राजस्थान न्यूज़: जयपुर। भूमि आवंटन से जुड़े एक पुराने मामले में जिला उपभोक्ता आयोग क्रम-2 ने जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के आयुक्त सिद्धार्थ महाजन और जोन-9 के उपायुक्त सूर्यकांत शर्मा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। आयोग ने पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है कि दोनों अधिकारियों को गिरफ्तार कर 12 अक्टूबर को आयोग के समक्ष पेश किया जाए। यह आदेश परिवादी कृष्णा की ओर से दायर अवमानना परिवाद पर सुनवाई के दौरान दिया गया। परिवादी की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता उमेश श्रृंगी ने यह जानकारी दी। मामला जेडीए की निलय कुंज आवास योजना में भूखंड का कब्जा न मिलना परिवादी कृष्णा; लॉटरी में भूखंड संख्या 454 आवंटित आयोग का फैसला वर्ष 2016 में परिवादी के पक्ष में, कब्जा पत्र जारी करने के निर्देश अवमानना परिवाद वर्ष 2020 में पेश ताजा आदेश जेडीए आयुक्त और जोन-9 उपायुक्त के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट अगली तारीख 12 अक्टूबर, सोमवार भूखंड संख्या 454 और निलय कुंज योजना अधिवक्ता उमेश श्रृंगी के अनुसार परिवादी कृष्णा ने जेडीए की निलय कुंज आवास योजना में भूखंड के लिए आवेदन किया था। लॉटरी में उन्हें भूखंड संख्या 454 आवंटित हुआ, लेकिन एक साल बीतने के बाद भी कब्जा नहीं दिया गया। इसके बाद जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद पेश किया गया। 2016 में आदेश, फिर तीन स्तरों पर चुनौती करीब चार साल चली सुनवाई के बाद वर्ष 2016 में जिला उपभोक्ता आयोग ने परिवादी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए जेडीए को आवंटित भूखंड का कब्जा पत्र जारी करने के निर्देश दिए। जेडीए ने इस आदेश को पहले राज्य उपभोक्ता आयोग, फिर राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग में चुनौती दी और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, लेकिन किसी भी स्तर पर जेडीए को राहत नहीं मिली।आदेश के बावजूद कब्जा नहीं मिलने पर वर्ष 2020 में अवमानना परिवाद पेश किया गया, जिसमें आदेश की पालना कराने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई। इस लिहाज से मूल आदेश को दस साल और अवमानना परिवाद को छह साल हो चुके हैं। आयोग पहले भी दिखा चुका है सख्ती जयपुर का जिला उपभोक्ता आयोग इससे पहले भी आदेश की पालना न होने पर वारंट जारी कर चुका है। इसी साल मार्च में आयोग ने एक अवमानना प्रकरण में अभिनेता सलमान खान को तीसरी बार जमानती वारंट जारी किया था और वारंट की तामील के लिए डीजीपी को विशेष टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए थे (पढ़ें— वह मामला)।इस मामले में जेडीए या दोनों अधिकारियों की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आदेश किस पीठ ने पारित किया, इसका ब्योरा भी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
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राजस्थान न्यूज़: बीकानेर। पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव को देखते हुए सरकारी और संबंधित विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक की अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं का कार्यक्रम बदल दिया गया है। संशोधित समय-सारणी के अनुसार ये परीक्षाएं अब 25 नवंबर से 7 दिसंबर 2026 तक होंगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ललित कुमार ने इस बारे में आदेश जारी किए हैं।चुनाव प्रक्रिया में बड़ी संख्या में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगती है। मतदान दलों में शामिल होने के अलावा प्रशिक्षण, मतदान केंद्रों की व्यवस्था और दूसरे चुनावी कामों की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर रहती है, इसलिए पहले तय कार्यक्रम पर परीक्षाएं कराने में दिक्कत आने की आशंका थी। किन कक्षाओं पर लागू कक्षा 9, 10, 11 और 12 नई तारीखें 25 नवंबर से 7 दिसंबर 2026 कुल अवधि 13 दिन आदेश किसने जारी किया माध्यमिक शिक्षा निदेशक ललित कुमार वजह पंचायत चुनाव में शिक्षकों और कर्मचारियों की ड्यूट चुनाव खत्म होने के पांच दिन बाद से परीक्षाएं राज्य निर्वाचन आयोग के घोषित कार्यक्रम के अनुसार पंचायत चुनाव में मतदान 22 अक्टूबर से शुरू होकर चार चरणों में होगा और चौथे चरण का मतदान 14 नवंबर को है। जिला परिषद तथा पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतगणना और परिणाम 20 नवंबर को आएंगे।यानी नई परीक्षा तिथि 25 नवंबर मतगणना के ठीक पांच दिन बाद पड़ रही है। इस तरह पूरी परीक्षा अवधि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद रखी गई है। चुनावी ड्यूटी में शिक्षकों की बड़ी भागीदारी पंचायत चुनाव में मतदान दलों का बड़ा हिस्सा सरकारी स्कूलों के शिक्षक ही होते हैं। मतदान से पहले प्रशिक्षण और चुनाव से जुड़ी दूसरी तैयारियों में भी शिक्षक तथा विभागीय कर्मचारी लगाए जाते हैं। ऐसे में एक ही समय पर चुनावी जिम्मेदारी और स्कूलों में परीक्षा संचालन दोनों को संभालना मुश्किल होता।विद्यार्थियों को नई तारीखों के हिसाब से तैयारीकार्यक्रम बदलने के बाद विद्यार्थियों को संशोधित समय-सारणी के अनुसार तैयारी करनी होगी। हर कक्षा और विषय के लिए अलग-अलग तिथियां तय की गई हैं, और विद्यालयों को नए कार्यक्रम के मुताबिक परीक्षा संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।परीक्षाएं पहले किन तारीखों में प्रस्तावित थीं और विषयवार तिथियां क्या रहेंगी, इसका ब्योरा जारी जानकारी में नहीं दिया गया है। विद्यार्थियों को विषयवार तारीखों के लिए अपने विद्यालय से जारी समय-सारणी देखनी होगी।
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान में पंचायत चुनावों के लिए भाजपा निकाय चुनावों की तर्ज पर संकल्प पत्र जारी करेगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ 11 अक्टूबर को इसे जारी करेंगे। संकल्प पत्र में ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और सुविधाओं के विस्तार से जुड़ी घोषणाएं शामिल होंगी। राठौड़ ने कहा कि पार्टी इसके माध्यम से जनता के सामने गांवों के विकास की अपनी योजना रखेगी। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने पंचायत चुनावों में पार्टी की जीत का दावा करते हुए कहा कि संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत किया गया है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के कामकाज को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि जनता को भाजपा पर विश्वास है। राठौड़ के अनुसार, पार्टी संकल्प पत्र में बताएगी कि गांवों में विकास कार्य किस तरह आगे बढ़ाए जाएंगे और ग्रामीणों तक सुविधाएं कैसे पहुंचाई जाएंगी। राठौड़ ने कहा कि भाजपा गांवों में भी ऐसी सुविधाएं उपलब्ध कराना चाहती है, जो शहरों में मिलती हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता समझती है कि भाजपा अपने वादों को पूरा करती है। हालांकि, संकल्प पत्र की विस्तृत घोषणाओं का विवरण अभी सामने नहीं आया है। कांग्रेस की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट, प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के एक साथ नजर आने पर भी राठौड़ ने टिप्पणी की। उन्होंने कांग्रेस नेताओं की एकजुटता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वे केवल फोटो खिंचवाने के लिए साथ आए हैं। राठौड़ ने कहा कि जिन नेताओं के बीच मतभेद होते हैं, उन्हें अपनी एकता दिखाने की जरूरत पड़ती है। उन्होंने कांग्रेस की इस तस्वीर को राजनीतिक दिखावा बताया। मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ देशभर में कांग्रेस के प्रदर्शन पर राठौड़ ने कहा कि यह विवाद कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को चुनाव आयुक्त से मिलना था तो वे समय लेकर मुलाकात कर सकते थे। राठौड़ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस विरोध प्रदर्शनों के जरिए सुर्खियों में आने और अपनी राजनीतिक सक्रियता दिखाने की कोशिश कर रही है। राठौड़ ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई नहीं करवा सकती और पार्टी के नेता वास्तविक स्थिति से परिचित हैं। उन्होंने कांग्रेस पर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया। मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई को लेकर यह बयान राठौड़ का राजनीतिक दावा है।
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उदयपुर न्यूज़: उत्तर पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन, अजमेर मंडल के तत्वावधान में आयोजित 'ऑन द स्पॉट' ड्राइंग एवं निबंध प्रतियोगिता का परिणाम घोषित कर पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया।कार्यक्रम संगठन की अध्यक्षा श्रीमती रिंकल भूतड़ा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर संगठन की सचिव श्रीमती ज्योति ऊषाहरा, कोषाध्यक्ष श्रीमती सुषमा कुमारी सहित कार्यकारिणी के अन्य सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। निर्णायकों के मूल्यांकन के पश्चात निबंध प्रतियोगिता में 9 तथा ड्राइंग प्रतियोगिता में 9, यानी कुल 18 प्रतिभाशाली बच्चों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।समारोह को संबोधित करते हुए अध्यक्षा श्रीमती रिंकल भूतड़ा ने सभी विजेता बच्चों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक प्रतियोगिताएं बच्चों में आत्मविश्वास और कलात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देती हैं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी सदस्यों और बच्चों का आभार व्यक्त किया गया।
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अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
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राष्ट्रीय न्यूज़: मुंबई। अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर शाहरुख खान ने एक लंबी और भावुक पोस्ट लिखी है। उन्होंने पहली मुलाकात का किस्सा सुनाते हुए लिखा कि घबराहट में वे अपने बाल ठीक करने लगे थे, तभी नाना ने उनका हाथ झटक दिया था। “हीरो की तरह बाल मत बना... तू एक्टर है!” — शाहरुख खान शाहरुख ने लिखा कि नाना चापलूसी नहीं करते थे। वे वह नहीं कहते थे जो आप सुनना चाहते हैं, बल्कि वह कहते थे जो आपको सुनना चाहिए। उनके मुताबिक यही नाना थे — सीधे, खुरदुरे, ईमानदार और सबसे सुंदर मुस्कान वाले। ‘तीसरी-चौथी डांट तक पता चलता था कि वे गले लगा रहे हैं’ शाहरुख ने लिखा कि नाना का स्नेह जताने का तरीका अलग था। वे पहले डांटते थे, और कहीं तीसरी या चौथी डांट के बीच आपको एहसास होता था कि दरअसल वे आपको गले लगा रहे हैं। शाहरुख ने लिखा कि नाना उन्हें प्यार करते थे और वे भी नाना से उतना ही प्यार करते थे। उन्होंने नाना को गुरु, शिक्षक, आलोचक और दोस्त बताया — और एक ऐसा साथी, जो कैरम के खेल में उन्हें और आसपास के सबको बार-बार हराता था और अपनी जीत का जमकर मजा लेता था। ‘एक और बहस, एक और चाय और कैरम का एक और खेल’ शाहरुख ने लिखा कि नाना की तीव्रता, हंसी, दीवानगी और प्यार हमेशा साथ रहेगा। उन्होंने कहा कि काश कुछ और बातें, एक और बहस, एक और कप चाय और कैरम का एक और खेल हो पाता। उनके मुताबिक नाना के जाने से खालीपन सिर्फ सिनेमा की दुनिया में नहीं, बल्कि देश और दुनिया भर के लोगों के दिलों में आया है। शाहरुख ने लिखा कि वे नाना की यह बात हमेशा दिल में रखेंगे: “हीरो बनने के चक्कर में एक्टर मत खोना।” — शाहरुख खान पोस्ट के आखिर में शाहरुख ने नाना को ‘माहिर अभिनेता और अजेय कैरम चैंपियन’ बताते हुए लिखा कि स्वर्ग उन्हें पाकर धन्य होगा। उन्होंने लिखा — “बहुत जल्दी चले गए, मेरे हीरो एक्टर।” बुधवार को हुआ था निधन नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। उन्हें गोवा स्थित घर में बेहोश पाया गया था। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा समेत कई हस्तियों ने शोक जताया है।
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राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा में अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने उनकी पहले से मिली जेड प्लस सुरक्षा में ‘अतिरिक्त रिजर्व’ के जवान लगाए हैं। अधिकारियों के हवाले से आई जानकारी के अनुसार यह तैनाती 7 अक्टूबर को की गई। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह सुरक्षा श्रेणी में बदलाव नहीं है। जेड प्लस पहले से ही दूसरी सर्वोच्च श्रेणी है, और इससे ऊपर केवल एसपीजी सुरक्षा होती है, जो प्रधानमंत्री तथा उनके परिवार को मिलती है। मौजूदा हालात और खतरे के आकलन के आधार पर रिजर्व में रखे गए जवानों को तैनात किया गया है। क्या हुआ जेड प्लस सुरक्षा में ‘अतिरिक्त रिजर्व’ के जवानों की तैनाती किसने किया सीआईएसएफ कब 7 अक्टूबर, बुधवार कहां दिल्ली के न्यू मोती बाग स्थित आवास, निर्वाचन आयोग कार्यालय और व्यक्तिगत सुरक्षा श्रेणी अपरिवर्तित — जेड प्लस ही किन रिपोर्टों की पुष्टि नहीं कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि निर्वाचन सदन के बाहर रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त जवानों की बहुस्तरीय घेराबंदी की गई है, तथा उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित उनके पैतृक घर पर भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। ये ब्योरे समाचार एजेंसियों की रिपोर्ट में नहीं हैं और न ही इनकी आधिकारिक पुष्टि सामने आई है। एजेंसियों की रिपोर्ट में केवल सीआईएसएफ की अतिरिक्त रिजर्व तैनाती का उल्लेख है। किस माहौल में हुई तैनाती यह तैनाती ऐसे समय हुई है जब मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर विपक्ष मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहा है। 6 और 7 अक्टूबर को दिल्ली में इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने प्रदर्शन किया और दोनों दिन कई सांसदों को हिरासत में लिया गया। कांग्रेस ने 8 अक्टूबर को ‘काला दिवस’ घोषित कर देशभर में प्रदर्शन किए , सुप्रीम कोर्ट ने इसी मुद्दे पर ज्ञानेश कुमार को तत्काल निलंबित करने से इनकार करते हुए एसआईआर से जुड़े फैसलों पर निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा था (पढ़ें)। राजस्थान में भी हो चुके हैं प्रदर्शन राजस्थान में 29 सितंबर को प्रदेश की दर्जनों जिला कांग्रेस कमेटियों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। धौलपुर और डीडवाना में पुतला फूंका गया और प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य निर्वाचन आयुक्त को ज्ञापन सौंपा था ,ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को देश के 26वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला था। सुरक्षा बढ़ाए जाने को लेकर निर्वाचन आयोग या गृह मंत्रालय की ओर से कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
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गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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