राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने मंगलवार को प्रदेश के तीन जिलों में मादक पदार्थों के खिलाफ अलग-अलग कार्रवाई की। नागौर, उदयपुर और श्रीगंगानगर में हुई इन कार्रवाइयों में पुलिस ने 12 ग्राम MDMA, गांजे के 19 हरे पौधे और 3 किलो डोडा-पोस्त बरामद किया है।पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि नागौर की कार्रवाई में एक बाइक भी जब्त की गई। तीनों मामलों में स्थानीय थाना पुलिस के साथ संयुक्त रूप से कार्रवाई की गई। नागौर में बाइक सवार दो युवकों से 12 ग्राम MDMA बरामद पहली कार्रवाई नागौर कोतवाली थाना क्षेत्र में की गई। ANTF को सूचना मिली थी कि दो युवक बाइक पर अवैध मादक पदार्थ लेकर नागौर से ताऊसर की तरफ जा रहे हैं। सूचना के आधार पर ANTF और स्थानीय पुलिस ने बीएसएफ मेन गेट, ताऊसर रोड पर नाकाबंदी की।इसी दौरान बाइक पर दो युवक आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो दोनों ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 12 ग्राम MDMA बरामद हुआ और बाइक जब्त कर ली गई। अरंडी की फसल के बीच उगा रखे थे गांजे के पौधे दूसरी कार्रवाई उदयपुर के सुखेर थाना क्षेत्र के प्रतापपुरा में हुई। ANTF को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति ने अपने बाड़े में अरंडी की फसल के बीच गांजे के पौधे उगा रखे हैं। टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मौके पर पहुंचकर तलाशी ली।तलाशी के दौरान अरंडी की फसल के बीच गांजे के हरे पौधे मिले। पुलिस ने सभी पौधों को कटवाकर एक जगह एकत्र किया। कुल 19 गांजे के पौधे मिले, जिनका वजन 21.785 किलो बताया गया। मामले में प्रतापपुरा निवासी वजेराम गमेती को गिरफ्तार किया गया। श्रीगंगानगर में 3 किलो डोडा-पोस्त के साथ एक गिरफ्तार तीसरी कार्रवाई श्रीगंगानगर के सादुलशहर थाना क्षेत्र में की गई। ANTF को सूचना मिली थी कि हनुमानगढ़ की ओर से एक व्यक्ति अवैध मादक पदार्थ लेकर आ रहा है। सूचना पर पतली चौकी पोस्ट के पास नाकाबंदी की गई।इसी दौरान एक व्यक्ति हाथ में प्लास्टिक का कट्टा लेकर पैदल आता दिखाई दिया। पुलिस को देखकर वह खेतों की ओर भागकर छिपने का प्रयास करने लगा, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। तलाशी में उसके पास से 3 किलो अवैध डोडा-पोस्त बरामद हुआ। आरोपी की पहचान सादुलशहर निवासी गोलू राम के रूप में हुई। चार आरोपी गिरफ्तार, टीमों को किया जाएगा सम्मानित तीनों कार्रवाइयों में कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है — नागौर में दो, उदयपुर में एक और श्रीगंगानगर में एक। ANTF के पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि इन कार्रवाइयों में शामिल टीमों को विशेष कार्यक्रम के दौरान मुख्यालय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।पुलिस अब तीनों मामलों में यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद मादक पदार्थ कहां से लाए गए थे और आगे किन लोगों तक सप्लाई किए जाने थे। क्या हैं MDMA और डोडा-पोस्त इन कार्रवाइयों में बरामद दोनों पदार्थ NDPS एक्ट के तहत प्रतिबंधित हैं। MDMA प्रयोगशाला में बनने वाला सिंथेटिक नशीला पदार्थ है, जबकि डोडा-पोस्त अफीम के पौधे के सूखे डोडे और भूसी से बनता है।
Read more 30th Sep 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। नगरीय निकाय चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। पूर्व मंत्री और डीग-कुम्हेर विधायक विश्वेन्द्र सिंह ने भरतपुर और डीग में पार्टी के प्रदर्शन के लिए दोनों जिलाध्यक्षों को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर भी सीधा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर ‘भरतपुर-डीग कांग्रेस का बंटाधार — जिम्मेदार कौन?’ शीर्षक से पोस्ट लिखकर आरोप लगाया कि दोनों जिलाध्यक्षों ने चहेतों को टिकट बांटे और असली कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर दिया। ‘चहेतों को टिकट बांटे, असली कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया’ विश्वेन्द्र सिंह ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि निकाय चुनाव में कांग्रेस की हार का एक ही कारण है।‘दोनों जिलाध्यक्षों ने चहेतों को टिकट बांटे और असली कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया। जनता ने सबक सिखा दिया।’उन्होंने आगे लिखा कि पिछले निकाय चुनावों में जनता को ‘कब्र में दफनाया’ गया था, लेकिन अब जनता तैयार बैठी है और इस बार वह दोनों जिलाध्यक्षों तथा उन्हें बचाने वाले प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को ‘उसी कब्र में दफनाने’ के लिए तैयार है। डोटासरा पर सीधा निशाना पोस्ट के दूसरे हिस्से में विश्वेन्द्र सिंह ने प्रदेश नेतृत्व की चुप्पी पर सवाल उठाया है। उन्होंने भरतपुर के मुख्यमंत्री का गृह जिला होने का हवाला देते हुए लिखा —‘ये CM का गृह जिला है, यहाँ कांग्रेस मजबूत होनी चाहिए थी, पर इन लोगों ने पार्टी को डुबो दिया और प्रदेश अध्यक्ष मूक-बधिर बना बैठा है। जब तक ये दोनों कुर्सी पर हैं, कांग्रेस का उठना नामुमकिन है। प्रदेश नेतृत्व होश में आओ!’उन्होंने अपनी पोस्ट में कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व — राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और केसी वेणुगोपाल — के साथ-साथ अशोक गहलोत, सचिन पायलट और डोटासरा को भी हैशटैग के जरिए टैग किया है। यानी मामला जिला और प्रदेश स्तर से आगे बढ़ाकर आलाकमान तक पहुंचाने की कोशिश की गई है। विश्वेन्द्र सिंह की मूल पोस्ट आंकड़े क्या कहते हैं भरतपुर और डीग जिलों की 13 शहरी निकायों के कुल 415 वार्डों में कांग्रेस को सिर्फ 19 सीटें मिलीं। निर्दलीय 262 वार्ड जीतकर सबसे आगे रहे, जबकि भाजपा को 131 वार्ड मिले। बसपा और आरएलपी के खाते में तीन वार्ड गए। क्षेत्र वार्ड निर्दलीय भाजपा कांग्रेस अन्य भरतपुर (7 निकाय) 235 152 66 15 2 डीग (6 निकाय) 180 110 65 4 1 कुल (13 निकाय) 415 262 131 19 3 अकेले भरतपुर नगर निगम के 65 वार्डों में निर्दलीयों ने 36, भाजपा ने 20 और कांग्रेस ने सिर्फ 7 वार्ड जीते। एक-एक वार्ड बसपा और आरएलपी के पास गया। डीग जिले की छह निकायों के 180 वार्डों में तो कांग्रेस सिर्फ 4 वार्ड ही जीत सकी। मुख्यमंत्री के गृह जिले में कांग्रेस तीसरे नंबर पर भरतपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का गृह जिला है। इसी क्षेत्र में कांग्रेस भाजपा से ही नहीं, निर्दलीय उम्मीदवारों से भी काफी पीछे रह गई। विश्वेन्द्र सिंह का तर्क है कि इतने अहम राजनीतिक क्षेत्र में पार्टी को मजबूत स्थिति में होना चाहिए था, लेकिन संगठनात्मक फैसलों ने नुकसान पहुंचाया। पहले भी जिला नेतृत्व से टकराव यह पहली बार नहीं है जब विश्वेन्द्र सिंह ने भरतपुर-डीग के कांग्रेस संगठन पर सवाल उठाए हों। अगस्त में निकाय चुनाव से जुड़ी प्रभारियों की सूची में नाम नहीं होने पर उन्होंने डीग जिलाध्यक्ष राजीव कुम्हेर की कार्यशैली को ‘ओछी मानसिकता’ बताया था।तब उन्होंने कहा था कि एक बार जिला प्रमुख, तीन बार सांसद, तीन बार विधायक और दो बार कैबिनेट मंत्री रहने के बाद इस तरह का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इस लिहाज से ताजा बयान अचानक शुरू हुआ विवाद नहीं, बल्कि पहले से चली आ रही नाराजगी की अगली कड़ी है। अब आगे क्या यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस आगामी पंचायतीराज चुनाव की तैयारी में जुटी है और टिकट वितरण का सवाल फिर सामने आने वाला है। विश्वेन्द्र सिंह के इन ताजा आरोपों पर प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व या दोनों जिलाध्यक्षों की ओर से अब तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (RCDF) में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी श्रुति भारद्वाज को दोबारा प्रबंध निदेशक की जिम्मेदारी दी गई है। पशुपालन, गोपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार यह पुनर्नियुक्ति ‘पे माइनस पेंशन’ के आधार पर की गई है।नियुक्ति छह महीने के लिए या नियमित अधिकारी की नियुक्ति होने तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगी। भारद्वाज 31 अगस्त 2026 को इसी पद से सेवानिवृत्त हुई थीं। करीब एक महीने बाद उन्हें उसी पद पर दोबारा जिम्मेदारी दिए जाने से यह फैसला प्रशासनिक हलकों में चर्चा में है। ‘पे माइनस पेंशन’ का मतलब क्या है सेवानिवृत्त अधिकारी को दोबारा नियुक्त करते समय अपनाई जाने वाली यह एक तय व्यवस्था है। इसमें पद के लिए निर्धारित पारिश्रमिक में से उस अधिकारी को मिलने वाली पेंशन की राशि घटा दी जाती है और शेष रकम का ही भुगतान किया जाता है। यानी अधिकारी को पेंशन और पूरा वेतन — दोनों अलग-अलग पूरे नहीं मिलते। ऐसी नियुक्तियां आमतौर पर तय अवधि के लिए और नियमित अधिकारी के आने तक की व्यवस्था के तौर पर की जाती हैं। एक महीने से खाली था फेडरेशन का शीर्ष पद भारद्वाज के सेवानिवृत्त होने के बाद RCDF के प्रबंध निदेशक का पद करीब एक महीने खाली रहा। इस दौरान न तो किसी नए अधिकारी की नियुक्ति की गई और न ही किसी अन्य अधिकारी को इस पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।RCDF राजस्थान में सरस ब्रांड के तहत दूध और दुग्ध उत्पादों का कारोबार देखने वाली शीर्ष सहकारी संस्था है और जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघों का संचालन इसी के तहत होता है। प्रबंध निदेशक का पद फेडरेशन का मुख्य कार्यकारी पद है। दो साल पहले मिली थी RCDF की जिम्मेदारी श्रुति भारद्वाज ने 5 सितंबर 2024 को RCDF के प्रबंध निदेशक का कार्यभार संभाला था और करीब दो साल इस पद पर रहीं। इससे पहले वे राजस्थान में कलेक्टर सहित कई प्रशासनिक पदों पर काम कर चुकी हैं। 31 अगस्त 2026 को वे इसी पद से सेवानिवृत्त हुईं। दुग्ध संघों ने पहले ही जताया था विरोध पद खाली होने के बाद सेवानिवृत्त अधिकारी की पुनर्नियुक्ति की चर्चा पर सितंबर में ही आपत्ति दर्ज कराई जा चुकी थी। अजमेर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ और डेयरी अधिकारी कर्मचारी कल्याण संघ ने शासन सचिवालय को पत्र भेजकर इसका विरोध किया था।पत्र में तर्क दिया गया था कि प्रबंध निदेशक के पद पर RCDF की समस्त वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियां निहित होती हैं, इसलिए इस पद पर कार्यरत वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की ही नियुक्ति होनी चाहिए। संगठनों ने यह भी कहा था कि सेवानिवृत्त अधिकारी की पुनर्नियुक्ति का नियम नहीं है।इन संगठनों ने पिछले कार्यकाल को लेकर भी कई आरोप लगाए थे, जिनमें भर्ती विज्ञप्तियां रोके रखने और सरस दुग्ध संघों को कमजोर करने जैसे आरोप शामिल थे। ये संगठनों की ओर से लगाए गए आरोप हैं और इन पर भारद्वाज या विभाग की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फैसले में ध्यान खींचने वाली बात इस मामले में सबसे ज्यादा ध्यान सेवानिवृत्ति के कुछ ही समय बाद उसी कार्यकारी पद पर पुनर्नियुक्ति ने खींचा है, वह भी तब जब संबंधित संगठनों की आपत्ति पहले से रिकॉर्ड पर थी।हालांकि इसे राजस्थान में इस तरह की ‘पहली नियुक्ति’ बताने और नियुक्ति के पीछे कथित लॉबिंग से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन दावों को नियुक्ति के स्थापित तथ्य से अलग रखा गया है।नियुक्ति की अवधि सीमित है। छह महीने पूरे होने से पहले यदि नियमित अधिकारी की नियुक्ति हो जाती है तो उनका कार्यकाल उसी दिन समाप्त हो जाएगा।
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उदयपुर न्यूज़: उत्तर पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन, अजमेर मंडल के तत्वावधान में आयोजित 'ऑन द स्पॉट' ड्राइंग एवं निबंध प्रतियोगिता का परिणाम घोषित कर पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया।कार्यक्रम संगठन की अध्यक्षा श्रीमती रिंकल भूतड़ा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर संगठन की सचिव श्रीमती ज्योति ऊषाहरा, कोषाध्यक्ष श्रीमती सुषमा कुमारी सहित कार्यकारिणी के अन्य सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। निर्णायकों के मूल्यांकन के पश्चात निबंध प्रतियोगिता में 9 तथा ड्राइंग प्रतियोगिता में 9, यानी कुल 18 प्रतिभाशाली बच्चों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।समारोह को संबोधित करते हुए अध्यक्षा श्रीमती रिंकल भूतड़ा ने सभी विजेता बच्चों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक प्रतियोगिताएं बच्चों में आत्मविश्वास और कलात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देती हैं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी सदस्यों और बच्चों का आभार व्यक्त किया गया।
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अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
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अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
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अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
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राष्ट्रीय न्यूज़: अजमेर , 29 सितम्बर। राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा है कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रत्येक विधान सभा और लोकसभा क्षेत्र का लोकल एम्प्लायमेंट एण्ड स्कील मैप तैयार किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि देश के हर क्षेत्र की पर्यटन, कृषि प्रसंस्करण, इंजिनियरिंग, रिनिवल एनर्जी और डिजिटल व्यवस्थाएं अलग-अलग तरह की होती है। स्थानीय उद्योगों को बढावा देकर, युवाओं की सोच में बदलाव लाकर, पढाई व हाथ के काम में समन्वय का वातावरण निर्माण कर हम विकसित भारत के संकल्प को साकार कर सकते है। स्पीकर श्री देवनानी मंगलवार को नई दिल्ली के इण्डिया हैबिटेट सेंटर के गुलमोहर हॉल में विकसित भारत@2047 के लिए भारत के रोजगार ढांचे की मजबूती विषयक कार्यशाला में सांसदों, विधायकों, उद्योग और शिक्षा जगत के विषय विशेषज्ञों को सम्बोधित कर रहे थे। समारोह में एनएफपीआरसी फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं राज्य सभा सांसद श्री तरुण चुघ ने स्पीकर श्री देवनानी का स्वागत किया। सामूहिक संकल्प से रचेंगे इतिहास- श्री देवनानी ने कहा कि युवा शक्ति के पौरुष, मातृ शक्ति के सशक्तिकरण, श्रम, सामूहिक संकल्प, आत्मनिर्भरता और व्यवहारिक ज्ञान से ही हम नया इतिहास रचेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में रोजगार आज के रोजगार जैसा नहीं रहेगा। एआई, ऑटोमेशन, रोबोटिक्स, सेमिकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, बॉयोटेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा और डिजिटल सेवाएं हमारी अर्थव्यवस्था की प्रकृति को बदल देंगे। इसके लिए हम सभी को रिस्कीलिंग और लाइफलांग लर्निंग के लिए निरन्तर तैयार रहना होगा। युवा कौशल के खोले जायेंगे नये द्वार- श्री देवनानी ने कहा कि नीति तभी प्रभावशाली होती है जब उसके पीछे ठोस अध्ययन, धरातल की वास्तविकता और उसके परिणामों का निरन्तर मूल्यांकन किया जाये। श्री देवनानी ने कहा कि देश की रोजगार वास्तुकला को अधिक सुदृढ़, समावेशी और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना समय की आवश्यकता है। भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है और युवाओं की क्षमता को कौशल, अवसर एवं उद्यमिता से जोड़कर रोजगार के नए द्वार खोले जा सकते हैं। रोजगार राष्ट्र की उत्पाद शक्ति- श्री देवनानी ने कहा कि बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था, तकनीकी प्रगति और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव के बीच रोजगार के पारंपरिक स्वरूप में तेजी से बदलाव हो रहा है। उन्होंने कहा कि रोजगार केवल नौकरी उपलब्ध करा देने का ही विषय नहीं है। यह व्यक्ति की क्षमता, कौशल सम्मान, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र की उत्पादक शक्ति से जुडा हुआ है। भारत विश्व का सबसे युवा राष्ट्र- श्री देवनानी ने कहा कि जब कोई युवा अपनी शिक्षा को कौशल में, कौशल को कार्य में और कार्य को मूल्य सृजन में परिवर्तित करता है तो वह व्यक्तिगत जीवन के साथ राष्ट्र की अर्थव्यवस्था को भी आगे बढाता है। ऐसे में शिक्षा और कौशल विकास को उद्योगों की वर्तमान एवं भावी आवश्यकताओं से जोड़ना आवश्यक है। युवाओं को केवल रोजगार पाने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में भी प्रभावी प्रयास किए जाने चाहिए। भारत विश्व का सबसे युवा राष्ट्र है। आबादी का 65 प्रतिशत हिस्सा 35 वर्ष से कम आयु के युवाओं का है। श्री देवनानी का मानना था कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए युवा शक्ति और रोजगार ढांचे को सशक्त करना होगा। स्टार्टअप को प्रोत्साहन देना आवश्यक- स्पीकर श्री देवनानी ने कहा कि रोजगार की मजबूत व्यवस्था के लिए कौशल विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण, अप्रेंटिसशिप, स्टार्टअप, स्वरोजगार और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को प्रोत्साहन देना महत्वपूर्ण है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक कौशल आधारित रोजगार के अवसर विकसित करने के साथ-साथ डिजिटल अर्थव्यवस्था से युवाओं को जोड़ना भी आवश्यक है। समन्वय जरूरी- स्पीकर श्री देवनानी ने कहा कि महिलाओं की श्रमबल में अधिक भागीदारी के लिए सुरक्षित एवं अनुकूल कार्य वातावरण, कौशल प्रशिक्षण, उद्यमिता के अवसर और कार्यस्थल से जुडी आवश्यक सुविधाओं को भी बढ़ावा देना चाहिए। रोजगार की नीतियों का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग और देश के प्रत्येक क्षेत्र तक अवसरों की समान पहुंच सुनिश्चित करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत @2047 केवल आर्थिक विकास का लक्ष्य नहीं, बल्कि ऐसा भारत बनाने का संकल्प है जिसमें प्रत्येक युवा को अपनी प्रतिभा और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिले। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों, उद्योग जगत, शैक्षणिक संस्थानों तथा कौशल विकास से जुड़े संगठनों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। राजस्थान में रोजगार क्षमता के लिए स्थानीय को दिया जा रहा है बढ़ावा- श्री देवनानी ने कहा कि राजस्थान में भी युवाओं के कौशल, उद्यमिता और रोजगार क्षमता को बढ़ाने के लिए स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप प्रयासों को निरंतर गति दी जा रही है। रोजगार के नए अवसरों का सृजन, कौशल में सुधार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देकर प्रदेश के युवा विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। प्रभावी हो रोजगार व्यवस्था- श्री देवनानी ने आह्वान किया कि विकसित भारत @2047 के संकल्प को जनभागीदारी से साकार करने के लिए रोजगार को विकास की केंद्रीय धुरी बनाते हुए ऐसी रोजगार व्यवस्था विकसित की जाए, जो युवाओं की आकांक्षाओं, उद्योगों की जरूरतों और देश की भविष्य की आर्थिक आवश्यकताओं के बीच प्रभावी सेतु बन सके। राष्ट्र प्रथम हमारी जीवन दृष्टि- श्री देवनानी ने कहा कि राष्ट्र प्रथम एक नारा ही नहीं है बल्कि यही हमारी जीवन दृष्टि है। उन्होंने कहा कि यह दर्शन हमें हमारे विकसित भारत के संकल्प को साकार करने का महत्वपूर्ण आधार रहेगा। इस कार्यशाला में देश के विभिन्न भागों से आये सांसद, विधायक और विभिन्न क्षेत्रों के विषय विशेषज्ञ मौजूद थे।
Read more 29th Sep 2026
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली: देशभर के बैंक ग्राहकों के लिए राहत की खबर है। 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल को स्थगित कर दिया गया है। यह फैसला रविवार देर रात इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच हुई अहम बैठक के बाद लिया गया। बैठक में बैंक कर्मचारियों के सभी शनिवार को अवकाश किए जाने की मांग समेत अन्य लंबित मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने शनिवार की छुट्टी के मुद्दे पर विचार के लिए एक संयुक्त समिति गठित करने पर सहमति जताई है। समिति विभिन्न विकल्पों और संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद समाधान तलाशेगी। इसके अलावा स्केल-IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए Performance Linked Incentive (PLI) योजना में बदलाव को लेकर भी IBA और यूनियनों के बीच बातचीत शुरू करने पर सहमति बनी है। 8 मार्च 2024 की बैठक के मिनट्स में दर्ज अन्य लंबित मुद्दों पर भी आगे चर्चा की जाएगी। ग्राहकों को बड़ी राहत हड़ताल स्थगित होने के बाद बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी। बैंक शाखाओं में कैश जमा और निकासी, चेक क्लियरेंस समेत सामान्य बैंकिंग सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी। इससे उन लाखों ग्राहकों को राहत मिली है, जिन्हें लगातार तीन दिनों की हड़ताल के कारण परेशानी का सामना करना पड़ सकता था। UFBU ने बैठक में बनी सहमति के बाद फिलहाल अपने प्रस्तावित विरोध कार्यक्रम और हड़ताल को स्थगित करने का फैसला किया है।
Read more 28th Sep 2026
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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