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June 15, 2022
प्रदेश के सभी नर्सरी वार्डों में लगे तीन साल पुराने वार्मर को हटाया जाएगा। सभी एसएनसीयू में नई वायरिंग होगी और सभी उपकरणों की हर 6 माह में नियमित जांच होगी। हर वार्मर पर ऑटो कट सिस्टम लगेगा। राज्य सरकार ने ब्यावर की एसएनसीयू में नवजात बच्चों के झुलसने व प्रतापगढ़ के राजकीय शिशु अस्पताल में एक नवजात बालिका के झुलसने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए यह कदम उठाया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ग्रुप 2 के शासन सचिव डॉ. पृथ्वी द्वारा जारी निर्देश के अनुसार वार्मर में बच्चों के झुलसने के प्रकरण में विभिन्न स्तर पर हुई जांच के बाद इस प्रकार की परिस्थितियों से निपटने के लिए की गई सिफारिशों के आधार पर कुछ जरूरी निर्णय लिए गए है। जिनकी पालना संवेदनशीलता के साथ करना सुनिश्चित किया जाने के निर्देश दिए गए हैं। जिन वार्मर को कम समय हुआ है लेकिन कोई समस्या आ रही है उसे भी तुरंत बदला जाएगा। प्रदेश भर की नर्सरी वार्ड में जा रही पॉवर केबल को बदला जाएगा।
राज्य के हर अस्पताल के रेडियंट वार्मर पर अलग से 6 एंपीयर की एमसीबी के साथ ऑटो कट स्टेबलाइजर लगाया जाएगा। केटीपीएल द्वारा हर 6 माह में प्रिवेंटिव मेंटिनेंस एवं केलिब्रेशन का कार्य एमओयू के तहत किया जाएगा। नर्सरी वार्ड में हर 8 घंटे के अंतराल में शिशु रोग विशेषज्ञ द्वारा राउंड लेंगे। नर्सरी में संक्रमण की रोकथाम के लिए हर तीन माह में एनवायरमेंटल स्वाब जांच के लिए भिजवाया जाएगा। सक्षम अधिकारी द्वारा नियमित तौर पर नर्सरी का निरीक्षण किया जाएगा। नर्सरी में वॉल्टेज की समस्या को देखते हुए समय समय पर पॉवर ऑडिट का कार्य किया जाएगा और एक इलेक्ट्रिशियन की नियुक्ति की जाएगी।
Satyam Diagnostic Centre
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