास जताया था और पिछले 12 वर्षों में उस विश्वास को और मजबूत करने का प्रयास किया गया है। प्रधानमंत्री के अनुसार विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और आर्थिक नीतियों के परिणामस्वरूप करोड़ों लोगों के जीवन स्तर में सुधार आया है और बड़ी संख्या में लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। प्रधानमंत्री ने देश में बुनियादी ढांचे के विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में हवाई अड्डों, एक्सप्रेस-वे और मेट्रो नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है, जिससे देश के विभिन्न क्षेत्रों में संपर्क और आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिली है। NDA सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और योगदान की सराहना करते हुए अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित किया गया। यह प्रस्ताव एन. चंद्रबाबू नायडू ने प्रस्तुत किया, जबकि नेफियू रियो ने इसका समर्थन किया। बैठक में भाजपा और NDA शासित 22 राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी को इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों के नेताओं के साथ अनौपचारिक संवाद भी हुआ। इससे पहले प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में भी उनके 12 वर्षों के कार्यकाल पर बधाई प्रस्ताव पारित किया गया। मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने तालियां बजाकर प्रधानमंत्री के नेतृत्व और योगदान की सराहना की।
Read more 11th Jun 2026
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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